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गुमला: भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी दिलेश्वर महत्तो द्वारा स्वयं अपनी स्व-गणना (Self Enumeration) की गई। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों से भी इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। गुमला: भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी दिलेश्वर महत्तो द्वारा स्वयं अपनी स्व-गणना (Self Enumeration) की गई। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों से भी इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उपायुक्त ने जानकारी दी कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण, अर्थात् मकान सूचीकरण कार्य, राज्य में दिनांक 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसके पूर्व 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्व-गणना की प्रक्रिया अत्यंत सरल एवं सुगम है, जिसे कोई भी नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आसानी से पूरा कर सकता है। उपायुक्त ने स्वयं स्व-गणना कर इसकी सहजता का अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह समय की बचत के साथ-साथ जनगणना प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं सटीक बनाता है। उपायुक्त ने गुमला जिले के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित अवधि के भीतर स्व-गणना अवश्य करें एवं इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

11 hrs ago
user_राहुल कुमार
राहुल कुमार
Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
11 hrs ago

गुमला: भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी दिलेश्वर महत्तो द्वारा स्वयं अपनी स्व-गणना (Self Enumeration) की गई। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों से भी इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। गुमला: भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी दिलेश्वर महत्तो द्वारा स्वयं अपनी स्व-गणना (Self Enumeration) की गई। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों से भी इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उपायुक्त ने जानकारी दी कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण, अर्थात् मकान सूचीकरण कार्य, राज्य में दिनांक 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसके पूर्व 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्व-गणना की प्रक्रिया अत्यंत सरल एवं सुगम है, जिसे कोई भी नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आसानी से पूरा कर सकता है। उपायुक्त ने स्वयं स्व-गणना कर इसकी सहजता का अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह समय की बचत के साथ-साथ जनगणना प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं सटीक बनाता है। उपायुक्त ने गुमला जिले के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित अवधि के भीतर स्व-गणना अवश्य करें एवं इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

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  • गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा आज शनिवार को पालकोट प्रखंड सह अंचल कार्यालय एवं नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था एवं साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई, जिस पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। प्रखंड कार्यालय के निरीक्षण के दौरान विभिन्न कक्षों, शौचालयों एवं कार्यालय परिसर में फैली गंदगी पर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए बीडीओ को स्पष्ट चेतावनी दी कि 24 घंटे के भीतर संपूर्ण परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करें, अन्यथा जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यालय का प्रत्येक कक्ष, चैम्बर एवं वॉशरूम स्वच्छ एवं व्यवस्थित रहना चाहिए तथा सभी कर्मी इसकी जवाबदेही सुनिश्चित करें। साथ ही उपायुक्त ने पूरे प्रखंड कार्यालय का विस्तृत भ्रमण करते हुए प्रत्येक चैम्बर का निरीक्षण किया तथा निर्देश दिया कि सभी कर्मियों एवं पदाधिकारियों के लिए बैठने की समुचित एवं व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के क्रम में उपस्थिति पंजी, रोकड़ पंजी एवं वेतन पंजी की जांच की गई। एक कर्मी (नाजीर) के बिना अनुमति अनुपस्थित पाए जाने पर एक दिन का वेतन स्थगित करने का आदेश दिया गया। साथ ही लंबित मामलों पर गंभीरता नहीं बरतने पर नाराजगी जताते हुए म्यूटेशन, जाति, आय एवं आवासीय प्रमाणपत्रों के लंबित आवेदनों को शून्य करने का सख्त निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को दिया गया। उपायुक्त ने आवास योजनाओं की समीक्षा करते हुए पूर्ण हो चुके आवासों का जियो-टैगिंग तत्काल कराने एवं सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आंगनबाड़ी सेवाओं की समीक्षा के दौरान एलएस एवं सीडीपीओ को फील्ड विजिट बढ़ाने, सेविकाओं की मॉनिटरिंग करने तथा पोषण वाटिका को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों हेतु प्राप्त वेट मशीन एवं पंखों के शीघ्र वितरण का आदेश दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन तैयार होने के बावजूद डॉक्टरों की भारी कमी है तथा मात्र तीन चिकित्सकों के भरोसे व्यवस्था संचालित हो रही है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप ओपीडी सेवाओं को प्रभावी बनाया जाए, ताकि स्थानीय मरीजों को अनावश्यक रूप से जिला अस्पताल रेफर न करना पड़े। अस्पताल में बिजली व्यवस्था दो दिनों से बाधित रहने एवं 108 एम्बुलेंस के खराब रहने पर गहरी नाराजगी जताते हुए उपायुक्त ने सिविल सर्जन को तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान एक जले हुए मरीज से मुलाकात कर उसके समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
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    गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा आज शनिवार को  पालकोट प्रखंड सह अंचल कार्यालय एवं नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था एवं साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई, जिस पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
प्रखंड कार्यालय के निरीक्षण के दौरान विभिन्न कक्षों, शौचालयों एवं कार्यालय परिसर में फैली गंदगी पर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए बीडीओ को स्पष्ट चेतावनी दी कि 24 घंटे के भीतर संपूर्ण परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करें, अन्यथा जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यालय का प्रत्येक कक्ष, चैम्बर एवं वॉशरूम स्वच्छ एवं व्यवस्थित रहना चाहिए तथा सभी कर्मी इसकी जवाबदेही सुनिश्चित करें।
साथ ही उपायुक्त ने पूरे प्रखंड कार्यालय का विस्तृत भ्रमण करते हुए प्रत्येक चैम्बर का निरीक्षण किया तथा निर्देश दिया कि सभी कर्मियों एवं पदाधिकारियों के लिए बैठने की समुचित एवं व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के क्रम में उपस्थिति पंजी, रोकड़ पंजी एवं वेतन पंजी की जांच की गई। एक कर्मी (नाजीर) के बिना अनुमति अनुपस्थित पाए जाने पर एक दिन का वेतन स्थगित करने का आदेश दिया गया। साथ ही लंबित मामलों पर गंभीरता नहीं बरतने पर नाराजगी जताते हुए म्यूटेशन, जाति, आय एवं आवासीय प्रमाणपत्रों के लंबित आवेदनों को शून्य करने का सख्त निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को दिया गया।
उपायुक्त ने आवास योजनाओं की समीक्षा करते हुए पूर्ण हो चुके आवासों का जियो-टैगिंग तत्काल कराने एवं सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आंगनबाड़ी सेवाओं की समीक्षा के दौरान एलएस एवं सीडीपीओ को फील्ड विजिट बढ़ाने, सेविकाओं की मॉनिटरिंग करने तथा पोषण वाटिका को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों हेतु प्राप्त वेट मशीन एवं पंखों के शीघ्र वितरण का आदेश दिया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन तैयार होने के बावजूद डॉक्टरों की भारी कमी है तथा मात्र तीन चिकित्सकों के भरोसे व्यवस्था संचालित हो रही है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप ओपीडी सेवाओं को प्रभावी बनाया जाए, ताकि स्थानीय मरीजों को अनावश्यक रूप से जिला अस्पताल रेफर न करना पड़े।
अस्पताल में बिजली व्यवस्था दो दिनों से बाधित रहने एवं 108 एम्बुलेंस के खराब रहने पर गहरी नाराजगी जताते हुए उपायुक्त ने सिविल सर्जन को तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान एक जले हुए मरीज से मुलाकात कर उसके समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
    user_Shivam Singh
    Shivam Singh
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    12 hrs ago
  • Post by हमर जशपुर
    1
    Post by हमर जशपुर
    user_हमर जशपुर
    हमर जशपुर
    Jashpur, Chhattisgarh•
    19 hrs ago
  • Post by Altamas Rja
    1
    Post by Altamas Rja
    user_Altamas Rja
    Altamas Rja
    Local News Reporter Gumla, Jharkhand•
    20 hrs ago
  • घाघरा थाना क्षेत्र के मसरिया मोड़ स्थित कस्तूरबा विद्यालय के समीप सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई जबकि दूसरा युवक घायल हो गया। मृतक की पहचान दोदांग ग्राम निवासी रोहित उरांव व घायल की पहचान सोनू उरांव के रूप में हुई है। घटना के बाबत पुलिस ने बताया कि बीती देर रात दोनों युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव दोदांग से घाघरा की ओर जा रहे थे। इसी बीच कस्तूरबा विद्यालय के समीप उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित हो गई जिससे दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को अस्पताल पहुंचाया।जहा चिकित्सक ने रोहित उरांव को मृत घोषित कर दिया। जबकि सोनू का इलाज जारी है।
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    घाघरा थाना क्षेत्र के मसरिया मोड़ स्थित कस्तूरबा विद्यालय के समीप सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई जबकि दूसरा युवक घायल हो गया। मृतक की पहचान दोदांग ग्राम निवासी रोहित उरांव व घायल की पहचान सोनू उरांव के रूप में हुई है। घटना के बाबत पुलिस ने बताया कि बीती देर रात दोनों युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव दोदांग से घाघरा की ओर जा रहे थे। इसी बीच कस्तूरबा विद्यालय के समीप उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित हो गई जिससे दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को अस्पताल पहुंचाया।जहा चिकित्सक ने रोहित उरांव को मृत घोषित कर दिया। जबकि सोनू का इलाज जारी है।
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    22 hrs ago
  • उच्च न्यायालय के न्यायधीश निजी चतुर्थ वर्गीय कर्मी झारखंड राज्य के लिए बनी मिशाल मिला संपूर्ण योजना का लाभ
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    उच्च न्यायालय के न्यायधीश निजी चतुर्थ वर्गीय कर्मी झारखंड राज्य के लिए बनी मिशाल मिला संपूर्ण योजना का लाभ
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • Post by AAM JANATA
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    Post by AAM JANATA
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    11 hrs ago
  • *शिक्षक का स्नेह ही वह चाबी है, जो बच्चे के भीतर छिपी प्रतिभा का द्वार खोलती है -विजय बहादुर सिंह।* बालकों के सर्वांगीण विकास और उन्हें संस्कारयुक्त शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, गुमला में दो दिवसीय संकुल स्तरीय शिशु वाटिका कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला में गुमला संकुल के विभिन्न विद्यालयों— भरनो, कैम्बा टेंगेरिया, आदर, मुर्गो और सिसई की वाटिका दीदी उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामकिशोर रजक, सचिव विजय बहादुर सिंह, पूर्व विभाग शिशु वाटिका प्रमुख पूनम सारंगी, प्राचार्य जितेन्द्र तिवारी एवं कार्यक्रम प्रमुख अर्चना मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। प्राचार्य जितेन्द्र तिवारी ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि शिशु वाटिका का मूल आधार शिशुओं में पंचकोष का विकास करना है। उन्होंने जोर देकर कहा, यदि हम बच्चों में शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास के 12 क्रियाकलापों को सही ढंग से लागू करें, तो हम एक श्रेष्ठ और आदर्श नागरिक की नींव रख सकते हैं। *शारीरिक, मानसिक विकास आध्यात्मिक विकास का संतुलन ही एक आदर्श नागरिक की नींव है जितेंद्र तिवारी।* वहीं, विशेषज्ञ पूनम सारंगी ने शिशु वाटिका की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं की बारीकियों और उनकी उपयोगिता पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने अपील की कि वह बालकों को मां तथा दादी बनकर शिक्षा दें। विद्यालय के सचिव विजय बहादुर सिंह ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि शिशु उस कच्ची मिट्टी के समान होते हैं, जिन्हें जैसा रूप दिया जाए वे वैसे ही बन जाते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी दीदी जी से आह्वान करते हुए कहा कि हमारी शिशु वाटिका केवल एक पाठशाला नहीं बल्कि वह संस्कारशाला है जहाँ खेल-खेल में बच्चों के व्यक्तित्व को निखारा जाता है। हमें ऐसी शिक्षा पद्धति पर काम करना है जहाँ बच्चा विद्यालय आने के लिए डरे नहीं, बल्कि उत्साहित रहे। एक शिक्षिका का स्नेह ही बच्चे की छिपी प्रतिभा को उजागर कर सकता है। दो दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में प्रशिक्षण के साथ-साथ कई रचनात्मक गतिविधियाँ भी आकर्षण का केंद्र होने वाली है वाटिका के नन्हे शिशुओं द्वारा बनाई गई सुंदर कलाकृतियों का प्रदर्शन। रंगमंच एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, बच्चों और दीदी जी द्वारा विभिन्न रचनात्मक प्रस्तुतियाँ। शारीरिक और मानसिक स्फूर्ति के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए खेलों का अभ्यास। इस कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक और पारंपरिक शिक्षा पद्धति के समन्वय का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी वैश्विक स्तर की गुणवत्तापूर्ण और सुसंस्कृत शिक्षा प्राप्त हो सके।
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    *शिक्षक का स्नेह ही वह चाबी है, जो बच्चे के भीतर छिपी प्रतिभा का द्वार खोलती है -विजय बहादुर सिंह।*  
बालकों के सर्वांगीण विकास और उन्हें संस्कारयुक्त शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, गुमला में दो दिवसीय संकुल स्तरीय शिशु वाटिका कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला में गुमला संकुल के विभिन्न विद्यालयों— भरनो, कैम्बा टेंगेरिया, आदर, मुर्गो और सिसई की वाटिका दीदी उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामकिशोर रजक, सचिव विजय बहादुर सिंह, पूर्व विभाग शिशु वाटिका प्रमुख पूनम सारंगी, प्राचार्य जितेन्द्र तिवारी एवं कार्यक्रम प्रमुख अर्चना मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। 
प्राचार्य जितेन्द्र तिवारी ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि शिशु वाटिका का मूल आधार शिशुओं में पंचकोष का विकास करना है। उन्होंने जोर देकर कहा, यदि हम बच्चों में शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास के 12 क्रियाकलापों को सही ढंग से लागू करें, तो हम एक श्रेष्ठ और आदर्श नागरिक की नींव रख सकते हैं। *शारीरिक, मानसिक विकास आध्यात्मिक विकास का संतुलन ही एक आदर्श नागरिक की नींव है जितेंद्र तिवारी।* वहीं, विशेषज्ञ पूनम सारंगी ने शिशु वाटिका की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं की बारीकियों और उनकी उपयोगिता पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने अपील की कि वह बालकों को मां तथा दादी बनकर शिक्षा दें।
विद्यालय के सचिव विजय बहादुर सिंह ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि शिशु उस कच्ची मिट्टी के समान होते हैं, जिन्हें जैसा रूप दिया जाए वे वैसे ही बन जाते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी दीदी जी से आह्वान करते हुए कहा कि हमारी शिशु वाटिका केवल एक पाठशाला नहीं बल्कि वह संस्कारशाला है जहाँ खेल-खेल में बच्चों के व्यक्तित्व को निखारा जाता है। हमें ऐसी शिक्षा पद्धति पर काम करना है जहाँ बच्चा विद्यालय आने के लिए डरे नहीं, बल्कि उत्साहित रहे। एक शिक्षिका का स्नेह ही बच्चे की छिपी प्रतिभा को उजागर कर सकता है।
दो दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में प्रशिक्षण के साथ-साथ कई रचनात्मक गतिविधियाँ भी आकर्षण का केंद्र होने वाली है
वाटिका के नन्हे शिशुओं द्वारा बनाई गई सुंदर कलाकृतियों का प्रदर्शन।
रंगमंच एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, बच्चों और दीदी जी द्वारा विभिन्न रचनात्मक प्रस्तुतियाँ।
शारीरिक और मानसिक स्फूर्ति के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए खेलों का अभ्यास।
इस कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक और पारंपरिक शिक्षा पद्धति के समन्वय का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी वैश्विक स्तर की गुणवत्तापूर्ण और सुसंस्कृत शिक्षा प्राप्त हो सके।
    user_Shivam Singh
    Shivam Singh
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    15 hrs ago
  • Post by Altamas Rja
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    Post by Altamas Rja
    user_Altamas Rja
    Altamas Rja
    Local News Reporter Lohardaga, Jharkhand•
    8 hrs ago
  • सिसई (गुमला)। प्रखंड क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पंडरानी, सिसई में योगगुरु गजराज महतो द्वारा योगाभ्यास कराते हुए विभिन्न आसान बताये गये। विद्यालय परिसर में योग गुरु गजराज जी ने ऋषियों की अनमोल योग परंपरा को अपने दिनचर्या में शामिल करने की बात कही। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले 21 जून 2026 दिन रविवार को 12 वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जायेगा। इस दिन योग प्रोटोकॉल के तहत पुरा विश्व के लोग योगाभ्यास करेंगे। वहीं 21 जून को आयुष मंत्रालय भारत सरकार के प्रोटोकॉल के तहत पूरे देश में योग कराया जाएगा। लेकिन एक दिन ही योग करने से कुछ नहीं होगा हमें सपरिवार मिलकर नियमित रूप से प्रतिदिन योगाभ्यास करना होगा तभी हम सभी निरोगी व खुशहाल जीवन का आनंद उठा पाएंगे। योग गुरु ने विद्यालय के सभी छात्राओं को ध्यान शक्ति के विकास हेतु सुखासन मुद्रा में बैठने का अभ्यास कराया। साथ ही तीन जीवन दायिनी प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए बताया कि इनके नियमित अभ्यास से आज्ञा चक्र में ध्यान केंद्रित रहता है और अंदर के सात कोमल अंग हमेशा स्वस्थ व दिर्घायु बने रहते हैं। कमर व मेरुदंड को स्वस्थ रखने के लिए चक्की आसन का अभ्यास कराया गया।साथ ही हाथ व पैरों के सुदृढ़ता के लिए सूक्ष्म व्यायाम का अभ्यास कराया गया। और थायराइड के बीमारी से छुटकारा हेतु उज्ययी प्राणायाम का विधि पूर्वक अभ्यास कराया गया। वहीं मन को पवित्र व निर्मल रखने के लिए ईश वंदन कराया गया। अंत में शांति पाठ कराते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया। इस योग सत्र में सभी छात्राओं के साथ साथ विद्यालय की प्रधानाध्यापिका व शिक्षिकाओं ने भी योगाभ्यास किया।
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    सिसई (गुमला)। प्रखंड क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पंडरानी, सिसई में योगगुरु गजराज महतो द्वारा योगाभ्यास कराते हुए विभिन्न आसान बताये गये।
विद्यालय परिसर में योग गुरु गजराज जी ने ऋषियों की अनमोल योग परंपरा को अपने दिनचर्या में शामिल करने की बात कही। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले 21 जून 2026 दिन रविवार को 12 वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जायेगा। 
इस दिन योग प्रोटोकॉल के तहत पुरा विश्व के लोग योगाभ्यास करेंगे। वहीं 21 जून को आयुष मंत्रालय भारत सरकार के प्रोटोकॉल के तहत पूरे देश में योग कराया जाएगा। 
लेकिन एक दिन ही योग करने से कुछ नहीं होगा हमें सपरिवार मिलकर नियमित रूप से प्रतिदिन योगाभ्यास करना होगा तभी हम सभी निरोगी व खुशहाल जीवन का आनंद उठा पाएंगे। 
योग गुरु ने विद्यालय के सभी छात्राओं को ध्यान शक्ति के विकास हेतु सुखासन मुद्रा में बैठने का अभ्यास कराया। साथ ही तीन जीवन दायिनी प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए बताया कि इनके नियमित अभ्यास से आज्ञा चक्र में ध्यान केंद्रित रहता है और अंदर के सात कोमल अंग हमेशा स्वस्थ व दिर्घायु बने रहते हैं। कमर व मेरुदंड को स्वस्थ रखने के लिए चक्की आसन का अभ्यास कराया गया।साथ ही हाथ व पैरों के सुदृढ़ता के लिए सूक्ष्म व्यायाम का अभ्यास कराया गया।
और थायराइड के बीमारी से छुटकारा हेतु उज्ययी प्राणायाम का विधि पूर्वक अभ्यास कराया गया। 
वहीं मन को पवित्र व निर्मल रखने के लिए ईश वंदन कराया गया। 
अंत में शांति पाठ कराते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया। 
इस योग सत्र में सभी छात्राओं के साथ साथ विद्यालय की प्रधानाध्यापिका व शिक्षिकाओं ने भी  योगाभ्यास किया।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    12 hrs ago
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