मुलताई के ग्राम खंभरा में पिछले तीन वर्षों से ग्रामीण जलभराव की गंभीर समस्या से परेशान थे, जिसका कोई समाधान नहीं मिल पा रहा था। सड़क पर पानी जमा होने और उसके निकास के लिए कोई रास्ता न होने के कारण, विशेषकर बरसात के मौसम में, बच्चों, महिलाओं और स्कूल जाने वाले छात्रों सहित सभी ग्रामवासियों को बदबूदार पानी से गुजरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को और बढ़ा रहा था गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा बार-बार नाली को बंद करने का काम। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को समस्या बताने के बावजूद भी इसका निराकरण नहीं हो पाया था। यह मामला जैसे ही समाज सेवी जनार्दन जे.डी. पाटिल जी के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत इस पर पहल की। उन्होंने तहसीलदार महोदय और एस.डी.एम. महोदय मुलताई को इस समस्या से अवगत कराया, जिसके बाद कार्रवाई शुरू हुई। इस पहल के परिणामस्वरूप, आज सरपंच, पंच और ग्रामीणों के सहयोग से वर्षों पुरानी इस समस्या का समाधान कर लिया गया। ग्राम खंभरा के सरपंच ने बताया कि जल्द ही स्थायी नाली बनाकर पानी के निकास की व्यवस्था हमेशा के लिए सुनिश्चित कर दी जाएगी। तीन सालों की लंबी परेशानी के बाद समस्या का समाधान होने से ग्रामीणों में बहुत हर्ष और खुशी की लहर है, सभी ग्रामवासी जनार्दन जे.डी. पाटिल जी के हस्तक्षेप से मिले इस समाधान से अत्यंत प्रसन्न हैं।
मुलताई के ग्राम खंभरा में पिछले तीन वर्षों से ग्रामीण जलभराव की गंभीर समस्या से परेशान थे, जिसका कोई समाधान नहीं मिल पा रहा था। सड़क पर पानी जमा होने और उसके निकास के लिए कोई रास्ता न होने के कारण, विशेषकर बरसात के मौसम में, बच्चों, महिलाओं और स्कूल जाने वाले छात्रों सहित सभी ग्रामवासियों को बदबूदार पानी से गुजरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को और बढ़ा रहा था गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा बार-बार नाली को बंद करने का काम। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को समस्या बताने के बावजूद भी इसका निराकरण नहीं हो पाया था। यह मामला जैसे ही समाज सेवी जनार्दन जे.डी. पाटिल जी के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत इस पर पहल की। उन्होंने तहसीलदार महोदय और एस.डी.एम. महोदय मुलताई को इस समस्या से अवगत कराया, जिसके बाद कार्रवाई शुरू हुई। इस पहल के परिणामस्वरूप, आज सरपंच, पंच और ग्रामीणों के सहयोग से वर्षों पुरानी इस समस्या का समाधान कर लिया गया। ग्राम खंभरा के सरपंच ने बताया कि जल्द ही स्थायी नाली बनाकर पानी के निकास की व्यवस्था हमेशा के लिए सुनिश्चित कर दी जाएगी। तीन सालों की लंबी परेशानी के बाद समस्या का समाधान होने से ग्रामीणों में बहुत हर्ष और खुशी की लहर है, सभी ग्रामवासी जनार्दन जे.डी. पाटिल जी के हस्तक्षेप से मिले इस समाधान से अत्यंत प्रसन्न हैं।
- मुलताई रेलवे लाइन पर चल रहे काम के दौरान ठेकेदार की लापरवाही एक बड़ी घटना को निमंत्रण दे रही है। इस लापरवाही के चलते भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना के होने की आशंका जताई जा रही है।1
- महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, बैतूल कोतवाली पुलिस ने छेड़छाड़ के एक मामले में आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशों पर की गई इस कार्रवाई को महिलाओं की सुरक्षा के प्रति पुलिस की गंभीरता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया गया है। जानकारी के अनुसार, 6 जुलाई 2026 को पीड़िता की शिकायत पर थाना कोतवाली में पटेल वार्ड, सदर बैतूल निवासी भूपेन्द्र उर्फ भानू (26 वर्ष), पिता शांतीलाल छिपने के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 74, 75(1)(i), 296(बी), 115(2), 351(3) एवं 127(1) के तहत अपराध क्रमांक 560/2026 दर्ज किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी फरार होने की तैयारी में है, जिसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे जिला अस्पताल परिसर से हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद 7 जुलाई 2026 को उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक चित्रा कुमरे, उप निरीक्षक बसंत अहते, आरक्षक हर्षित डांगे, आरक्षक कुलदीप भाटे और महिला आरक्षक रामरति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम के त्वरित एवं प्रभावी कार्य की सराहना की है।2
- आमला बैतूल में रेल यात्रियों को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान चलाया गया है। इस पहल के तहत, आमला जीआरपी के टीआई प्रभारी प्रमोद पाटिल ने विशेष रूप से आमला और बैतूल स्टेशनों पर यात्रियों को साइबर ठगी से बचने के प्रभावी तरीके और 'मंत्र' प्रदान किए। यह अभियान यात्रियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और वित्तीय जालसाजी से सतर्क रहने के लिए जागरूक करने पर केंद्रित है।2
- आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के हिडली भाजपा मण्डल के ग्राम आष्टी में भाजपा मण्डल की एक कामकाजी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मण्डल द्वारा चलाए जाने वाले अभियानों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि मनोज जगताप और मण्डल अध्यक्ष सुनील टेकपुरे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इन नेताओं की उपस्थिति में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का शुभारंभ किया गया, और मण्डल के प्रत्येक बूथ पर वृक्षारोपण करने के निर्देश भी दिए गए।1
- छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा में एक अज्ञात व्यक्ति को आज बीएसएनएल टावर से नीचे उतारा गया। यह व्यक्ति बीते तीन दिनों से टावर पर चढ़ा हुआ था। इंडिया NDRF की टीम और पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से उसे टावर के ऊपर से सुरक्षित नीचे उतारा जा सका।1
- पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशों के तहत, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए, कोतवाली पुलिस ने छेड़छाड़ के एक मामले में आरोपी को घटना के मात्र 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। पुलिस अधीक्षक ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए थे, जिसके पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी बैतूल सुश्री अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में यह सफल कार्रवाई की गई। यह घटना 06.07.2026 को सामने आई, जब पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली बैतूल में आरोपी भूपेन्द्र उर्फ भानू पिता शांतीलाल छिपने, उम्र 26 वर्ष, निवासी पटेल वार्ड, सदर बैतूल के खिलाफ अपराध क्रमांक 560/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 75(1)(i), 296(बी), 115(2), 351(3) एवं 127(1) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान कोतवाली पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी फरार होने की फिराक में है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को जिला अस्पताल परिसर से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी भूपेन्द्र उर्फ भानू ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद, आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर अगले ही दिन, दिनांक 07.07.2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक चित्रा कुमरे, उप निरीक्षक बसंत अहते, आरक्षक हर्षित डांगे (क्र. 723), आरक्षक कुलदीप भाटे (क्र. 149) और महिला आरक्षक रामरति (क्र. 698) की भूमिका सराहनीय रही।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई तहसील के ग्राम वायगांव निवासी 35 वर्षीय ज्ञानदेव धोटे पिछले एक साल से लापता हैं। परिजनों के अनुसार, ज्ञानदेव तेलंगाना के सांगारेडी जिले के कोहिर थाना क्षेत्र अंतर्गत तीरगावाड़ी में मोहम्मद मुजीर के आम के बगीचे में एक वर्ष से मजदूरी कर रहे थे। 21 अप्रैल 2026 को ज्ञानदेव ने अपनी पत्नी सविता धोटे को फोन पर बताया था कि उनका अपने मालिक से लेन-देन को लेकर विवाद हो गया है और मालिक उन्हें गाड़ी में बैठाकर कहीं ले जा रहा है। इस फोन कॉल के कुछ ही समय बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और तब से लेकर आज तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। ज्ञानदेव के लापता होने के बाद उनके परिवार ने सबसे पहले मासोद चौकी, थाना मुलताई में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्हें तेलंगाना के कोहिर थाने भेजा गया, जहां परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। इस उपरांत, पीड़ित परिवार ने बैतूल के पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी, लेकिन फिर भी कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली। परिजन यहीं नहीं रुके; उन्होंने क्षेत्रीय विधायक चंद्रशेखर देशमुख, सांसद डी.डी. उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सहित शासन-प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों को भी लिखित शिकायतें सौंपीं। इन तमाम प्रयासों के बावजूद, अब तक न तो ज्ञानदेव धोटे का कोई पता चल सका है और न ही परिवार को कोई संतोषजनक जानकारी मिल पाई है।1
- पांढुर्णा के वार्ड क्रमांक 8 में नगरपालिका द्वारा एक कुएं की सफाई का कार्य शुरू तो किया गया था, लेकिन बीच में ही रुक गया है। इस अधूरी कार्रवाई से स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी और चिंता व्याप्त है। निवासियों का कहना है कि गर्मी का मौसम बीत जाने के बाद बारिश शुरू होते ही जल्दबाजी में यह सफाई अभियान शुरू किया गया था। हालांकि, अब पिछले तीन-चार दिनों से कुएं पर न तो कोई सफाई कार्य होता दिख रहा है और न ही कोई कर्मचारी या सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कुआं खुला होने के बावजूद उसके आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। रात के समय न तो बैरिकेडिंग दिखाई देती है और न ही कोई निगरानी व्यवस्था मौजूद है, जिससे अंधेरे में पैदल राहगीरों, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का गंभीर खतरा बना हुआ है। रहवासियों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते उचित सुरक्षा प्रबंध नहीं किए गए तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। नागरिकों ने नगरपालिका प्रशासन से मांग की है कि कुएं की सफाई का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए। साथ ही, तब तक स्थल पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1