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पांढुर्णा में भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप मोहोड ने नागपुर–छिंदवाड़ा मार्ग पर सौंसर के पास सड़क पर गिरे एक बाइक चालक को देखकर तत्काल अपना वाहन रोका। उन्होंने तुरंत अपने साथ मौजूद सहयोगियों को घायल की सहायता करने के निर्देश दिए और उसकी मदद के लिए सक्रिय हो गए। घटना के बाद, संदीप मोहोड ने घायल बाइक चालक को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया। उनकी इस तत्परता के कारण घायल को समय पर प्राथमिक सहायता मिल सकी। इस दौरान, उन्होंने जोर देकर कहा कि संकट की घड़ी में मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और सड़क दुर्घटनाओं में समय पर मिली सहायता किसी भी घायल के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आना चाहिए। इस पूरी घटना के दौरान स्थानीय लोगों ने भी घायल की सहायता में सहयोग किया।
Roshan Kapse
पांढुर्णा में भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप मोहोड ने नागपुर–छिंदवाड़ा मार्ग पर सौंसर के पास सड़क पर गिरे एक बाइक चालक को देखकर तत्काल अपना वाहन रोका। उन्होंने तुरंत अपने साथ मौजूद सहयोगियों को घायल की सहायता करने के निर्देश दिए और उसकी मदद के लिए सक्रिय हो गए। घटना के बाद, संदीप मोहोड ने घायल बाइक चालक को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया। उनकी इस तत्परता के कारण घायल को समय पर प्राथमिक सहायता मिल सकी। इस दौरान, उन्होंने जोर देकर कहा कि संकट की घड़ी में मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और सड़क दुर्घटनाओं में समय पर मिली सहायता किसी भी घायल के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आना चाहिए। इस पूरी घटना के दौरान स्थानीय लोगों ने भी घायल की सहायता में सहयोग किया।
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- मुलताई के ग्राम खंभरा में पिछले तीन वर्षों से ग्रामीण जलभराव की गंभीर समस्या से परेशान थे, जिसका कोई समाधान नहीं मिल पा रहा था। सड़क पर पानी जमा होने और उसके निकास के लिए कोई रास्ता न होने के कारण, विशेषकर बरसात के मौसम में, बच्चों, महिलाओं और स्कूल जाने वाले छात्रों सहित सभी ग्रामवासियों को बदबूदार पानी से गुजरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को और बढ़ा रहा था गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा बार-बार नाली को बंद करने का काम। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को समस्या बताने के बावजूद भी इसका निराकरण नहीं हो पाया था। यह मामला जैसे ही समाज सेवी जनार्दन जे.डी. पाटिल जी के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत इस पर पहल की। उन्होंने तहसीलदार महोदय और एस.डी.एम. महोदय मुलताई को इस समस्या से अवगत कराया, जिसके बाद कार्रवाई शुरू हुई। इस पहल के परिणामस्वरूप, आज सरपंच, पंच और ग्रामीणों के सहयोग से वर्षों पुरानी इस समस्या का समाधान कर लिया गया। ग्राम खंभरा के सरपंच ने बताया कि जल्द ही स्थायी नाली बनाकर पानी के निकास की व्यवस्था हमेशा के लिए सुनिश्चित कर दी जाएगी। तीन सालों की लंबी परेशानी के बाद समस्या का समाधान होने से ग्रामीणों में बहुत हर्ष और खुशी की लहर है, सभी ग्रामवासी जनार्दन जे.डी. पाटिल जी के हस्तक्षेप से मिले इस समाधान से अत्यंत प्रसन्न हैं।1
- मुलताई रेलवे लाइन पर चल रहे काम के दौरान ठेकेदार की लापरवाही एक बड़ी घटना को निमंत्रण दे रही है। इस लापरवाही के चलते भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना के होने की आशंका जताई जा रही है।1
- आमला विकासखंड की ग्राम पंचायत इटावा के मुख्य बस स्टैंड पर सुलभ शौचालय और यात्री प्रतीक्षालय जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण प्रतिदिन हजारों यात्रियों, महिलाओं, बुजुर्गों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि शासन-प्रशासन ने अब तक इस गंभीर समस्या पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया है। इटावा का मुख्य बस स्टैंड मुलताई मार्ग पर एक प्रमुख आवागमन केंद्र है, जहाँ सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ रहती है। इसके बावजूद, सार्वजनिक सुलभ शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही यात्रियों के लिए बैठने का कोई प्रतीक्षालय उपलब्ध है। स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों के अनुसार, शौचालय न होने से सबसे ज़्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को उठानी पड़ती है। वहीं, प्रतीक्षालय के अभाव में यात्रियों को कड़ी धूप, बारिश और अन्य खराब मौसम की स्थितियों में खुले में ही बसों का इंतजार करना पड़ता है। इससे दुकानदारों और आम नागरिकों को भी दैनिक रूप से परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों और व्यापारियों ने ग्राम पंचायत तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल इटावा मुख्य बस स्टैंड पर सुलभ शौचालय और यात्री प्रतीक्षालय के निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसा करने से यात्रियों को आवश्यक सुविधाएँ मिल सकेंगी और उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो पाएगा।4
- न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बुधवार को गोंडवाना समग्र बिछुआ के तत्वावधान में गुमतरा क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने बिछुआ तहसील कार्यालय पहुंचकर मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने थाना बिछुआ के अपराध क्रमांक 410/2025 की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की SIT/CID से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में पुलिस और विद्युत विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गई है और निर्दोषों को फंसाया जा रहा है, साथ ही एक सीएम हेल्पलाइन शिकायतकर्ता से मारपीट की गई। गोंडवाना समग्र बिछुआ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि विशाल नल चालक था ही नहीं, उसने फरवरी 2025 में ही यह काम छोड़ दिया था। इसके बावजूद 2 सितंबर 2025 को योगेंद्र उर्फ बंटी देशमुख द्वारा अवैध रूप से तार फैलाए गए और विद्युत विभाग के लाइनमैन ने उसे ट्रांसफार्मर से जोड़ दिया। 12 सितंबर 2025 को हुई घटना के बाद खुद को बचाने के लिए बंटी देशमुख और विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने कनेक्शन से छेड़छाड़ कर महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट कर दिया। उन्होंने उपनिरीक्षक अजय सिंह सलाम और निरीक्षक सतीश उईके पर रिश्वत लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाया। यह भी आरोप है कि अनपढ़ सरपंच विज्ञान बाई धुर्वे से जबरन हस्ताक्षर कराए गए और मेमोरेंडम में वास्तविक हस्ताक्षर नहीं हैं। सबसे बड़ा सवाल चालान पेश करने में हुए विलंब को लेकर उठाया गया, जहाँ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अनुसार 90 दिन में चालान पेश करना अनिवार्य है, लेकिन पुलिस ने 7 माह बाद निर्दोष व्यक्ति को आरोपी बनाकर चालान पेश किया। इस दौरान न्यायालय को विलंब का कोई कारण भी नहीं बताया गया। गोंडवाना समग्र का आरोप है कि इसी 7 माह के दौरान पुलिस साक्ष्यों को बदल रही थी और निजी स्वार्थ के लिए दबाव में काम कर रही थी। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि विशाल ने जब सीएम हेल्पलाइन पर निष्पक्ष जांच की मांग की तो इसके विरोध में 14 फरवरी 2026 को रात 7 बजे उपनिरीक्षक अजय सिंह सलाम ने विशाल को घर से उठाकर पूरी रात थाने में अवैध हिरासत में रखा और प्रताड़ित किया। इसे संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन बताया गया है। गोंडवाना समग्र बिछुआ ने राज्यपाल से मांग की कि तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव रविन्द्र कुमार उईके को झूठा आरोपी बनाया गया है, क्योंकि वे 7 अगस्त 2025 को ही सेवानिवृत्त हो चुके थे, जबकि घटना 12 सितंबर 2025 को हुई। इसके अलावा, वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत निरस्त किए गए दावों की पुनः समीक्षा की जाए और वास्तविक दोषी बंटी देशमुख व विद्युत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ सरपंच के माध्यम से FIR दर्ज की जाए। गोंडवाना समग्र बिछुआ के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर दोषियों पर कार्रवाई और SIT जांच के आदेश नहीं हुए तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग मौजूद रहे। एसडीएम ने ज्ञापन प्राप्त कर जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।3
- महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, बैतूल कोतवाली पुलिस ने छेड़छाड़ के एक मामले में आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशों पर की गई इस कार्रवाई को महिलाओं की सुरक्षा के प्रति पुलिस की गंभीरता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया गया है। जानकारी के अनुसार, 6 जुलाई 2026 को पीड़िता की शिकायत पर थाना कोतवाली में पटेल वार्ड, सदर बैतूल निवासी भूपेन्द्र उर्फ भानू (26 वर्ष), पिता शांतीलाल छिपने के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 74, 75(1)(i), 296(बी), 115(2), 351(3) एवं 127(1) के तहत अपराध क्रमांक 560/2026 दर्ज किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी फरार होने की तैयारी में है, जिसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे जिला अस्पताल परिसर से हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद 7 जुलाई 2026 को उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक चित्रा कुमरे, उप निरीक्षक बसंत अहते, आरक्षक हर्षित डांगे, आरक्षक कुलदीप भाटे और महिला आरक्षक रामरति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम के त्वरित एवं प्रभावी कार्य की सराहना की है।2
- मध्य प्रदेश के आमला में गरीबों के राशन में कथित तौर पर 10.30 लाख रुपये का गबन करने के आरोप में एक सेल्समैन को बोरदेही पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सेल्समैन को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई दो शासकीय उचित मूल्य दुकानों में सामने आई अनियमितताओं की जांच के बाद की गई है। हालांकि, इस मामले में हुई जांच के दायरे को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।1
- पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशों के तहत, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए, कोतवाली पुलिस ने छेड़छाड़ के एक मामले में आरोपी को घटना के मात्र 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। पुलिस अधीक्षक ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए थे, जिसके पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी बैतूल सुश्री अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में यह सफल कार्रवाई की गई। यह घटना 06.07.2026 को सामने आई, जब पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली बैतूल में आरोपी भूपेन्द्र उर्फ भानू पिता शांतीलाल छिपने, उम्र 26 वर्ष, निवासी पटेल वार्ड, सदर बैतूल के खिलाफ अपराध क्रमांक 560/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 75(1)(i), 296(बी), 115(2), 351(3) एवं 127(1) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान कोतवाली पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी फरार होने की फिराक में है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को जिला अस्पताल परिसर से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी भूपेन्द्र उर्फ भानू ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद, आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर अगले ही दिन, दिनांक 07.07.2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक चित्रा कुमरे, उप निरीक्षक बसंत अहते, आरक्षक हर्षित डांगे (क्र. 723), आरक्षक कुलदीप भाटे (क्र. 149) और महिला आरक्षक रामरति (क्र. 698) की भूमिका सराहनीय रही।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई तहसील के ग्राम वायगांव निवासी 35 वर्षीय ज्ञानदेव धोटे पिछले एक साल से लापता हैं। परिजनों के अनुसार, ज्ञानदेव तेलंगाना के सांगारेडी जिले के कोहिर थाना क्षेत्र अंतर्गत तीरगावाड़ी में मोहम्मद मुजीर के आम के बगीचे में एक वर्ष से मजदूरी कर रहे थे। 21 अप्रैल 2026 को ज्ञानदेव ने अपनी पत्नी सविता धोटे को फोन पर बताया था कि उनका अपने मालिक से लेन-देन को लेकर विवाद हो गया है और मालिक उन्हें गाड़ी में बैठाकर कहीं ले जा रहा है। इस फोन कॉल के कुछ ही समय बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और तब से लेकर आज तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। ज्ञानदेव के लापता होने के बाद उनके परिवार ने सबसे पहले मासोद चौकी, थाना मुलताई में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्हें तेलंगाना के कोहिर थाने भेजा गया, जहां परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। इस उपरांत, पीड़ित परिवार ने बैतूल के पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी, लेकिन फिर भी कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली। परिजन यहीं नहीं रुके; उन्होंने क्षेत्रीय विधायक चंद्रशेखर देशमुख, सांसद डी.डी. उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सहित शासन-प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों को भी लिखित शिकायतें सौंपीं। इन तमाम प्रयासों के बावजूद, अब तक न तो ज्ञानदेव धोटे का कोई पता चल सका है और न ही परिवार को कोई संतोषजनक जानकारी मिल पाई है।1
- आमला बैतूल में रेल यात्रियों को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान चलाया गया है। इस पहल के तहत, आमला जीआरपी के टीआई प्रभारी प्रमोद पाटिल ने विशेष रूप से आमला और बैतूल स्टेशनों पर यात्रियों को साइबर ठगी से बचने के प्रभावी तरीके और 'मंत्र' प्रदान किए। यह अभियान यात्रियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और वित्तीय जालसाजी से सतर्क रहने के लिए जागरूक करने पर केंद्रित है।2