पूर्व समाज कल्याण मंत्री व उनके पति को बेगूसराय एमपी,एमएलए कोर्ट ने सुनाया 7 वर्ष की सजा दैनिक उजाला ब्यूरो चीफ बेगूसराय/ बिहार सरकार की पूर्व समाज कल्याण मंत्री कुमारी मंजू वर्मा एवं उनके पति -चंद्रशेखर वर्मा को चेरिया वरियारपुर थाना कांड संख्या - 143/2018 में शनिवार को आर्म्स एक्ट के मामले में दोषी करार दिए गए। बेगूसराय एमपी/ एमएलए कोर्ट एडीजे -2 के न्यायाधीश ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने उन्हें यह 7 वर्ष की सजा के अलावे 90 - 90 हजार रुपए जुर्माना भी दोनों को लगाया गया है। कुमारी मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को अवैध रूप से 40 कारतुस रखने के आरोप में कोर्ट ने यह सजा सुनाई।कोर्ट के द्वारा यह सजा सुनाने के बाद दोनों पति- पत्नी को न्यायिक हिरासत में बेगूसराय मंडल कारा भेज दिया गया।विदित हो कि चेरिया वरियारपुर थाना क्षेत्र के अर्जुन टोल स्थित उनके आवास पर 17 अगस्त 2018 को सीबीआई द्वारा छापामारी किया गया था।जिसमें उनके आवास से सीबीआई ने अवैध रूप से 40 कारतूस को बरामद किया था।इसी मामले में उन्हें यह सजा सुनाई गई है।
पूर्व समाज कल्याण मंत्री व उनके पति को बेगूसराय एमपी,एमएलए कोर्ट ने सुनाया 7 वर्ष की सजा दैनिक उजाला ब्यूरो चीफ बेगूसराय/ बिहार सरकार की पूर्व समाज कल्याण मंत्री कुमारी मंजू वर्मा एवं उनके पति -चंद्रशेखर वर्मा को चेरिया वरियारपुर थाना कांड संख्या - 143/2018 में शनिवार को आर्म्स एक्ट के मामले में दोषी करार दिए गए। बेगूसराय एमपी/ एमएलए कोर्ट एडीजे -2 के न्यायाधीश ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने उन्हें यह 7 वर्ष की सजा के अलावे 90 - 90 हजार रुपए जुर्माना भी दोनों को लगाया गया है। कुमारी मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को अवैध रूप से 40 कारतुस रखने के आरोप में कोर्ट ने यह सजा सुनाई।कोर्ट के द्वारा यह सजा सुनाने के बाद दोनों पति- पत्नी को न्यायिक हिरासत में बेगूसराय मंडल कारा भेज दिया गया।विदित हो कि चेरिया वरियारपुर थाना क्षेत्र के अर्जुन टोल स्थित उनके आवास पर 17 अगस्त 2018 को सीबीआई द्वारा छापामारी किया गया था।जिसमें उनके आवास से सीबीआई ने अवैध रूप से 40 कारतूस को बरामद किया था।इसी मामले में उन्हें यह सजा सुनाई गई है।
- बेगूसराय में # शिक्षा विभाग कार्यालय के सामने फूँका शिक्षा मंत्री का पुतला# और जमकर की नारेबाजी।,,,,,1
- upvc की नई स्टोर, एक बार अवश्य पधारे. यहाँ मिलेगी आपको उचित दाम बरौनी में खुल गया है, upvc की नई दुकान. क्या आप भी पुराने लकड़ी और लोहे के दरबाजे और खिड़की से परेशान हो गए हैं. तो छोड़िए पुराने ख्याल, upvc के साथ जुड़े आज ही.1
- अपने 'साहब' को विदा करते वक्त छलक पड़े जवानों के जज़्बात, मोकामाघाट सीआरपीएफ़ में भावुक कर देने वाला नज़ारा शनिवार की शाम मोकामाघाट स्थित सीआरपीएफ़ ग्रुप सेंटर भावनाओं से सराबोर हो गया। सेवानिवृत्त डीआईजी रविंद्र भगत जब अपने सरकारी आवास से अंतिम विदाई लेकर रवाना हुए, तो पूरा परिसर "डीआईजी साहब की जय" के नारों से गूंज उठा। हर ओर सम्मान, अपनापन और बिछड़ने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। कई जवानों की आंखें नम थीं, क्योंकि वे अपने ऐसे अधिकारी को विदा कर रहे थे, जिन्हें वे सिर्फ कमांडर नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा मानते थे। अपने अंतिम प्रस्थान से पहले डीआईजी रविंद्र भगत पीर बाबा की मजार पहुंचे, जहां उन्होंने चादर चढ़ाकर देशभर में तैनात सीआरपीएफ़ जवानों की सुरक्षा, सुख-शांति और कुशलता की दुआ मांगी। इसके बाद उन्होंने अपने कार्यकाल में निर्मित मां शीतला मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। ग्रुप सेंटर के मुख्य द्वार पर उन्होंने एक ऐसा कार्य किया जिसने उनकी संवेदनशील सोच को फिर से सबके सामने ला दिया। उन्होंने तीन स्थानीय युवाओं को सम्मानित किया, जिन्होंने एक सड़क दुर्घटना में बिना किसी परिचय के घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई थी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और ऐसे लोगों का सम्मान पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। विदाई के सबसे भावुक क्षण में जवानों ने अपने प्रिय अधिकारी को गाड़ी में बैठाया और फूलों की वर्षा कर उन्हें सम्मानपूर्वक विदा किया। इस दौरान कई जवान अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। एक जवान ने भावुक होकर कहा, "सर के जाने से ऐसा लग रहा है जैसे परिवार का कोई सदस्य हमसे दूर जा रहा हो।" जैसे-जैसे उनका काफिला आगे बढ़ा, कैंप परिसर में रहने वाले जवानों और उनके परिवारों ने रास्ते भर खड़े होकर हाथ हिलाकर, फूल बरसाकर और शुभकामनाएं देकर उन्हें विदाई दी। हर कोई उस अधिकारी को अपने अंदाज में सम्मान देना चाहता था, जिसने अपने कार्यकाल में अनुशासन के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं की भी मिसाल कायम की। यह विदाई केवल एक अधिकारी की रवानगी नहीं थी, बल्कि विश्वास, सम्मान और आत्मीयता से बने एक गहरे रिश्ते की भावुक विदाई थी। मोकामाघाट सीआरपीएफ़ की यह शाम वहां मौजूद हर व्यक्ति की यादों में लंबे समय तक जीवित रहेगी।1
- बिहार के छात्रों को मेडिकल तथा अभियंत्रण के लिए नहीं करना पड़े पलायन : पान पुत्र सुबोध तांती बिहार के छात्रों को मेडिकल तथा अभियंत्रण के लिए नहीं करना पड़े पलायन : पान पुत्र सुबोध तांती1
- समस्तीपुर के नगर थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध धनेश्वर स्थान मंदिर में सावन की सोमवारी को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट । श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए समस्तीपुर एसडीएम, नगर थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारीयों ने मंदिर परिसर का किया निरीक्षण.1
- बेगूसराय नगर निगम कार्यालय में सफाई कर्मी का वनिश्चितकालीन हड़ताल. समर्थन देते हुए भाजपा नेता अमरेंद्र कुमार अमर. सफाई कर्मी का समर्थन किया और नगर निगम पर हमला करते हुए कहा कि सफाई कर्मी अपनी मांग जायज मांग कर रहे हैं....1
- बाबा की भक्ति में पैदल निकल रहे हैं डाक बम? रास्ते में बेगूसराय का यह निशुल्क सेवा शिविर आपका इंतजार कर रहा है! पता : टंकेश्वर सुईया पहाड़ । Mobile Tv News चैनल को यूट्यूब फेसबुक पर भी फॉलो करें |1
- बाढ़ की बेटी नेहा सिंह का सेवा संकल्प जारी, लगातार दूसरे वर्ष शिवभक्तों के लिए निःशुल्क एसी बस सेवा शुरू बाढ़ से एक बार फिर सेवा और श्रद्धा की मिसाल देखने को मिली है। सावन के पावन अवसर पर बाढ़ की बेटी नेहा सिंह और रामलक्ष फाउंडेशन ने लगातार दूसरे वर्ष शिवभक्तों के लिए बाढ़ से सुल्तानगंज तक निःशुल्क एसी बस सेवा की शुरुआत की है। इस सेवा का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय, वृद्ध और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को बिना किसी शुल्क के बाबा धाम यात्रा का अवसर उपलब्ध कराना है। लक्ष्मी निवास, कोर्ट एरिया स्थित आवास से वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के बाद नेहा सिंह ने नारियल फोड़कर और बाबा भोलेनाथ का ध्वज दिखाकर बस को रवाना किया। इस दौरान पूरा परिसर "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से गूंज उठा। रवाना होने से पहले नेहा सिंह स्वयं बस में पहुंचीं और श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनकी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यात्रा के दौरान सुरक्षा और सभी आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। बस में मेडिकल किट, प्राथमिक उपचार, फल, भोजन, पेयजल सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही विभिन्न स्थानों पर स्वयंसेवकों की तैनाती भी की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। नेहा सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य है कि कोई भी श्रद्धालु आर्थिक तंगी के कारण बाबा भोलेनाथ के दर्शन से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि बाबा का आशीर्वाद रहा तो यह सेवा आगे भी लगातार जारी रहेगी। इस अवसर पर बाढ़ के विधायक डॉ. सियाराम सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज सेवा, मानवता और धार्मिक आस्था का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। लगातार दूसरे वर्ष संचालित यह निःशुल्क एसी बस सेवा अब केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि हजारों श्रद्धालुओं के विश्वास और सेवा भाव का प्रतीक बन चुकी है।1
- सुपौल में NDRF का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन! तालाब में डूब रहे युवक को बचाने के लिए NDRF की टीम ने सिर्फ 15 मिनट में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। देखिए यह पूरी ग्राउंड रिपोर्ट। आपकी क्या राय है NDRF की इस तत्परता पर? कमेंट्स में हमें जरूर बताएं। Mobile Tv News चैनल को यूट्यूब फेसबुक पर फॉलो ज़रूर करें |1