मोहिउद्दीन नगर विधान सभा क्षेत्र में आजादी के बाद भी महादलित बस्ती सम्पर्क पथ से है वंचित। आशा और निराशाओं के साथ जीने पर हुए मजबूर। जी हां आपने सही सुना यह दर्द भरी दास्तां कही और का नहीं बल्कि आपके ही क्षेत्र समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर विधान सभा क्षेत्र के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत दशहरा पंचायत वार्ड संख्या 14 के महादलित बस्ती का है, जहां आजादी के बाद भी सम्पर्क पथ न होने से शादी, पर्व त्यौहार,मरनी जैसे अन्य समस्याओं का सामना हजारों की संख्या में रहने वाले उस परिवार का दर्द है । जिसे न कोई देखने वाला है और ना ही सुनने वाला है। जहां कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए इन समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री, स्थानीय सांसद ,लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, भूमि सुधार राजस्व मंत्री, सहित अन्य कई अधिकारी, एवं पदाधिकारियों को आवेदन के माध्यम से अवगत कराया गया, स्थल जांच हुई फिर भी इन समस्याओं का निराकरण अभी तक नहीं हो पाई है । आज इन्हीं समस्याओं को लेकर जब हमारे संवाददाता ने उस इलाके के स्थल पर पहुंचा तो देखा कि वाकई में यह समस्या ही नहीं बल्कि भारी समस्याओं के साथ उक्त बस्ती में रहने वाले परिवार को गुजरना पड़ता हैं। जिसकी आवाज ना ही सरकार सुन रही है ना ही सरकार के नामूंईदे । जबकि मौके पर मौजूद समाज सेवी सुजीत भगत ने भी इन समस्याओं पर गहरी चिंता जताई है। और सरकार को चेतवानी देते हुए अभिलंब इन मसले को हल करने की बात कही है । अन्यथा सरकार की विरोध में आंदोलन करने पर, हमें मजबूर होना पड़ेगा। मौके पर सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इसी दौरान समाज सेवी श्री भगत समेत अन्य कई लोगों ने इन समस्याओं को लेकर क्या कुछ कहा देखें इस खास रिपोर्ट में।
मोहिउद्दीन नगर विधान सभा क्षेत्र में आजादी के बाद भी महादलित बस्ती सम्पर्क पथ से है वंचित। आशा और निराशाओं के साथ जीने पर हुए मजबूर। जी हां आपने सही सुना यह दर्द भरी दास्तां कही और का नहीं बल्कि आपके ही क्षेत्र समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर विधान सभा क्षेत्र के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत दशहरा पंचायत वार्ड संख्या 14 के महादलित बस्ती का है, जहां आजादी के बाद भी सम्पर्क पथ न होने से शादी, पर्व त्यौहार,मरनी जैसे अन्य समस्याओं का सामना हजारों की संख्या में रहने वाले उस परिवार का दर्द है । जिसे न कोई देखने वाला है और ना ही सुनने वाला है। जहां कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए इन समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री, स्थानीय सांसद ,लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, भूमि सुधार राजस्व मंत्री, सहित अन्य कई अधिकारी, एवं पदाधिकारियों को आवेदन के माध्यम से अवगत कराया गया, स्थल जांच हुई फिर भी इन समस्याओं का निराकरण अभी तक नहीं हो पाई है । आज इन्हीं समस्याओं को लेकर जब हमारे संवाददाता ने उस इलाके के स्थल पर पहुंचा तो देखा कि वाकई में यह समस्या ही नहीं बल्कि भारी समस्याओं के साथ उक्त बस्ती में रहने वाले परिवार को गुजरना पड़ता हैं। जिसकी आवाज ना ही सरकार सुन रही है ना ही सरकार के नामूंईदे । जबकि मौके पर मौजूद समाज सेवी सुजीत भगत ने भी इन समस्याओं पर गहरी चिंता जताई है। और सरकार को चेतवानी देते हुए अभिलंब इन मसले को हल करने की बात कही है । अन्यथा सरकार की विरोध में आंदोलन करने पर, हमें मजबूर होना पड़ेगा। मौके पर सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इसी दौरान समाज सेवी श्री भगत समेत अन्य कई लोगों ने इन समस्याओं को लेकर क्या कुछ कहा देखें इस खास रिपोर्ट में।
- संपर्क पथ निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, जल्द सड़क नहीं बनी तो आंदोलन की चेतावनी समस्तीपुर। मोहनपुर प्रखंड की दशहारा पंचायत के वार्ड संख्या-14 में वर्षों से लंबित संपर्क पथ निर्माण की मांग को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। सड़क निर्माण में हो रही लगातार देरी से नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व पर्यावरण प्रेमी एवं समाजसेवी सुजीत कुमार भगत ने किया। प्रदर्शन में शामिल अच्छेलाल राम, राम प्रवेश राम, गंगा प्रसाद राम, मुनचुन राम, शंभू राम, सुनैना देवी, अनीता देवी, राजो देवी, जय भगवान दास, मनोज राम, धर्मवीर राम, जगदेव राम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बताया कि वार्ड संख्या-14 में अधिकांश महादलित परिवार निवास करते हैं, लेकिन आजादी के बाद से अब तक इस बस्ती को मुख्य सड़क से जोड़ने वाला संपर्क पथ नहीं बन सका है। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन के अलावा प्रसव पीड़ा, गंभीर बीमारी, शादी-विवाह और अन्य आपात परिस्थितियों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब 12 वर्षों से वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, राज्य अनुसूचित जाति आयोग, मुख्यमंत्री जनता दरबार तथा प्रधानमंत्री कार्यालय तक कई बार आवेदन देकर संपर्क पथ निर्माण की मांग कर चुके हैं। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उनका आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन मिलता है, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं दिखता। ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2014 के विधानसभा उपचुनाव में भी सड़क नहीं बनने से नाराज लोगों ने मतदान बहिष्कार का निर्णय लिया था। बाद में जनप्रतिनिधियों के आश्वासन पर उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ। इतना ही नहीं, पिछले विधानसभा चुनाव से पहले केवल योजना का बोर्ड लगाकर खानापूर्ति कर दी गई, जबकि निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात और बाढ़ के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। कच्चे रास्ते पर जलजमाव और कीचड़ के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से अविलंब संपर्क पथ निर्माण शुरू कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे चरणबद्ध आंदोलन तेज करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी।1
- मोहिउद्दीन नगर विधान सभा क्षेत्र में आजादी के बाद भी महादलित बस्ती सम्पर्क पथ से है वंचित। आशा और निराशाओं के साथ जीने पर हुए मजबूर। जी हां आपने सही सुना यह दर्द भरी दास्तां कही और का नहीं बल्कि आपके ही क्षेत्र समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर विधान सभा क्षेत्र के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत दशहरा पंचायत वार्ड संख्या 14 के महादलित बस्ती का है, जहां आजादी के बाद भी सम्पर्क पथ न होने से शादी, पर्व त्यौहार,मरनी जैसे अन्य समस्याओं का सामना हजारों की संख्या में रहने वाले उस परिवार का दर्द है । जिसे न कोई देखने वाला है और ना ही सुनने वाला है। जहां कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए इन समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री, स्थानीय सांसद ,लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, भूमि सुधार राजस्व मंत्री, सहित अन्य कई अधिकारी, एवं पदाधिकारियों को आवेदन के माध्यम से अवगत कराया गया, स्थल जांच हुई फिर भी इन समस्याओं का निराकरण अभी तक नहीं हो पाई है । आज इन्हीं समस्याओं को लेकर जब हमारे संवाददाता ने उस इलाके के स्थल पर पहुंचा तो देखा कि वाकई में यह समस्या ही नहीं बल्कि भारी समस्याओं के साथ उक्त बस्ती में रहने वाले परिवार को गुजरना पड़ता हैं। जिसकी आवाज ना ही सरकार सुन रही है ना ही सरकार के नामूंईदे । जबकि मौके पर मौजूद समाज सेवी सुजीत भगत ने भी इन समस्याओं पर गहरी चिंता जताई है। और सरकार को चेतवानी देते हुए अभिलंब इन मसले को हल करने की बात कही है । अन्यथा सरकार की विरोध में आंदोलन करने पर, हमें मजबूर होना पड़ेगा। मौके पर सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इसी दौरान समाज सेवी श्री भगत समेत अन्य कई लोगों ने इन समस्याओं को लेकर क्या कुछ कहा देखें इस खास रिपोर्ट में।1
- इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के खिलाफ समस्तीपुर में आक्रोश,जुलूस, नीतीन गडकरी से इस्तीफा की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन.1
- ललपुरा की फरजाना खातून की आंखों से छलक रहा दर्द, न्याय की गुहार लेकर भटक रही दर-दर; राजस्व कर्मचारि पर दर्ज मुकदमे के बाद भी नहीं मिला इंसाफ1
- जिला प्रशासन के आदेश पर मोहिउद्दीन नगर के लक्ष्मी गैस एजेंसी का खुला दफ्तर। गैस उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत जिला प्रशासन के आदेश पर मोहिउद्दीन नगर के लक्ष्मी गैस एजेंसी का खुला दफ्तर। गैस उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत । जी हां यह ताजा समाचार समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड क्षेत्र के हनुमान नगर स्थित लक्ष्मी गैस एजेंसी का कार्यालय है जहां बीते दिनों गैस उपभोक्ता अभिनाश झा, बड़ा बाबू सहित अन्य कई उपभोक्ताओं के शिकायतों पर जिलाधिकारी ने 12 जून 2026 को संज्ञान लेते हुए लक्ष्मी गैस एजेंसी कार्यालय में छापेमारी की थी। जिसमें जांच के दौरान निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने, ऑनलाइन भुगतान स्वीकार नहीं करने तथा एनएच-122बी के किनारे उपभोक्ताओं को लंबी कतार में खड़ा रखने जैसे अन्य कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। जांच के दौरान कई अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई करते हुए कार्यालय को सील कर मामले की जांच शुरू कर दी गई थी। आज जिलाधिकारी के ही आदेश पर पटोरी दंडाधिकारी राजीव कुमार एवं PSI नीतीश कुमार की मौजूदगी में उक्त गैस एजेंसी कार्यालय को पुनः खोल दिया गया। कार्यालय खुलने की खबर पाते ही क्षेत्र के हजारों एलपीजी उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है। दंडाधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि गैस एजेंसी की संचालक सुमन कुमारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय उपभोक्ताओं ने जिलाधिकारी से कार्यालय खोलने की गुहार लगाई थी। जिसमें दिए गए आवेदन में बताया था कि कार्यालय बंद रहने के कारण उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी, मोबाइल नंबर अपडेट कराने, न्यू गैस कनेक्शन, सहित अन्य कई जरूरी कार्यों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं हालांकि, आम उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर उक्त एजेंसी कार्यालय को पुनः खोलने का निर्णय लिया गया है, ताकि लोगों के आवश्यक कार्य बाधित न हों। उन्होंने यह भी किया कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गैस एजेंसी संचालक को उपभोक्ताओं के साथ पारदर्शी व्यवस्था अपनाने, निर्धारित सरकारी दर पर गैस उपलब्ध कराने तथा सभी सेवाएं नियमों के अनुरूप संचालित करने का निर्देश दिया गया है। वैसे पूर्व में दर्ज शिकायतों और अनियमितताओं की जांच अभी भी जारी है।1