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जामताड़ा में लगातार हो रही रुक-रुक के बारिश , देखिए पूरी खबर जामताड़ा जिले में लगातार हो रही बारिश से लोगों का जीवन हुआ अस्त व्यस्त 74.32 एमएम बारिश हुई दर्ज।
Yogesh Kumar
जामताड़ा में लगातार हो रही रुक-रुक के बारिश , देखिए पूरी खबर जामताड़ा जिले में लगातार हो रही बारिश से लोगों का जीवन हुआ अस्त व्यस्त 74.32 एमएम बारिश हुई दर्ज।
- Yogesh Kumarजामताड़ा, जामताड़ा, झारखंड🤝10 hrs ago
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- 20 साल से बदहाल सड़क, सरकारी मदद का इंतजार खत्म कर ग्रामीण खुद उतरे मरम्मत में जामताड़ा:जिले के नाला प्रखंड मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर फुटबेड़िया पंचायत के घाटसगड़िया गांव में करीब दो दशक से बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क मरम्मत की उम्मीद पूरी नहीं होने पर महिला-पुरुष ग्रामीण खुद फावड़ा, गैंती, कुदाल और डलिया लेकर सड़क पर उतर गए। ग्रामीणों ने श्रमदान कर जर्जर सड़क की मरम्मत शुरू की और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराया। ग्रामीणों के अनुसार नाला-खड़ीमाटी मुख्य मार्ग से कालूबाथान होते हुए घाटसगड़िया तक जाने वाली करीब तीन किलोमीटर सड़क लंबे समय से बदहाल है। लगभग 20 वर्ष पहले इस सड़क का ग्रेड-वन निर्माण हुआ था। इसके बाद मिट्टी और मोरम डालकर खानापूर्ति की गई, लेकिन स्थायी मरम्मत नहीं होने से सड़क अब बड़े-बड़े गड्ढों, पत्थरों और बोल्डरों में तब्दील हो चुकी है। बरसात के दिनों में सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और गड्ढों के कारण आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। इस रास्ते से आसपास के गांवों के छात्र-छात्राएं, किसान और आम लोग प्रतिदिन मुख्यालय व स्कूलों तक पहुंचते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाली का सबसे गंभीर असर मरीजों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों का दावा है कि जर्जर रास्ते के कारण एंबुलेंस भी गांव तक आने में परेशानी महसूस करती है। बरसात में दोपहिया वाहनों से आवागमन भी जोखिम भरा हो जाता है। घाटसगड़िया प्राथमिक विद्यालय में मतदान केंद्र संख्या 237 स्थित है। यहां गोलकुंडा, सगड़िया, घाटसगड़िया, कालूबाथान और बनपाड़ा समेत आसपास के कई गांवों के मतदाता पहुंचते हैं। ग्रामीणों के अनुसार मतदान के दौरान भी खराब सड़क के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण गांव का विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सड़क का स्थायी निर्माण कराने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।2
- 🔴 BREAKING NEWS JAMTARA 🔴 बराकर नदी पर बैजरा पुल क्षतिग्रस्त, #अवैध बालू उत्खनन से पिलर कमजोर होने की आशंका। जामताड़ा:पिलर नंबर-5 में आई गंभीर खराबी, पुल पर आवागमन बंद, प्रशासन ने जेसीबी से दोनों छोर पर रास्ता काटकर किया ब्लॉक, पिलर नंबर-4 पर भी बढ़ा खतरा, मौके पर प्रशासनिक टीम मौजूद* अवैध बालू उत्खनन से पिलर कमजोर होने की आशंका।1
- जलापूर्ति में लापरवाही पर एजेंसियों को नोटिस, निष्क्रिय जल सहियाओं को हटाने का निर्देश डीसी ने हर घर जल योजना और स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश जामताड़ा। जिले में पेयजलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्वच्छता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन समिति (डीडब्ल्यूएससी) की बैठक हुई। बैठक में उपायुक्त ने पीएचईडी की विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं, चापाकलों की स्थिति, हर घर जल योजना और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कार्य में रुचि नहीं लेने वाली एजेंसियों को चिह्नित कर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं की नियमित निगरानी के लिए सहायक अभियंता, कनीय अभियंता और प्रखंड समन्वयकों को क्षेत्र में जाकर कार्यों का पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया। नियमित हो पानी की आपूर्ति उपायुक्त ने विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को समय पर पानी मिले, ताकि उन्हें जलकर के रूप में निर्धारित राशि देने में परेशानी नहीं हो। जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने तथा खराब व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया। चापाकल खराब होने से संबंधित शिकायतों का भी अविलंब समाधान करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता पीएचईडी को योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। वहीं, कार्य में रुचि नहीं लेने वाली जल सहियाओं को चिह्नित कर नियमानुसार हटाने तथा उनके स्थान पर योग्य जल सहियाओं का चयन करने का निर्देश दिया। ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन में तेजी स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्राम स्तर पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों को मिशन मोड में चलाने का निर्देश दिया गया। इसके तहत ओडीएफ स्थायित्व, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन, माहवारी स्वच्छता, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, गोबरधन और जनजागरूकता अभियान को गति देने पर जोर दिया गया। ग्राम पंचायतों में नाडेप, वर्मी कंपोस्ट, कंपोस्ट पीट, सोक पीट, नाली, भस्मीकरण इकाई, प्लास्टिक संग्रहण संरचना और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई विकसित करने के निर्देश दिए गए। व्यक्तिगत, क्लस्टर और सामुदायिक स्तर पर गोबर गैस प्लांट को भी बढ़ावा देने को कहा गया। उपायुक्त ने जमीनी स्तर पर शौचालय सुविधा से वंचित योग्य एवं जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ देने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी राम प्रवेश राम, सहायक अभियंता, जिला समन्वयक, कनीय अभियंता, प्रखंड समन्वयक सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।1
- धनबाद से टुंडी होते हुए जामताड़ा जाने वाले मार्ग पर बराकर नदी में बना बैजड़ा घाट पुल बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया। जामताड़ा धनबाद से टुंडी होते हुए जामताड़ा जाने वाले मार्ग पर बराकर नदी में बना बैजड़ा घाट पुल बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के जामताड़ा की ओर वाले छोर पर पिलर नंबर छह के करीब एक से डेढ़ फीट धंस जाने के बाद पुल में दरारें आ गईं। हादसे की आशंका को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, धनबाद के निर्देश पर पुल से वाहनों की आवाजाही तत्काल बंद कर दी गई है। पुल पर आवागमन बंद होने से धनबाद और जामताड़ा के बीच आने-जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार बराकर नदी में पानी का तेज बहाव और लगातार बालू उठाव के कारण पुल के पिलर के आसपास की मिट्टी और नदी की तलहटी कमजोर हुई है। इसी वजह से पिलर नंबर छह के धंसने की आशंका जताई जा रही है। बुधवार को पिलर धंसने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुल से आवागमन रोक दिया। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद दोनों जिलों के लोगों को अब वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि बैजड़ा घाट पुल बनने से पहले धनबाद और जामताड़ा के बीच आवागमन में काफी अधिक दूरी तय करनी पड़ती थी। पुल के निर्माण के बाद टुंडी के रास्ते दोनों जिलों के बीच सीधा संपर्क स्थापित हुआ और लोगों को यह मार्ग काफी सुविधाजनक लगा। आसपास के गांवों के ग्रामीण, व्यापारी, विद्यार्थी और नौकरी-पेशा लोग भी रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। पुल बंद होने से अब लोगों को दूसरे रास्ते से जाना पड़ेगा, जिससे करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। बताया गया कि बैजड़ा घाट पुल का निर्माण वर्ष 2009 में विशेष प्रमंडल जामताड़ा द्वारा कराया गया था। निर्माण पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के निर्माण के बाद से ही इसकी सुरक्षा और नदी में होने वाले बालू उठाव पर नियमित निगरानी की जरूरत थी। कम समय में पुल के पिलर के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अवैध बालू उठाव का आरोप सुखजोड़ा पंचायत के मुखिया जोसेफ मुर्मू और ग्राम प्रधान अशोक सिंह ने बराकर नदी में कथित अवैध बालू उठाव को पुल के क्षतिग्रस्त होने का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नदी से नियमों की अनदेखी कर बालू उठाव किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल के पिलर के आसपास से बालू निकाले जाने के कारण नींव कमजोर हो रही है। उन्होंने प्रशासन से नदी में बालू उठाव की जांच कराने और पुल की तकनीकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2021 में भी पुल के धनबाद जिले की ओर वाले हिस्से में इसी तरह की समस्या सामने आई थी। उस घटना के बाद भी नदी से बालू उठाव और पुल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। इसके बावजूद प्रभावी निगरानी नहीं होने का आरोप ग्रामीण लगा रहे हैं। फिलहाल पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद है। इससे धनबाद और जामताड़ा के बीच इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पिलर की तत्काल तकनीकी जांच, पुल की मरम्मत और नदी में अवैध बालू उठाव पर रोक लगाने की मांग की है। पुल की मरम्मत होने तक वैकल्पिक मार्ग ही लोगों के आवागमन का सहारा रहेगा। जामताड़ा अंचल अधिकारी अविश्वर मुर्मू ने कहा कि प्रशासनिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे हुए हैं। थाना प्रभारी और पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर भी पहुंचे ह।ैं सुरक्षा के दृष्टिकोण से आजावाही बंद किया जा रहा ह।ै जेसीबी लगाकर मिट्टी भराई का काम चल रहा है आगे की निरीक्षण का काम जारी है।2
- जामताड़ा में डिजिटल क्रॉप सर्वे को लेकर प्रशिक्षण, 1136 गांवों में होगा सर्वे 12.08 लाख से अधिक प्लॉट का लक्ष्य, रबी सीजन में 5.49 लाख प्लॉट का सर्वे पूरा #highlightseveryone #sirfsuchnews #SachKiAwaaz #जामताड़ा #JharkhandNews #NewsUpdate #हाइलाइट #LocalNews #Jamtara #virel जामताड़ा में डिजिटल क्रॉप सर्वे को लेकर प्रशिक्षण, 1136 गांवों में होगा सर्वे 12.08 लाख से अधिक प्लॉट का लक्ष्य, रबी सीजन में 5.49 लाख प्लॉट का सर्वे पूरा #highlightseveryone #sirfsuchnews #SachKiAwaaz #जामताड़ा #JharkhandNews #NewsUpdate #हाइलाइट #LocalNews #Jamtara #virel1
- कानो मदरसा मोड से धावाटांड़ तक पथ सुदृढ़ीकरण कार्य का मंत्री ने किया ऑनलाइन शिलान्यास। देवघर जिला के मार्गोमुण्डा प्रखण्ड अन्तर्गत कानो मदरसा मोड से धावाटांड़ तक मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत तकरीबन 1.260 कि.मी पथ सुदृढ़ीकरण कार्य का ऑनलाइन शिलान्यास सूबे के अल्पसंख्यक कल्याण एवं जल संसाधन विभाग के मंत्री हफ़ीजुल हसन ने सोमवार को किया।जहां शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्य रूप से मंत्री प्रतिनिधि शब्बीर हसन, जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि इमरान अंसारी आदि ने नारियल फोड़कर विधिवत आधारशिला रखी।।मौके पर मुखिया प्रतिनिधि नदीम आलम, जाकिर हुसैन, हाजी मो नईम, कारु खान, मकसुद अंसारी, रबीउल्लाह अंसारी, मो अशफाक, समीर आलम सहित कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य लोग व ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- धनबाद स्लग - फ्लैट देने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी मामले में विश्वरंजन तिवारी और उनकी पत्नी सुचित्रा तिवारी के खिलाफ न्यायलय द्वारा निर्गत इश्तहार धनसार थाना द्वारा चिपकाया गया । एंकर - धनबाद के धनसार थाना ने सिटी सेंटर रेजिडेंशियल में फ्लैट के नाम पर लोगों से पैसा की धोखाधड़ी करने के अपराध में विश्वरंजन तिवारी और उसकी पत्नी सुचित्रा तिवारी के खिलाफ न्यायलय द्वारा निर्गत इश्तहार को आरोपी के फ्लैट के बाहर चिपकाया । धनसार थाना के सब इंस्पेक्टर कृष्ण चौधरी ने बताया कि धनसार थाना के तीन कांड संख्या 159/23 , 160/23 और 50/25 जो कि फ्लैट देने के नाम पर लोगों से पैसा ऐंठने के अपराध का है जो कि विश्वरंजन तिवारी और उनकी पत्नी सुचित्रा तिवारी दोनों अपराधियों पर दर्ज है उसी क्रम में न्यायलय द्वारा निर्गत इश्तहार चिपकने का काम किया जा रहा है । दोनों पति पत्नी पर और भी थाने में मामले दर्ज है और आपराधिक इतिहास रहा है । बाइट - कृष्णा चौधरी, सब इंस्पेक्टर, धनसार थाना1
- बाजरा घाट पुल का पिलर धंसा, दरारों से मंडराया खतरा; बालू उठाव पर उठे सवाल जामताड़ा। जामताड़ा से धनबाद जाने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। अगर आप धनबाद जाने के लिए बराकर नदी पर बने बाजरा घाट पुल के शॉर्टकट रास्ते का इस्तेमाल करते हैं, तो फिलहाल इस रास्ते से गुजरने से बचें। पुल के एक पिलर में धंसाव के बाद पुल पर दरारें आ गई हैं और सुरक्षा के मद्देनजर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। धनबाद से टुंडी होते हुए जामताड़ा को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर बुधवार को बराकर नदी में बने बाजरा घाट पुल के जामताड़ा की ओर स्थित पिलर नंबर छह के पास करीब एक से डेढ़ फीट तक धंसाव की बात सामने आई। इसके बाद पुल की संरचना में दरारें दिखाई देने लगीं। हादसे की आशंका को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, धनबाद के निर्देश पर वाहनों की आवाजाही तत्काल रोक दी गई। हालांकि, स्थानीय स्तर पर पिलर के नंबर को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है। प्रशासनिक तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रभावित पिलर कौन-सा है और धंसाव की वास्तविक स्थिति कितनी गंभीर है। क्या बालू उठाव से कमजोर हुई पुल की नींव? पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद सबसे बड़ा सवाल बराकर नदी में हो रहे बालू उठाव को लेकर उठ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि नदी में लगातार बालू उठाव और तेज बहाव के कारण पुल के पिलर के आसपास की मिट्टी तथा नदी की तलहटी कमजोर हुई, जिससे यह स्थिति पैदा हुई। सुखजोड़ा पंचायत के मुखिया जोसेफ मुर्मू और ग्राम प्रधान अशोक सिंह ने कथित अवैध बालू उठाव को पुल के क्षतिग्रस्त होने का प्रमुख कारण बताते हुए पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, पुल के धंसने का वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। 20 किलोमीटर बढ़ जाएगी दूरी वर्ष 2009 में विशेष प्रमंडल जामताड़ा द्वारा करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से इस पुल का निर्माण कराया गया था। पुल बनने के बाद धनबाद और जामताड़ा के बीच सीधा संपर्क स्थापित हुआ और यह मार्ग रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीणों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और नौकरी-पेशा लोगों के लिए महत्वपूर्ण बन गया। पुल बंद होने के बाद अब लोगों को वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ेगा। इससे धनबाद-जामताड़ा के बीच आने-जाने में करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। प्रशासन ने संभाला मोर्चा अंचल अधिकारी अविश्वर मुर्मू ने बताया कि प्रशासनिक टीम, थाना प्रभारी और पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर मौके पर पहुंच चुके हैं। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुल पर आवागमन बंद कराया गया है। जेसीबी से मिट्टी भराई का काम चल रहा है और तकनीकी निरीक्षण जारी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुल का पिलर आखिर क्यों धंसा? क्या यह नदी के तेज बहाव और प्राकृतिक कटाव का असर है या फिर लगातार हो रहे बालू उठाव ने पुल की नींव को कमजोर किया? इसका जवाब तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगा। लेकिन तब तक इस महत्वपूर्ण पुल पर सफर करने वालों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।2