मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत लोकायुक्त भोपाल की टीम ने विदिशा जिले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने नटेरन तहसील में पदस्थ पटवारी संदीप यादव को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, जिससे तहसील कार्यालय और जिले के राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। यह मामला तब सामने आया जब विदिशा के काठी मोहल्ला निवासी प्रमेन्द्र धाकड़ ने अपनी पारिवारिक जमीन के बंटवारे, नामांतरण और फौती (उत्तराधिकार) संबंधी कार्य के लिए नटेरन तहसील का रुख किया। आरोप है कि इस शासकीय कार्य को पूरा करने के एवज में हलका पटवारी संदीप यादव ने प्रमेन्द्र से 30,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत देने के बजाय, शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र धाकड़ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया और इसकी लिखित शिकायत लोकायुक्त कार्यालय, भोपाल में दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया और नटेरन तहसील के ठीक पीछे स्थित पटवारी के निजी कार्यालय पर अचानक दबिश दी। जैसे ही शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र ने पटवारी संदीप यादव को कैमिकल लगे 30 हजार रुपये थमाए, वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त की विशेष टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी पटवारी के हाथ धुलवाए गए, जिससे पानी गुलाबी हो गया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। समाचार लिखे जाने तक मौके पर लोकायुक्त टीम की कागजी और वैधानिक कार्रवाई जारी थी, और इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के अन्य भ्रष्ट कर्मचारियों में भी हड़कंप का माहौल है।
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत लोकायुक्त भोपाल की टीम ने विदिशा जिले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने नटेरन तहसील में पदस्थ पटवारी संदीप यादव को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, जिससे तहसील कार्यालय और जिले के राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। यह मामला तब सामने आया जब विदिशा के काठी मोहल्ला निवासी प्रमेन्द्र धाकड़ ने अपनी पारिवारिक जमीन के बंटवारे, नामांतरण और फौती (उत्तराधिकार) संबंधी कार्य के लिए नटेरन तहसील का रुख किया। आरोप है कि इस शासकीय कार्य को पूरा करने के एवज में हलका पटवारी संदीप यादव ने प्रमेन्द्र से 30,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत देने के बजाय, शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र धाकड़ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया और इसकी लिखित शिकायत लोकायुक्त कार्यालय, भोपाल में दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया और नटेरन तहसील के ठीक पीछे स्थित पटवारी के निजी कार्यालय पर अचानक दबिश दी। जैसे ही शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र ने पटवारी संदीप यादव को कैमिकल लगे 30 हजार रुपये थमाए, वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त की विशेष टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी पटवारी के हाथ धुलवाए गए, जिससे पानी गुलाबी हो गया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। समाचार लिखे जाने तक मौके पर लोकायुक्त टीम की कागजी और वैधानिक कार्रवाई जारी थी, और इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के अन्य भ्रष्ट कर्मचारियों में भी हड़कंप का माहौल है।
- मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत लोकायुक्त भोपाल की टीम ने विदिशा जिले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने नटेरन तहसील में पदस्थ पटवारी संदीप यादव को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, जिससे तहसील कार्यालय और जिले के राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। यह मामला तब सामने आया जब विदिशा के काठी मोहल्ला निवासी प्रमेन्द्र धाकड़ ने अपनी पारिवारिक जमीन के बंटवारे, नामांतरण और फौती (उत्तराधिकार) संबंधी कार्य के लिए नटेरन तहसील का रुख किया। आरोप है कि इस शासकीय कार्य को पूरा करने के एवज में हलका पटवारी संदीप यादव ने प्रमेन्द्र से 30,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत देने के बजाय, शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र धाकड़ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया और इसकी लिखित शिकायत लोकायुक्त कार्यालय, भोपाल में दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया और नटेरन तहसील के ठीक पीछे स्थित पटवारी के निजी कार्यालय पर अचानक दबिश दी। जैसे ही शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र ने पटवारी संदीप यादव को कैमिकल लगे 30 हजार रुपये थमाए, वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त की विशेष टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी पटवारी के हाथ धुलवाए गए, जिससे पानी गुलाबी हो गया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। समाचार लिखे जाने तक मौके पर लोकायुक्त टीम की कागजी और वैधानिक कार्रवाई जारी थी, और इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के अन्य भ्रष्ट कर्मचारियों में भी हड़कंप का माहौल है।1
- विदिशा में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले को लेकर महिला कांग्रेस ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है। माधवगंज चौराहे पर महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने ढोल-मंजीरे और भजन-कीर्तन के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर 'सोई हुई सरकार' को जगाने का प्रयास किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से उनका गुस्सा राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी पर फूटा है। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान मामले के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि देशभर के श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ भगवान श्रीराम के मंदिर में दान दिया था, और इस आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने ढोल-मंजीरे बजाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया और मांग की कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए, क्योंकि यह 'आस्था पर डाका' है। महिला कांग्रेस नेत्री नीतू सिंह राजपूत ने बताया कि वे पूरे प्रदेश में भजन-कीर्तन के माध्यम से 'सोई हुई सरकार' को जगाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी करने वालों को जल्द गिरफ्तार कर संविधान और कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।4
- भोपाल (देहात) ज़ोन की पुलिस महानिरीक्षक (IGP) श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र ने 09 जुलाई 2026 को विदिशा का दौरा किया, जहाँ पुलिस कंट्रोल रूम में उन्हें सलामी दी गई। अपने आगमन पर, IGP महोदया ने पुलिस कंट्रोल रूम और फिंगरप्रिंट शाखा का निरीक्षण किया। उन्होंने अपराध अनुसंधान में फिंगरप्रिंट शाखा की महत्वपूर्ण भूमिका और वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग का अवलोकन किया, साथ ही तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर विवेचना को अधिक गुणवत्तापूर्ण और परिणाममुखी बनाने के निर्देश दिए। इसके उपरांत, पुलिस कंट्रोल रूम विदिशा में श्रीमती मिश्र की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, सभी एसडीओपी, थाना प्रभारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में सभी अधिकारियों ने 10 मिनट का हार्टफुलनेस ध्यान सत्र किया। IGP महोदया ने मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मअनुशासन के माध्यम से कार्यक्षमता बढ़ाने तथा पुलिसकर्मियों को अधिक संवेदनशील एवं प्रभावी ढंग से दायित्वों का निर्वहन करने के लिए नियमित ध्यान सत्र आयोजित करने पर जोर दिया। समीक्षा बैठक के दौरान, श्रीमती मिश्र ने आगामी त्योहारों की तैयारियों, कानून-व्यवस्था, प्रभावी पुलिसिंग और विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, साइबर जागरूकता अभियान, महिला संबंधी अपराधों में त्वरित व कठोर कार्रवाई, नशे के विरुद्ध अभियान, गौवंश के अवैध परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई, तथा सिंहस्थ-2028 की तैयारियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जनसंपर्क बढ़ाकर संवेदनशील पुलिसिंग को प्राथमिकता देने और आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता व समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा। IGP महोदया ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल दायित्व नहीं, बल्कि करुणा, संवेदनशीलता और जनसेवा का संकल्प है। उन्होंने 'देशभक्ति-जनसेवा' को पुलिस का ध्येय बताते हुए हर जरूरतमंद व्यक्ति की संवेदनशीलता के साथ सेवा करने और समय के सीमित होने को देखते हुए हर अवसर को जनहित में सार्थक बनाने पर बल दिया। बैठक के समापन पर, उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुशासित, जवाबदेह एवं संवेदनशील पुलिसिंग करते हुए प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।1
- बारिश के मौसम में अक्सर घरों और आसपास के इलाकों से जहरीले सांप निकलने की घटनाएं सामने आती हैं। इसी समस्या से निपटने के लिए विदिशा में एक विशेष टीम सक्रिय है, जो जनहित में अपनी सेवाएं प्रदान करती है। सर्प विशेषज्ञ फिरोज खान और उनके सहयोगी, जिनमें राजेश विश्वाकर्मा भी शामिल हैं, ने बताया कि अगर किसी के आसपास इस प्रकार के सांप दिखाई देते हैं, तो उन्हें तुरंत सूचित किया जाना चाहिए। यह टीम मौके पर पहुंचकर सांपों को पकड़ती है और फिर उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ने का कार्य करती है।3
- आज दिनांक 09 जुलाई 2026 को पुलिस महानिरीक्षक भोपाल (देहात) ज़ोन श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र ने विदिशा का दौरा किया। उनके आगमन पर पुलिस कंट्रोल रूम में उन्हें सलामी दी गई, जिसके बाद उन्होंने कंट्रोल रूम और फिंगरप्रिंट शाखा का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान, श्रीमती मिश्र ने अपराध अनुसंधान में फिंगरप्रिंट शाखा की महत्वपूर्ण भूमिका, वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग और शाखा की उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर विवेचना को और अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं परिणाममुखी बनाने के निर्देश दिए। इसके उपरांत, पुलिस कंट्रोल रूम विदिशा में आईजीपी महोदया की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी की उपस्थिति में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे सहित समस्त एसडीओपी, थाना प्रभारी एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय के शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत हार्टफुलनेस सत्र के अंतर्गत 10 मिनट के ध्यान से हुई, जिस पर श्रीमती मिश्र ने नियमित ध्यान एवं हार्टफुलनेस सत्र आयोजित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मअनुशासन से कार्यक्षमता बढ़ती है, जिससे पुलिसकर्मी अधिक संवेदनशील और प्रभावी ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकते हैं। समीक्षा बैठक के दौरान, उन्होंने आगामी त्योहारों की तैयारियों, कानून-व्यवस्था, प्रभावी पुलिसिंग एवं विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही, साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, साइबर जागरूकता अभियान, महिला संबंधी अपराधों में त्वरित एवं कठोर कार्रवाई, नशे के विरुद्ध अभियान, गौवंश के अवैध परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आईजीपी महोदया ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ आमजन को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक अधिकारी को जनसंपर्क बढ़ाते हुए संवेदनशील पुलिसिंग को प्राथमिकता देने तथा आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को संबोधित करते हुए, श्रीमती मिश्र ने कहा कि पुलिस सेवा केवल दायित्व नहीं, बल्कि करुणा, संवेदनशीलता और जनसेवा का संकल्प है, और पुलिस का ध्येय 'देशभक्ति-जनसेवा' है। उन्होंने जोर दिया कि 'देशभक्ति-जनसेवा' कार्य संस्कृति का आधार बने और प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति की संवेदनशीलता के साथ सेवा की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समय सीमित है, इसलिए हर अवसर को जनहित में सार्थक बनाएं, क्योंकि अच्छी नीयत से अच्छे कार्य करने वाले लोग ही विभाग और समाज को सही दिशा देते हैं। बैठक के समापन पर, उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुशासित, जवाबदेह एवं संवेदनशील पुलिसिंग करते हुए प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।2
- सागर जिले की गोपालगंज पुलिस ने अपहरण और जानलेवा हमला करने के चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे दो इनामी आरोपियों और उन्हें आश्रय देने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कुमार कश्यप के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी श्री घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में थाना गोपालगंज पुलिस ने यह कार्रवाई की। यह मामला अपराध क्रमांक 291/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, जिनमें 140(1), 191(3), 296(ए), 115(2), 118(1), 61(2) शामिल हैं, में पंजीबद्ध है। घटना 25 जून 2026 की है, जब फरियादी बिट्टू उर्फ गजानंद प्रजापति केंद्रीय जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर निकले थे। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फरियादी का पीछा किया, उन्हें जबरन कार में बैठाकर ले गए और एक सुनसान स्थान पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को उपचार के लिए बीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उनकी रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। इस मामले में पुलिस द्वारा पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया ने अंकित मिश्रा और अतुल मिश्रा पर ₹5,000-₹5,000 का नगद इनाम घोषित किया था। पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी जबलपुर में छिपे हुए हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जबलपुर में दबिश देकर अंकित मिश्रा, अतुल मिश्रा और उन्हें आश्रय देने वाले कार्तिक दुबे को हिरासत में ले लिया। तीनों को विधिवत अभिरक्षा में लेकर सागर लाया गया है तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई उपरांत माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अंकित मिश्रा के विरुद्ध 03 और अतुल मिश्रा के विरुद्ध 05 पूर्व से ही आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनका विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शशिकांत गुर्जर, उपनिरीक्षक नीरज जैन, सहायक उपनिरीक्षक धर्मसिंह मरावी, आरक्षक आषिश, प्रदीप, मनीष सहित थाना गोपालगंज एवं पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के शमशाबाद/बरखेड़ा जागीर में स्थित एक स्कूल की कक्षाएं पिछले आठ साल से एक किसान के घर की दिलान में संचालित हो रही हैं। लगभग एक वर्ष पहले विधायक सूर्य प्रकाश मीणा ने नए स्कूल भवन के लिए भूमि पूजन भी किया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि भूमि पूजन के एक साल बाद भी भवन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है।1
- पुलिस वेलफेयर के अंतर्गत पुलिस परिवार के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सुविधाएँ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में, आज 09 जुलाई 2026 को, विदिशा स्थित पुलिस लाइन में 'दिशा स्टूडेंट लर्निंग सेंटर' का उद्घाटन पुलिस महानिरीक्षक भोपाल (देहात) ज़ोन श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र ने अपने पहले विदिशा आगमन पर किया। कार्यक्रम की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी ने पुलिस महानिरीक्षक महोदया का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात, श्रीमती मिश्र ने फीता काटकर सेंटर का शुभारंभ किया और वहाँ उपलब्ध अध्ययन सुविधाओं व व्यवस्थाओं का अवलोकन कर जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिस परिवार के छात्र-छात्राओं से संवाद किया, उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के लक्ष्यों पर चर्चा करते हुए उन्हें अनुशासित रहकर निरंतर अध्ययन करने, सकारात्मक सोच अपनाने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर श्रीमती मिश्र ने कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है और यह लर्निंग सेंटर पुलिस परिवार के बच्चों को बेहतर अध्ययन वातावरण व मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस वेलफेयर केवल सुविधाएँ उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पुलिस परिवार के बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी भी शामिल है। उन्होंने 'दिशा स्टूडेंट लर्निंग सेंटर' को इसी सोच का परिणाम बताया, जो विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यक्तित्व विकास में सहायक सिद्ध होगा। इस उद्घाटन समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, यातायात थाना प्रभारी आशीष राय, रक्षित निरीक्षक भूर सिंह चौहान सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।3