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आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के हिडली भाजपा मण्डल के ग्राम आष्टी में भाजपा मण्डल की एक कामकाजी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मण्डल द्वारा चलाए जाने वाले अभियानों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि मनोज जगताप और मण्डल अध्यक्ष सुनील टेकपुरे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इन नेताओं की उपस्थिति में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का शुभारंभ किया गया, और मण्डल के प्रत्येक बूथ पर वृक्षारोपण करने के निर्देश भी दिए गए।
आठनेर रिपोर्टर
आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के हिडली भाजपा मण्डल के ग्राम आष्टी में भाजपा मण्डल की एक कामकाजी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मण्डल द्वारा चलाए जाने वाले अभियानों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि मनोज जगताप और मण्डल अध्यक्ष सुनील टेकपुरे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इन नेताओं की उपस्थिति में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का शुभारंभ किया गया, और मण्डल के प्रत्येक बूथ पर वृक्षारोपण करने के निर्देश भी दिए गए।
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- आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के हिडली भाजपा मण्डल के ग्राम आष्टी में भाजपा मण्डल की एक कामकाजी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मण्डल द्वारा चलाए जाने वाले अभियानों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि मनोज जगताप और मण्डल अध्यक्ष सुनील टेकपुरे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इन नेताओं की उपस्थिति में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का शुभारंभ किया गया, और मण्डल के प्रत्येक बूथ पर वृक्षारोपण करने के निर्देश भी दिए गए।1
- मुलताई के ग्राम खंभरा में पिछले तीन वर्षों से ग्रामीण जलभराव की गंभीर समस्या से परेशान थे, जिसका कोई समाधान नहीं मिल पा रहा था। सड़क पर पानी जमा होने और उसके निकास के लिए कोई रास्ता न होने के कारण, विशेषकर बरसात के मौसम में, बच्चों, महिलाओं और स्कूल जाने वाले छात्रों सहित सभी ग्रामवासियों को बदबूदार पानी से गुजरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को और बढ़ा रहा था गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा बार-बार नाली को बंद करने का काम। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को समस्या बताने के बावजूद भी इसका निराकरण नहीं हो पाया था। यह मामला जैसे ही समाज सेवी जनार्दन जे.डी. पाटिल जी के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत इस पर पहल की। उन्होंने तहसीलदार महोदय और एस.डी.एम. महोदय मुलताई को इस समस्या से अवगत कराया, जिसके बाद कार्रवाई शुरू हुई। इस पहल के परिणामस्वरूप, आज सरपंच, पंच और ग्रामीणों के सहयोग से वर्षों पुरानी इस समस्या का समाधान कर लिया गया। ग्राम खंभरा के सरपंच ने बताया कि जल्द ही स्थायी नाली बनाकर पानी के निकास की व्यवस्था हमेशा के लिए सुनिश्चित कर दी जाएगी। तीन सालों की लंबी परेशानी के बाद समस्या का समाधान होने से ग्रामीणों में बहुत हर्ष और खुशी की लहर है, सभी ग्रामवासी जनार्दन जे.डी. पाटिल जी के हस्तक्षेप से मिले इस समाधान से अत्यंत प्रसन्न हैं।1
- मनोहर अग्रवाल की रिपोर्ट के अनुसार, बैतूल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की दयनीय स्थिति सामने आई है। चिचोली विकासखंड के चुनागोसाई माध्यमिक शाला में वर्तमान में एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं है, जिसके कारण छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्वयं स्कूल के छात्रों ने इस समस्या का खुलासा किया है। शिक्षा के मंदिरों की इस दुर्दशा के बीच, प्रशासन द्वारा साक्षरता का ढोल पीटा जाना शिक्षा की लाचार व्यवस्था और सिस्टम की घोर लापरवाही को उजागर करता है। ग्रामीणों ने इस गंभीर अनदेखी पर चिंता जताते हुए बैतूल जिला कलेक्टर को एक आवेदन पत्र सौंपा है, जिसमें स्कूल में तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई है।1
- मुलताई नगर के भगत सिंह वार्ड में नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। वार्डवासियों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा, जिससे भविष्य में कई समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। एक प्रमुख समस्या यह है कि पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन का वाल्व नाली के अंदर स्थित है, जहाँ अक्सर पानी भरा रहता है। इस स्थिति के कारण वाल्व के संचालन, मरम्मत या उसे बदलने में वार्डवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या के बारे में नगर पालिका अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि नाली निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री में केवल रेत, गिट्टी और सीमेंट का उपयोग हो रहा है, जबकि सरिया (स्टील रॉड) का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में ठेकेदार से बात करने पर वार्डवासियों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इन आरोपों के चलते वार्ड में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका से पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनकी माँग है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, पेयजल पाइपलाइन के वाल्व को नाली के बाहर एक सुरक्षित स्थान पर स्थापित कर वार्डवासियों की इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए।1
- बैतूल जिले के नेहरू पार्क चौपाटी स्थित एक पराठा गुमटी में आग लगने की घटना सामने आई है।1
- आमला विकासखंड की ग्राम पंचायत इटावा के मुख्य बस स्टैंड पर सुलभ शौचालय और यात्री प्रतीक्षालय जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण प्रतिदिन हजारों यात्रियों, महिलाओं, बुजुर्गों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि शासन-प्रशासन ने अब तक इस गंभीर समस्या पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया है। इटावा का मुख्य बस स्टैंड मुलताई मार्ग पर एक प्रमुख आवागमन केंद्र है, जहाँ सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ रहती है। इसके बावजूद, सार्वजनिक सुलभ शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही यात्रियों के लिए बैठने का कोई प्रतीक्षालय उपलब्ध है। स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों के अनुसार, शौचालय न होने से सबसे ज़्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को उठानी पड़ती है। वहीं, प्रतीक्षालय के अभाव में यात्रियों को कड़ी धूप, बारिश और अन्य खराब मौसम की स्थितियों में खुले में ही बसों का इंतजार करना पड़ता है। इससे दुकानदारों और आम नागरिकों को भी दैनिक रूप से परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों और व्यापारियों ने ग्राम पंचायत तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल इटावा मुख्य बस स्टैंड पर सुलभ शौचालय और यात्री प्रतीक्षालय के निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसा करने से यात्रियों को आवश्यक सुविधाएँ मिल सकेंगी और उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो पाएगा।4
- पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशों के तहत, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए, कोतवाली पुलिस ने छेड़छाड़ के एक मामले में आरोपी को घटना के मात्र 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। पुलिस अधीक्षक ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए थे, जिसके पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी बैतूल सुश्री अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में यह सफल कार्रवाई की गई। यह घटना 06.07.2026 को सामने आई, जब पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली बैतूल में आरोपी भूपेन्द्र उर्फ भानू पिता शांतीलाल छिपने, उम्र 26 वर्ष, निवासी पटेल वार्ड, सदर बैतूल के खिलाफ अपराध क्रमांक 560/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 75(1)(i), 296(बी), 115(2), 351(3) एवं 127(1) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान कोतवाली पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी फरार होने की फिराक में है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को जिला अस्पताल परिसर से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी भूपेन्द्र उर्फ भानू ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद, आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर अगले ही दिन, दिनांक 07.07.2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक चित्रा कुमरे, उप निरीक्षक बसंत अहते, आरक्षक हर्षित डांगे (क्र. 723), आरक्षक कुलदीप भाटे (क्र. 149) और महिला आरक्षक रामरति (क्र. 698) की भूमिका सराहनीय रही।1
- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले को अक्सर विकास का हॉटस्पॉट बताया जाता है, जो प्रदेश भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष का गृह जिला होने के साथ ही एक केंद्रीय मंत्री और सत्ता पक्ष के पाँच विधायकों का गढ़ भी है। हालांकि, भीमपुर तहसील के ग्राम पिपल्या और धामन्या के बीच बहने वाली ताप्ती नदी की एक तस्वीर इन सभी विकास के दावों की पोल खोल रही है। आजादी के 78 साल बीत जाने के बाद भी इस नदी पर पुल का निर्माण नहीं हुआ है, जिसके कारण ग्रामीणों को हर साल लगभग 6 महीने तक जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र के धामन्या गांव में पुल न होने से ग्रामीणों का संपर्क साल के आधे हिस्से में कट जाता है। उन्हें मजबूरी में तेज बहाव वाली नदी को पैदल पार करना पड़ता है, जिसमें वे अपने पालतू जानवरों को भी साथ ले जाते हैं। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित स्कूली छात्र होते हैं, जिन्हें रोजाना जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है। वहीं, बीमार व्यक्तियों को अस्पताल ले जाने के लिए ग्रामीण खुद नदी में उतरकर उन्हें कंधे या चारपाई पर लादकर पार कराते हैं, जिससे मरीज और मदद करने वाले दोनों की जान खतरे में रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात में कोई भी छोटी सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने अब तक इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बैतूल जिला प्रदेश के बड़े नेताओं का गृह जिला होने और यहाँ सत्ता पक्ष के कई जनप्रतिनिधि होने के बावजूद ग्रामीण इलाकों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। वे शिकायत करते हैं कि चुनाव के समय तो बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं होता। अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने कहा, "हम 6 महीने तक इसी तरह नदी पार करते हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, बीमार को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा पाते। कब तक हमारी जान इसी तरह जोखिम में रहेगी?"3