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सागर जिले की गोपालगंज पुलिस ने अपहरण और जानलेवा हमला करने के चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे दो इनामी आरोपियों और उन्हें आश्रय देने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कुमार कश्यप के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी श्री घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में थाना गोपालगंज पुलिस ने यह कार्रवाई की। यह मामला अपराध क्रमांक 291/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, जिनमें 140(1), 191(3), 296(ए), 115(2), 118(1), 61(2) शामिल हैं, में पंजीबद्ध है। घटना 25 जून 2026 की है, जब फरियादी बिट्टू उर्फ गजानंद प्रजापति केंद्रीय जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर निकले थे। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फरियादी का पीछा किया, उन्हें जबरन कार में बैठाकर ले गए और एक सुनसान स्थान पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को उपचार के लिए बीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उनकी रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। इस मामले में पुलिस द्वारा पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया ने अंकित मिश्रा और अतुल मिश्रा पर ₹5,000-₹5,000 का नगद इनाम घोषित किया था। पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी जबलपुर में छिपे हुए हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जबलपुर में दबिश देकर अंकित मिश्रा, अतुल मिश्रा और उन्हें आश्रय देने वाले कार्तिक दुबे को हिरासत में ले लिया। तीनों को विधिवत अभिरक्षा में लेकर सागर लाया गया है तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई उपरांत माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अंकित मिश्रा के विरुद्ध 03 और अतुल मिश्रा के विरुद्ध 05 पूर्व से ही आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनका विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शशिकांत गुर्जर, उपनिरीक्षक नीरज जैन, सहायक उपनिरीक्षक धर्मसिंह मरावी, आरक्षक आषिश, प्रदीप, मनीष सहित थाना गोपालगंज एवं पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

5 hrs ago
user_हरिकृष्ण सोनी
हरिकृष्ण सोनी
पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

सागर जिले की गोपालगंज पुलिस ने अपहरण और जानलेवा हमला करने के चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे दो इनामी आरोपियों और उन्हें आश्रय देने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कुमार कश्यप के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी श्री घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में थाना गोपालगंज पुलिस ने यह कार्रवाई की। यह मामला अपराध क्रमांक 291/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, जिनमें 140(1), 191(3), 296(ए), 115(2), 118(1), 61(2) शामिल हैं, में पंजीबद्ध है। घटना 25 जून 2026 की है, जब फरियादी बिट्टू उर्फ गजानंद प्रजापति केंद्रीय जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर निकले थे। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फरियादी का पीछा किया, उन्हें जबरन कार में बैठाकर ले गए और एक सुनसान स्थान पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को उपचार के लिए बीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उनकी रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। इस मामले में पुलिस द्वारा पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया ने अंकित मिश्रा और अतुल मिश्रा पर ₹5,000-₹5,000 का नगद इनाम घोषित किया था। पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी जबलपुर में छिपे हुए हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जबलपुर में दबिश देकर अंकित मिश्रा, अतुल मिश्रा और उन्हें आश्रय देने वाले कार्तिक दुबे को हिरासत में ले लिया। तीनों को विधिवत अभिरक्षा में लेकर सागर लाया गया है तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई उपरांत माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अंकित मिश्रा के विरुद्ध 03 और अतुल मिश्रा के विरुद्ध 05 पूर्व से ही आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनका विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शशिकांत गुर्जर, उपनिरीक्षक नीरज जैन, सहायक उपनिरीक्षक धर्मसिंह मरावी, आरक्षक आषिश, प्रदीप, मनीष सहित थाना गोपालगंज एवं पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

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  • सागर जिले की गोपालगंज पुलिस ने अपहरण और जानलेवा हमला करने के चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे दो इनामी आरोपियों और उन्हें आश्रय देने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कुमार कश्यप के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी श्री घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में थाना गोपालगंज पुलिस ने यह कार्रवाई की। यह मामला अपराध क्रमांक 291/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, जिनमें 140(1), 191(3), 296(ए), 115(2), 118(1), 61(2) शामिल हैं, में पंजीबद्ध है। घटना 25 जून 2026 की है, जब फरियादी बिट्टू उर्फ गजानंद प्रजापति केंद्रीय जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर निकले थे। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फरियादी का पीछा किया, उन्हें जबरन कार में बैठाकर ले गए और एक सुनसान स्थान पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को उपचार के लिए बीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उनकी रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। इस मामले में पुलिस द्वारा पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया ने अंकित मिश्रा और अतुल मिश्रा पर ₹5,000-₹5,000 का नगद इनाम घोषित किया था। पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी जबलपुर में छिपे हुए हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जबलपुर में दबिश देकर अंकित मिश्रा, अतुल मिश्रा और उन्हें आश्रय देने वाले कार्तिक दुबे को हिरासत में ले लिया। तीनों को विधिवत अभिरक्षा में लेकर सागर लाया गया है तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई उपरांत माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अंकित मिश्रा के विरुद्ध 03 और अतुल मिश्रा के विरुद्ध 05 पूर्व से ही आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनका विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शशिकांत गुर्जर, उपनिरीक्षक नीरज जैन, सहायक उपनिरीक्षक धर्मसिंह मरावी, आरक्षक आषिश, प्रदीप, मनीष सहित थाना गोपालगंज एवं पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
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    सागर जिले की गोपालगंज पुलिस ने अपहरण और जानलेवा हमला करने के चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे दो इनामी आरोपियों और उन्हें आश्रय देने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कुमार कश्यप के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी श्री घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में थाना गोपालगंज पुलिस ने यह कार्रवाई की।

यह मामला अपराध क्रमांक 291/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, जिनमें 140(1), 191(3), 296(ए), 115(2), 118(1), 61(2) शामिल हैं, में पंजीबद्ध है। घटना 25 जून 2026 की है, जब फरियादी बिट्टू उर्फ गजानंद प्रजापति केंद्रीय जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर निकले थे। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फरियादी का पीछा किया, उन्हें जबरन कार में बैठाकर ले गए और एक सुनसान स्थान पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को उपचार के लिए बीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उनकी रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। इस मामले में पुलिस द्वारा पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था।

शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया ने अंकित मिश्रा और अतुल मिश्रा पर ₹5,000-₹5,000 का नगद इनाम घोषित किया था। पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी जबलपुर में छिपे हुए हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जबलपुर में दबिश देकर अंकित मिश्रा, अतुल मिश्रा और उन्हें आश्रय देने वाले कार्तिक दुबे को हिरासत में ले लिया। तीनों को विधिवत अभिरक्षा में लेकर सागर लाया गया है तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई उपरांत माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अंकित मिश्रा के विरुद्ध 03 और अतुल मिश्रा के विरुद्ध 05 पूर्व से ही आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनका विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शशिकांत गुर्जर, उपनिरीक्षक नीरज जैन, सहायक उपनिरीक्षक धर्मसिंह मरावी, आरक्षक आषिश, प्रदीप, मनीष सहित थाना गोपालगंज एवं पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
    user_हरिकृष्ण सोनी
    हरिकृष्ण सोनी
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बीना में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार कुन्दू की अदालत ने 7 जुलाई 2026 को सुनाए गए एक फैसले में भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता आकाश गोदना और सोनू लोधी को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित एक झूठे मुकदमे से बाइज्जत बरी कर दिया। यह मामला 11 अगस्त 2023 को दर्ज किया गया था, जिसकी पैरवी एडवोकेट अल्ताफउद्दीन अब्बासी ने की। आकाश गोदना के अनुसार, कुछ साल पहले जब वे एक पूर्ववर्ती संगठन में सक्रिय थे, तब उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर तत्कालीन राजनीतिक विरोधियों ने उन्हें राजनीतिक रूप से दबाने के उद्देश्य से षड्यंत्र रचा था। इसके तहत उन पर धारा 307 सहित कई गंभीर धाराओं में झूठा मामला दर्ज करवाया गया था। लगभग तीन साल तक चली इस कानूनी लड़ाई के बाद, न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में आकाश गोदना को सभी आरोपों से ससम्मान दोषमुक्त कर दिया। इस फैसले के बाद आकाश गोदना ने कहा कि उन्हें देश के कानून और न्यायपालिका पर पहले दिन से ही पूरा भरोसा था। उन्होंने इसे केवल अपनी नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ सच्चाई की लड़ाई बताया। उनके संघर्षपूर्ण बीते वर्षों का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि आज न्यायालय ने यह साबित कर दिया कि झूठ कितना भी बड़ा हो, जीत हमेशा सच की होती है। बरी होने की खबर सुनते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। आकाश गोदना ने इस दौरान साथ देने के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व, वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय कार्यकर्ताओं और उन पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने निष्पक्षता से सच का साथ दिया। न्यायालय के इस महत्वपूर्ण फैसले को क्षेत्र में राजनीतिक द्वेष की राजनीति पर एक बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।
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    बीना में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार कुन्दू की अदालत ने 7 जुलाई 2026 को सुनाए गए एक फैसले में भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता आकाश गोदना और सोनू लोधी को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित एक झूठे मुकदमे से बाइज्जत बरी कर दिया। यह मामला 11 अगस्त 2023 को दर्ज किया गया था, जिसकी पैरवी एडवोकेट अल्ताफउद्दीन अब्बासी ने की।

आकाश गोदना के अनुसार, कुछ साल पहले जब वे एक पूर्ववर्ती संगठन में सक्रिय थे, तब उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर तत्कालीन राजनीतिक विरोधियों ने उन्हें राजनीतिक रूप से दबाने के उद्देश्य से षड्यंत्र रचा था। इसके तहत उन पर धारा 307 सहित कई गंभीर धाराओं में झूठा मामला दर्ज करवाया गया था। लगभग तीन साल तक चली इस कानूनी लड़ाई के बाद, न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में आकाश गोदना को सभी आरोपों से ससम्मान दोषमुक्त कर दिया।

इस फैसले के बाद आकाश गोदना ने कहा कि उन्हें देश के कानून और न्यायपालिका पर पहले दिन से ही पूरा भरोसा था। उन्होंने इसे केवल अपनी नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ सच्चाई की लड़ाई बताया। उनके संघर्षपूर्ण बीते वर्षों का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि आज न्यायालय ने यह साबित कर दिया कि झूठ कितना भी बड़ा हो, जीत हमेशा सच की होती है। बरी होने की खबर सुनते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

आकाश गोदना ने इस दौरान साथ देने के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व, वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय कार्यकर्ताओं और उन पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने निष्पक्षता से सच का साथ दिया। न्यायालय के इस महत्वपूर्ण फैसले को क्षेत्र में राजनीतिक द्वेष की राजनीति पर एक बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • सागर जिले के बीना स्थित प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता आकाश गोदना को एक आपराधिक प्रकरण से दोषमुक्त कर दिया है। वर्ष 2023 में दर्ज हुए इस मामले में धारा 307 सहित अन्य गंभीर धाराएं शामिल थीं, और न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया। यह जानकारी आकाश गोदना द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है, जिसके बाद उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल बताया जा रहा है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आकाश गोदना के विरुद्ध 11 अगस्त 2023 को भारतीय न्याय संहिता लागू होने से पूर्व प्रचलित प्रावधानों के तहत यह मामला दर्ज किया गया था। विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि यह पूरा प्रकरण राजनीतिक द्वेष और षड्यंत्र के तहत दर्ज कराया गया था। न्यायालय ने 7 जुलाई 2026 को अपना निर्णय सुनाते हुए उन्हें सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। फैसले के बाद आकाश गोदना ने एक बयान जारी कर न्यायपालिका पर अपने पूर्ण विश्वास को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस लंबे कानूनी संघर्ष के बाद न्यायालय के निर्णय ने सत्य की जीत को स्थापित किया है, और यह न्याय व्यवस्था पर लोगों के विश्वास की जीत है। उन्होंने इस कठिन समय में सहयोग देने के लिए भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और पत्रकारों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके समर्थन से उनका मनोबल बना रहा।
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    सागर जिले के बीना स्थित प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता आकाश गोदना को एक आपराधिक प्रकरण से दोषमुक्त कर दिया है। वर्ष 2023 में दर्ज हुए इस मामले में धारा 307 सहित अन्य गंभीर धाराएं शामिल थीं, और न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया। यह जानकारी आकाश गोदना द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है, जिसके बाद उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल बताया जा रहा है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आकाश गोदना के विरुद्ध 11 अगस्त 2023 को भारतीय न्याय संहिता लागू होने से पूर्व प्रचलित प्रावधानों के तहत यह मामला दर्ज किया गया था। विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि यह पूरा प्रकरण राजनीतिक द्वेष और षड्यंत्र के तहत दर्ज कराया गया था। न्यायालय ने 7 जुलाई 2026 को अपना निर्णय सुनाते हुए उन्हें सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।

फैसले के बाद आकाश गोदना ने एक बयान जारी कर न्यायपालिका पर अपने पूर्ण विश्वास को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस लंबे कानूनी संघर्ष के बाद न्यायालय के निर्णय ने सत्य की जीत को स्थापित किया है, और यह न्याय व्यवस्था पर लोगों के विश्वास की जीत है। उन्होंने इस कठिन समय में सहयोग देने के लिए भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और पत्रकारों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके समर्थन से उनका मनोबल बना रहा।
    user_Laxman singh rajput
    Laxman singh rajput
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • सागर जिले के बीना स्थित प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता आकाश गोदना को वर्ष 2023 में दर्ज एक आपराधिक प्रकरण से दोषमुक्त कर दिया है। न्यायालय ने 7 जुलाई 2026 को अपना यह निर्णय सुनाया। आकाश गोदना द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उनके विरुद्ध 11 अगस्त 2023 को भारतीय न्याय संहिता लागू होने से पूर्व प्रचलित प्रावधानों के तहत धारा 307 सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि यह प्रकरण राजनीतिक द्वेष और षड्यंत्र के तहत दर्ज कराया गया था। फैसले के बाद आकाश गोदना ने अपनी प्रतिक्रिया में न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चले इस कानूनी संघर्ष के बाद न्यायालय के निर्णय ने सत्य की जीत को स्थापित किया है, जिसे उन्होंने न्याय व्यवस्था पर विश्वास की जीत बताया। इस दौरान आकाश गोदना ने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों तथा पत्रकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी ने कठिन समय में उनका मनोबल बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस फैसले के बाद उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल बताया जा रहा है।
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    सागर जिले के बीना स्थित प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता आकाश गोदना को वर्ष 2023 में दर्ज एक आपराधिक प्रकरण से दोषमुक्त कर दिया है। न्यायालय ने 7 जुलाई 2026 को अपना यह निर्णय सुनाया। आकाश गोदना द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उनके विरुद्ध 11 अगस्त 2023 को भारतीय न्याय संहिता लागू होने से पूर्व प्रचलित प्रावधानों के तहत धारा 307 सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि यह प्रकरण राजनीतिक द्वेष और षड्यंत्र के तहत दर्ज कराया गया था।

फैसले के बाद आकाश गोदना ने अपनी प्रतिक्रिया में न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चले इस कानूनी संघर्ष के बाद न्यायालय के निर्णय ने सत्य की जीत को स्थापित किया है, जिसे उन्होंने न्याय व्यवस्था पर विश्वास की जीत बताया। इस दौरान आकाश गोदना ने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों तथा पत्रकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी ने कठिन समय में उनका मनोबल बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस फैसले के बाद उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल बताया जा रहा है।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत लोकायुक्त भोपाल की टीम ने विदिशा जिले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने नटेरन तहसील में पदस्थ पटवारी संदीप यादव को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, जिससे तहसील कार्यालय और जिले के राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। यह मामला तब सामने आया जब विदिशा के काठी मोहल्ला निवासी प्रमेन्द्र धाकड़ ने अपनी पारिवारिक जमीन के बंटवारे, नामांतरण और फौती (उत्तराधिकार) संबंधी कार्य के लिए नटेरन तहसील का रुख किया। आरोप है कि इस शासकीय कार्य को पूरा करने के एवज में हलका पटवारी संदीप यादव ने प्रमेन्द्र से 30,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत देने के बजाय, शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र धाकड़ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया और इसकी लिखित शिकायत लोकायुक्त कार्यालय, भोपाल में दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया और नटेरन तहसील के ठीक पीछे स्थित पटवारी के निजी कार्यालय पर अचानक दबिश दी। जैसे ही शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र ने पटवारी संदीप यादव को कैमिकल लगे 30 हजार रुपये थमाए, वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त की विशेष टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी पटवारी के हाथ धुलवाए गए, जिससे पानी गुलाबी हो गया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। समाचार लिखे जाने तक मौके पर लोकायुक्त टीम की कागजी और वैधानिक कार्रवाई जारी थी, और इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के अन्य भ्रष्ट कर्मचारियों में भी हड़कंप का माहौल है।
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    मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत लोकायुक्त भोपाल की टीम ने विदिशा जिले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने नटेरन तहसील में पदस्थ पटवारी संदीप यादव को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, जिससे तहसील कार्यालय और जिले के राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।

यह मामला तब सामने आया जब विदिशा के काठी मोहल्ला निवासी प्रमेन्द्र धाकड़ ने अपनी पारिवारिक जमीन के बंटवारे, नामांतरण और फौती (उत्तराधिकार) संबंधी कार्य के लिए नटेरन तहसील का रुख किया। आरोप है कि इस शासकीय कार्य को पूरा करने के एवज में हलका पटवारी संदीप यादव ने प्रमेन्द्र से 30,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत देने के बजाय, शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र धाकड़ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया और इसकी लिखित शिकायत लोकायुक्त कार्यालय, भोपाल में दर्ज कराई।

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया और नटेरन तहसील के ठीक पीछे स्थित पटवारी के निजी कार्यालय पर अचानक दबिश दी। जैसे ही शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र ने पटवारी संदीप यादव को कैमिकल लगे 30 हजार रुपये थमाए, वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त की विशेष टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी पटवारी के हाथ धुलवाए गए, जिससे पानी गुलाबी हो गया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। समाचार लिखे जाने तक मौके पर लोकायुक्त टीम की कागजी और वैधानिक कार्रवाई जारी थी, और इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के अन्य भ्रष्ट कर्मचारियों में भी हड़कंप का माहौल है।
    user_राहुल नामदेव
    राहुल नामदेव
    Local News Reporter बासोदा, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने नकल शाखा और अभिलेखागार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लंबित मामलों पर सख्त रुख अपनाया, जिसके परिणामस्वरूप एक सहायक ग्रेड 3 को निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर पाल ने कार्यव्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।
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    कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने नकल शाखा और अभिलेखागार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लंबित मामलों पर सख्त रुख अपनाया, जिसके परिणामस्वरूप एक सहायक ग्रेड 3 को निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर पाल ने कार्यव्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।
    user_SUNEEL SINGH
    SUNEEL SINGH
    Journalist राहतगढ़, सागर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • विदिशा में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले को लेकर महिला कांग्रेस ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है। माधवगंज चौराहे पर महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने ढोल-मंजीरे और भजन-कीर्तन के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर 'सोई हुई सरकार' को जगाने का प्रयास किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से उनका गुस्सा राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी पर फूटा है। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान मामले के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि देशभर के श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ भगवान श्रीराम के मंदिर में दान दिया था, और इस आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने ढोल-मंजीरे बजाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया और मांग की कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए, क्योंकि यह 'आस्था पर डाका' है। महिला कांग्रेस नेत्री नीतू सिंह राजपूत ने बताया कि वे पूरे प्रदेश में भजन-कीर्तन के माध्यम से 'सोई हुई सरकार' को जगाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी करने वालों को जल्द गिरफ्तार कर संविधान और कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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    विदिशा में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले को लेकर महिला कांग्रेस ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है। माधवगंज चौराहे पर महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने ढोल-मंजीरे और भजन-कीर्तन के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर 'सोई हुई सरकार' को जगाने का प्रयास किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से उनका गुस्सा राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी पर फूटा है।

कार्यकर्ताओं ने इस दौरान मामले के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि देशभर के श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ भगवान श्रीराम के मंदिर में दान दिया था, और इस आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने ढोल-मंजीरे बजाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया और मांग की कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए, क्योंकि यह 'आस्था पर डाका' है।

महिला कांग्रेस नेत्री नीतू सिंह राजपूत ने बताया कि वे पूरे प्रदेश में भजन-कीर्तन के माध्यम से 'सोई हुई सरकार' को जगाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी करने वालों को जल्द गिरफ्तार कर संविधान और कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    Photographer सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • भोपाल (देहात) ज़ोन की पुलिस महानिरीक्षक (IGP) श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र ने 09 जुलाई 2026 को विदिशा का दौरा किया, जहाँ पुलिस कंट्रोल रूम में उन्हें सलामी दी गई। अपने आगमन पर, IGP महोदया ने पुलिस कंट्रोल रूम और फिंगरप्रिंट शाखा का निरीक्षण किया। उन्होंने अपराध अनुसंधान में फिंगरप्रिंट शाखा की महत्वपूर्ण भूमिका और वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग का अवलोकन किया, साथ ही तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर विवेचना को अधिक गुणवत्तापूर्ण और परिणाममुखी बनाने के निर्देश दिए। इसके उपरांत, पुलिस कंट्रोल रूम विदिशा में श्रीमती मिश्र की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, सभी एसडीओपी, थाना प्रभारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में सभी अधिकारियों ने 10 मिनट का हार्टफुलनेस ध्यान सत्र किया। IGP महोदया ने मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मअनुशासन के माध्यम से कार्यक्षमता बढ़ाने तथा पुलिसकर्मियों को अधिक संवेदनशील एवं प्रभावी ढंग से दायित्वों का निर्वहन करने के लिए नियमित ध्यान सत्र आयोजित करने पर जोर दिया। समीक्षा बैठक के दौरान, श्रीमती मिश्र ने आगामी त्योहारों की तैयारियों, कानून-व्यवस्था, प्रभावी पुलिसिंग और विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, साइबर जागरूकता अभियान, महिला संबंधी अपराधों में त्वरित व कठोर कार्रवाई, नशे के विरुद्ध अभियान, गौवंश के अवैध परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई, तथा सिंहस्थ-2028 की तैयारियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जनसंपर्क बढ़ाकर संवेदनशील पुलिसिंग को प्राथमिकता देने और आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता व समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा। IGP महोदया ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल दायित्व नहीं, बल्कि करुणा, संवेदनशीलता और जनसेवा का संकल्प है। उन्होंने 'देशभक्ति-जनसेवा' को पुलिस का ध्येय बताते हुए हर जरूरतमंद व्यक्ति की संवेदनशीलता के साथ सेवा करने और समय के सीमित होने को देखते हुए हर अवसर को जनहित में सार्थक बनाने पर बल दिया। बैठक के समापन पर, उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुशासित, जवाबदेह एवं संवेदनशील पुलिसिंग करते हुए प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
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    भोपाल (देहात) ज़ोन की पुलिस महानिरीक्षक (IGP) श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र ने 09 जुलाई 2026 को विदिशा का दौरा किया, जहाँ पुलिस कंट्रोल रूम में उन्हें सलामी दी गई। अपने आगमन पर, IGP महोदया ने पुलिस कंट्रोल रूम और फिंगरप्रिंट शाखा का निरीक्षण किया। उन्होंने अपराध अनुसंधान में फिंगरप्रिंट शाखा की महत्वपूर्ण भूमिका और वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग का अवलोकन किया, साथ ही तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर विवेचना को अधिक गुणवत्तापूर्ण और परिणाममुखी बनाने के निर्देश दिए।

इसके उपरांत, पुलिस कंट्रोल रूम विदिशा में श्रीमती मिश्र की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, सभी एसडीओपी, थाना प्रभारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में सभी अधिकारियों ने 10 मिनट का हार्टफुलनेस ध्यान सत्र किया। IGP महोदया ने मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मअनुशासन के माध्यम से कार्यक्षमता बढ़ाने तथा पुलिसकर्मियों को अधिक संवेदनशील एवं प्रभावी ढंग से दायित्वों का निर्वहन करने के लिए नियमित ध्यान सत्र आयोजित करने पर जोर दिया।

समीक्षा बैठक के दौरान, श्रीमती मिश्र ने आगामी त्योहारों की तैयारियों, कानून-व्यवस्था, प्रभावी पुलिसिंग और विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, साइबर जागरूकता अभियान, महिला संबंधी अपराधों में त्वरित व कठोर कार्रवाई, नशे के विरुद्ध अभियान, गौवंश के अवैध परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई, तथा सिंहस्थ-2028 की तैयारियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जनसंपर्क बढ़ाकर संवेदनशील पुलिसिंग को प्राथमिकता देने और आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता व समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा।

IGP महोदया ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल दायित्व नहीं, बल्कि करुणा, संवेदनशीलता और जनसेवा का संकल्प है। उन्होंने 'देशभक्ति-जनसेवा' को पुलिस का ध्येय बताते हुए हर जरूरतमंद व्यक्ति की संवेदनशीलता के साथ सेवा करने और समय के सीमित होने को देखते हुए हर अवसर को जनहित में सार्थक बनाने पर बल दिया। बैठक के समापन पर, उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुशासित, जवाबदेह एवं संवेदनशील पुलिसिंग करते हुए प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
    user_IBN NEWS
    IBN NEWS
    सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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