डूंगरपुर जिले के आसपुर क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर उपखंड अधिकारी (SDM) बाबूलाल जाट ने एक आपात बैठक बुलाई। SDM जाट ने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए बिजली कटौती का शेड्यूल तय करने के निर्देश दिए। इस बैठक में पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने भी क्षेत्र में अत्यधिक बिजली कटौती पर गहरी चिंता व्यक्त की। SDM कार्यालय में आयोजित इस आपात बैठक की अध्यक्षता स्वयं SDM बाबूलाल जाट ने की। इसमें आसपुर एईएन, साबला एईएन और 220 केवी जीएसएस के एक्सईएन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने कहा कि गर्मी के कारण जनता परेशान है, बच्चों की पढ़ाई और दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है, वहीं रबी की बुवाई के समय किसानों को भी बिजली की सख्त आवश्यकता है। SDM ने अधिकारियों को तुरंत अघोषित कटौती बंद करने और बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली न काटने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बिजली कटौती आवश्यक हो, तो उसका एक निर्धारित टाइम टेबल बनाकर पंचायत स्तर पर सूचना चस्पा की जाए और व्हाट्सएप ग्रुप में भी अपडेट दिया जाए। SDM बाबूलाल जाट ने फटकार लगाते हुए विद्युत सप्लाई का समय निर्धारित करने, उपभोक्ता के फोन रिसीव करने और उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने फाल्ट निवारण में तेजी लाने के निर्देश दिए, कहा कि लाइन में फाल्ट होने पर टीम 2 घंटे में मौके पर पहुंचे और जले हुए ट्रांसफार्मर को 24 घंटे के भीतर बदला जाए। 220 केवी जीएसएस का लोड बैलेंस करने सहित कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा कर उन पर अमल करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर डीएसपी प्रभुलाल कुमावत, तहसीलदार योगेंद्र वैष्णव, दिनेश डबरावत और नेपाल सिंह फतेहपुरा सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
डूंगरपुर जिले के आसपुर क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर उपखंड अधिकारी (SDM) बाबूलाल जाट ने एक आपात बैठक बुलाई। SDM जाट ने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए बिजली कटौती का शेड्यूल तय करने के निर्देश दिए। इस बैठक में पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने भी क्षेत्र में अत्यधिक बिजली कटौती पर गहरी चिंता व्यक्त की। SDM कार्यालय में आयोजित इस आपात बैठक की अध्यक्षता स्वयं SDM बाबूलाल जाट ने की। इसमें आसपुर एईएन, साबला एईएन और 220 केवी जीएसएस के एक्सईएन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने कहा कि गर्मी के कारण जनता परेशान है, बच्चों की पढ़ाई और दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है, वहीं रबी की बुवाई के समय किसानों को भी बिजली की सख्त आवश्यकता है। SDM ने अधिकारियों को तुरंत अघोषित कटौती बंद करने और बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली न काटने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बिजली कटौती आवश्यक हो, तो उसका एक निर्धारित टाइम टेबल बनाकर पंचायत स्तर पर सूचना चस्पा की जाए और व्हाट्सएप ग्रुप में भी अपडेट दिया जाए। SDM बाबूलाल जाट ने फटकार लगाते हुए विद्युत सप्लाई का समय निर्धारित करने, उपभोक्ता के फोन रिसीव करने और उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने फाल्ट निवारण में तेजी लाने के निर्देश दिए, कहा कि लाइन में फाल्ट होने पर टीम 2 घंटे में मौके पर पहुंचे और जले हुए ट्रांसफार्मर को 24 घंटे के भीतर बदला जाए। 220 केवी जीएसएस का लोड बैलेंस करने सहित कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा कर उन पर अमल करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर डीएसपी प्रभुलाल कुमावत, तहसीलदार योगेंद्र वैष्णव, दिनेश डबरावत और नेपाल सिंह फतेहपुरा सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
- उपखंड आसपुर स्थित ईश्वर महादेव मंदिर में यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सुशासन के 12 सफलतम वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर उनके कुशल जीवन की कामना की गई। कार्यक्रम में आसपुर उपखंड अधिकारी बाबूलाल, तहसीलदार योगेश वैष्णव, विधायक गोपी चंद मीणा, मंडल अध्यक्ष नेपाल सिंह, सोशल मीडिया सह संयोजक रेखा पंड्या, महामंत्री दिनेश डबरावत, वीरेन्द्र सिंह, अर्जुन चौबीसा, बसंत मेहता, प्रकाश नागदा, चंदूलाल मेहता सहित अन्य बीजेपी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- भारतीय किसान संघ, डूंगरपुर जिले की मासिक बैठक और सागवाड़ा तहसील का अभ्यास वर्ग आज भिलूड़ा के विद्या निकेतन स्कूल में संपन्न हुआ। जिला अध्यक्ष गोविंदराम पाटीदार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राष्ट्रीय प्रतिनिधि मणिलाल लबाना और प्रांत संगठन मंत्री परमानन्द जी भाई साहब सहित बड़ी संख्या में किसान और पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान संगठन को मजबूत करने और क्षेत्र के किसानों की ज्वलंत समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें सरकार और प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी गई। प्रांत संगठन मंत्री परमानन्द जी भाई साहब ने संगठनात्मक मजबूती पर जोर देते हुए सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी दिसंबर और जनवरी माह में जिले की सभी तहसीलों के प्रत्येक गांव में 11-11 सदस्यों की ग्राम इकाई का गठन कर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाए। राष्ट्रीय प्रतिनिधि मणिलाल लबाना ने बताया कि भारतीय किसान संघ एक गैर-राजनीतिक और राष्ट्रवादी संगठन है, जो देश के सभी राज्यों में सक्रिय है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि डूंगरपुर जिले में वर्तमान में संघ के 50 हजार से अधिक सदस्य हैं, और नए साल में सदस्यता बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन रचनात्मक, संगठनात्मक और आंदोलनात्मक - इन तीन तरीकों से किसानों के हक की लड़ाई लड़ता है। बैठक में जिला अध्यक्ष गोविंदराम पाटीदार ने डूंगरपुर जिले के किसानों की प्रमुख समस्याओं को उठाया। उन्होंने बताया कि खरीफ फसल खराबे का मुआवजा और फसल बीमा की राशि अभी तक किसानों को नहीं मिली है। इसके अलावा, जिले में सरकारी दूध डेयरी और कृषि मंडी नहीं होने से किसानों को दूध व फसलों का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने सिंचाई के लिए माही बांध का पानी उपलब्ध कराने और 25 वर्ष बीत जाने के बाद भी अधूरी पड़ी भीखा भाई नहर परियोजना को तुरंत पूरा करने की मांग की। किसान संघ ने यह भी आरोप लगाया कि जिले की 90 प्रतिशत सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध नहीं है और सिंचाई के लिए दिन के समय पर्याप्त बिजली भी नहीं मिल रही है। इन समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए, गोविंदराम पाटीदार ने सरकार और जिला प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी कि यदि इन मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले सितंबर माह में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में जिला स्तर पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिला प्रवक्ता लल्लु राम बिजोला ने सरकार से मांग की कि वह किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर न करे और समय रहते इन समस्याओं का निस्तारण करे। इस महत्वपूर्ण बैठक में सागवाड़ा, गलियाकोट, ओबरी, आसपुर, सीमलवाड़ा, चिखली, साबला, पाडवा, सरोदा और डूंगरपुर सहित विभिन्न तहसीलों के अध्यक्ष, मंत्री, उपाध्यक्ष और अन्य प्रमुख पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।1
- डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र स्थित प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में बुधवार को गौ रक्षक दल के सदस्यों ने पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों पर गौवंश के उपचार में कथित लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया। गौ रक्षक दल के सदस्य हितेश भोई ने बताया कि पशु चिकित्सालय में गौ माताओं की उचित देखभाल नहीं होती तथा समय पर आवश्यक दवाइयां और उपचार उपलब्ध न होने से कई बार गौवंश की मौत तक हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में डॉक्टरों को कई बार अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। भोई ने आगे कहा कि जहां आर्थिक लाभ की संभावना होती है, वहां डॉक्टर उपचार के लिए पहुँच जाते हैं, जबकि गौशालाओं में बीमार गौवंश के इलाज के लिए वे समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते, जिससे गौशाला संचालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धरने की सूचना मिलने पर पशु चिकित्सालय के डॉक्टर दिनेश बामनिया मौके पर पहुँचे और गौ रक्षक दल के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए लिखित रूप में भरोसा भी दिलाया, जिसके बाद गौ रक्षक दल के सदस्यों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है।1
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के ऐतिहासिक 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में डूंगरपुर के नवा महादेव मंदिर परिसर स्थित महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। 10 जून, बुधवार को आयोजित इस अनुष्ठान में निवर्तमान सभापति अमृतलाल कलासुआ, पूर्व सभापति गुरु प्रसाद पटेल, कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, समाज सेवी हंसमुख पंड्या, नरेश यादव और अचला वसीटा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान सभी ने देश व प्रदेश की उन्नति के साथ ही प्रधानमंत्री के दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इस विशेष अवसर पर नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी, तहसीलदार कमलेश मीणा, जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सहायक जनसंपर्क अधिकारी मोहन खराड़ी, नगर परिषद सहायक अभियंता भक्तेश पाटीदार, सहायक लेखाधिकारी कुलदीप सिंह के साथ-साथ अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।2
- डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा तहसील के रामपुर गांव में ग्रामीणों को सरकारी लाइट बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में लगाई गई सरकारी लाइट खराब हो गई है, और शिकायत के बावजूद इसे ठीक करने के लिए कोई नहीं आ रहा है। लाइट बंद होने के कारण, रात के समय गांव में जंगली जानवरों का डर बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों ने जल्द से जल्द लाइट को ठीक करवाने की अपील की है।1
- पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार को प्रदेश की ग्राम पंचायतों की ऑनलाइन जनसुनवाई की। यह जनसुनवाई कोटा स्थित जिला कलेक्टर कार्यालय के डीओआईटी से दोपहर 12:00 बजे आयोजित हुई। इस विशेष जनसुनवाई में डूंगरपुर जिले की सीमलवाड़ा पंचायत समिति की सीमलवाड़ा ग्राम पंचायत वीडियो के माध्यम से शामिल हुई। जनसुनवाई में संबंधित जिले के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, खंड विकास अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस दौरान पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।2
- डूंगरपुर जिले के आसपुर क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर उपखंड अधिकारी (SDM) बाबूलाल जाट ने एक आपात बैठक बुलाई। SDM जाट ने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए बिजली कटौती का शेड्यूल तय करने के निर्देश दिए। इस बैठक में पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने भी क्षेत्र में अत्यधिक बिजली कटौती पर गहरी चिंता व्यक्त की। SDM कार्यालय में आयोजित इस आपात बैठक की अध्यक्षता स्वयं SDM बाबूलाल जाट ने की। इसमें आसपुर एईएन, साबला एईएन और 220 केवी जीएसएस के एक्सईएन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने कहा कि गर्मी के कारण जनता परेशान है, बच्चों की पढ़ाई और दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है, वहीं रबी की बुवाई के समय किसानों को भी बिजली की सख्त आवश्यकता है। SDM ने अधिकारियों को तुरंत अघोषित कटौती बंद करने और बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली न काटने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बिजली कटौती आवश्यक हो, तो उसका एक निर्धारित टाइम टेबल बनाकर पंचायत स्तर पर सूचना चस्पा की जाए और व्हाट्सएप ग्रुप में भी अपडेट दिया जाए। SDM बाबूलाल जाट ने फटकार लगाते हुए विद्युत सप्लाई का समय निर्धारित करने, उपभोक्ता के फोन रिसीव करने और उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने फाल्ट निवारण में तेजी लाने के निर्देश दिए, कहा कि लाइन में फाल्ट होने पर टीम 2 घंटे में मौके पर पहुंचे और जले हुए ट्रांसफार्मर को 24 घंटे के भीतर बदला जाए। 220 केवी जीएसएस का लोड बैलेंस करने सहित कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा कर उन पर अमल करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर डीएसपी प्रभुलाल कुमावत, तहसीलदार योगेंद्र वैष्णव, दिनेश डबरावत और नेपाल सिंह फतेहपुरा सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।1