सागर जिले की गोपालगंज पुलिस ने अपहरण और जानलेवा हमला करने के एक बहुचर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी और नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कुमार कश्यप के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी श्री घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस मामले के तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो इनामी आरोपी भी शामिल हैं, जिन पर ₹5,000-₹5,000 का नगद इनाम घोषित था, साथ ही उन्हें आश्रय देने वाले व्यक्ति को भी पकड़ा गया है। गोपालगंज थाने में अपराध क्रमांक 291/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(1), 191(3), 296(ए), 115(2), 118(1), 61(2) में प्रकरण पंजीबद्ध है। घटना 25 जून 2026 को हुई थी, जब फरियादी बिट्टू उर्फ गजानंद प्रजापति केंद्रीय जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर निकला था। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फरियादी का पीछा किया, उसे जबरन कार में बैठाकर ले गए और एक सुनसान जगह पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को बीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तलाश जारी थी। इसी क्रम में गठित पुलिस टीम को सूचना मिली कि फरार आरोपी जबलपुर में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जबलपुर में दबिश देकर अंकित मिश्रा, अतुल मिश्रा और उन्हें आश्रय देने वाले कार्तिक दुबे को हिरासत में ले लिया। तीनों को विधिवत सागर लाकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अंकित मिश्रा के खिलाफ पहले से 03 और अतुल मिश्रा के खिलाफ 05 आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनका विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। गोपालगंज पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से गंभीर अपराध में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ कठोर और विधिसम्मत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शशिकांत गुर्जर, उपनिरीक्षक नीरज जैन, सहायक उपनिरीक्षक धर्मसिंह मरावी, आरक्षक आषिश, प्रदीप, मनीष और थाना गोपालगंज के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सागर जिले की गोपालगंज पुलिस ने अपहरण और जानलेवा हमला करने के एक बहुचर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी और नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कुमार कश्यप के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी श्री घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस मामले के तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो इनामी आरोपी भी शामिल हैं, जिन पर ₹5,000-₹5,000 का नगद इनाम घोषित था, साथ ही उन्हें आश्रय देने वाले व्यक्ति को भी पकड़ा गया है। गोपालगंज थाने में अपराध क्रमांक 291/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(1), 191(3), 296(ए), 115(2), 118(1), 61(2) में प्रकरण पंजीबद्ध है। घटना 25 जून 2026 को हुई थी, जब फरियादी बिट्टू उर्फ गजानंद प्रजापति केंद्रीय जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर निकला था। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फरियादी का पीछा किया, उसे जबरन कार में बैठाकर ले गए और एक सुनसान जगह पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को बीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले भी तीन आरोपियों
को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तलाश जारी थी। इसी क्रम में गठित पुलिस टीम को सूचना मिली कि फरार आरोपी जबलपुर में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जबलपुर में दबिश देकर अंकित मिश्रा, अतुल मिश्रा और उन्हें आश्रय देने वाले कार्तिक दुबे को हिरासत में ले लिया। तीनों को विधिवत सागर लाकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अंकित मिश्रा के खिलाफ पहले से 03 और अतुल मिश्रा के खिलाफ 05 आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनका विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। गोपालगंज पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से गंभीर अपराध में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ कठोर और विधिसम्मत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शशिकांत गुर्जर, उपनिरीक्षक नीरज जैन, सहायक उपनिरीक्षक धर्मसिंह मरावी, आरक्षक आषिश, प्रदीप, मनीष और थाना गोपालगंज के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भव्य स्वागत और सम्मान हुआ, जहाँ उन्हें देखने के लिए अपार जनसैलाब उमड़ा। अपने अभिभाषण के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि जब भारत मदद करता है, तो वह किसी का पासपोर्ट या उसके रंग को नहीं देखता। उन्होंने ज़ोर दिया कि यही कारण है कि दुनिया भी भारत पर विश्वास करती है। ऑस्ट्रेलिया की धरती पर प्रधानमंत्री मोदी के इस अभिभाषण का दर्शकों ने गर्मजोशी से अभिवादन किया।1
- पन्ना के प्रसिद्ध ऐतिहासिक श्री जुगल किशोर जी मंदिर में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब एक महिला द्वारा किए गए हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण पुजारियों, सुरक्षाकर्मियों और आम श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना से आक्रोशित भक्तों ने मंदिर प्रबंधन से मांग की है कि उक्त महिला के मंदिर परिसर में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे एक महिला ने मंदिर परिसर में प्रवेश किया और देखते ही देखते हंगामा शुरू कर दिया। महिला के इस बर्ताव के कारण मंदिर की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं और दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक, यानी लगभग एक घंटे तक, मंदिर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस हंगामे के चलते भगवान की नियमित सेवा-पूजा में भी व्यवधान आया, जिससे मंदिर के पुजारी और वहां तैनात सुरक्षा सैनिक बेहद परेशान दिखे। दूर-दराज से दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को इस ड्रामे के कारण काफी देर तक परेशानियों का सामना करना पड़ा। भक्तों ने कहा कि धार्मिक स्थल की एक गरिमा और पवित्रता होती है, जिसे किसी भी सूरत में भंग नहीं होने दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि ऐसी असामाजिक गतिविधियों पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो मंदिर की छवि धूमिल होगी। घंटों चले इस ड्रामे के बाद स्थानीय प्रशासन और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उक्त महिला को भविष्य में मंदिर परिसर के भीतर कदम रखने की अनुमति न दी जाए। समाचार लिखे जाने तक, पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच में जुटे थे।2
- बंडा जनपद शिक्षा केंद्र विकास खंड बंडा के शासकीय एकीकृत माध्यमिक स्कूल प्रिथौली से संबंधित एक शिकायत भोपाल में दर्ज कराई गई है। एक युवक द्वारा पत्र के माध्यम से दर्ज कराई गई इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्कूल में बच्चों से भोजन करने के बाद उनकी थालियां साफ करवाई जा रही हैं। यह भी बताया गया है कि कभी-कभी तो बच्चों को मिड-डे-मील के लिए थाली में भोजन दिया ही नहीं जाता, और यदि दिया भी जाता है तो उन्हें अपनी थाली खुद ही साफ करनी पड़ती है। स्थानीय मीडिया द्वारा की गई ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान भी छात्र-छात्राओं ने इन समस्याओं की पुष्टि की। माध्यमिक स्कूल के छात्रों ने बताया कि उन्हें थाली मिलती है, लेकिन उसकी साफ-सफाई खुद करनी पड़ती है। वहीं, प्राथमिक कक्षा के बच्चों ने स्पष्ट किया कि उन्हें थाली में भोजन नहीं मिलता और वे अपने घर से कटोरे में भोजन लाते हैं। स्कूल में पेयजल की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इसके अतिरिक्त, प्रिथौली स्कूल में बालक और बालिका शौचालय की सुविधा नहीं है, और माध्यमिक स्कूल के शौचालय में साफ-सफाई नहीं कराई जा रही है। प्रिथौली शौचालय में फैली गंदगी और साफ-सफाई की अनदेखी के कारण विद्यार्थी स्कूल नहीं पहुँच रहे हैं।4
- कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने नकल शाखा और अभिलेखागार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लंबित मामलों पर सख्त रुख अपनाया, जिसके परिणामस्वरूप एक सहायक ग्रेड 3 को निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर पाल ने कार्यव्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।1
- सागर जिले के देवरी में पटवारी और एक किसान के बीच नामांतरण को लेकर चला आ रहा विवाद अब पुलिस थाने तक पहुँच गया है। इस मामले में विवाद के निपटारे के लिए दोनों पक्ष अब पुलिस की शरण में हैं।1
- सागर जिले के देवरी में हायर सेकेंडरी स्कूल की शिक्षा को लेकर विद्यार्थी भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। छात्रों की इस दुर्दशा का मुख्य कारण सांदीपनि विद्यालय में सीटों की कमी है। सांदीपनि विद्यालय के दर्जे को लेकर उत्पन्न स्थिति विद्यार्थियों के लिए खुशी के बजाय चिंता का विषय बन गई है। सीमित सीटों के कारण, छात्र शिक्षा प्राप्त करने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जो उनकी पढ़ाई में एक बड़ी बाधा बन रही है।1
- बेगमगंज-राहतगढ़ रोड पर सड़क की गुणवत्ता और निर्माण की रफ्तार को लेकर बेगमगंज बस स्टैंड पर कांग्रेस ने एक बड़ा प्रदर्शन किया, जिसमें कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम कर अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क निर्माण में कथित लापरवाही और इसकी खराब गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। इस दौरान अधिकारियों ने आठ दिनों के भीतर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सड़क निर्माण में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज़ करेंगे।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की बीना अदालत ने भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता आकाश गोदना को एक राजनीतिक रूप से प्रेरित झूठे मुकदमे से ससम्मान बरी कर दिया है। माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार कुन्दू की अदालत ने 07 जुलाई 2026 को यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। यह मामला 11 अगस्त 2023 को धारा 307 सहित कई अन्य गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया था, और इस निर्णय से क्षेत्र के कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों में भारी हर्ष की लहर है। आकाश गोदना ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व जब वे एक पूर्ववर्ती संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे, तब उनकी बढ़ती लोकप्रियता और सामाजिक प्रभाव से घबराकर तत्कालीन स्थानीय राजनीतिक विरोधियों ने उनके खिलाफ एक गहरा राजनीतिक षड्यंत्र रचा था। उनके अनुसार, केवल द्वेष भावना और राजनीतिक रूप से उन्हें दबाने के उद्देश्य से उन पर धारा 307 सहित कई गंभीर और पूरी तरह झूठे आरोप लगाकर मामला दर्ज करवा दिया गया था। फैसले के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए आकाश गोदना ने देश के कानून और न्यायपालिका पर अपने पहले दिन से ही पूर्ण विश्वास को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल उनकी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं थी, बल्कि सत्ता और प्रभाव के दुरुपयोग के खिलाफ सच्चाई की लड़ाई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्ष उनके और उनके परिवार के लिए बेहद संघर्षपूर्ण रहे, लेकिन माननीय न्यायालय के फैसले ने यह साबित कर दिया है कि झूठ कितना भी मजबूत क्यों न हो, जीत हमेशा सत्य की ही होती है। आकाश गोदना ने इस कठिन समय में संबल प्रदान करने वाले भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, सभी वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और विशेष रूप से पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने हमेशा निष्पक्षता के साथ सच का साथ दिया।2