मध्य प्रदेश के सतपाड़ा में विद्युत कटौती और दिन में 10 घंटे बिजली न मिलने से आक्रोशित किसानों ने सतपाड़ा सबस्टेशन पर जमकर नारेबाजी की। शमशाबाद, रुसली, पीपलखेड़ा, ब्यौची सहित लगभग 8 से 10 गांवों के किसान आज सतपाड़ा सबस्टेशन पहुंचे। किसानों ने आरोप लगाया कि विद्युत मंडल उन्हें 10 घंटे बिजली उपलब्ध नहीं करा रहा है, जबकि मध्य प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव दिन में 10 घंटे बिजली देने की बात बार-बार दोहरा रहे हैं। किसानों ने बताया कि पिछले तीन से चार दिनों से लगातार बिजली कटौती हो रही है और अब उन्हें रात में बिजली देने की बात कही जा रही है, जिससे वे बेहद नाराज हैं। इसी नाराजगी के चलते किसान सुबह लगभग 9:30 बजे से 3:00 बजे तक सतपाड़ा सबस्टेशन पर एकत्र हुए और विद्युत मंडल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसकी जानकारी मिलने पर D गोपाल मिश्रा, JE नितेश नामदेव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी सतपाड़ा सबस्टेशन पहुंचे और किसानों से बातचीत की। हालांकि, अधिकारियों ने किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने में असमर्थता जताई, जिसमें JE नितेश नामदेव ने बताया कि अत्यधिक लोड के कारण फीडर ओवरलोड हो रहा है। किसानों ने अधिकारियों के जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि रबी फसल के समय, जब सभी किसानों को बिजली की अधिक आवश्यकता होती है, तब फीडर ओवरलोड क्यों नहीं होता, जबकि खरीफ के मौसम में यह ओवरलोड कैसे हो रहा है। किसानों की स्पष्ट मांग है कि यदि फीडर ओवरलोड हो रहा है तो मशीनों को बदला जाए और उनका वोल्टेज बढ़ाया जाए ताकि दिन में अधिक से अधिक किसानों को बिजली मिल सके। इस मुद्दे पर किसानों और विद्युत मंडल के बीच तनातनी देखने को मिली, जहां किसानों ने प्रशासन से सीधे तौर पर दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है।
मध्य प्रदेश के सतपाड़ा में विद्युत कटौती और दिन में 10 घंटे बिजली न मिलने से आक्रोशित किसानों ने सतपाड़ा सबस्टेशन पर जमकर नारेबाजी की। शमशाबाद, रुसली, पीपलखेड़ा, ब्यौची सहित लगभग 8 से 10 गांवों के किसान आज सतपाड़ा सबस्टेशन पहुंचे। किसानों ने आरोप लगाया कि विद्युत मंडल उन्हें 10 घंटे बिजली उपलब्ध नहीं करा रहा है, जबकि मध्य प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव दिन में 10 घंटे बिजली देने की बात बार-बार दोहरा रहे हैं। किसानों ने बताया कि पिछले तीन से चार दिनों से लगातार बिजली कटौती हो रही है और अब उन्हें रात में बिजली देने की बात कही जा रही है, जिससे वे बेहद नाराज हैं। इसी नाराजगी के चलते किसान सुबह लगभग 9:30 बजे से 3:00 बजे तक सतपाड़ा सबस्टेशन पर एकत्र हुए और विद्युत मंडल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसकी जानकारी मिलने पर D गोपाल मिश्रा, JE नितेश नामदेव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी सतपाड़ा सबस्टेशन पहुंचे और किसानों से बातचीत की। हालांकि, अधिकारियों ने किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने में असमर्थता जताई, जिसमें JE नितेश नामदेव ने बताया कि अत्यधिक लोड के कारण फीडर ओवरलोड हो रहा है। किसानों ने अधिकारियों के जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि रबी फसल के समय, जब सभी किसानों को बिजली की अधिक आवश्यकता होती है, तब फीडर ओवरलोड क्यों नहीं होता, जबकि खरीफ के मौसम में यह ओवरलोड कैसे हो रहा है। किसानों की स्पष्ट मांग है कि यदि फीडर ओवरलोड हो रहा है तो मशीनों को बदला जाए और उनका वोल्टेज बढ़ाया जाए ताकि दिन में अधिक से अधिक किसानों को बिजली मिल सके। इस मुद्दे पर किसानों और विद्युत मंडल के बीच तनातनी देखने को मिली, जहां किसानों ने प्रशासन से सीधे तौर पर दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है।
- मध्य प्रदेश के शमशाबाद/बरखेड़ा जागीर में स्थित एक स्कूल की कक्षाएं पिछले आठ साल से एक किसान के घर की दिलान में संचालित हो रही हैं। लगभग एक वर्ष पहले विधायक सूर्य प्रकाश मीणा ने नए स्कूल भवन के लिए भूमि पूजन भी किया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि भूमि पूजन के एक साल बाद भी भवन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है।1
- भोपाल से राजगढ़ की ओर यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। इस सूचना में यह सवाल उठाया गया है कि क्या अब लोगों के लिए इस मार्ग पर जाना संभव नहीं होगा।1
- विदिशा में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले को लेकर महिला कांग्रेस ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है। माधवगंज चौराहे पर महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने ढोल-मंजीरे और भजन-कीर्तन के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर 'सोई हुई सरकार' को जगाने का प्रयास किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से उनका गुस्सा राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी पर फूटा है। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान मामले के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि देशभर के श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ भगवान श्रीराम के मंदिर में दान दिया था, और इस आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने ढोल-मंजीरे बजाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया और मांग की कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए, क्योंकि यह 'आस्था पर डाका' है। महिला कांग्रेस नेत्री नीतू सिंह राजपूत ने बताया कि वे पूरे प्रदेश में भजन-कीर्तन के माध्यम से 'सोई हुई सरकार' को जगाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी करने वालों को जल्द गिरफ्तार कर संविधान और कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।4
- भोपाल (देहात) ज़ोन की पुलिस महानिरीक्षक (IGP) श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र ने 09 जुलाई 2026 को विदिशा का दौरा किया, जहाँ पुलिस कंट्रोल रूम में उन्हें सलामी दी गई। अपने आगमन पर, IGP महोदया ने पुलिस कंट्रोल रूम और फिंगरप्रिंट शाखा का निरीक्षण किया। उन्होंने अपराध अनुसंधान में फिंगरप्रिंट शाखा की महत्वपूर्ण भूमिका और वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग का अवलोकन किया, साथ ही तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर विवेचना को अधिक गुणवत्तापूर्ण और परिणाममुखी बनाने के निर्देश दिए। इसके उपरांत, पुलिस कंट्रोल रूम विदिशा में श्रीमती मिश्र की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, सभी एसडीओपी, थाना प्रभारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में सभी अधिकारियों ने 10 मिनट का हार्टफुलनेस ध्यान सत्र किया। IGP महोदया ने मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मअनुशासन के माध्यम से कार्यक्षमता बढ़ाने तथा पुलिसकर्मियों को अधिक संवेदनशील एवं प्रभावी ढंग से दायित्वों का निर्वहन करने के लिए नियमित ध्यान सत्र आयोजित करने पर जोर दिया। समीक्षा बैठक के दौरान, श्रीमती मिश्र ने आगामी त्योहारों की तैयारियों, कानून-व्यवस्था, प्रभावी पुलिसिंग और विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, साइबर जागरूकता अभियान, महिला संबंधी अपराधों में त्वरित व कठोर कार्रवाई, नशे के विरुद्ध अभियान, गौवंश के अवैध परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई, तथा सिंहस्थ-2028 की तैयारियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जनसंपर्क बढ़ाकर संवेदनशील पुलिसिंग को प्राथमिकता देने और आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता व समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा। IGP महोदया ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल दायित्व नहीं, बल्कि करुणा, संवेदनशीलता और जनसेवा का संकल्प है। उन्होंने 'देशभक्ति-जनसेवा' को पुलिस का ध्येय बताते हुए हर जरूरतमंद व्यक्ति की संवेदनशीलता के साथ सेवा करने और समय के सीमित होने को देखते हुए हर अवसर को जनहित में सार्थक बनाने पर बल दिया। बैठक के समापन पर, उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुशासित, जवाबदेह एवं संवेदनशील पुलिसिंग करते हुए प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।1
- मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत लोकायुक्त भोपाल की टीम ने विदिशा जिले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने नटेरन तहसील में पदस्थ पटवारी संदीप यादव को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, जिससे तहसील कार्यालय और जिले के राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। यह मामला तब सामने आया जब विदिशा के काठी मोहल्ला निवासी प्रमेन्द्र धाकड़ ने अपनी पारिवारिक जमीन के बंटवारे, नामांतरण और फौती (उत्तराधिकार) संबंधी कार्य के लिए नटेरन तहसील का रुख किया। आरोप है कि इस शासकीय कार्य को पूरा करने के एवज में हलका पटवारी संदीप यादव ने प्रमेन्द्र से 30,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत देने के बजाय, शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र धाकड़ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया और इसकी लिखित शिकायत लोकायुक्त कार्यालय, भोपाल में दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया और नटेरन तहसील के ठीक पीछे स्थित पटवारी के निजी कार्यालय पर अचानक दबिश दी। जैसे ही शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र ने पटवारी संदीप यादव को कैमिकल लगे 30 हजार रुपये थमाए, वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त की विशेष टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी पटवारी के हाथ धुलवाए गए, जिससे पानी गुलाबी हो गया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। समाचार लिखे जाने तक मौके पर लोकायुक्त टीम की कागजी और वैधानिक कार्रवाई जारी थी, और इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के अन्य भ्रष्ट कर्मचारियों में भी हड़कंप का माहौल है।1
- बारिश के मौसम में अक्सर घरों और आसपास के इलाकों से जहरीले सांप निकलने की घटनाएं सामने आती हैं। इसी समस्या से निपटने के लिए विदिशा में एक विशेष टीम सक्रिय है, जो जनहित में अपनी सेवाएं प्रदान करती है। सर्प विशेषज्ञ फिरोज खान और उनके सहयोगी, जिनमें राजेश विश्वाकर्मा भी शामिल हैं, ने बताया कि अगर किसी के आसपास इस प्रकार के सांप दिखाई देते हैं, तो उन्हें तुरंत सूचित किया जाना चाहिए। यह टीम मौके पर पहुंचकर सांपों को पकड़ती है और फिर उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ने का कार्य करती है।3
- मध्य प्रदेश के सतपाड़ा में विद्युत कटौती और दिन में 10 घंटे बिजली न मिलने से आक्रोशित किसानों ने सतपाड़ा सबस्टेशन पर जमकर नारेबाजी की। शमशाबाद, रुसली, पीपलखेड़ा, ब्यौची सहित लगभग 8 से 10 गांवों के किसान आज सतपाड़ा सबस्टेशन पहुंचे। किसानों ने आरोप लगाया कि विद्युत मंडल उन्हें 10 घंटे बिजली उपलब्ध नहीं करा रहा है, जबकि मध्य प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव दिन में 10 घंटे बिजली देने की बात बार-बार दोहरा रहे हैं। किसानों ने बताया कि पिछले तीन से चार दिनों से लगातार बिजली कटौती हो रही है और अब उन्हें रात में बिजली देने की बात कही जा रही है, जिससे वे बेहद नाराज हैं। इसी नाराजगी के चलते किसान सुबह लगभग 9:30 बजे से 3:00 बजे तक सतपाड़ा सबस्टेशन पर एकत्र हुए और विद्युत मंडल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसकी जानकारी मिलने पर D गोपाल मिश्रा, JE नितेश नामदेव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी सतपाड़ा सबस्टेशन पहुंचे और किसानों से बातचीत की। हालांकि, अधिकारियों ने किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने में असमर्थता जताई, जिसमें JE नितेश नामदेव ने बताया कि अत्यधिक लोड के कारण फीडर ओवरलोड हो रहा है। किसानों ने अधिकारियों के जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि रबी फसल के समय, जब सभी किसानों को बिजली की अधिक आवश्यकता होती है, तब फीडर ओवरलोड क्यों नहीं होता, जबकि खरीफ के मौसम में यह ओवरलोड कैसे हो रहा है। किसानों की स्पष्ट मांग है कि यदि फीडर ओवरलोड हो रहा है तो मशीनों को बदला जाए और उनका वोल्टेज बढ़ाया जाए ताकि दिन में अधिक से अधिक किसानों को बिजली मिल सके। इस मुद्दे पर किसानों और विद्युत मंडल के बीच तनातनी देखने को मिली, जहां किसानों ने प्रशासन से सीधे तौर पर दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- आज सुबह भोपाल में आयशर कॉलेज के पास एथेनॉल से भरे एक टैंकर के केबिन में अचानक आग लग गई। सुबह करीब 11:15 बजे हुई इस घटना के बाद, समय पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और एक फायर ब्रिगेड वाहन की मदद से आग पर तुरंत काबू पा लिया गया। आग केवल टैंकर के केबिन तक ही सीमित रही, जिससे टैंकर में भरा एथेनॉल पूरी तरह सुरक्षित बचा रहा। दमकलकर्मियों की तत्परता से आग बुझने के कारण एक बड़ा हादसा और संभावित विस्फोट टल गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। हादसे में टैंकर का केबिन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। आग लगने के समय ट्रक चालक मौके पर मौजूद नहीं था, और उसकी तलाश के साथ-साथ पूछताछ भी की जा रही है। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है, और पुलिस तथा संबंधित विभाग इसकी जांच में जुटे हुए हैं।1