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डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र स्थित प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में बुधवार को गौ रक्षक दल के सदस्यों ने पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों पर गौवंश के उपचार में कथित लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया। गौ रक्षक दल के सदस्य हितेश भोई ने बताया कि पशु चिकित्सालय में गौ माताओं की उचित देखभाल नहीं होती तथा समय पर आवश्यक दवाइयां और उपचार उपलब्ध न होने से कई बार गौवंश की मौत तक हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में डॉक्टरों को कई बार अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। भोई ने आगे कहा कि जहां आर्थिक लाभ की संभावना होती है, वहां डॉक्टर उपचार के लिए पहुँच जाते हैं, जबकि गौशालाओं में बीमार गौवंश के इलाज के लिए वे समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते, जिससे गौशाला संचालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धरने की सूचना मिलने पर पशु चिकित्सालय के डॉक्टर दिनेश बामनिया मौके पर पहुँचे और गौ रक्षक दल के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए लिखित रूप में भरोसा भी दिलाया, जिसके बाद गौ रक्षक दल के सदस्यों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

7 hrs ago
user_Sagwara live news
Sagwara live news
Local News Reporter सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
7 hrs ago

डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र स्थित प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में बुधवार को गौ रक्षक दल के सदस्यों ने पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों पर गौवंश के उपचार में कथित लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया। गौ रक्षक दल के सदस्य हितेश भोई ने बताया कि पशु चिकित्सालय में गौ माताओं की उचित देखभाल नहीं होती तथा समय पर आवश्यक दवाइयां और उपचार उपलब्ध न होने से कई बार गौवंश की मौत तक हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में डॉक्टरों को कई बार अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। भोई ने आगे कहा कि जहां आर्थिक लाभ की संभावना होती है, वहां डॉक्टर उपचार के लिए पहुँच जाते हैं, जबकि गौशालाओं में बीमार गौवंश के इलाज के लिए वे समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते, जिससे गौशाला संचालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धरने की सूचना मिलने पर पशु चिकित्सालय के डॉक्टर दिनेश बामनिया मौके पर पहुँचे और गौ रक्षक दल के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए लिखित रूप में भरोसा भी दिलाया, जिसके बाद गौ रक्षक दल के सदस्यों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

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  • डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र स्थित प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में बुधवार को गौ रक्षक दल के सदस्यों ने पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों पर गौवंश के उपचार में कथित लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया। गौ रक्षक दल के सदस्य हितेश भोई ने बताया कि पशु चिकित्सालय में गौ माताओं की उचित देखभाल नहीं होती तथा समय पर आवश्यक दवाइयां और उपचार उपलब्ध न होने से कई बार गौवंश की मौत तक हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में डॉक्टरों को कई बार अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। भोई ने आगे कहा कि जहां आर्थिक लाभ की संभावना होती है, वहां डॉक्टर उपचार के लिए पहुँच जाते हैं, जबकि गौशालाओं में बीमार गौवंश के इलाज के लिए वे समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते, जिससे गौशाला संचालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धरने की सूचना मिलने पर पशु चिकित्सालय के डॉक्टर दिनेश बामनिया मौके पर पहुँचे और गौ रक्षक दल के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए लिखित रूप में भरोसा भी दिलाया, जिसके बाद गौ रक्षक दल के सदस्यों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
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    डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र स्थित प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में बुधवार को गौ रक्षक दल के सदस्यों ने पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों पर गौवंश के उपचार में कथित लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया।

गौ रक्षक दल के सदस्य हितेश भोई ने बताया कि पशु चिकित्सालय में गौ माताओं की उचित देखभाल नहीं होती तथा समय पर आवश्यक दवाइयां और उपचार उपलब्ध न होने से कई बार गौवंश की मौत तक हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में डॉक्टरों को कई बार अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। भोई ने आगे कहा कि जहां आर्थिक लाभ की संभावना होती है, वहां डॉक्टर उपचार के लिए पहुँच जाते हैं, जबकि गौशालाओं में बीमार गौवंश के इलाज के लिए वे समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते, जिससे गौशाला संचालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

धरने की सूचना मिलने पर पशु चिकित्सालय के डॉक्टर दिनेश बामनिया मौके पर पहुँचे और गौ रक्षक दल के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए लिखित रूप में भरोसा भी दिलाया, जिसके बाद गौ रक्षक दल के सदस्यों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
    user_Sagwara live news
    Sagwara live news
    Local News Reporter सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा तहसील के रामपुर गांव में ग्रामीणों को सरकारी लाइट बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में लगाई गई सरकारी लाइट खराब हो गई है, और शिकायत के बावजूद इसे ठीक करने के लिए कोई नहीं आ रहा है। लाइट बंद होने के कारण, रात के समय गांव में जंगली जानवरों का डर बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों ने जल्द से जल्द लाइट को ठीक करवाने की अपील की है।
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    डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा तहसील के रामपुर गांव में ग्रामीणों को सरकारी लाइट बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में लगाई गई सरकारी लाइट खराब हो गई है, और शिकायत के बावजूद इसे ठीक करने के लिए कोई नहीं आ रहा है। लाइट बंद होने के कारण, रात के समय गांव में जंगली जानवरों का डर बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों ने जल्द से जल्द लाइट को ठीक करवाने की अपील की है।
    user_महेंद्र सिंह राठौड़
    महेंद्र सिंह राठौड़
    सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • डूंगरपुर के सीमलवाड़ा स्थित पीठ विद्या निकेतन में विद्या भारती जनजाति समिति राजस्थान द्वारा नवीन आचार्य अभ्यास वर्ग के उद्घाटन सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनजातीय समाज के इतिहास, संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। विद्या भारती जनजाति समिति के अध्यक्ष प्रभुलाल कटारा मुख्य वक्ता रहे, जबकि प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दीनदयाल सिंह चौहान ने अध्यक्षता की। चौरासी क्षेत्र के निवर्तमान प्रधान कारीलाल ननोमा विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे, और विभाग प्रमुख दिनेश डामोर ने कार्यक्रम का संचालन किया। अपने संबोधन में मुख्य वक्ता प्रभुलाल कटारा ने जोर देकर कहा कि भील समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और समृद्ध रहा है। उन्होंने बताया कि भील समाज शबरी माता के वंशज हैं और सदियों से सनातन संस्कृति एवं परंपराओं से गहरे रूप से जुड़ा हुआ है। कटारा ने भगवान राम और माता शबरी की कथा को भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अध्याय बताया, जो भील समाज और सनातन परंपरा के अटूट संबंध को प्रदर्शित करती है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में कुछ बाहरी ताकतें भील समाज को उसकी जड़ों से अलग करने और विभाजित करने का प्रयास कर रही हैं, साथ ही भ्रम फैलाने की कोशिशें की जा रही हैं। कटारा ने इस बात पर विशेष रूप से चिंता जताई कि कुछ लोग यह प्रचारित कर रहे हैं कि भील समाज हिंदू नहीं है, जिसे उन्होंने समाज के इतिहास, परंपराओं और पूर्वजों के जीवन मूल्यों के पूर्णतः विपरीत बताया। कटारा ने आगे कहा कि भील समाज के पूर्वज सदियों से सनातन संस्कृति, देवी-देवताओं, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को मानते आए हैं, और ऐसे में अपने इतिहास तथा पूर्वजों से विमुख होना उनके सम्मान के विरुद्ध है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वे अपने गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को समझते हुए एकजुट रहें। उन्होंने यह भी बताया कि अंग्रेजी शासनकाल में जनजातीय समाज की सामाजिक एवं आर्थिक संरचना को प्रभावित करने वाली कई नीतियां लागू की गईं, फिर भी समाज ने अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को जीवंत रखा। कटारा ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम सहित देश की आजादी के विभिन्न आंदोलनों में जनजातीय समाज के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया और इसे इतिहास में उचित स्थान दिए जाने की मांग की। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों को जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास, महापुरुषों के योगदान, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति के संस्कारों से परिचित कराएं, क्योंकि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और विरासत से जोड़ना समय की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि कारीलाल ननोमा ने शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, अनुशासन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति के संस्कार भी विकसित होने चाहिए। उन्होंने विद्या भारती के शिक्षण संस्थानों द्वारा शिक्षा के साथ संस्कार प्रदान कर राष्ट्र निर्माण में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्य की सराहना की। अध्यक्षीय उद्बोधन में दीनदयाल सिंह चौहान ने भारतीय संस्कृति और जनजातीय परंपराओं को एक-दूसरे का पूरक बताया, और समाज को अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाए रखते हुए शिक्षा व संगठन के माध्यम से आगे बढ़ने का संदेश दिया। इस उद्घाटन सत्र में उपस्थित आचार्यों को संस्कारयुक्त शिक्षा, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति तथा समाज और राष्ट्र के प्रति उनके दायित्वों पर मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवीन आचार्यों को संगठन की कार्यपद्धति, शिक्षा दर्शन, भारतीय संस्कृति और जनजातीय समाज के इतिहास से परिचित कराना था।
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    डूंगरपुर के सीमलवाड़ा स्थित पीठ विद्या निकेतन में विद्या भारती जनजाति समिति राजस्थान द्वारा नवीन आचार्य अभ्यास वर्ग के उद्घाटन सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनजातीय समाज के इतिहास, संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। विद्या भारती जनजाति समिति के अध्यक्ष प्रभुलाल कटारा मुख्य वक्ता रहे, जबकि प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दीनदयाल सिंह चौहान ने अध्यक्षता की। चौरासी क्षेत्र के निवर्तमान प्रधान कारीलाल ननोमा विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे, और विभाग प्रमुख दिनेश डामोर ने कार्यक्रम का संचालन किया।

अपने संबोधन में मुख्य वक्ता प्रभुलाल कटारा ने जोर देकर कहा कि भील समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और समृद्ध रहा है। उन्होंने बताया कि भील समाज शबरी माता के वंशज हैं और सदियों से सनातन संस्कृति एवं परंपराओं से गहरे रूप से जुड़ा हुआ है। कटारा ने भगवान राम और माता शबरी की कथा को भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अध्याय बताया, जो भील समाज और सनातन परंपरा के अटूट संबंध को प्रदर्शित करती है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में कुछ बाहरी ताकतें भील समाज को उसकी जड़ों से अलग करने और विभाजित करने का प्रयास कर रही हैं, साथ ही भ्रम फैलाने की कोशिशें की जा रही हैं। कटारा ने इस बात पर विशेष रूप से चिंता जताई कि कुछ लोग यह प्रचारित कर रहे हैं कि भील समाज हिंदू नहीं है, जिसे उन्होंने समाज के इतिहास, परंपराओं और पूर्वजों के जीवन मूल्यों के पूर्णतः विपरीत बताया।

कटारा ने आगे कहा कि भील समाज के पूर्वज सदियों से सनातन संस्कृति, देवी-देवताओं, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को मानते आए हैं, और ऐसे में अपने इतिहास तथा पूर्वजों से विमुख होना उनके सम्मान के विरुद्ध है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वे अपने गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को समझते हुए एकजुट रहें। उन्होंने यह भी बताया कि अंग्रेजी शासनकाल में जनजातीय समाज की सामाजिक एवं आर्थिक संरचना को प्रभावित करने वाली कई नीतियां लागू की गईं, फिर भी समाज ने अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को जीवंत रखा। कटारा ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम सहित देश की आजादी के विभिन्न आंदोलनों में जनजातीय समाज के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया और इसे इतिहास में उचित स्थान दिए जाने की मांग की। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों को जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास, महापुरुषों के योगदान, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति के संस्कारों से परिचित कराएं, क्योंकि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और विरासत से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

विशिष्ट अतिथि कारीलाल ननोमा ने शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, अनुशासन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति के संस्कार भी विकसित होने चाहिए। उन्होंने विद्या भारती के शिक्षण संस्थानों द्वारा शिक्षा के साथ संस्कार प्रदान कर राष्ट्र निर्माण में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्य की सराहना की। अध्यक्षीय उद्बोधन में दीनदयाल सिंह चौहान ने भारतीय संस्कृति और जनजातीय परंपराओं को एक-दूसरे का पूरक बताया, और समाज को अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाए रखते हुए शिक्षा व संगठन के माध्यम से आगे बढ़ने का संदेश दिया। इस उद्घाटन सत्र में उपस्थित आचार्यों को संस्कारयुक्त शिक्षा, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति तथा समाज और राष्ट्र के प्रति उनके दायित्वों पर मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवीन आचार्यों को संगठन की कार्यपद्धति, शिक्षा दर्शन, भारतीय संस्कृति और जनजातीय समाज के इतिहास से परिचित कराना था।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • भारतीय किसान संघ, डूंगरपुर जिले की मासिक बैठक और सागवाड़ा तहसील का अभ्यास वर्ग आज भिलूड़ा के विद्या निकेतन स्कूल में संपन्न हुआ। जिला अध्यक्ष गोविंदराम पाटीदार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राष्ट्रीय प्रतिनिधि मणिलाल लबाना और प्रांत संगठन मंत्री परमानन्द जी भाई साहब सहित बड़ी संख्या में किसान और पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान संगठन को मजबूत करने और क्षेत्र के किसानों की ज्वलंत समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें सरकार और प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी गई। प्रांत संगठन मंत्री परमानन्द जी भाई साहब ने संगठनात्मक मजबूती पर जोर देते हुए सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी दिसंबर और जनवरी माह में जिले की सभी तहसीलों के प्रत्येक गांव में 11-11 सदस्यों की ग्राम इकाई का गठन कर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाए। राष्ट्रीय प्रतिनिधि मणिलाल लबाना ने बताया कि भारतीय किसान संघ एक गैर-राजनीतिक और राष्ट्रवादी संगठन है, जो देश के सभी राज्यों में सक्रिय है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि डूंगरपुर जिले में वर्तमान में संघ के 50 हजार से अधिक सदस्य हैं, और नए साल में सदस्यता बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन रचनात्मक, संगठनात्मक और आंदोलनात्मक - इन तीन तरीकों से किसानों के हक की लड़ाई लड़ता है। बैठक में जिला अध्यक्ष गोविंदराम पाटीदार ने डूंगरपुर जिले के किसानों की प्रमुख समस्याओं को उठाया। उन्होंने बताया कि खरीफ फसल खराबे का मुआवजा और फसल बीमा की राशि अभी तक किसानों को नहीं मिली है। इसके अलावा, जिले में सरकारी दूध डेयरी और कृषि मंडी नहीं होने से किसानों को दूध व फसलों का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने सिंचाई के लिए माही बांध का पानी उपलब्ध कराने और 25 वर्ष बीत जाने के बाद भी अधूरी पड़ी भीखा भाई नहर परियोजना को तुरंत पूरा करने की मांग की। किसान संघ ने यह भी आरोप लगाया कि जिले की 90 प्रतिशत सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध नहीं है और सिंचाई के लिए दिन के समय पर्याप्त बिजली भी नहीं मिल रही है। इन समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए, गोविंदराम पाटीदार ने सरकार और जिला प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी कि यदि इन मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले सितंबर माह में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में जिला स्तर पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिला प्रवक्ता लल्लु राम बिजोला ने सरकार से मांग की कि वह किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर न करे और समय रहते इन समस्याओं का निस्तारण करे। इस महत्वपूर्ण बैठक में सागवाड़ा, गलियाकोट, ओबरी, आसपुर, सीमलवाड़ा, चिखली, साबला, पाडवा, सरोदा और डूंगरपुर सहित विभिन्न तहसीलों के अध्यक्ष, मंत्री, उपाध्यक्ष और अन्य प्रमुख पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
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    भारतीय किसान संघ, डूंगरपुर जिले की मासिक बैठक और सागवाड़ा तहसील का अभ्यास वर्ग आज भिलूड़ा के विद्या निकेतन स्कूल में संपन्न हुआ। जिला अध्यक्ष गोविंदराम पाटीदार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राष्ट्रीय प्रतिनिधि मणिलाल लबाना और प्रांत संगठन मंत्री परमानन्द जी भाई साहब सहित बड़ी संख्या में किसान और पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान संगठन को मजबूत करने और क्षेत्र के किसानों की ज्वलंत समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें सरकार और प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी गई।

प्रांत संगठन मंत्री परमानन्द जी भाई साहब ने संगठनात्मक मजबूती पर जोर देते हुए सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी दिसंबर और जनवरी माह में जिले की सभी तहसीलों के प्रत्येक गांव में 11-11 सदस्यों की ग्राम इकाई का गठन कर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाए। राष्ट्रीय प्रतिनिधि मणिलाल लबाना ने बताया कि भारतीय किसान संघ एक गैर-राजनीतिक और राष्ट्रवादी संगठन है, जो देश के सभी राज्यों में सक्रिय है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि डूंगरपुर जिले में वर्तमान में संघ के 50 हजार से अधिक सदस्य हैं, और नए साल में सदस्यता बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन रचनात्मक, संगठनात्मक और आंदोलनात्मक - इन तीन तरीकों से किसानों के हक की लड़ाई लड़ता है।

बैठक में जिला अध्यक्ष गोविंदराम पाटीदार ने डूंगरपुर जिले के किसानों की प्रमुख समस्याओं को उठाया। उन्होंने बताया कि खरीफ फसल खराबे का मुआवजा और फसल बीमा की राशि अभी तक किसानों को नहीं मिली है। इसके अलावा, जिले में सरकारी दूध डेयरी और कृषि मंडी नहीं होने से किसानों को दूध व फसलों का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने सिंचाई के लिए माही बांध का पानी उपलब्ध कराने और 25 वर्ष बीत जाने के बाद भी अधूरी पड़ी भीखा भाई नहर परियोजना को तुरंत पूरा करने की मांग की। किसान संघ ने यह भी आरोप लगाया कि जिले की 90 प्रतिशत सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध नहीं है और सिंचाई के लिए दिन के समय पर्याप्त बिजली भी नहीं मिल रही है।

इन समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए, गोविंदराम पाटीदार ने सरकार और जिला प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी कि यदि इन मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले सितंबर माह में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में जिला स्तर पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिला प्रवक्ता लल्लु राम बिजोला ने सरकार से मांग की कि वह किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर न करे और समय रहते इन समस्याओं का निस्तारण करे। इस महत्वपूर्ण बैठक में सागवाड़ा, गलियाकोट, ओबरी, आसपुर, सीमलवाड़ा, चिखली, साबला, पाडवा, सरोदा और डूंगरपुर सहित विभिन्न तहसीलों के अध्यक्ष, मंत्री, उपाध्यक्ष और अन्य प्रमुख पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
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    पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
    user_Bhilwada Maidan
    Bhilwada Maidan
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • उपखंड आसपुर स्थित ईश्वर महादेव मंदिर में यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सुशासन के 12 सफलतम वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर उनके कुशल जीवन की कामना की गई। कार्यक्रम में आसपुर उपखंड अधिकारी बाबूलाल, तहसीलदार योगेश वैष्णव, विधायक गोपी चंद मीणा, मंडल अध्यक्ष नेपाल सिंह, सोशल मीडिया सह संयोजक रेखा पंड्या, महामंत्री दिनेश डबरावत, वीरेन्द्र सिंह, अर्जुन चौबीसा, बसंत मेहता, प्रकाश नागदा, चंदूलाल मेहता सहित अन्य बीजेपी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    उपखंड आसपुर स्थित ईश्वर महादेव मंदिर में यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सुशासन के 12 सफलतम वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर उनके कुशल जीवन की कामना की गई। कार्यक्रम में आसपुर उपखंड अधिकारी बाबूलाल, तहसीलदार योगेश वैष्णव, विधायक गोपी चंद मीणा, मंडल अध्यक्ष नेपाल सिंह, सोशल मीडिया सह संयोजक रेखा पंड्या, महामंत्री दिनेश डबरावत, वीरेन्द्र सिंह, अर्जुन चौबीसा, बसंत मेहता, प्रकाश नागदा, चंदूलाल मेहता सहित अन्य बीजेपी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_Pravin Kothari
    Pravin Kothari
    पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के ऐतिहासिक 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में डूंगरपुर के नवा महादेव मंदिर परिसर स्थित महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। 10 जून, बुधवार को आयोजित इस अनुष्ठान में निवर्तमान सभापति अमृतलाल कलासुआ, पूर्व सभापति गुरु प्रसाद पटेल, कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, समाज सेवी हंसमुख पंड्या, नरेश यादव और अचला वसीटा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान सभी ने देश व प्रदेश की उन्नति के साथ ही प्रधानमंत्री के दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इस विशेष अवसर पर नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी, तहसीलदार कमलेश मीणा, जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सहायक जनसंपर्क अधिकारी मोहन खराड़ी, नगर परिषद सहायक अभियंता भक्तेश पाटीदार, सहायक लेखाधिकारी कुलदीप सिंह के साथ-साथ अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के ऐतिहासिक 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में डूंगरपुर के नवा महादेव मंदिर परिसर स्थित महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। 10 जून, बुधवार को आयोजित इस अनुष्ठान में निवर्तमान सभापति अमृतलाल कलासुआ, पूर्व सभापति गुरु प्रसाद पटेल, कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, समाज सेवी हंसमुख पंड्या, नरेश यादव और अचला वसीटा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान सभी ने देश व प्रदेश की उन्नति के साथ ही प्रधानमंत्री के दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

इस विशेष अवसर पर नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी, तहसीलदार कमलेश मीणा, जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सहायक जनसंपर्क अधिकारी मोहन खराड़ी, नगर परिषद सहायक अभियंता भक्तेश पाटीदार, सहायक लेखाधिकारी कुलदीप सिंह के साथ-साथ अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • महिला अधिकारिता विभाग ने बुधवार को सीमलवाड़ा पंचायत समिति परिसर में नारी चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता का विकास करना, उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ना तथा उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में महिला अधिकारों, स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार रहे, जिन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित अनेक योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं और आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। नायब तहसीलदार भूमल चौहान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महिलाओं को शिक्षा के महत्व और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षित महिलाएँ न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं, इसलिए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। नारी चौपाल में मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्गम प्रोत्साहन योजना, उड़ान योजना, और लाडो प्रोत्साहन योजना सहित महिला अधिकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, 181 महिला हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सेवा, और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं की उपयोगिता के बारे में भी बताया गया। राजीविका के माध्यम से संचालित लखपति दीदी, कृषि सखी, और ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं की जानकारी देकर महिलाओं को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में एनीमिया की रोकथाम, महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, और साइबर क्राइम से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूकता फैलाई गई। इस कार्यक्रम में महिला पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, साथिनों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 80 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन महिला अधिकारिता विभाग के ब्लॉक सुपरवाइजर सुरेश चंद्र पटेल ने किया। अंत में, उपस्थित महिलाओं से आह्वान किया गया कि वे सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं और अन्य महिलाओं को भी इन योजनाओं के प्रति जागरूक करें।
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    महिला अधिकारिता विभाग ने बुधवार को सीमलवाड़ा पंचायत समिति परिसर में नारी चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता का विकास करना, उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ना तथा उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में महिला अधिकारों, स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष चर्चा की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार रहे, जिन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित अनेक योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं और आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

नायब तहसीलदार भूमल चौहान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महिलाओं को शिक्षा के महत्व और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षित महिलाएँ न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं, इसलिए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। नारी चौपाल में मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्गम प्रोत्साहन योजना, उड़ान योजना, और लाडो प्रोत्साहन योजना सहित महिला अधिकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, 181 महिला हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सेवा, और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं की उपयोगिता के बारे में भी बताया गया। राजीविका के माध्यम से संचालित लखपति दीदी, कृषि सखी, और ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं की जानकारी देकर महिलाओं को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में एनीमिया की रोकथाम, महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, और साइबर क्राइम से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूकता फैलाई गई।

इस कार्यक्रम में महिला पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, साथिनों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 80 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन महिला अधिकारिता विभाग के ब्लॉक सुपरवाइजर सुरेश चंद्र पटेल ने किया। अंत में, उपस्थित महिलाओं से आह्वान किया गया कि वे सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं और अन्य महिलाओं को भी इन योजनाओं के प्रति जागरूक करें।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
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