सहरसा: नौहट्टा के मोहनपुर पंचायत में नई पहल, अब शादियों में नहीं बजेगा DJ सहरसा। ग्रामीण इलाकों में बढ़ते शोर प्रदूषण और शादियों में होने वाले विवादों को रोकने के लिए सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर पंचायत ने एक मिसाल पेश की है। पंचायत में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि अब पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी शादी-विवाह या मांगलिक उत्सव में DJ (डीजे) बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पंचायत के गणमान्य व्यक्तियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में हुई इस बैठक में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई: शादी समारोह में डीजे बजाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। माना जा रहा है कि डीजे के कारण न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलता है, बल्कि देर रात तक शोर से बुजुर्गों और बीमारों को काफी परेशानी होती है। अक्सर देखा गया है कि डीजे पर मनपसंद गानों को लेकर युवाओं के बीच मारपीट और विवाद की स्थिति बन जाती है। इस फैसले से सामाजिक सौहार्द बना रहेगा।शादियों में डीजे और तामझाम पर होने वाले मोटे खर्च को रोककर उस पैसे का उपयोग शिक्षा या अन्य नेक कार्यों में करने की सलाह दी गई है। पंचायत के इस कड़े लेकिन सकारात्मक फैसले का स्थानीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला आने वाली पीढ़ी के लिए एक अच्छा संदेश है। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जो भी इस नियम का उल्लंघन करेगा, उस पर पंचायत द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार कार्रवाई या आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है। शादी-विवाह एक पवित्र संस्कार है, इसे सादगी और शांति से संपन्न करना चाहिए। डीजे के कारण होने वाले हुड़दंग और तनाव को रोकने के लिए यह फैसला पंचायत के हित में है। मोहनपुर पंचायत का यह कदम अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। आधुनिकता के नाम पर बढ़ती कुरीतियों और शोर-शराबे के खिलाफ एकजुट होकर लिया गया यह फैसला समाज को नई दिशा देने वाला है।
सहरसा: नौहट्टा के मोहनपुर पंचायत में नई पहल, अब शादियों में नहीं बजेगा DJ सहरसा। ग्रामीण इलाकों में बढ़ते शोर प्रदूषण और शादियों में होने वाले विवादों को रोकने के लिए सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर पंचायत ने एक मिसाल पेश की है। पंचायत में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि अब पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी शादी-विवाह या मांगलिक उत्सव में DJ (डीजे) बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पंचायत के गणमान्य व्यक्तियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में हुई इस बैठक में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई: शादी समारोह में डीजे बजाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। माना जा रहा है कि डीजे के कारण न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलता है, बल्कि देर रात तक शोर से बुजुर्गों और बीमारों को काफी परेशानी होती है। अक्सर देखा गया है कि डीजे पर मनपसंद गानों को लेकर युवाओं के बीच मारपीट और विवाद की स्थिति बन जाती है। इस फैसले से सामाजिक सौहार्द बना रहेगा।शादियों में डीजे और तामझाम पर होने वाले मोटे खर्च को रोककर उस पैसे का उपयोग शिक्षा या अन्य नेक कार्यों में करने की सलाह दी गई है। पंचायत के इस कड़े लेकिन सकारात्मक फैसले का स्थानीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला आने वाली पीढ़ी के लिए एक अच्छा संदेश है। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जो भी इस नियम का उल्लंघन करेगा, उस पर पंचायत द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार कार्रवाई या आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है। शादी-विवाह एक पवित्र संस्कार है, इसे सादगी और शांति से संपन्न करना चाहिए। डीजे के कारण होने वाले हुड़दंग और तनाव को रोकने के लिए यह फैसला पंचायत के हित में है। मोहनपुर पंचायत का यह कदम अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। आधुनिकता के नाम पर बढ़ती कुरीतियों और शोर-शराबे के खिलाफ एकजुट होकर लिया गया यह फैसला समाज को नई दिशा देने वाला है।
- सहरसा। ग्रामीण इलाकों में बढ़ते शोर प्रदूषण और शादियों में होने वाले विवादों को रोकने के लिए सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर पंचायत ने एक मिसाल पेश की है। पंचायत में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि अब पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी शादी-विवाह या मांगलिक उत्सव में DJ (डीजे) बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पंचायत के गणमान्य व्यक्तियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में हुई इस बैठक में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई: शादी समारोह में डीजे बजाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। माना जा रहा है कि डीजे के कारण न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलता है, बल्कि देर रात तक शोर से बुजुर्गों और बीमारों को काफी परेशानी होती है। अक्सर देखा गया है कि डीजे पर मनपसंद गानों को लेकर युवाओं के बीच मारपीट और विवाद की स्थिति बन जाती है। इस फैसले से सामाजिक सौहार्द बना रहेगा।शादियों में डीजे और तामझाम पर होने वाले मोटे खर्च को रोककर उस पैसे का उपयोग शिक्षा या अन्य नेक कार्यों में करने की सलाह दी गई है। पंचायत के इस कड़े लेकिन सकारात्मक फैसले का स्थानीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला आने वाली पीढ़ी के लिए एक अच्छा संदेश है। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जो भी इस नियम का उल्लंघन करेगा, उस पर पंचायत द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार कार्रवाई या आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है। शादी-विवाह एक पवित्र संस्कार है, इसे सादगी और शांति से संपन्न करना चाहिए। डीजे के कारण होने वाले हुड़दंग और तनाव को रोकने के लिए यह फैसला पंचायत के हित में है। मोहनपुर पंचायत का यह कदम अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। आधुनिकता के नाम पर बढ़ती कुरीतियों और शोर-शराबे के खिलाफ एकजुट होकर लिया गया यह फैसला समाज को नई दिशा देने वाला है।1
- सहरसा जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामूली कहासुनी के बाद एक महिला के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिसका वीडियो भी अब सामने आया है।मामला नवहट्टा थाना क्षेत्र के खड़का तेलवा पंचायत के वार्ड नंबर 9, रामनगर का है। बताया जा रहा है कि 19 तारीख की रात करीब 9 बजे मामूली कहासुनी ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि पड़ोस के लोगों ने मिलकर मुनचुन देवी के साथ बुरी तरह मारपीट की। घटना इतनी गंभीर थी कि घायल अवस्था में मुनचुन देवी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उनका इलाज जारी रहा। पीड़िता ने इस मामले में गांव के ही 18 लोगों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता मुनचुन देवी का आरोप है कि पड़ोसी अक्सर गाली-गलौज करते हैं और विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कुछ लोग एक महिला को चारों तरफ से घेरकर बेरहमी से पीट रहे हैं। महिला को तब तक पीटा गया जब तक वह बेहोश नहीं हो गई।1
- इमरजेंसी में ‘ठप’ सिस्टम: तड़पती छात्रा, कॉलेज ने नहीं दिया वाहन—भड़के छात्र1
- Post by Sharvan Kumar1
- सुपौल में चक्रवाती तूफान और आकाशीय बिजली का कहर, किसानों की फसल तबाह, घर उजड़े, सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन ठप बुधवार की रात आए चक्रवाती तूफान और आकाशीय बिजली ने सुपौल नगर परिषद क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। इस आपदा से किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं, वहीं आम लोगों के घरों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। तेज हवा और बारिश के कारण कई जगहों पर भारी-भरकम पेड़ मुख्य सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। नगर परिषद के लगभग सभी वार्ड इस तूफान की चपेट में आए हैं। कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए, जिससे लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। वार्ड नंबर 17 में आकाशीय बिजली गिरने से एक मकान की छत की रेलिंग टूटकर दूसरे घर पर जा गिरी, जिससे उस मकान को काफी क्षति हुई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई, हालांकि सामान का भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा वार्ड नंबर 22 और 23 में भी कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रभावित परिवार अब सरकार और प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि विजय राम ने बताया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और उन्होंने जिला प्रशासन, नगर परिषद तथा अनुमंडल पदाधिकारी से जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग की है, ताकि प्रभावित लोग फिर से अपने जीवन को पटरी पर ला सकें। इधर, कोसी रोड पर सड़क के बीचों-बीच पेड़ गिर जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द रास्ता साफ कराने और राहत कार्य शुरू करने की मांग की है। फिलहाल, पूरे इलाके में लोग नुकसान का आकलन कर रहे हैं और प्रशासन से त्वरित सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।4
- राजा मलिक का आरोप1
- जीवीका के सीएम को दबंगो ने पीटा, मामला पहुंचा थाना1
- 😭❤️❤️🔥❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️1