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रुपवास: उपजिला अस्पताल की चयन की गई जमीन के विरोध में SDM कार्यालय बाहर धरना-प्रदर्शन जारी। संघर्ष समिति के हरिशंकर शर्मा क्या बोले सुनिए।
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रुपवास: उपजिला अस्पताल की चयन की गई जमीन के विरोध में SDM कार्यालय बाहर धरना-प्रदर्शन जारी। संघर्ष समिति के हरिशंकर शर्मा क्या बोले सुनिए।
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- रुपवास: उपजिला अस्पताल की चयन की गई जमीन के विरोध में SDM कार्यालय बाहर धरना-प्रदर्शन जारी। संघर्ष समिति के हरिशंकर शर्मा क्या बोले सुनिए।1
- 25 लख रुपए की लागत से बनेगा दाउदपुर में श्मशान घाट विधायक चौधरी बाबूलाल ने किया उद्घाटन आगरा फतेहपुर सिकरी ग्राम दाउदपुर में बनेगा 25 लख रुपए की लागत से बनेगा शमशान घाट दाउदपुर फतेहपुर सीकरी ग्रामीणों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दादपुर गांव में एक महत्वपूर्ण कदम उठ गया है गांव में 25 लख रुपए की लागत से आधुनिक शमशान घाट का निर्माण कराया जाएगा इसका शिलान्यास क्षेत्रीय विधायक चौधरी बाबूलाल के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि डॉ रामेश्वर चौधरी ने विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद किया चौधरी थान सिंह प्रधान न्यू साफा बांधकर स्वागत किया विधायक प्रतिनिधि चौधरी रामेश्वर ने क्षत्रिय ग्रामीणों को आगे की सरकार की उपलब्धियां के बारे में भी बताया और आगे भी विकास कार्य कराए जाएंगे काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे तथा आसपास के लोग भी मौजूद रहे1
- बाड़ी मुगलपुरा में शराब पीने की मना करने पर दो भाइयों में झगड़ा, बड़े भाई ने छोटे भाई पर किया हमला बाड़ी मुगलपुरा में शराब पीने की मना करने पर दो भाइयों में झगड़ा, बड़े भाई ने छोटे भाई पर किया हमला, पत्थर लगने से छोटे भाई के सिर में आई गम्भीर चोट, सदर पुलिस ने बाड़ी अस्पताल में कराया भर्ती, वही संडपुरा गांव में पेड़ से गिरा युवक, त्रिपाल बांधने के लिए चढ़ा था पेड़ पर, अचेत हुए युवक को परिजनों ने कराया अस्पताल में भर्ती, गम्भीर हालत में चिकित्सकों ने किया धौलपुर रेफर।1
- उड़ीसा की पर्यटक का रुपए 25000 कीमती मोबाइल फोन ताज सुरक्षा पुलिस ने खोज कर दिया उड़ीसा की पर्यटक का ₹25000 कीमती मोबाइल फोन ताज सुरक्षा पुलिस ने खोज कर दिया ==================== आगरा 28 अक्टूबर 2026 उड़ीसा के संबलपुर से ताजमहल देखने आई महिला पर्यटक जानवी दास पत्नी अश्वनी कुमार दास दोपहर लगभग दो बजे ताजमहल देखने गए ताजमहल भ्रमण के दौरान वह अपना रियलमी कंपनी का ₹25000 कीमती मोबाइल फोन कहीं रखकर भूल गए उन्होंने अपने मोबाइल के गुम होने की सूचना ताजमहल के पश्चिमी गेट पर क्विक रिस्पांस रिस्पांस टीम के प्रभारी उप निरीक्षक धीरेंद्र यादव को दी सूचना पर उप निरीक्षक द्वारा तत्काल उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया और सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए अनाउंसमेंट कराया गया फल स्वरुप 15 मिनट के अंदर उनका गुम मोबाइल फोन ताज सुरक्षा के अथक प्रयास से मिल गया पर्यटक के फोन के मिल जाने से उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा उन्होंने आगरा पुलिस की सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक शिवराज सिंह उप निरीक्षक धीरेंद्र यादव महिला मुख्य आरक्षी शालिनी शर्मा आरक्षी राहुल कुमार सम्मिलित हैं।2
- ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में शामिल हुआ सेवल मंदिर, कार्तिक में देशभर से आएंगे 5 हजार श्रद्धालु रिपोर्ट राजेश चौधरी राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे 250 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन,नोकिया के रिसर्च विंग के इंडिया हेड भी आध्यात्मिक शांति से हुए अभिभूत, कार्तिक में आएंगे 5000 श्रद्धालु सीकरी । ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान सेवल मंदिर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। रविवार को राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 250 श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए। भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन किया और सेवल मंदिर की पवित्र पहाड़ियों की परिक्रमा की। इस दौरान पारंपरिक खेलों का आयोजन भी हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, अजमेर और श्रीगंगानगर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मथुरा-वृंदावन की भीड़ के बीच सेवल मंदिर की शांति आकर्षित कर रही श्रद्धालुओं को सेवल मंदिर के जमुना जीवन कृष्ण दास जी ने बताया कि मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव जैसे प्रमुख ब्रज तीर्थस्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से काफी भीड़ रहती है। ऐसे में आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वाले लोग ब्रज के अन्य प्राचीन धार्मिक स्थलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सेवल मंदिर की धार्मिक महत्ता, प्राकृतिक वातावरण और पवित्र पहाड़ियां देशभर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही हैं। उन्होंने बताया कि ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा आयोजित कराने वाले कई यात्रा आयोजकों और श्रद्धालुओं ने सेवल मंदिर को भी अपनी यात्रा में शामिल करने के लिए संपर्क किया है। इसी के चलते इस बार कार्तिक मास में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के अंतर्गत करीब 5 हजार श्रद्धालुओं के सेवल मंदिर पहुंचने की संभावना है। इनमें राजस्थान के अलावा कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु शामिल होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी होने पर कार्तिक में एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जमुना जीवन कृष्ण दास जी ने कहा कि सेवल मंदिर में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बास बुर्जा के पास दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर कट बनने से जयपुर, गुड़गांव, दिल्ली से लाखों लोग बहुत ही आसानी से सेवल पहुंच पाएंगे| दास ने बताया कि कनेक्टिविटी बेहतर होती है, तो कार्तिक मास में एक 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इससे सेवल मंदिर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ स्थानीय पर्यटन और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा । नोकिया के रिसर्च विंग के इंडिया हेड ने अनुभव किया आध्यात्मिक सुकून जयपुर से यात्रा में पहुंचे नोकिया कंपनी के रिसर्च विंग के इंडिया हेड श्री बालाभूषण भी सेवल मंदिर के वातावरण से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने यहां की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण, कीर्तन और पहाड़ियों की परिक्रमा के दौरान विशेष आध्यात्मिक सुकून का अनुभव किया। यात्रा पूरी होने के बाद भी उनका मन यहां से जाने का नहीं हुआ और वे कुछ समय और सेवल मंदिर में ही रुक गए। उनका अनुभव दर्शाता है कि सेवल मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ मानसिक शांति और आध्यात्मिक आनंद की तलाश करने वाले लोगों को भी आकर्षित कर रहा है। साधु-संतों की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध है सेवल मंदिर सेवल मंदिर ब्रज चौरासी कोस के काम्यवन से जुड़ा प्राचीन तीर्थस्थल है। यह स्थान साधु-संतों की तपस्थली के रूप में जाना जाता है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण यहां गोचारण के लिए आते थे। मंदिर की पवित्र पहाड़ियां, प्राकृतिक परिवेश और आध्यात्मिक परंपराएं इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में सेवल मंदिर को शामिल किए जाने से क्षेत्र की धार्मिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की उम्मीद है। कार्तिक मास में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण यहां धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और सेवल मंदिर के ब्रज के प्रमुख तीर्थस्थलों के साथ पर्यटन मानचित्र पर उभरने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में शामिल हुआ सेवल मंदिर, कार्तिक में देशभर से आएंगे 5 हजार श्रद्धालु रिपोर्ट राजेश चौधरी राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे 250 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन,नोकिया के रिसर्च विंग के इंडिया हेड भी आध्यात्मिक शांति से हुए अभिभूत, कार्तिक में आएंगे 5000 श्रद्धालु सीकरी । ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान सेवल मंदिर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। रविवार को राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 250 श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए। भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन किया और सेवल मंदिर की पवित्र पहाड़ियों की परिक्रमा की। इस दौरान पारंपरिक खेलों का आयोजन भी हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, अजमेर और श्रीगंगानगर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मथुरा-वृंदावन की भीड़ के बीच सेवल मंदिर की शांति आकर्षित कर रही श्रद्धालुओं को सेवल मंदिर के जमुना जीवन कृष्ण दास जी ने बताया कि मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव जैसे प्रमुख ब्रज तीर्थस्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से काफी भीड़ रहती है। ऐसे में आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वाले लोग ब्रज के अन्य प्राचीन धार्मिक स्थलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सेवल मंदिर की धार्मिक महत्ता, प्राकृतिक वातावरण और पवित्र पहाड़ियां देशभर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही हैं। उन्होंने बताया कि ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा आयोजित कराने वाले कई यात्रा आयोजकों और श्रद्धालुओं ने सेवल मंदिर को भी अपनी यात्रा में शामिल करने के लिए संपर्क किया है। इसी के चलते इस बार कार्तिक मास में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के अंतर्गत करीब 5 हजार श्रद्धालुओं के सेवल मंदिर पहुंचने की संभावना है। इनमें राजस्थान के अलावा कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु शामिल होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी होने पर कार्तिक में एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जमुना जीवन कृष्ण दास जी ने कहा कि सेवल मंदिर में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बास बुर्जा के पास दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर कट बनने से जयपुर, गुड़गांव, दिल्ली से लाखों लोग बहुत ही आसानी से सेवल पहुंच पाएंगे| दास ने बताया कि कनेक्टिविटी बेहतर होती है, तो कार्तिक मास में एक 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इससे सेवल मंदिर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ स्थानीय पर्यटन और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा । नोकिया के रिसर्च विंग के इंडिया हेड ने अनुभव किया आध्यात्मिक सुकून जयपुर से यात्रा में पहुंचे नोकिया कंपनी के रिसर्च विंग के इंडिया हेड श्री बालाभूषण भी सेवल मंदिर के वातावरण से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने यहां की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण, कीर्तन और पहाड़ियों की परिक्रमा के दौरान विशेष आध्यात्मिक सुकून का अनुभव किया। यात्रा पूरी होने के बाद भी उनका मन यहां से जाने का नहीं हुआ और वे कुछ समय और सेवल मंदिर में ही रुक गए। उनका अनुभव दर्शाता है कि सेवल मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ मानसिक शांति और आध्यात्मिक आनंद की तलाश करने वाले लोगों को भी आकर्षित कर रहा है। साधु-संतों की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध है सेवल मंदिर सेवल मंदिर ब्रज चौरासी कोस के काम्यवन से जुड़ा प्राचीन तीर्थस्थल है। यह स्थान साधु-संतों की तपस्थली के रूप में जाना जाता है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण यहां गोचारण के लिए आते थे। मंदिर की पवित्र पहाड़ियां, प्राकृतिक परिवेश और आध्यात्मिक परंपराएं इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में सेवल मंदिर को शामिल किए जाने से क्षेत्र की धार्मिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की उम्मीद है। कार्तिक मास में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण यहां धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और सेवल मंदिर के ब्रज के प्रमुख तीर्थस्थलों के साथ पर्यटन मानचित्र पर उभरने की संभावनाएं बढ़ रही हैं।1
- आगरा ब्रेकिंग डॉ आकाश अग्रवाल की जीत पर आप सिंह ने दी बधाई वैश्य समाज के सम्मान का उठाया मुद्दा आगरा एमएलसी डॉ आकाश अग्रवाल की जीत पर भारतीय किसान यूनियन इंडिया के जिला अध्यक्ष ओपी सिंह ने उन्हें बधाई दी इस दौरान उन्होंने डॉक्टर आकाश अग्रवाल के साथ बहसवा में किए गए कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना की कड़े शब्दों में की निंदा1
- वाल्मीकि जन्मोत्सव शोभायात्रा के मंच पर जमकर दूसरे पक्ष को सुनाई खरी खोटी वाल्मीकि जन्मोत्सव शोभायात्रा पर गुटबाजी का साया, बहिष्कार के ऐलान के बीच मुट्ठी भर झांकियों के साथ निकली यात्रा शोभायात्रा अध्यक्ष अमरदीप वाल्मीकि की सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी हलचल, आरोप-प्रत्यारोप और आपसी महिमामंडन के बीच फीकी नजर आई आयोजन की भव्यता आगरा। भगवान महर्षि वाल्मीकि जन्मोत्सव पर निकलने वाली शोभायात्रा इस बार धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता से ज्यादा आपसी मतभेदों को लेकर चर्चा में रही। एक ओर शोभायात्रा अध्यक्ष अमरदीप वाल्मीकि ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर शोभायात्रा के बहिष्कार की घोषणा की, तो दूसरी ओर विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के बीच शोभायात्रा निकाली गई। हालांकि, यात्रा में मुट्ठी भर झांकियां ही नजर आईं। ऐसे में आयोजन की भव्यता, जनभागीदारी और दोनों पक्षों के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठने लगे। सोशल मीडिया पोस्ट से सामने आया विवाद, बहिष्कार के ऐलान ने खींचा ध्यान शोभायात्रा को लेकर चल रहे घटनाक्रम में उस समय नया मोड़ आया, जब दूसरे पक्ष के शोभायात्रा अध्यक्ष अमरदीप वाल्मीकि ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बहिष्कार की घोषणा की। इस ऐलान ने आयोजन से जुड़े मतभेदों को सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया। हालांकि, बहिष्कार के पीछे अमरदीप वाल्मीकि ने पोस्ट में क्या कारण बताए, इसे स्पष्ट रूप से सामने रखना जरूरी है, ताकि उनके निर्णय की पृष्ठभूमि पाठकों तक तथ्यात्मक रूप से पहुंच सके। आरोप-प्रत्यारोप के बीच निकली शोभायात्रा, भव्यता पर उठे सवाल दोनों पक्षों के बीच जारी मतभेदों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच शोभायात्रा का आयोजन किया गया। लेकिन सीमित संख्या में झांकियों की मौजूदगी ने आयोजन के स्वरूप को लेकर चर्चा छेड़ दी। सवाल यह है कि क्या आपसी मतभेदों का असर तैयारियों और जनभागीदारी पर पड़ा, या इसके पीछे कोई अन्य कारण थे? इसका जवाब संबंधित पक्षों के बयान और आयोजन से जुड़े तथ्यों के आधार पर ही सामने आ सकता है। भगवान वाल्मीकि का संदेश पीछे, आपसी खींचतान चर्चा में भगवान महर्षि वाल्मीकि का जन्मोत्सव सामाजिक समरसता, समानता और एकता का संदेश देने का अवसर है। ऐसे आयोजन में यदि अलग-अलग पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाती और बहिष्कार जैसी स्थिति सामने आती है, तो स्वाभाविक रूप से सामूहिक नेतृत्व और आपसी संवाद पर सवाल उठते हैं। आयोजन की सफलता केवल शोभायात्रा निकाल देने से नहीं, बल्कि समाज की व्यापक भागीदारी और साझा प्रयासों से भी आंकी जाती है। ऐसे में इस बार सामने आए विवाद के कारणों, बहिष्कार के फैसले और आयोजन में सीमित झांकियों की मौजूदगी पर संबंधित पक्षों का स्पष्ट पक्ष सामने आना जरूरी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि भगवान वाल्मीकि के जन्मोत्सव जैसे सामाजिक और धार्मिक आयोजन में आपसी मतभेदों को समय रहते सुलझाकर संयुक्त प्रयास क्यों नहीं हो सके? फिलहाल, बहिष्कार की घोषणा, दोनों पक्षों के बीच विवाद और सीमित झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा इस आयोजन के प्रमुख चर्चा के विषय बने हुए हैं।2
- उपजिला_अस्पताल_क_ भूमि को लेकर बवाल, 5वें दिन धरना.... रूपवास उपजिला चिकित्सालय के लिए ग्राम पंचायत चैकोरा के गांव देविया के नगला में भूमि आवंटन के विरोध में क्षेत्रवासियों का धरना 5वें दिन भी जारी रहा। पार्षद गोविंद सिंह परमार के मुख्य आतिथ्य और पार्षद होरीलाल कोली की अध्यक्षता में हुए धरने के बाद लोगों ने SDM को मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और विधायक डॉ. ऋतु बनावत के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आवंटित भूमि शहर से 5 किमी दूर, बीहड़ में है और वहां आवागमन के साधन नहीं हैं। इसलिए यह पूरी तरह अनुपयोगी है। अखिल राजस्थान जन विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष हरिशंकर शर्मा ने मांग की कि आवंटन निरस्त कर अस्पताल का निर्माण वर्तमान स्थल या शहर के पास सरकारी जमीन पर कराया जाए। पार्षद गोविंद सिंह परमार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि अगर मांग नहीं मानी गई तो दीपावली के बाद उग्र आंदोलन किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो न्यायालय की शरण भी ली जाएगी।1