धनबाद से टुंडी होते हुए जामताड़ा जाने वाले मार्ग पर बराकर नदी में बना बैजड़ा घाट पुल बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया। जामताड़ा धनबाद से टुंडी होते हुए जामताड़ा जाने वाले मार्ग पर बराकर नदी में बना बैजड़ा घाट पुल बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के जामताड़ा की ओर वाले छोर पर पिलर नंबर छह के करीब एक से डेढ़ फीट धंस जाने के बाद पुल में दरारें आ गईं। हादसे की आशंका को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, धनबाद के निर्देश पर पुल से वाहनों की आवाजाही तत्काल बंद कर दी गई है। पुल पर आवागमन बंद होने से धनबाद और जामताड़ा के बीच आने-जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार बराकर नदी में पानी का तेज बहाव और लगातार बालू उठाव के कारण पुल के पिलर के आसपास की मिट्टी और नदी की तलहटी कमजोर हुई है। इसी वजह से पिलर नंबर छह के धंसने की आशंका जताई जा रही है। बुधवार को पिलर धंसने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुल से आवागमन रोक दिया। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद दोनों जिलों के लोगों को अब वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि बैजड़ा घाट पुल बनने से पहले धनबाद और जामताड़ा के बीच आवागमन में काफी अधिक दूरी तय करनी पड़ती थी। पुल के निर्माण के बाद टुंडी के रास्ते दोनों जिलों के बीच सीधा संपर्क स्थापित हुआ और लोगों को यह मार्ग काफी सुविधाजनक लगा। आसपास के गांवों के ग्रामीण, व्यापारी, विद्यार्थी और नौकरी-पेशा लोग भी रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। पुल बंद होने से अब लोगों को दूसरे रास्ते से जाना पड़ेगा, जिससे करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। बताया गया कि बैजड़ा घाट पुल का निर्माण वर्ष 2009 में विशेष प्रमंडल जामताड़ा द्वारा कराया गया था। निर्माण पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के निर्माण के बाद से ही इसकी सुरक्षा और नदी में होने वाले बालू उठाव पर नियमित निगरानी की जरूरत थी। कम समय में पुल के पिलर के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अवैध बालू उठाव का आरोप सुखजोड़ा पंचायत के मुखिया जोसेफ मुर्मू और ग्राम प्रधान अशोक सिंह ने बराकर नदी में कथित अवैध बालू उठाव को पुल के क्षतिग्रस्त होने का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नदी से नियमों की अनदेखी कर बालू उठाव किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल के पिलर के आसपास से बालू निकाले जाने के कारण नींव कमजोर हो रही है। उन्होंने प्रशासन से नदी में बालू उठाव की जांच कराने और पुल की तकनीकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2021 में भी पुल के धनबाद जिले की ओर वाले हिस्से में इसी तरह की समस्या सामने आई थी। उस घटना के बाद भी नदी से बालू उठाव और पुल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। इसके बावजूद प्रभावी निगरानी नहीं होने का आरोप ग्रामीण लगा रहे हैं। फिलहाल पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद है। इससे धनबाद और जामताड़ा के बीच इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पिलर की तत्काल तकनीकी जांच, पुल की मरम्मत और नदी में अवैध बालू उठाव पर रोक लगाने की मांग की है। पुल की मरम्मत होने तक वैकल्पिक मार्ग ही लोगों के आवागमन का सहारा रहेगा। जामताड़ा अंचल अधिकारी अविश्वर मुर्मू ने कहा कि प्रशासनिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे हुए हैं। थाना प्रभारी और पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर भी पहुंचे ह।ैं सुरक्षा के दृष्टिकोण से आजावाही बंद किया जा रहा ह।ै जेसीबी लगाकर मिट्टी भराई का काम चल रहा है आगे की निरीक्षण का काम जारी है।
धनबाद से टुंडी होते हुए जामताड़ा जाने वाले मार्ग पर बराकर नदी में बना बैजड़ा घाट पुल बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया। जामताड़ा धनबाद से टुंडी होते हुए जामताड़ा जाने वाले मार्ग पर बराकर नदी में बना बैजड़ा घाट पुल बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के जामताड़ा की ओर वाले छोर पर पिलर नंबर छह के करीब एक से डेढ़ फीट धंस जाने के बाद पुल में दरारें आ गईं। हादसे की आशंका को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, धनबाद के निर्देश पर पुल से वाहनों की आवाजाही तत्काल बंद कर दी गई है। पुल पर आवागमन बंद होने से धनबाद और जामताड़ा के बीच आने-जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार बराकर नदी में पानी का तेज बहाव और लगातार बालू उठाव के कारण पुल के पिलर के आसपास की मिट्टी और नदी की तलहटी कमजोर हुई है। इसी वजह से पिलर नंबर छह के धंसने की आशंका जताई जा रही है। बुधवार को पिलर धंसने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुल से आवागमन रोक दिया। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद दोनों जिलों के लोगों को अब वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि बैजड़ा घाट पुल बनने से पहले धनबाद और जामताड़ा के बीच आवागमन में काफी अधिक दूरी तय करनी पड़ती थी। पुल के निर्माण के बाद टुंडी के रास्ते दोनों जिलों के बीच सीधा संपर्क स्थापित हुआ और लोगों को यह मार्ग काफी सुविधाजनक लगा। आसपास के गांवों के ग्रामीण, व्यापारी, विद्यार्थी और नौकरी-पेशा लोग भी रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। पुल बंद होने से अब लोगों को दूसरे रास्ते से जाना पड़ेगा, जिससे करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। बताया गया कि बैजड़ा घाट पुल का निर्माण वर्ष 2009 में विशेष प्रमंडल जामताड़ा द्वारा कराया गया था। निर्माण पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। स्थानीय लोगों का
कहना है कि पुल के निर्माण के बाद से ही इसकी सुरक्षा और नदी में होने वाले बालू उठाव पर नियमित निगरानी की जरूरत थी। कम समय में पुल के पिलर के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अवैध बालू उठाव का आरोप सुखजोड़ा पंचायत के मुखिया जोसेफ मुर्मू और ग्राम प्रधान अशोक सिंह ने बराकर नदी में कथित अवैध बालू उठाव को पुल के क्षतिग्रस्त होने का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नदी से नियमों की अनदेखी कर बालू उठाव किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल के पिलर के आसपास से बालू निकाले जाने के कारण नींव कमजोर हो रही है। उन्होंने प्रशासन से नदी में बालू उठाव की जांच कराने और पुल की तकनीकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2021 में भी पुल के धनबाद जिले की ओर वाले हिस्से में इसी तरह की समस्या सामने आई थी। उस घटना के बाद भी नदी से बालू उठाव और पुल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। इसके बावजूद प्रभावी निगरानी नहीं होने का आरोप ग्रामीण लगा रहे हैं। फिलहाल पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद है। इससे धनबाद और जामताड़ा के बीच इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पिलर की तत्काल तकनीकी जांच, पुल की मरम्मत और नदी में अवैध बालू उठाव पर रोक लगाने की मांग की है। पुल की मरम्मत होने तक वैकल्पिक मार्ग ही लोगों के आवागमन का सहारा रहेगा। जामताड़ा अंचल अधिकारी अविश्वर मुर्मू ने कहा कि प्रशासनिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे हुए हैं। थाना प्रभारी और पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर भी पहुंचे ह।ैं सुरक्षा के दृष्टिकोण से आजावाही बंद किया जा रहा ह।ै जेसीबी लगाकर मिट्टी भराई का काम चल रहा है आगे की निरीक्षण का काम जारी है।
- जामताड़ा में लगातार हो रही रुक-रुक के बारिश , देखिए पूरी खबर जामताड़ा जिले में लगातार हो रही बारिश से लोगों का जीवन हुआ अस्त व्यस्त 74.32 एमएम बारिश हुई दर्ज।1
- डॉ. इरफान अंसारी का देर रात का वीडियो वायरल, छात्रों के बीच रहे सक्रिय। जामताड़ा। छात्र आंदोलन के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का देर रात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वे छात्रों के स्वास्थ्य और उनकी समस्याओं को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि आंदोलन के दौरान उन्होंने छात्रों की सेहत का लगातार जायजा लिया और देर रात तक उनके साथ मौजूद रहे। छात्रों के अनशन को समाप्त कराने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान छात्रों और युवाओं की ओर से डॉ. इरफान अंसारी के प्रति आभार जताया गया। युवाओं ने कहा कि मंत्री ने उनकी आवाज को गंभीरता से सुना और मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर समर्थकों ने कहा कि छात्रों और युवाओं के मुद्दों को इसी तरह मजबूती से उठाने की जरूरत है।1
- कतरास के रामकनाली में बड़ा हादसा टला, तेज रफ्तार कार ने घर के बाहर खड़ी स्कूटी को मारी टक्कर कतरास/धनबाद। धनबाद जिले के कतरास स्थित रामकनाली ओपी क्षेत्र के जिनी पहाड़ी में एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के अनुसार दोपहर के समय तेज रफ्तार से आ रही एक कार ने कार्तिक महतो के घर के बाहर खड़ी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी कार के नीचे फंस गई।दुर्घटना में शामिल कार का नंबर JH09BC5656 और क्षतिग्रस्त स्कूटी का नंबर JH10BS3710 बताया गया है। स्कूटी मालिक नरेंद्र महतो ने बताया कि उन्होंने अपनी स्कूटी घर के बाहर खड़ी की थी। इसी दौरान काले रंग की कार तेज रफ्तार से आई और स्कूटी को टक्कर मार दी। जोरदार आवाज सुनकर जब वह बाहर निकले तो स्कूटी कार के नीचे फंसी हुई थी।नरेंद्र महतो ने आरोप लगाया कि कार में सवार युवक नशे की हालत में था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि युवक ने आनन-फानन में कार का नंबर प्लेट निकाल लिया और वहां से भागने का प्रयास किया। हालांकि स्थानीय लोगों ने कार को रोक लिया और मौके पर खड़ा कर दिया। मुआवजे को लेकर विवाद नरेंद्र महतो के अनुसार, स्कूटी के नुकसान की भरपाई के लिए जब कार मालिक से मुआवजा देने की बात कही गई तो वह वहां से निकलकर थाने चला गया। इसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।नरेंद्र महतो ने कहा कि अगर उस समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद होता तो उसके साथ क्या होता, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीण सड़कों पर इस तरह तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने को बेहद खतरनाक बताया। उनका कहना है कि ऐसी लापरवाही से कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। नरेंद्र महतो ने रामकनाली ओपी पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि थाना प्रभारी की ओर से गाड़ी नहीं छोड़ने पर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई। हालांकि रामकनाली ओपी प्रभारी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। फिलहाल दुर्घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि रिहायशी और ग्रामीण सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने पर रोक और यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। #dhanbad #धनबाद1
- मां विषहरी की भक्ति में डूबा केंदुआ बाजार, दशकों पुरानी परंपरा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब1
- धनबाद स्लग - ढुल्लू महतो के बयान के विरोध में कांग्रेसियों ने फूंका पुतला, माफी की मांग सांसद । एंकर --- धनबाद सांसद ढुल्लू महतो के बयान के विरोध में धनबाद युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को रणधीर वर्मा चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सांसद ढुल्लू महतो का पुतला दहन कर उनके बयान पर माफी मांगने की मांग की। दरअसल, सोमवार को मेमको मोड़ के पास शहीद मनिंदर नाथ मंडल की जयंती के अवसर पर कांग्रेस के बड़े नेता के. राजू, मंत्री इरफान अंसारी और विधायक जयमंगल सिंह कतरास के छाताबाद में भू-धसान प्रभावित पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। कांग्रेस नेताओं ने क्षेत्र में अवैध खनन और कोयला चोरी को भू-धसान की घटना के लिए जिम्मेदार बताते हुए सांसद ढुल्लू महतो पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके जवाब में सांसद ढुल्लू महतो ने छाताबाद पहुंचे कांग्रेस नेताओं को कथित तौर पर 'चोर' कह दिया। सांसद के इसी बयान से कांग्रेस कार्यकर्ता आक्रोशित हैं। यूथ कांग्रेस ने रणधीर वर्मा चौक पर पुतला दहन करते हुए सांसद से अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। साथ कहा अगर सांसद अपने बयान पर माफी नहीं मांगते तो धनबद हर प्रखंड में सांसद का पुतला जलाया जाएगा। बाइट --- आदित्य आनंद , जिला अध्यक्ष यूथ कांग्रेस2
- बाघमारा क्षेत्र एक ऐसा क्षेत्र है जहां पर कोई आपदा आ जाए तो उनका मदद कम और नेताओं का जूवानी जंग ज्यादा देखने को मिलता है आप इस वीडियो में यह देख सकते हैं।1
- जलापूर्ति में लापरवाही पर डीसी सख्त, काम नहीं करने वाली एजेंसियों को नोटिस का निर्देश जामताड़ा: जिले में पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन समिति (डीडब्लूएससी) की बैठक हुई। इसमें पीएचईडी की विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं, चापाकलों की कार्यशीलता, हर घर जल योजना और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने कार्य नहीं करने वाली एजेंसियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने जलापूर्ति योजनाओं का नियमित मेंटेनेंस सुनिश्चित करते हुए लोगों को लगातार पानी उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही खराब चापाकलों से संबंधित शिकायतों का अविलंब समाधान करने का निर्देश दिया। डीसी ने कहा कि जलापूर्ति नियमित रहने से लोगों को जलकर की निर्धारित राशि देने में भी परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कार्यपालक अभियंता पीएचईडी को योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रिपोर्ट देने को कहा। वहीं, कार्य में रुचि नहीं लेने वाली जल सहियाओं को चिह्नित कर नियमानुसार हटाने तथा उनके स्थान पर योग्य जल सहियाओं का चयन करने का निर्देश दिया। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन में तेजी लाने का निर्देश बैठक में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्राम स्तर पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों को मिशन मोड में संचालित करने पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने ओडीएफ सस्टेनेबिलिटी, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, माहवारी स्वच्छता प्रबंधन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, गोबरधन और जन-जागरूकता गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायतों में नाडेप, वर्मी कम्पोस्ट, कम्पोस्ट पीट, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक सोक पीट, नाली, भष्मक, प्लास्टिक संग्रहण संरचना, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई तथा गोबर गैस प्लांट जैसे कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया। साथ ही जमीनी स्तर पर शौचालय से वंचित सभी योग्य एवं जरूरतमंद लाभुकों को योजना का लाभ दिलाने का निर्देश दिया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी राम प्रवेश राम, सहायक अभियंता, जिला समन्वयक एसबीएम-जी, कनीय अभियंता, प्रखंड समन्वयक सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।1
- झींझी पहाड़ी में तेज रफ्तार का कहर खड़ी स्कूटी को रौंदकर किया बुरी तरह क्षतिग्रस्त टक्कर के बाद नंबर प्लेट गायब, चालक पर गंभीर आरोप हादसे के बाद वाहन छोड़कर मौके से हुआ फरार1
- माता बम जी के सेवा में हाजिर आपका कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रदेश कोऑर्डिनेटर जिला प्रभारी देवघर रत्न से सम्मानित राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भारतीय प्रजापति हीरोज ऑर्गेनाइजेशन अवधेश कुमार प्रजापति1