Shuru
Apke Nagar Ki App…
बिशुनपुर विधानसभा के पूर्व विधायक का निधन,नम आंखों से पार्टी कार्यकर्ता व स्थानीय लोगो ने दिया विदाई भाजपा पूर्व विधायक पार्थिव शरीर को पंच तत्व में हुआ विलय गुरुवार को लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत उनके पैतृक गांव अरु में कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय ग्रामीणों के साथ क्षेत्र वासियो ने नम आंखों से अंतिम विदाई दिया। इस दौरान उनके कार्यकाल एवं पार्टी के कर्तव्य के साथ समाज उत्थान में लगतार प्रयासरत रहने के कारण आज लोगो को उनकी कमी खल रही है। लोगो ने कहा ज्ञानरूपी उनकी बातें सभी के दिलो में हमेशा कायम रहेगा।
आलोक कुमार
बिशुनपुर विधानसभा के पूर्व विधायक का निधन,नम आंखों से पार्टी कार्यकर्ता व स्थानीय लोगो ने दिया विदाई भाजपा पूर्व विधायक पार्थिव शरीर को पंच तत्व में हुआ विलय गुरुवार को लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत उनके पैतृक गांव अरु में कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय ग्रामीणों के साथ क्षेत्र वासियो ने नम आंखों से अंतिम विदाई दिया। इस दौरान उनके कार्यकाल एवं पार्टी के कर्तव्य के साथ समाज उत्थान में लगतार प्रयासरत रहने के कारण आज लोगो को उनकी कमी खल रही है। लोगो ने कहा ज्ञानरूपी उनकी बातें सभी के दिलो में हमेशा कायम रहेगा।
More news from झारखंड and nearby areas
- मॉडल पंचायत तालाब में डूबने वाला है.😱 #shorts #shortvideo #viralvideo #mukhiya #panchayat #mews1
- बिशुनपुर विधानसभा के पूर्व विधायक का निधन,नम आंखों से पार्टी कार्यकर्ता व स्थानीय लोगो ने दिया विदाई भाजपा पूर्व विधायक पार्थिव शरीर को पंच तत्व में हुआ विलय गुरुवार को लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत उनके पैतृक गांव अरु में कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय ग्रामीणों के साथ क्षेत्र वासियो ने नम आंखों से अंतिम विदाई दिया। इस दौरान उनके कार्यकाल एवं पार्टी के कर्तव्य के साथ समाज उत्थान में लगतार प्रयासरत रहने के कारण आज लोगो को उनकी कमी खल रही है। लोगो ने कहा ज्ञानरूपी उनकी बातें सभी के दिलो में हमेशा कायम रहेगा।1
- हर Student का Goal अलग, तैयारी एकदम सही! Class 6th–12th, Board Exams, JEE, NEET और Competitive Exams के लिए Bright Future Academy में Concept-Based Learning, Mock Tests, Doubt Sessions और Flexible Batches. Morning • Evening • Night Batches Online Classes भी Available Fees ₹2,500–₹3,500 Admission: 7544862076 App Download करें: https://auyzva.on-app.in/app/home?orgCode=auyzva Bright Future Academy — Stable Future Ahead.1
- विश्व का अजूबा रोड लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड में है आईये ना विधायक जी साथ में नहाते हैं विश्व का अजूबा रोड लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड में है आईये ना विधायक जी साथ में नहाते हैं1
- धनबाद में एथलेटिक मीट का आयोजन, लोहरदगा के 17 बच्चे लेंगे हिस्सा बच्चों का दावा पहले भी जीते हैं मेडल, इस बार भी जीतेंगे!..1
- सिसई : अनाथ अमर की पढ़ाई का सहारा बने सिसई के पत्रकार दस्तावेजों के अभाव में अटकी थी पढ़ाई, पत्रकारों ने कराया छठी में दाखिला ; ड्रेस, जूता, बैग, कॉपी -पेन और राशन देकर बढ़ाया मदद का हाथ सिसई प्रखंड के भदौली पंचायत स्थित सकरौली उरांव टोली से इंसानियत और सामाजिक सरोकार की तस्वीर सामने आई है। आर्थिक तंगी और दस्तावेजों के अभाव में शिक्षा से वंचित होने की कगार पर पहुंचे 10 वर्षीय अनाथ अमर बिरहोर की मदद के लिए सिसई के पत्रकार आगे आए। अमर के माता-पिता का निधन तब हो गया था, जब वह महज एक वर्ष का था। इसके बाद उसकी वृद्ध नानी निरासो मलारिन ही उसका पालन-पोषण कर रही हैं। परिवार में कई बच्चे हैं और आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। नानी के नाम पर केवल हरा राशन कार्ड है, जिससे हर माह महज पांच किलो अनाज मिलता है। इसी के सहारे परिवार का गुजर-बसर मुश्किल से हो रहा है। मुसीबत यहीं खत्म नहीं हुई। बरसात में परिवार का कच्चा घर भी ढह गया। अब नानी किसी तरह छपरी बनाकर बच्चों के साथ रहने को मजबूर हैं। सरकारी आवास योजना का लाभ भी अब तक नहीं मिल सका है। दूसरी ओर, दस्तावेजों के अभाव में अमर का नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ पाया और आधार कार्ड भी नहीं बन सका। इसी वजह से उसकी पढ़ाई और स्कूल में दाखिले का रास्ता भी लगभग बंद हो गया था। मामले की जानकारी पत्रकार सह भदौली पंचायत के पंचायत स्तरीय स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के नामित अध्यक्ष कृष्णा कुमार साहू, पत्रकार शम्भु चौहान, मदन साहू और आनंद साहू को मिली। इसके बाद पत्रकारों ने पहल करते हुए गांव के माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक से संपर्क किया और अमर का छठी कक्षा में दाखिला कराया। अमर के चेहरे पर तब मुस्कान आई, जब उसे पढ़ाई के लिए ड्रेस, जूता, बैग, कॉपी, पेन, स्टोमेन बॉक्स और छाता समेत जरूरी सामग्री सौंपी गई। पत्रकारों ने अमर और उसकी नानी को राशन सामग्री भी उपलब्ध कराई। इस दौरान प्रवीण कुमार, रत्ना कुमारी, संदीप गोप, बजरंग बड़ाईक, बजरंग साहू समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। अमर की नानी निरासो मलारिन ने प्रशासन से पीला राशन कार्ड बनाने, सभी बच्चों का नाम राशन कार्ड में जोड़ने और परिवार को आवास योजना का लाभ देने की मांग की है। पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारिता सिर्फ खबर दिखाने और लिखने तक सीमित नहीं है। समाज के वंचित और जरूरतमंद लोगों की आवाज बनना भी पत्रकारिता की जिम्मेदारी है। आर्थिक तंगी या दस्तावेजों की कमी के कारण किसी बच्चे की शिक्षा नहीं रुकनी चाहिए। अमर की मदद की यह पहल अब सिर्फ एक बच्चे के दाखिले की कहानी नहीं, बल्कि समाज से यह सवाल भी पूछ रही है—क्या किसी बच्चे का भविष्य गरीबी और दस्तावेजों की कमी के कारण अंधेरे में छोड़ दिया जाए?4
- आधार कार्ड न होने से अनाथ अमर बिरहोर पढ़ाई से हो रहा वंचित, पत्रकारों ने घर पहुंच किया मदद आर्थिक तंगी, टूटे आशियाने और जरूरी दस्तावेजों के अभाव में जिंदगी की मुश्किलों से जूझ रहे 10 वर्षीय अनाथ अमर बिरहोर की मदद के लिए सिसई के पत्रकारों ने सराहनीय पहल की है। पत्रकारों ने अमर की पढ़ाई जारी रखने के लिए स्कूल ड्रेस, जूता, बैग, कॉपी, पेन, स्टोमेन बॉक्स, छाता समेत अन्य शैक्षणिक सामग्री के साथ राशन भी उपलब्ध कराया। पत्रकारों की इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना की। *एक साल की उम्र में सिर से उठ गया माता-पिता का साया* भदौली पंचायत के सकरौली उरांव टोली निवासी अमर बिरहोर के माता-पिता का निधन उस समय हो गया था, जब वह महज एक वर्ष का था। अमर की मां सुमित्रा देवी का विवाह रांची जिले के गेतलसूद बिरहोर टोली निवासी बीरबल बिरहोर से हुआ था। गंभीर बीमारी के कारण दोनों की मौत हो गई। इसके बाद अमर की वृद्ध नानी निरासो मलारिन ही उसका पालन-पोषण कर रही हैं। निरासो मलारिन के साथ अमर के अलावा तीन अन्य पोते भी रहते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। नानी के नाम पर केवल हरा राशन कार्ड है, जिसके माध्यम से प्रतिमाह महज पांच किलो अनाज बाद मिलता है। वृद्धा पेंशन ही परिवार के लिए आय का एकमात्र सहारा है। इसी के सहारे पांच सदस्यों का परिवार किसी तरह जीवनयापन कर रहे है। *बारिश में ढह गया घर, छपरी के नीचे गुजर रही जिंदगी* बरसात के दौरान परिवार का कच्चा घर भी ढह गया। इसके बाद निरासो मलारिन किसी तरह छपरी तैयार कर अपने पोते-पोतियों के साथ रहने को मजबूर हैं। बारिश होने पर परिवार की परेशानी और बढ़ जाती है। पीड़ित ने बताया कि अब तक उन्हें पक्का आवास योजना का लाभ भी नहीं मिला है। *दस्तावेजों के अभाव में पढ़ाई पर संकट* अमर का अब तक आधार कार्ड भी नहीं बन पाया हैं जिसके कारण राशन कार्ड में नाम भी नहीं जुड़ा है। और अन्य बच्चों का आधार कार्ड हैं लेकिन राशन कार्ड में नाम नहीं जुड़ा हैं। अमर का आधार कार्ड नहीं रहने के कारण पढ़ाई बाधित हो रही थी और विद्यालय में दाखिला लेने में भी परेशानी आ रही थी। भदौली पंचायत के स्थाई स्वास्थ्य एवं शिक्षा समिति के नामित अध्यक्ष कृष्णा कुमार साहु को जानकारी होने पर उन्होंने पत्रकारों को अमर की स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद पत्रकार शम्भु चौहान, मदन साहू, आनंद साहू, प्रवीण कुमार और रत्ना कुमारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घर पहुंच कर मदद किया अमर का पढ़ाई लिखाई बाधित ना हो उसके लिए कृष्णा कुमार साहु ने राजकीयकृत मध्य विद्यालय सकरौली के प्रधानाध्यापक से संपर्क कर 6 वीं कक्षा में अमर की पढ़ाई जारी रखने का आग्रह किया। अमर की पढ़ाई के प्रति लगन को देखते हुए विद्यालय की ओर से भी सहयोग का प्रयास किया गया। पत्रकारों ने अपनी ओर से स्कूल ड्रेस, जूता, बैग, कॉपी, पेन, स्टोमेन बॉक्स और छाता सहित अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई। साथ ही परिवार के लिए राशन सामग्री भी दी गई। इस दौरान संदीप गोप, बजरंग बड़ाईक, बजरंग साहु सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। *नानी ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार* अमर की नानी निरासो मलारिन ने भावुक होकर पत्रकारों को अपनी परेशानी बताई। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड में परिवार के सभी सदस्यों का नाम नहीं जुड़ा है और मिलने वाला अनाज परिवार के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने प्रशासन से अमर का आधार कार्ड बनवाने, पीला राशन कार्ड उपलब्ध कराने, चारों बच्चों का नाम राशन कार्ड में जोड़ने तथा पक्का आवास दिलाने की मांग की। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से अपील की है कि अमर और उसके परिवार की स्थिति को देखते हुए तत्काल सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि अमर की पढ़ाई न रुके और परिवार को सुरक्षित आशियाना मिल सके।2
- कुर्सी के नाम पर जनता का पैसा मिट्टी में मिलाने का आरोप.😱 #shorts #shortvideo #mukhiya #panchayat1