लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में संचालित अस्थाई आम मंडी अब आम जनता के लिए एक बड़ी परेशानी का कारण बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं के चलते आए दिन भीषण जाम, भारी भीड़ और सुरक्षा संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष इसी अस्थाई मंडी में आढ़त पर आम की लोडिंग के दौरान मोफीड निवासी शुक्ल बाजार की एक हादसे में जान चली गई थी, इसके बावजूद मंडी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। किसानों और बाहरी व्यापारियों ने भी आरोप लगाया है कि अस्थाई मंडी में बिचौलियों द्वारा दोनों तरफ से लगभग 17 प्रतिशत कमीशन लिया जा रहा है, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक ओर जहां करोड़ों रुपये की लागत से बनी विशिष्ट उप नवीन मंडी पूरी तरह सुनसान पड़ी है, वहीं अस्थाई मंडी में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। सूत्रों के अनुसार, अस्थाई मंडी में कुछ लोगों द्वारा विद्युत विभाग से रसीद कटवाने के बाद भी चोरी से बिजली का दुरुपयोग करने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने अस्थाई मंडी के संचालन और प्रशासन की कथित अनदेखी को इस अव्यवस्था का मुख्य कारण बताया है, जिसके चलते यह स्थिति आम जनता के लिए जी का जंजाल बन गई है। लोगों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने और आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की है।
लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में संचालित अस्थाई आम मंडी अब आम जनता के लिए एक बड़ी परेशानी का कारण बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं के चलते आए दिन भीषण जाम, भारी भीड़ और सुरक्षा संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष इसी अस्थाई मंडी में आढ़त पर आम की लोडिंग के दौरान मोफीड निवासी शुक्ल बाजार की एक हादसे में जान चली गई थी, इसके बावजूद मंडी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। किसानों और बाहरी व्यापारियों ने भी आरोप लगाया है कि अस्थाई मंडी में बिचौलियों द्वारा दोनों तरफ से लगभग 17 प्रतिशत कमीशन लिया जा रहा है, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक ओर जहां करोड़ों रुपये की लागत से बनी विशिष्ट उप नवीन मंडी पूरी तरह सुनसान पड़ी है, वहीं अस्थाई मंडी में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। सूत्रों के अनुसार, अस्थाई मंडी में कुछ लोगों द्वारा विद्युत विभाग से रसीद कटवाने के बाद भी चोरी से बिजली का दुरुपयोग करने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने अस्थाई मंडी के संचालन और प्रशासन की कथित अनदेखी को इस अव्यवस्था का मुख्य कारण बताया है, जिसके चलते यह स्थिति आम जनता के लिए जी का जंजाल बन गई है। लोगों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने और आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की है।
- आगरा के सदर थाना क्षेत्र की साउथ रेलवे कॉलोनी में 11 जून 2026 की आधी रात को एक परिवार पर कथित जानलेवा हमला हुआ है, जिसने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता कशिश पुत्री पूरन सिंह ने आरोप लगाया है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है, जिसके चलते परिवार को न्याय के लिए पुलिस थाने से लेकर कमिश्नर कार्यालय तक गुहार लगानी पड़ रही है। पीड़िता के अनुसार, घटना की शुरुआत 11 जून 2026 की रात करीब 10 बजे हुई जब पड़ोसी मयंक पुत्र उमेश (असिस्टेंट ड्राइवर रेलवे) ने उनकी नाबालिग बहन पर कथित रूप से अभद्र टिप्पणियां कीं। विरोध करने पर मामला बढ़ा और आरोप है कि मयंक अपनी मां पूजा, बहन जानवी, पिता उमेश तथा अपने मामा के लड़के के साथ घर पहुंचा और परिवार से झगड़ा किया। उस समय पीड़िता के भाइयों पिंटू और अजय ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, लेकिन जाते-जाते आरोपियों ने परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पीड़िता का आरोप है कि रात करीब 1 बजे मयंक, उमेश, पूजा, जानवी और मामा का लड़का 8 से 10 अज्ञात लोगों के साथ दोबारा घर पहुंचे और हमला बोल दिया। कथित तौर पर हमलावरों ने घर का गेट तोड़ दिया और अंदर घुसने का प्रयास करते हुए परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं। जब परिवार ने दरवाजा खोला, तो आरोपियों ने पीड़िता की मां पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों के हाथ में लोहे की रॉड थी, जिससे महिला के सिर पर वार किया गया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान महिला के कपड़े तक फाड़ दिए गए। इस घटना के बाद पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद जब वे थाना सदर पहुंचे तो पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज करने के बजाय पहले इलाज कराने की बात कही। परिवार का कहना है कि कई दिनों से थाने के चक्कर लगाने के बावजूद अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी दबंग प्रवृत्ति के हैं और उनके खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं, इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है।1
- गांव डंडेसरी में वीर शिरोमणि धीर सिंह पुंढीर की जन्म जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर अगसोली से खिदरपुर तक एक विशाल रैली सफलतापूर्वक निकाली गई, जिसके बाद एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मनी ग्रैमी सिंगर्स को भी शामिल किया गया। जयंती समारोह के दौरान गांव डंडेसरी में वीर शिरोमणि धीर सिंह पुंढीर की मूर्ति का निर्माण भी किया गया।1
- जन अधिकार पार्टी के संस्थापक, जौनपुर से समाजवादी पार्टी के मौजूदा सांसद और यूपी सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा का जनपद हाथरस के कस्बा सासनी में भव्य स्वागत किया गया। कुशवाहा समाज के दर्जनों लोगों ने उन्हें फूल माला पहनाकर, साथ ही चक्रवर्ती राजा सम्राट अशोक की तस्वीर और पटका भेंटकर सम्मान किया। इस अवसर पर, पूर्व कैबिनेट मंत्री और मौजूदा सांसद ने अयोध्या राम मंदिर से 'चंदा चोरी' के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के लोग तो पहले लोगों की नौकरी भी खा गए हैं। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाहा के साथ-साथ कुशवाहा समाज के युवा समाजसेवी भूपेंद्र कुशवाहा, दीपक कुशवाहा, भूदेव कुशवाहा और अन्य दर्जनों समाजसेवी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के शमशाबाद स्थित नगला बीच में आयोजित एक स्वास्थ्य कैंप में बच्चों को एक्सपायरी दवाएं बांटने का गंभीर आरोप लगा है, जिससे पूरे गांव में भारी हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, इस कैंप में 6 साल तक के मासूम बच्चों को संदिग्ध और एक्सपायर्ड दवाएं दी गईं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह स्वास्थ्य कैंप बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का जरिया बन गया था। यह पूरा मामला ग्रामीणों की सतर्कता से सामने आया, जिन्होंने दवा की एक्सपायरी डेट देखने के बाद तत्काल इसका विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सूझबूझ के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई, जो इन एक्सपायर्ड दवाओं के सेवन से हो सकती थी। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने फाउंडेशन की टीम को पुलिस थाने ले जाकर मामला दर्ज कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल ड्रग इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाया है। ड्रग विभाग ने इस पूरी घटना की जांच शुरू कर दी है और ग्रामीण मासूमों की सेहत से समझौता करने वाले फाउंडेशन पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह स्वास्थ्य शिविर अब एक बड़े विवाद की वजह बन गया है।1
- हाथरस के कलेक्ट्रेट सभागार में आज महिला कल्याण, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्री और प्रभारी मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने एक मीडिया संवाद आयोजित किया। यह संवाद सुशासन को समर्पित देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 140 करोड़ भारतीयों की निरंतर सेवा के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जहाँ उन्होंने माननीय जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों, संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की उपलब्धियों पर विस्तृत जानकारी दी। माननीय प्रभारी मंत्री ने बताया कि भारत सरकार का 12 वर्षों का शासनकाल देश के नवनिर्माण, आर्थिक विकास, वैश्विक गौरव और अंत्योदय को समर्पित रहा है। उन्होंने जोर दिया कि इस दौरान देश ने आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाए हैं। मंत्री ने विस्तार से बताया कि कैसे सरकार की नीतियों ने आमजनमानस के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं और यह शासन सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान के प्रति समर्पित रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह, अपना दल के जिलाध्यक्ष रवि सारस्वत, नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता दिवाकर, ब्लॉक प्रमुख मुरसान रामेश्वर उपाध्याय, सांसद प्रतिनिधि राजेश उर्फ गुड्डू, पूर्व जिलाध्यक्ष शरद माहेश्वरी, जिला विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), सहित अन्य विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण और प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार बंधु मौजूद रहे।4
- लखनऊ महानगर क्षेत्र में खुद को एक आईपीएस अधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति ने 40 रुपए का बंद खाया, लेकिन जब दुकानदार ने उससे पैसे मांगे तो उसने पैसे देने से मना कर दिया। इस दौरान उस शख्स ने खुद को नोएडा का आईपीएस अधिकारी बताया। इसके बाद दुकानदार ने स्थानीय पुलिस चौकी में सूचना देकर पुलिस बुला ली, जिसके बावजूद वह पैसे देने में लगातार आनाकानी करता रहा। खुद को आईपीएस बताकर रौब झाड़ने वाले उस शख्स को पुलिस ने अब हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है।1
- लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में संचालित अस्थाई आम मंडी अब आम जनता के लिए एक बड़ी परेशानी का कारण बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं के चलते आए दिन भीषण जाम, भारी भीड़ और सुरक्षा संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष इसी अस्थाई मंडी में आढ़त पर आम की लोडिंग के दौरान मोफीड निवासी शुक्ल बाजार की एक हादसे में जान चली गई थी, इसके बावजूद मंडी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। किसानों और बाहरी व्यापारियों ने भी आरोप लगाया है कि अस्थाई मंडी में बिचौलियों द्वारा दोनों तरफ से लगभग 17 प्रतिशत कमीशन लिया जा रहा है, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक ओर जहां करोड़ों रुपये की लागत से बनी विशिष्ट उप नवीन मंडी पूरी तरह सुनसान पड़ी है, वहीं अस्थाई मंडी में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। सूत्रों के अनुसार, अस्थाई मंडी में कुछ लोगों द्वारा विद्युत विभाग से रसीद कटवाने के बाद भी चोरी से बिजली का दुरुपयोग करने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने अस्थाई मंडी के संचालन और प्रशासन की कथित अनदेखी को इस अव्यवस्था का मुख्य कारण बताया है, जिसके चलते यह स्थिति आम जनता के लिए जी का जंजाल बन गई है। लोगों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने और आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की है।1