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कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने नकल शाखा और अभिलेखागार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लंबित मामलों पर सख्त रुख अपनाया, जिसके परिणामस्वरूप एक सहायक ग्रेड 3 को निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर पाल ने कार्यव्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।
SUNEEL SINGH
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने नकल शाखा और अभिलेखागार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लंबित मामलों पर सख्त रुख अपनाया, जिसके परिणामस्वरूप एक सहायक ग्रेड 3 को निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर पाल ने कार्यव्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।
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- कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने नकल शाखा और अभिलेखागार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लंबित मामलों पर सख्त रुख अपनाया, जिसके परिणामस्वरूप एक सहायक ग्रेड 3 को निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर पाल ने कार्यव्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।1
- यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भव्य स्वागत और सम्मान हुआ, जहाँ उन्हें देखने के लिए अपार जनसैलाब उमड़ा। अपने अभिभाषण के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि जब भारत मदद करता है, तो वह किसी का पासपोर्ट या उसके रंग को नहीं देखता। उन्होंने ज़ोर दिया कि यही कारण है कि दुनिया भी भारत पर विश्वास करती है। ऑस्ट्रेलिया की धरती पर प्रधानमंत्री मोदी के इस अभिभाषण का दर्शकों ने गर्मजोशी से अभिवादन किया।1
- पन्ना के प्रसिद्ध ऐतिहासिक श्री जुगल किशोर जी मंदिर में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब एक महिला द्वारा किए गए हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण पुजारियों, सुरक्षाकर्मियों और आम श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना से आक्रोशित भक्तों ने मंदिर प्रबंधन से मांग की है कि उक्त महिला के मंदिर परिसर में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे एक महिला ने मंदिर परिसर में प्रवेश किया और देखते ही देखते हंगामा शुरू कर दिया। महिला के इस बर्ताव के कारण मंदिर की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं और दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक, यानी लगभग एक घंटे तक, मंदिर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस हंगामे के चलते भगवान की नियमित सेवा-पूजा में भी व्यवधान आया, जिससे मंदिर के पुजारी और वहां तैनात सुरक्षा सैनिक बेहद परेशान दिखे। दूर-दराज से दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को इस ड्रामे के कारण काफी देर तक परेशानियों का सामना करना पड़ा। भक्तों ने कहा कि धार्मिक स्थल की एक गरिमा और पवित्रता होती है, जिसे किसी भी सूरत में भंग नहीं होने दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि ऐसी असामाजिक गतिविधियों पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो मंदिर की छवि धूमिल होगी। घंटों चले इस ड्रामे के बाद स्थानीय प्रशासन और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उक्त महिला को भविष्य में मंदिर परिसर के भीतर कदम रखने की अनुमति न दी जाए। समाचार लिखे जाने तक, पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच में जुटे थे।2
- सागर जिले की गोपालगंज पुलिस ने अपहरण और जानलेवा हमला करने के चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे दो इनामी आरोपियों और उन्हें आश्रय देने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कुमार कश्यप के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी श्री घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में थाना गोपालगंज पुलिस ने यह कार्रवाई की। यह मामला अपराध क्रमांक 291/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, जिनमें 140(1), 191(3), 296(ए), 115(2), 118(1), 61(2) शामिल हैं, में पंजीबद्ध है। घटना 25 जून 2026 की है, जब फरियादी बिट्टू उर्फ गजानंद प्रजापति केंद्रीय जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर निकले थे। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फरियादी का पीछा किया, उन्हें जबरन कार में बैठाकर ले गए और एक सुनसान स्थान पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को उपचार के लिए बीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उनकी रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। इस मामले में पुलिस द्वारा पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया ने अंकित मिश्रा और अतुल मिश्रा पर ₹5,000-₹5,000 का नगद इनाम घोषित किया था। पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी जबलपुर में छिपे हुए हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जबलपुर में दबिश देकर अंकित मिश्रा, अतुल मिश्रा और उन्हें आश्रय देने वाले कार्तिक दुबे को हिरासत में ले लिया। तीनों को विधिवत अभिरक्षा में लेकर सागर लाया गया है तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई उपरांत माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अंकित मिश्रा के विरुद्ध 03 और अतुल मिश्रा के विरुद्ध 05 पूर्व से ही आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनका विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शशिकांत गुर्जर, उपनिरीक्षक नीरज जैन, सहायक उपनिरीक्षक धर्मसिंह मरावी, आरक्षक आषिश, प्रदीप, मनीष सहित थाना गोपालगंज एवं पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।1
- मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत लोकायुक्त भोपाल की टीम ने विदिशा जिले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने नटेरन तहसील में पदस्थ पटवारी संदीप यादव को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, जिससे तहसील कार्यालय और जिले के राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। यह मामला तब सामने आया जब विदिशा के काठी मोहल्ला निवासी प्रमेन्द्र धाकड़ ने अपनी पारिवारिक जमीन के बंटवारे, नामांतरण और फौती (उत्तराधिकार) संबंधी कार्य के लिए नटेरन तहसील का रुख किया। आरोप है कि इस शासकीय कार्य को पूरा करने के एवज में हलका पटवारी संदीप यादव ने प्रमेन्द्र से 30,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत देने के बजाय, शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र धाकड़ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया और इसकी लिखित शिकायत लोकायुक्त कार्यालय, भोपाल में दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया और नटेरन तहसील के ठीक पीछे स्थित पटवारी के निजी कार्यालय पर अचानक दबिश दी। जैसे ही शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र ने पटवारी संदीप यादव को कैमिकल लगे 30 हजार रुपये थमाए, वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त की विशेष टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी पटवारी के हाथ धुलवाए गए, जिससे पानी गुलाबी हो गया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। समाचार लिखे जाने तक मौके पर लोकायुक्त टीम की कागजी और वैधानिक कार्रवाई जारी थी, और इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के अन्य भ्रष्ट कर्मचारियों में भी हड़कंप का माहौल है।1
- बीना में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार कुन्दू की अदालत ने 7 जुलाई 2026 को सुनाए गए एक फैसले में भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता आकाश गोदना और सोनू लोधी को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित एक झूठे मुकदमे से बाइज्जत बरी कर दिया। यह मामला 11 अगस्त 2023 को दर्ज किया गया था, जिसकी पैरवी एडवोकेट अल्ताफउद्दीन अब्बासी ने की। आकाश गोदना के अनुसार, कुछ साल पहले जब वे एक पूर्ववर्ती संगठन में सक्रिय थे, तब उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर तत्कालीन राजनीतिक विरोधियों ने उन्हें राजनीतिक रूप से दबाने के उद्देश्य से षड्यंत्र रचा था। इसके तहत उन पर धारा 307 सहित कई गंभीर धाराओं में झूठा मामला दर्ज करवाया गया था। लगभग तीन साल तक चली इस कानूनी लड़ाई के बाद, न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में आकाश गोदना को सभी आरोपों से ससम्मान दोषमुक्त कर दिया। इस फैसले के बाद आकाश गोदना ने कहा कि उन्हें देश के कानून और न्यायपालिका पर पहले दिन से ही पूरा भरोसा था। उन्होंने इसे केवल अपनी नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ सच्चाई की लड़ाई बताया। उनके संघर्षपूर्ण बीते वर्षों का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि आज न्यायालय ने यह साबित कर दिया कि झूठ कितना भी बड़ा हो, जीत हमेशा सच की होती है। बरी होने की खबर सुनते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। आकाश गोदना ने इस दौरान साथ देने के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व, वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय कार्यकर्ताओं और उन पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने निष्पक्षता से सच का साथ दिया। न्यायालय के इस महत्वपूर्ण फैसले को क्षेत्र में राजनीतिक द्वेष की राजनीति पर एक बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।1
- सागर जिले के बीना स्थित प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता आकाश गोदना को एक आपराधिक प्रकरण से दोषमुक्त कर दिया है। वर्ष 2023 में दर्ज हुए इस मामले में धारा 307 सहित अन्य गंभीर धाराएं शामिल थीं, और न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया। यह जानकारी आकाश गोदना द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है, जिसके बाद उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल बताया जा रहा है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आकाश गोदना के विरुद्ध 11 अगस्त 2023 को भारतीय न्याय संहिता लागू होने से पूर्व प्रचलित प्रावधानों के तहत यह मामला दर्ज किया गया था। विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि यह पूरा प्रकरण राजनीतिक द्वेष और षड्यंत्र के तहत दर्ज कराया गया था। न्यायालय ने 7 जुलाई 2026 को अपना निर्णय सुनाते हुए उन्हें सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। फैसले के बाद आकाश गोदना ने एक बयान जारी कर न्यायपालिका पर अपने पूर्ण विश्वास को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस लंबे कानूनी संघर्ष के बाद न्यायालय के निर्णय ने सत्य की जीत को स्थापित किया है, और यह न्याय व्यवस्था पर लोगों के विश्वास की जीत है। उन्होंने इस कठिन समय में सहयोग देने के लिए भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और पत्रकारों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके समर्थन से उनका मनोबल बना रहा।2
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की बीना अदालत ने भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता आकाश गोदना को एक राजनीतिक रूप से प्रेरित झूठे मुकदमे से ससम्मान बरी कर दिया है। माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार कुन्दू की अदालत ने 07 जुलाई 2026 को यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। यह मामला 11 अगस्त 2023 को धारा 307 सहित कई अन्य गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया था, और इस निर्णय से क्षेत्र के कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों में भारी हर्ष की लहर है। आकाश गोदना ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व जब वे एक पूर्ववर्ती संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे, तब उनकी बढ़ती लोकप्रियता और सामाजिक प्रभाव से घबराकर तत्कालीन स्थानीय राजनीतिक विरोधियों ने उनके खिलाफ एक गहरा राजनीतिक षड्यंत्र रचा था। उनके अनुसार, केवल द्वेष भावना और राजनीतिक रूप से उन्हें दबाने के उद्देश्य से उन पर धारा 307 सहित कई गंभीर और पूरी तरह झूठे आरोप लगाकर मामला दर्ज करवा दिया गया था। फैसले के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए आकाश गोदना ने देश के कानून और न्यायपालिका पर अपने पहले दिन से ही पूर्ण विश्वास को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल उनकी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं थी, बल्कि सत्ता और प्रभाव के दुरुपयोग के खिलाफ सच्चाई की लड़ाई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्ष उनके और उनके परिवार के लिए बेहद संघर्षपूर्ण रहे, लेकिन माननीय न्यायालय के फैसले ने यह साबित कर दिया है कि झूठ कितना भी मजबूत क्यों न हो, जीत हमेशा सत्य की ही होती है। आकाश गोदना ने इस कठिन समय में संबल प्रदान करने वाले भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, सभी वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और विशेष रूप से पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने हमेशा निष्पक्षता के साथ सच का साथ दिया।2