पन्ना के प्रसिद्ध ऐतिहासिक श्री जुगल किशोर जी मंदिर में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब एक महिला द्वारा किए गए हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण पुजारियों, सुरक्षाकर्मियों और आम श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना से आक्रोशित भक्तों ने मंदिर प्रबंधन से मांग की है कि उक्त महिला के मंदिर परिसर में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे एक महिला ने मंदिर परिसर में प्रवेश किया और देखते ही देखते हंगामा शुरू कर दिया। महिला के इस बर्ताव के कारण मंदिर की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं और दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक, यानी लगभग एक घंटे तक, मंदिर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस हंगामे के चलते भगवान की नियमित सेवा-पूजा में भी व्यवधान आया, जिससे मंदिर के पुजारी और वहां तैनात सुरक्षा सैनिक बेहद परेशान दिखे। दूर-दराज से दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को इस ड्रामे के कारण काफी देर तक परेशानियों का सामना करना पड़ा। भक्तों ने कहा कि धार्मिक स्थल की एक गरिमा और पवित्रता होती है, जिसे किसी भी सूरत में भंग नहीं होने दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि ऐसी असामाजिक गतिविधियों पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो मंदिर की छवि धूमिल होगी। घंटों चले इस ड्रामे के बाद स्थानीय प्रशासन और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उक्त महिला को भविष्य में मंदिर परिसर के भीतर कदम रखने की अनुमति न दी जाए। समाचार लिखे जाने तक, पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच में जुटे थे।
पन्ना के प्रसिद्ध ऐतिहासिक श्री जुगल किशोर जी मंदिर में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब एक महिला द्वारा किए गए हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण पुजारियों, सुरक्षाकर्मियों और आम श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना से आक्रोशित भक्तों ने मंदिर प्रबंधन से मांग की है कि उक्त महिला के मंदिर परिसर में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे एक महिला ने मंदिर परिसर में प्रवेश किया और देखते ही देखते हंगामा शुरू कर दिया। महिला के इस बर्ताव के कारण मंदिर की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं और दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक, यानी लगभग एक घंटे तक, मंदिर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस हंगामे के चलते भगवान की नियमित सेवा-पूजा में भी व्यवधान आया, जिससे मंदिर के पुजारी
और वहां तैनात सुरक्षा सैनिक बेहद परेशान दिखे। दूर-दराज से दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को इस ड्रामे के कारण काफी देर तक परेशानियों का सामना करना पड़ा। भक्तों ने कहा कि धार्मिक स्थल की एक गरिमा और पवित्रता होती है, जिसे किसी भी सूरत में भंग नहीं होने दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि ऐसी असामाजिक गतिविधियों पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो मंदिर की छवि धूमिल होगी। घंटों चले इस ड्रामे के बाद स्थानीय प्रशासन और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उक्त महिला को भविष्य में मंदिर परिसर के भीतर कदम रखने की अनुमति न दी जाए। समाचार लिखे जाने तक, पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच में जुटे थे।
- सरकारी स्कूलों में एडमिशन प्रक्रिया को लेकर एक संकट उत्पन्न हो गया है। इस मुद्दे पर पत्रकार कल्याण परिषद ने एक ज्ञापन सौंपा है।1
- राज्य सरकार द्वारा विकास कार्यों में अपनाई जा रही 'जीरो टॉलरेंस' नीति मड़ावरा तहसील के जामनी बांध पर कराए जा रहे अनुरक्षण कार्यों में हवाई साबित होती दिख रही है। यहां हुए अनुरक्षण और सौंदर्यकरण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके परिणामस्वरूप हाल ही में बनाई गई बांध की सड़क पहली ही बारिश में जगह-जगह से उखड़ने लगी है। गौरतलब है कि जामनी बांध पर सुरक्षा दीवार की मरम्मत, सड़क का पुनर्निर्माण और अन्य सौंदर्यकरण के कार्य कराए जा रहे थे। इन कार्यों, जिसमें बांध के गेटों को मोटराइज्ड करना भी शामिल था, के लिए शासन द्वारा लगभग 17 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया था। आरोप है कि जिम्मेवार अधिकारियों की कोताही और मिलीभगत के कारण निर्माण में अधोमानक सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे सड़क इतनी जल्दी खराब हो गई। हैरानी की बात यह है कि वर्षा ऋतु शुरू होने के बावजूद भी ये अनुरक्षण और सौंदर्यकरण कार्य पूरे नहीं हो सके हैं, और अब इन्हें अधूरा ही छोड़ दिए जाने की आशंका है। इस मामले में ग्रामीणों ने संबंधित कार्यों की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है। वहीं, जामनी बांध के सहायक अभियंता (AE) रितेश बसंल का कहना है कि सड़क पुनर्निर्माण का कार्य ठेकेदार द्वारा कराया गया था और इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी फर्म की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जहां-जहां सड़क खराब हुई है, बारिश कम होते ही उसकी मरम्मत कराई जाएगी।2
- ललितपुर के गोविंद सागर बांध के पास एक पेड़ पर विशालकाय अजगर दिखाई देने से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। देर रात पेड़ पर अजगर को लिपटा देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और वन विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सावधानीपूर्वक अजगर का रेस्क्यू किया। इस बचाव अभियान के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई थी। वन विभाग की टीम ने सफल रेस्क्यू के बाद अजगर को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास, जंगल में छोड़ दिया। समय पर की गई इस कार्रवाई के कारण कोई जनहानि नहीं हुई और क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली।1
- सागर जिले की गोपालगंज पुलिस ने अपहरण और जानलेवा हमला करने के चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे दो इनामी आरोपियों और उन्हें आश्रय देने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कुमार कश्यप के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी श्री घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में थाना गोपालगंज पुलिस ने यह कार्रवाई की। यह मामला अपराध क्रमांक 291/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, जिनमें 140(1), 191(3), 296(ए), 115(2), 118(1), 61(2) शामिल हैं, में पंजीबद्ध है। घटना 25 जून 2026 की है, जब फरियादी बिट्टू उर्फ गजानंद प्रजापति केंद्रीय जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर निकले थे। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फरियादी का पीछा किया, उन्हें जबरन कार में बैठाकर ले गए और एक सुनसान स्थान पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को उपचार के लिए बीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उनकी रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। इस मामले में पुलिस द्वारा पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया ने अंकित मिश्रा और अतुल मिश्रा पर ₹5,000-₹5,000 का नगद इनाम घोषित किया था। पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी जबलपुर में छिपे हुए हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जबलपुर में दबिश देकर अंकित मिश्रा, अतुल मिश्रा और उन्हें आश्रय देने वाले कार्तिक दुबे को हिरासत में ले लिया। तीनों को विधिवत अभिरक्षा में लेकर सागर लाया गया है तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई उपरांत माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अंकित मिश्रा के विरुद्ध 03 और अतुल मिश्रा के विरुद्ध 05 पूर्व से ही आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनका विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शशिकांत गुर्जर, उपनिरीक्षक नीरज जैन, सहायक उपनिरीक्षक धर्मसिंह मरावी, आरक्षक आषिश, प्रदीप, मनीष सहित थाना गोपालगंज एवं पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।1
- सागर जिले की गोपालगंज पुलिस ने अपहरण और जानलेवा हमला करने के एक बहुचर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी और नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कुमार कश्यप के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी श्री घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस मामले के तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो इनामी आरोपी भी शामिल हैं, जिन पर ₹5,000-₹5,000 का नगद इनाम घोषित था, साथ ही उन्हें आश्रय देने वाले व्यक्ति को भी पकड़ा गया है। गोपालगंज थाने में अपराध क्रमांक 291/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(1), 191(3), 296(ए), 115(2), 118(1), 61(2) में प्रकरण पंजीबद्ध है। घटना 25 जून 2026 को हुई थी, जब फरियादी बिट्टू उर्फ गजानंद प्रजापति केंद्रीय जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर निकला था। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फरियादी का पीछा किया, उसे जबरन कार में बैठाकर ले गए और एक सुनसान जगह पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को बीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तलाश जारी थी। इसी क्रम में गठित पुलिस टीम को सूचना मिली कि फरार आरोपी जबलपुर में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जबलपुर में दबिश देकर अंकित मिश्रा, अतुल मिश्रा और उन्हें आश्रय देने वाले कार्तिक दुबे को हिरासत में ले लिया। तीनों को विधिवत सागर लाकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अंकित मिश्रा के खिलाफ पहले से 03 और अतुल मिश्रा के खिलाफ 05 आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनका विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। गोपालगंज पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से गंभीर अपराध में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ कठोर और विधिसम्मत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शशिकांत गुर्जर, उपनिरीक्षक नीरज जैन, सहायक उपनिरीक्षक धर्मसिंह मरावी, आरक्षक आषिश, प्रदीप, मनीष और थाना गोपालगंज के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- ललितपुर शहर के आज़ादपुरा तृतीय क्षेत्र स्थित लेडियापुरा मोहल्ले में आवारा पशुओं का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जहाँ बुधवार को एक आवारा गाय ने सड़क पर खेल रहे एक मासूम बच्चे पर हमला कर उसे उठाकर फेंक दिया। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में गाय को अचानक बच्चे पर हमला करते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत दौड़कर बच्चे को बचाया। इस घटना के बाद मोहल्लेवासियों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे बच्चों, बुज़ुर्गों और राहगीरों की सुरक्षा पर गंभीर ख़तरा बना हुआ है। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।1
- ललितपुर जनपद में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की पहल पर 'मिशन दुग्ध शक्ति-ललितपुर' का शुभारंभ किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों, खासकर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को पशुपालन के ज़रिए आत्मनिर्भर बनाना और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर बढ़ाना है। कार्यक्रम के दौरान, विकासखंड जखौरा के ग्राम बसवां के 21 परिवारों को बैंक वित्तपोषण के माध्यम से उन्नत नस्ल की भैंसें उपलब्ध कराई गईं। इस पहल के तहत, अब तक कुल 529 परिवारों को भैंस पालन के लिए ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। इस अवसर पर सांसद अनुराग शर्मा ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री के हर महिला को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के सपने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन के अनुसार, इस पहल से लाभार्थी परिवारों की मासिक आय में 8 से 10 हज़ार रुपये तक की वृद्धि होने की संभावना है।1
- ललितपुर जिले के मड़ावरा में सतवांसा के पास बारिश के दौरान एक मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर फिसल गई, जिससे बाइक पर सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया कि ये तीनों महरौनी से अपना काम निपटाकर अपने गांव हसरा लौट रहे थे। रास्ते में बारिश के कारण सड़क फिसलन भरी होने से बाइक का संतुलन बिगड़ गया और यह हादसा हो गया। घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद राहगीरों ने घायलों की मदद की और उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़ावरा में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार मिलने के बाद, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए आगे के उपचार की व्यवस्था की जा रही है। पुलिस ने घटना की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही, बारिश के मौसम में वाहन चालकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील भी की गई है।1