वीडियो में लगाए गए आरोप निराधार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रीति का पूरा मानदेय हुआ भुगतान : डीपीओ” शाहजहांपुर /जनपद में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में आंगनबाड़ी की एक बिटिया द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) पर मानदेय रोके जाने के आरोप लगाए गए थे। इस मामले ने तूल पकड़ने के बाद जब डीपीओ से आधिकारिक जानकारी ली गई तो उन्होंने आरोपों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया। डीपीओ ने स्पष्ट किया कि संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रीति का कोई भी मानदेय बकाया नहीं है। उन्होंने बैंक स्टेटमेंट दिखाते हुए बताया कि मार्च माह तक का पूरा भुगतान प्रीति के बैंक खाते में भेजा जा चुका है। विभागीय अभिलेखों और बैंक लेन-देन के आधार पर उन्होंने कहा कि मानदेय रोके जाने का आरोप तथ्यहीन है। डीपीओ का कहना है कि विभाग समय से मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग करता है और किसी भी कार्यकर्ता का भुगतान लंबित नहीं रहने दिया जाता। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के किसी भी वीडियो या जानकारी को सच मानकर भ्रम न फैलाएं। इस स्पष्टीकरण के बाद अब पूरे मामले में वायरल वीडियो की सत्यता पर सवाल उठने लगे हैं। विभाग का कहना है कि यदि किसी को भुगतान संबंधी समस्या है तो वह सीधे कार्यालय से संपर्क कर तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त कर सकता है।
वीडियो में लगाए गए आरोप निराधार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रीति का पूरा मानदेय हुआ भुगतान : डीपीओ” शाहजहांपुर /जनपद में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में आंगनबाड़ी की एक बिटिया द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) पर मानदेय रोके जाने के आरोप लगाए गए थे। इस मामले ने तूल पकड़ने के बाद जब डीपीओ से आधिकारिक जानकारी ली गई तो उन्होंने आरोपों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया। डीपीओ ने स्पष्ट किया कि संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रीति का कोई भी मानदेय बकाया नहीं है। उन्होंने बैंक स्टेटमेंट दिखाते हुए बताया कि मार्च माह तक का पूरा भुगतान प्रीति के बैंक खाते में भेजा जा चुका है। विभागीय अभिलेखों और बैंक लेन-देन के आधार पर उन्होंने कहा कि मानदेय रोके जाने का आरोप तथ्यहीन है। डीपीओ का कहना है कि विभाग समय से मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग करता है और किसी भी कार्यकर्ता का भुगतान लंबित नहीं रहने दिया जाता। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के किसी भी वीडियो या जानकारी को सच मानकर भ्रम न फैलाएं। इस स्पष्टीकरण के बाद अब पूरे मामले में वायरल वीडियो की सत्यता पर सवाल उठने लगे हैं। विभाग का कहना है कि यदि किसी को भुगतान संबंधी समस्या है तो वह सीधे कार्यालय से संपर्क कर तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त कर सकता है।
- Post by Ashish Awasthi Ljp R प्रदेश सचिव बरेली मंडल प्रभारी6
- Post by Ravi Kaithwar4
- शाहजहांपुर /जनपद में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में आंगनबाड़ी की एक बिटिया द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) पर मानदेय रोके जाने के आरोप लगाए गए थे। इस मामले ने तूल पकड़ने के बाद जब डीपीओ से आधिकारिक जानकारी ली गई तो उन्होंने आरोपों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया। डीपीओ ने स्पष्ट किया कि संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रीति का कोई भी मानदेय बकाया नहीं है। उन्होंने बैंक स्टेटमेंट दिखाते हुए बताया कि मार्च माह तक का पूरा भुगतान प्रीति के बैंक खाते में भेजा जा चुका है। विभागीय अभिलेखों और बैंक लेन-देन के आधार पर उन्होंने कहा कि मानदेय रोके जाने का आरोप तथ्यहीन है। डीपीओ का कहना है कि विभाग समय से मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग करता है और किसी भी कार्यकर्ता का भुगतान लंबित नहीं रहने दिया जाता। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के किसी भी वीडियो या जानकारी को सच मानकर भ्रम न फैलाएं। इस स्पष्टीकरण के बाद अब पूरे मामले में वायरल वीडियो की सत्यता पर सवाल उठने लगे हैं। विभाग का कहना है कि यदि किसी को भुगतान संबंधी समस्या है तो वह सीधे कार्यालय से संपर्क कर तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त कर सकता है।1
- यह कथन इस बात को दर्शाता है कि व्यक्ति अपनी बातों या व्यवहार के परिणामों को गंभीरता से नहीं ले रहा है और मानो अंतिम परिणाम (मृत्यु) के बाद ही कोई कार्रवाई या संज्ञान लिया जाएगा। यह लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना सोच को उजागर करता है।1
- शाहजहांपुर,2 अप्रेल। कांट क्षेत्र में एक सराफा व्यापारी किराने की दुकान पर डेढ़ किलो चांदी का बैग भूल गए। व्यापारी बैग वापस लेने पहुंच तो गायब मिला। कांट मदनापुर रोड पर निहाल की मीना ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। बुधवार शाम को दुकान निहाल किसी काम से रामलीला मैदान के पास स्थित परचुन की दुकान पर गए।उनके पास एक बैग में डेढ़ किलो चांदी भी। सामना लेने के बाद वो वापस चल गए।लेकिन भूलवश चांदी का बैग वहीं परचून की दुकान पर छूट गया।कुछ देर बाद याद आने पर वो बेग लेने वो वापस परचून की दुकान पर पहुंचे तो बेग गायब था। पीड़ित ने पुलिस से मामले की शिकायत की । पुलिस ने कुछ लोगो को हिरासत में लिया है सीसीटीवी भी चेक कर रही है।1
- शाहजहाँपुर। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को गेहूं खरीद की तैयारियों की समीक्षा के दौरान लापरवाह अधिकारियों पर कड़ा प्रहार किया। निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए बी-पैक्स कलान के केंद्र प्रभारी परिमाल सिंह को डीएम ने तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। वहीं, बैठक से नदारद रहने और क्रय केंद्र सक्रिय न करने पर यूपीएसएस के जिला प्रबंधक प्रवीण पाल को प्रतिकूल प्रविष्टि थमा दी गई।1
- नाम पता भी नहीं पता चला है जो जानकारी सूत्रों के अनुसार मिली वह इंडिया टीवी 24 न्यूज़ चैनल में आपको बता दी1
- Post by MAHARAJ SINGH1