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साल के जंगलों से जुड़े एक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए 'भूटका' नामक एक विशेष मशरूम का उल्लेख किया गया है। पोस्ट में पाठकों से पूछा गया है कि क्या वे इस अनोखे जंगली मशरूम के बारे में जानते हैं।
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साल के जंगलों से जुड़े एक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए 'भूटका' नामक एक विशेष मशरूम का उल्लेख किया गया है। पोस्ट में पाठकों से पूछा गया है कि क्या वे इस अनोखे जंगली मशरूम के बारे में जानते हैं।
More news from झारखंड and nearby areas
- लखनऊ में एक इमारत में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस दुखद हादसे में लगभग डेढ़ दर्जन युवाओं की मौत हो गई है।1
- क्षेत्र की सड़कों पर बारिश के दौरान पानी जमा हो जाने से स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस जलभराव के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है, जिससे यातायात में लगातार बाधाएं आ रही हैं और दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि वे इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान दें। मांग की गई है कि सड़कों की मरम्मत करवाई जाए और जल्द से जल्द उचित जल निकासी (नाली) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- एक कर्मचारी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए पोल खोली है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 13 हजार रुपये के काम के बदले मात्र 3800 रुपये का भुगतान किया गया। यह घटना भुगतान में एक बड़े वित्तीय अंतर की ओर इशारा करती है, जिसे कर्मचारी ने उजागर किया है।1
- भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा-माले का दो दिवसीय 14वां जिला सम्मेलन 28 जून 2026 को झारखंड के गिरिडीह स्थित मधुवन में धूमधाम से शुरू हो गया। 'कॉमरेड लालधन महतो मंच' (कॉमरेड महेंद्र सिंह सभागार, कॉ. ए. केशव नगर) पर आयोजित इस सम्मेलन की शुरुआत पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा शहीदों को याद करते हुए लाल झंडे और वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर निरसा के लोकप्रिय विधायक अरूप चटर्जी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए मज़दूरों और स्थानीय जनता के अधिकारों की लड़ाई पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने की सबसे बड़ी जरूरत है, क्योंकि एक मजबूत संगठन ही प्रशासन को बात सुनने और सरकार को जनता के हकों को पूरा करने के लिए बाध्य कर सकता है। विधायक अरूप चटर्जी ने क्षेत्र में स्थापित फैक्ट्रियों और उद्योगों में मज़दूरों की दुर्दशा पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय मज़दूरों का बड़े पैमाने पर शोषण हो रहा है। उन्होंने बताया कि यदि कोई मज़दूर न्यूनतम मजदूरी, ईएसआई और पीएफ जैसे अपने कानूनी अधिकारों की मांग करता है, तो प्रबंधन द्वारा उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाता है। अरूप चटर्जी ने हुंकार भरते हुए स्पष्ट किया कि भाकपा-माले मज़दूरों के इस दमन के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करेगी। सम्मेलन के पहले दिन गिरिडीह और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मज़दूरों, किसानों और विशेषकर महिलाओं ने शिरकत की। मंच पर भाकपा-माले के कई शीर्ष और वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें बिहार के सांसद सुदामा प्रसाद, विधायक अरूप चटर्जी और चन्द्रदेव महतो, पूर्व विधायक बिनोद सिंह व राज कुमार यादव, तथा वरिष्ठ नेता हलधर महतो प्रमुख थे। सभी उपस्थित सम्मानित अतिथियों और पदाधिकारियों ने एकजुट होकर सांप्रदायिक व फासीवादी ताकतों को ध्वस्त करने तथा संविधान व जन-अधिकारों की रक्षा करने का साझा संकल्प लिया। यह महत्वपूर्ण जिला सम्मेलन 29 जून तक जारी रहेगा, जिसमें आगामी आंदोलनों और संघर्षों के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।2
- झारखंड के दुमका जिले में स्थित बाँसकुली और बोड़ा गाँवों में एक बार फिर अवैध बाखर का कारोबार तेज़ी से फल-फूल रहा है। यह स्थिति एक खुली चुनौती के तौर पर सामने आ रही है।1
- स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी ने समाज में नफरत फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की बात कही है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि वे समाज में घृणा फैलाने वालों को 'क्लीन बोल्ड' कर देंगे।1
- जामताड़ा जिले के करमाटांड थाना क्षेत्र अंतर्गत कालाझरिया के समीप जामुनतर गांव में सोमवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह जामुनतर गांव के समीप अचानक तेज दुर्गंध आने पर स्थानीय ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्र में खोजबीन की, जिसके दौरान झाड़ियों के बीच यह अज्ञात शव पड़ा मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल करमाटांड थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विकास कुमार तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जामताड़ा सदर अस्पताल भेज दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शव की स्थिति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि व्यक्ति की मौत चार से पांच दिन पहले हुई होगी, हालांकि शव कब से वहां पड़ा था, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। समाचार लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी और पुलिस मृतक की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच में जुटी है।1