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छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा में एक अज्ञात व्यक्ति को आज बीएसएनएल टावर से नीचे उतारा गया। यह व्यक्ति बीते तीन दिनों से टावर पर चढ़ा हुआ था। इंडिया NDRF की टीम और पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से उसे टावर के ऊपर से सुरक्षित नीचे उतारा जा सका।
Ajay kumre
छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा में एक अज्ञात व्यक्ति को आज बीएसएनएल टावर से नीचे उतारा गया। यह व्यक्ति बीते तीन दिनों से टावर पर चढ़ा हुआ था। इंडिया NDRF की टीम और पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से उसे टावर के ऊपर से सुरक्षित नीचे उतारा जा सका।
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- मुलताई रेलवे लाइन पर चल रहे काम के दौरान ठेकेदार की लापरवाही एक बड़ी घटना को निमंत्रण दे रही है। इस लापरवाही के चलते भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना के होने की आशंका जताई जा रही है।1
- न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बुधवार को गोंडवाना समग्र बिछुआ के तत्वावधान में गुमतरा क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने बिछुआ तहसील कार्यालय पहुंचकर मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने थाना बिछुआ के अपराध क्रमांक 410/2025 की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की SIT/CID से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में पुलिस और विद्युत विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गई है और निर्दोषों को फंसाया जा रहा है, साथ ही एक सीएम हेल्पलाइन शिकायतकर्ता से मारपीट की गई। गोंडवाना समग्र बिछुआ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि विशाल नल चालक था ही नहीं, उसने फरवरी 2025 में ही यह काम छोड़ दिया था। इसके बावजूद 2 सितंबर 2025 को योगेंद्र उर्फ बंटी देशमुख द्वारा अवैध रूप से तार फैलाए गए और विद्युत विभाग के लाइनमैन ने उसे ट्रांसफार्मर से जोड़ दिया। 12 सितंबर 2025 को हुई घटना के बाद खुद को बचाने के लिए बंटी देशमुख और विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने कनेक्शन से छेड़छाड़ कर महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट कर दिया। उन्होंने उपनिरीक्षक अजय सिंह सलाम और निरीक्षक सतीश उईके पर रिश्वत लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाया। यह भी आरोप है कि अनपढ़ सरपंच विज्ञान बाई धुर्वे से जबरन हस्ताक्षर कराए गए और मेमोरेंडम में वास्तविक हस्ताक्षर नहीं हैं। सबसे बड़ा सवाल चालान पेश करने में हुए विलंब को लेकर उठाया गया, जहाँ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अनुसार 90 दिन में चालान पेश करना अनिवार्य है, लेकिन पुलिस ने 7 माह बाद निर्दोष व्यक्ति को आरोपी बनाकर चालान पेश किया। इस दौरान न्यायालय को विलंब का कोई कारण भी नहीं बताया गया। गोंडवाना समग्र का आरोप है कि इसी 7 माह के दौरान पुलिस साक्ष्यों को बदल रही थी और निजी स्वार्थ के लिए दबाव में काम कर रही थी। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि विशाल ने जब सीएम हेल्पलाइन पर निष्पक्ष जांच की मांग की तो इसके विरोध में 14 फरवरी 2026 को रात 7 बजे उपनिरीक्षक अजय सिंह सलाम ने विशाल को घर से उठाकर पूरी रात थाने में अवैध हिरासत में रखा और प्रताड़ित किया। इसे संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन बताया गया है। गोंडवाना समग्र बिछुआ ने राज्यपाल से मांग की कि तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव रविन्द्र कुमार उईके को झूठा आरोपी बनाया गया है, क्योंकि वे 7 अगस्त 2025 को ही सेवानिवृत्त हो चुके थे, जबकि घटना 12 सितंबर 2025 को हुई। इसके अलावा, वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत निरस्त किए गए दावों की पुनः समीक्षा की जाए और वास्तविक दोषी बंटी देशमुख व विद्युत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ सरपंच के माध्यम से FIR दर्ज की जाए। गोंडवाना समग्र बिछुआ के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर दोषियों पर कार्रवाई और SIT जांच के आदेश नहीं हुए तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग मौजूद रहे। एसडीएम ने ज्ञापन प्राप्त कर जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।3
- महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, बैतूल कोतवाली पुलिस ने छेड़छाड़ के एक मामले में आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशों पर की गई इस कार्रवाई को महिलाओं की सुरक्षा के प्रति पुलिस की गंभीरता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया गया है। जानकारी के अनुसार, 6 जुलाई 2026 को पीड़िता की शिकायत पर थाना कोतवाली में पटेल वार्ड, सदर बैतूल निवासी भूपेन्द्र उर्फ भानू (26 वर्ष), पिता शांतीलाल छिपने के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 74, 75(1)(i), 296(बी), 115(2), 351(3) एवं 127(1) के तहत अपराध क्रमांक 560/2026 दर्ज किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी फरार होने की तैयारी में है, जिसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे जिला अस्पताल परिसर से हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद 7 जुलाई 2026 को उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक चित्रा कुमरे, उप निरीक्षक बसंत अहते, आरक्षक हर्षित डांगे, आरक्षक कुलदीप भाटे और महिला आरक्षक रामरति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम के त्वरित एवं प्रभावी कार्य की सराहना की है।2
- मध्य प्रदेश के आमला में गरीबों के राशन में कथित तौर पर 10.30 लाख रुपये का गबन करने के आरोप में एक सेल्समैन को बोरदेही पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सेल्समैन को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई दो शासकीय उचित मूल्य दुकानों में सामने आई अनियमितताओं की जांच के बाद की गई है। हालांकि, इस मामले में हुई जांच के दायरे को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।1
- आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के हिडली भाजपा मण्डल के ग्राम आष्टी में भाजपा मण्डल की एक कामकाजी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मण्डल द्वारा चलाए जाने वाले अभियानों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि मनोज जगताप और मण्डल अध्यक्ष सुनील टेकपुरे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इन नेताओं की उपस्थिति में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का शुभारंभ किया गया, और मण्डल के प्रत्येक बूथ पर वृक्षारोपण करने के निर्देश भी दिए गए।1
- आज मंगलवार को छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में शहरी, ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों से आए आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। दोपहर 12 बजे शुरू हुई इस जनसुनवाई में, आवेदकों ने ज़मीन के सीमांकन, नक्शा दुरूस्त करने, अतिक्रमण हटाने, नाला गहरीकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली-पानी और सामाजिक सहायता जैसी विभिन्न शिकायतें रखीं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन सभी मामलों के त्वरित निवारण के निर्देश दिए। उन्होंने कई प्रकरणों को तत्काल नोट कर उनके समाधान का आदेश दिया, जबकि कुछ मामलों को समयसीमा समीक्षा के लिए चिह्नित किया ताकि उनका भी शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।1
- सौसर विधायक विजय चौरे ने उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के पावन दरबार में पहुँचकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने सभी के उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर उन्नति की प्रार्थना की। विधायक चौरे ने विशेष रूप से सौसर विधानसभा सहित समस्त क्षेत्रवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा सभी पर बनी रहे और क्षेत्र निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहे। विधायक विजय चौरे के महाकाल दर्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा की गईं, जिन्हें श्रद्धालुओं और समर्थकों ने खूब सराहा।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई तहसील के ग्राम वायगांव निवासी 35 वर्षीय ज्ञानदेव धोटे पिछले एक साल से लापता हैं। परिजनों के अनुसार, ज्ञानदेव तेलंगाना के सांगारेडी जिले के कोहिर थाना क्षेत्र अंतर्गत तीरगावाड़ी में मोहम्मद मुजीर के आम के बगीचे में एक वर्ष से मजदूरी कर रहे थे। 21 अप्रैल 2026 को ज्ञानदेव ने अपनी पत्नी सविता धोटे को फोन पर बताया था कि उनका अपने मालिक से लेन-देन को लेकर विवाद हो गया है और मालिक उन्हें गाड़ी में बैठाकर कहीं ले जा रहा है। इस फोन कॉल के कुछ ही समय बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और तब से लेकर आज तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। ज्ञानदेव के लापता होने के बाद उनके परिवार ने सबसे पहले मासोद चौकी, थाना मुलताई में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्हें तेलंगाना के कोहिर थाने भेजा गया, जहां परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। इस उपरांत, पीड़ित परिवार ने बैतूल के पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी, लेकिन फिर भी कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली। परिजन यहीं नहीं रुके; उन्होंने क्षेत्रीय विधायक चंद्रशेखर देशमुख, सांसद डी.डी. उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सहित शासन-प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों को भी लिखित शिकायतें सौंपीं। इन तमाम प्रयासों के बावजूद, अब तक न तो ज्ञानदेव धोटे का कोई पता चल सका है और न ही परिवार को कोई संतोषजनक जानकारी मिल पाई है।1
- आमला बैतूल में रेल यात्रियों को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान चलाया गया है। इस पहल के तहत, आमला जीआरपी के टीआई प्रभारी प्रमोद पाटिल ने विशेष रूप से आमला और बैतूल स्टेशनों पर यात्रियों को साइबर ठगी से बचने के प्रभावी तरीके और 'मंत्र' प्रदान किए। यह अभियान यात्रियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और वित्तीय जालसाजी से सतर्क रहने के लिए जागरूक करने पर केंद्रित है।2