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जशपुर केंद्र विद्यालय में एडमिशन लेने हुआ आसान जानिए "निंजा टेक्निक"..........

4 hrs ago
user_हमर जशपुर
हमर जशपुर
Jashpur, Chhattisgarh•
4 hrs ago

जशपुर केंद्र विद्यालय में एडमिशन लेने हुआ आसान जानिए "निंजा टेक्निक"..........

More news from Chhattisgarh and nearby areas
  • Post by हमर जशपुर
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    Post by हमर जशपुर
    user_हमर जशपुर
    हमर जशपुर
    Jashpur, Chhattisgarh•
    4 hrs ago
  • गुमला: आज गुरुवार को गुमला स्थित नर्सिंग कौशल कॉलेज में आयोजित लैंप लाइटिंग एवं ओथ टेकिंग समारोह में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो एवं सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग पेशा सेवा, समर्पण एवं संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं को निष्ठा एवं मानवीय मूल्यों के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल कौशल विकास का केंद्र है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम भी है। ज्ञात हो कि इस संस्थान की स्थापना राज्य सरकार के प्रयासों से की गई थी, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार से जोड़ना है। विगत वर्षों में यहां से प्रशिक्षित लगभग 500 छात्राओं को रोजगार प्राप्त हुआ है, जबकि कुछ छात्राओं का चयन विदेशों में भी हुआ है। कॉलेज में नर्सिंग प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता एवं जीवन कौशल से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम है, जिसमें प्रथम वर्ष संस्थान में प्रशिक्षण एवं द्वितीय वर्ष ऑन जॉब ट्रेनिंग शामिल है। कार्यक्रम में संबंधित पदाधिकारी, संस्थान के प्रतिनिधि एवं छात्राएं उपस्थित थीं।
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    गुमला: आज गुरुवार को गुमला स्थित नर्सिंग कौशल कॉलेज में आयोजित लैंप लाइटिंग एवं ओथ टेकिंग समारोह में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो एवं सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग पेशा सेवा, समर्पण एवं संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं को निष्ठा एवं मानवीय मूल्यों के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल कौशल विकास का केंद्र है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम भी है। ज्ञात हो कि इस संस्थान की स्थापना राज्य सरकार के प्रयासों से की गई थी, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार से जोड़ना है। विगत वर्षों में यहां से प्रशिक्षित लगभग 500 छात्राओं को रोजगार प्राप्त हुआ है, जबकि कुछ छात्राओं का चयन विदेशों में भी हुआ है। कॉलेज में नर्सिंग प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता एवं जीवन कौशल से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम है, जिसमें प्रथम वर्ष संस्थान में प्रशिक्षण एवं द्वितीय वर्ष ऑन जॉब ट्रेनिंग शामिल है।
कार्यक्रम में संबंधित पदाधिकारी, संस्थान के प्रतिनिधि एवं छात्राएं उपस्थित थीं।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    20 hrs ago
  • चैनपुर: पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे चैनपुर के निवासियों को आज प्रकृति ने दोहरी सौगात दी। अचानक बदले मौसम के मिजाज से जहाँ एक तरफ लोगों को तपती धूप से निजात मिली, वहीं दूसरी ओर आसमान से गिरे ओलों ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
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    चैनपुर: पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे चैनपुर के निवासियों को आज प्रकृति ने दोहरी सौगात दी। अचानक बदले मौसम के मिजाज से जहाँ एक तरफ लोगों को तपती धूप से निजात मिली, वहीं दूसरी ओर आसमान से गिरे ओलों ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    21 hrs ago
  • *शिक्षक का स्नेह ही वह चाबी है, जो बच्चे के भीतर छिपी प्रतिभा का द्वार खोलती है -विजय बहादुर सिंह।* बालकों के सर्वांगीण विकास और उन्हें संस्कारयुक्त शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, गुमला में दो दिवसीय संकुल स्तरीय शिशु वाटिका कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला में गुमला संकुल के विभिन्न विद्यालयों— भरनो, कैम्बा टेंगेरिया, आदर, मुर्गो और सिसई की वाटिका दीदी उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामकिशोर रजक, सचिव विजय बहादुर सिंह, पूर्व विभाग शिशु वाटिका प्रमुख पूनम सारंगी, प्राचार्य जितेन्द्र तिवारी एवं कार्यक्रम प्रमुख अर्चना मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। प्राचार्य जितेन्द्र तिवारी ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि शिशु वाटिका का मूल आधार शिशुओं में पंचकोष का विकास करना है। उन्होंने जोर देकर कहा, यदि हम बच्चों में शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास के 12 क्रियाकलापों को सही ढंग से लागू करें, तो हम एक श्रेष्ठ और आदर्श नागरिक की नींव रख सकते हैं। *शारीरिक, मानसिक विकास आध्यात्मिक विकास का संतुलन ही एक आदर्श नागरिक की नींव है जितेंद्र तिवारी।* वहीं, विशेषज्ञ पूनम सारंगी ने शिशु वाटिका की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं की बारीकियों और उनकी उपयोगिता पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने अपील की कि वह बालकों को मां तथा दादी बनकर शिक्षा दें। विद्यालय के सचिव विजय बहादुर सिंह ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि शिशु उस कच्ची मिट्टी के समान होते हैं, जिन्हें जैसा रूप दिया जाए वे वैसे ही बन जाते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी दीदी जी से आह्वान करते हुए कहा कि हमारी शिशु वाटिका केवल एक पाठशाला नहीं बल्कि वह संस्कारशाला है जहाँ खेल-खेल में बच्चों के व्यक्तित्व को निखारा जाता है। हमें ऐसी शिक्षा पद्धति पर काम करना है जहाँ बच्चा विद्यालय आने के लिए डरे नहीं, बल्कि उत्साहित रहे। एक शिक्षिका का स्नेह ही बच्चे की छिपी प्रतिभा को उजागर कर सकता है। दो दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में प्रशिक्षण के साथ-साथ कई रचनात्मक गतिविधियाँ भी आकर्षण का केंद्र होने वाली है वाटिका के नन्हे शिशुओं द्वारा बनाई गई सुंदर कलाकृतियों का प्रदर्शन। रंगमंच एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, बच्चों और दीदी जी द्वारा विभिन्न रचनात्मक प्रस्तुतियाँ। शारीरिक और मानसिक स्फूर्ति के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए खेलों का अभ्यास। इस कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक और पारंपरिक शिक्षा पद्धति के समन्वय का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी वैश्विक स्तर की गुणवत्तापूर्ण और सुसंस्कृत शिक्षा प्राप्त हो सके।
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    *शिक्षक का स्नेह ही वह चाबी है, जो बच्चे के भीतर छिपी प्रतिभा का द्वार खोलती है -विजय बहादुर सिंह।*  
बालकों के सर्वांगीण विकास और उन्हें संस्कारयुक्त शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, गुमला में दो दिवसीय संकुल स्तरीय शिशु वाटिका कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला में गुमला संकुल के विभिन्न विद्यालयों— भरनो, कैम्बा टेंगेरिया, आदर, मुर्गो और सिसई की वाटिका दीदी उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामकिशोर रजक, सचिव विजय बहादुर सिंह, पूर्व विभाग शिशु वाटिका प्रमुख पूनम सारंगी, प्राचार्य जितेन्द्र तिवारी एवं कार्यक्रम प्रमुख अर्चना मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। 
प्राचार्य जितेन्द्र तिवारी ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि शिशु वाटिका का मूल आधार शिशुओं में पंचकोष का विकास करना है। उन्होंने जोर देकर कहा, यदि हम बच्चों में शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास के 12 क्रियाकलापों को सही ढंग से लागू करें, तो हम एक श्रेष्ठ और आदर्श नागरिक की नींव रख सकते हैं। *शारीरिक, मानसिक विकास आध्यात्मिक विकास का संतुलन ही एक आदर्श नागरिक की नींव है जितेंद्र तिवारी।* वहीं, विशेषज्ञ पूनम सारंगी ने शिशु वाटिका की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं की बारीकियों और उनकी उपयोगिता पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने अपील की कि वह बालकों को मां तथा दादी बनकर शिक्षा दें।
विद्यालय के सचिव विजय बहादुर सिंह ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि शिशु उस कच्ची मिट्टी के समान होते हैं, जिन्हें जैसा रूप दिया जाए वे वैसे ही बन जाते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी दीदी जी से आह्वान करते हुए कहा कि हमारी शिशु वाटिका केवल एक पाठशाला नहीं बल्कि वह संस्कारशाला है जहाँ खेल-खेल में बच्चों के व्यक्तित्व को निखारा जाता है। हमें ऐसी शिक्षा पद्धति पर काम करना है जहाँ बच्चा विद्यालय आने के लिए डरे नहीं, बल्कि उत्साहित रहे। एक शिक्षिका का स्नेह ही बच्चे की छिपी प्रतिभा को उजागर कर सकता है।
दो दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में प्रशिक्षण के साथ-साथ कई रचनात्मक गतिविधियाँ भी आकर्षण का केंद्र होने वाली है
वाटिका के नन्हे शिशुओं द्वारा बनाई गई सुंदर कलाकृतियों का प्रदर्शन।
रंगमंच एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, बच्चों और दीदी जी द्वारा विभिन्न रचनात्मक प्रस्तुतियाँ।
शारीरिक और मानसिक स्फूर्ति के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए खेलों का अभ्यास।
इस कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक और पारंपरिक शिक्षा पद्धति के समन्वय का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी वैश्विक स्तर की गुणवत्तापूर्ण और सुसंस्कृत शिक्षा प्राप्त हो सके।
    user_Shivam Singh
    Shivam Singh
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    28 min ago
  • Post by Altamas Rja
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    Post by Altamas Rja
    user_Altamas Rja
    Altamas Rja
    Local News Reporter Gumla, Jharkhand•
    5 hrs ago
  • घाघरा थाना क्षेत्र के मसरिया मोड़ स्थित कस्तूरबा विद्यालय के समीप सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई जबकि दूसरा युवक घायल हो गया। मृतक की पहचान दोदांग ग्राम निवासी रोहित उरांव व घायल की पहचान सोनू उरांव के रूप में हुई है। घटना के बाबत पुलिस ने बताया कि बीती देर रात दोनों युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव दोदांग से घाघरा की ओर जा रहे थे। इसी बीच कस्तूरबा विद्यालय के समीप उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित हो गई जिससे दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को अस्पताल पहुंचाया।जहा चिकित्सक ने रोहित उरांव को मृत घोषित कर दिया। जबकि सोनू का इलाज जारी है।
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    घाघरा थाना क्षेत्र के मसरिया मोड़ स्थित कस्तूरबा विद्यालय के समीप सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई जबकि दूसरा युवक घायल हो गया। मृतक की पहचान दोदांग ग्राम निवासी रोहित उरांव व घायल की पहचान सोनू उरांव के रूप में हुई है। घटना के बाबत पुलिस ने बताया कि बीती देर रात दोनों युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव दोदांग से घाघरा की ओर जा रहे थे। इसी बीच कस्तूरबा विद्यालय के समीप उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित हो गई जिससे दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को अस्पताल पहुंचाया।जहा चिकित्सक ने रोहित उरांव को मृत घोषित कर दिया। जबकि सोनू का इलाज जारी है।
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    6 hrs ago
  • जलडेगा:- अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर जलडेगा प्रखंड मुख्यालय में मिशन बदलाव के प्रखण्ड अध्यक्ष दीपक चीक बड़ाईक के नेतृत्व में ग्रामीणों के साथ सादगीपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण माहौल में मजदूर दिवस मनाया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, मजदूर एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत मजदूरों के सम्मान के साथ की गई, दीपक चीक बड़ाईक ने अपने संबोधन में कहा कि मजदूर समाज की रीढ़ होते हैं और देश के विकास में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के बिना किसी भी क्षेत्र का विकास संभव नहीं है, इसलिए उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।उन्होंने आगे कहा कि मिशन बदलाव का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाना है, खासकर मजदूर एवं गरीब तबके के लोगों को सशक्त बनाना। इस अवसर पर श्रमिकों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई।कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और मजदूर दिवस के महत्व को समझते हुए एकजुट होकर समाज के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।अंत में सभी ने एक साथ मिलकर मजदूरों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। मौके पर डोमा प्रधान, लक्षमन बड़ाईक, बिक्रम बिलुग, अघनु प्रधान, जोसफ आईद छोटू साहू अर्जुन प्रधान ललन साहू, रघु सिंह, लालमोहन सिंह, सूरज पति, रामु सिंह,जूवेल खड़िया, बरनावास करकेट्ट, पूरन साहू, मंजू सिंह, फेकू आलम के साथ काफ़ी ग्रामीण मौजूद थे
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    जलडेगा:- अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर जलडेगा प्रखंड मुख्यालय में मिशन बदलाव के प्रखण्ड अध्यक्ष दीपक चीक बड़ाईक के नेतृत्व में ग्रामीणों के साथ सादगीपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण माहौल में मजदूर दिवस मनाया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, मजदूर एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत मजदूरों के सम्मान के साथ की गई, दीपक चीक बड़ाईक ने अपने संबोधन में कहा कि मजदूर समाज की रीढ़ होते हैं और देश के विकास में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के बिना किसी भी क्षेत्र का विकास संभव नहीं है, इसलिए उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।उन्होंने आगे कहा कि मिशन बदलाव का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाना है, खासकर मजदूर एवं गरीब तबके के लोगों को सशक्त बनाना। इस अवसर पर श्रमिकों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई।कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और मजदूर दिवस के महत्व को समझते हुए एकजुट होकर समाज के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।अंत में सभी ने एक साथ मिलकर मजदूरों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। मौके पर डोमा प्रधान, लक्षमन बड़ाईक, बिक्रम बिलुग, अघनु प्रधान, जोसफ आईद छोटू साहू अर्जुन प्रधान ललन साहू, रघु सिंह, लालमोहन सिंह, सूरज पति, रामु सिंह,जूवेल खड़िया, बरनावास करकेट्ट, पूरन साहू, मंजू सिंह, फेकू आलम के साथ काफ़ी ग्रामीण मौजूद थे
    user_Satyam kumar keshri
    Satyam kumar keshri
    सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
    16 hrs ago
  • सिमडेगा:- नगर भवन, सिमडेगा में भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत स्व-गणना (Self Enumeration) कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा, उपायुक्त कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे, नगर परिषद अध्यक्ष ओलिवर लकड़ा, उपाध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल, अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र, परियोजना निदेशक आईटीडीए सरोज तिर्की सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया।कार्यक्रम के दौरान जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी गौरव कुमार द्वारा स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया का विस्तारपूर्वक प्रदर्शन किया गया। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से उपस्थित लोगों को जनगणना से जुड़े 32-33 महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई और उन्हें भरने की विधि समझाई गई। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने स्मार्टफोन के माध्यम से लाइव प्रक्रिया देखते हुए स्व-गणना पूर्ण की। कार्यक्रम में सर्वप्रथम विधायक भूषण बाड़ा ने स्वयं स्व-गणना कर अभियान की शुरुआत की, जिससे उपस्थित लोगों में उत्साह और जागरूकता का संचार हुआ।अपने संबोधन में विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास की आधारशिला है। सही आंकड़ों के आधार पर ही यह तय होता है कि किस क्षेत्र में विद्यालय, अस्पताल, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने तथा आम नागरिकों से जनगणना कर्मियों का सहयोग करने की अपील की। *उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिसे जन-अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना में डिजिटल माध्यमों और स्व-गणना की सुविधा से प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और सटीक होगी। उन्होंने 1 से 15 मई 2026 तक चलने वाले इस अभियान में सभी नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की और कहा कि यदि लोग स्वयं अपना डेटा दर्ज करेंगे, तो प्रगणकों का कार्य काफी हद तक सरल हो जाएगा। उन्होंने सभी कार्यालय प्रमुखों से अपने-अपने कार्यालयों में स्व-गणना सुनिश्चित कर उसका विवरण उपलब्ध कराने की अपील की, ताकि जिले में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके। साथ ही, स्व-गणना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे ने कहा कि जनगणना के आंकड़े नीति निर्माण और संसाधनों के उचित आवंटन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने डिजिटल माध्यम के उपयोग को पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने वाला बताया तथा पुलिस पदाधिकारियों को जनगणना प्रक्रिया के दौरान सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की अफवाह या साइबर दुरुपयोग को रोकने के निर्देश दिए।अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र ने कहा कि जनगणना सुशासन की आधारशिला है, जिससे विभिन्न विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलती है। उन्होंने सभी नागरिकों से स्व-गणना अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की।* कार्यक्रम के अंत में भूमि सुधार उप समाहर्ता अरुणा कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि यह आयोजन जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने सभी अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और एसएलबीएल डिमार्केशन एवं जियो-टैगिंग कार्य को समय से पूर्व पूर्ण करने वाले कर्मियों की सराहना की।जिला प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि सिमडेगा जिला स्व-गणना अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य में एक मिसाल कायम करेगा।कार्यक्रम के अंत में विधायक एवं उपायुक्त द्वारा स्व-गणना जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ विभिन्न प्रखंडों के गांवों में जाकर लोगों को स्व-गणना के प्रति जागरूक करेगा। साथ ही स्व-गणना से संबंधित बैलून भी उड़ाए गए तथा हस्ताक्षर अभियान में सभी आगंतुकों ने भाग लिया।कार्यक्रम में जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, आमजन, मीडिया कर्मी एवं प्रशिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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    सिमडेगा:- नगर भवन, सिमडेगा में भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत स्व-गणना (Self Enumeration) कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा, उपायुक्त कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे, नगर परिषद अध्यक्ष ओलिवर लकड़ा, उपाध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल, अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र, परियोजना निदेशक आईटीडीए सरोज तिर्की सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया।कार्यक्रम के दौरान जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी गौरव कुमार द्वारा स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया का विस्तारपूर्वक प्रदर्शन किया गया। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से उपस्थित लोगों को जनगणना से जुड़े 32-33 महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई और उन्हें भरने की विधि समझाई गई। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने स्मार्टफोन के माध्यम से लाइव प्रक्रिया देखते हुए स्व-गणना पूर्ण की। कार्यक्रम में सर्वप्रथम विधायक भूषण बाड़ा ने स्वयं स्व-गणना कर अभियान की शुरुआत की, जिससे उपस्थित लोगों में उत्साह और जागरूकता का संचार हुआ।अपने संबोधन में विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास की आधारशिला है। सही आंकड़ों के आधार पर ही यह तय होता है कि किस क्षेत्र में विद्यालय, अस्पताल, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने तथा आम नागरिकों से जनगणना कर्मियों का सहयोग करने की अपील की।
*उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिसे जन-अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना में डिजिटल माध्यमों और स्व-गणना की सुविधा से प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और सटीक होगी। उन्होंने 1 से 15 मई 2026 तक चलने वाले इस अभियान में सभी नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की और कहा कि यदि लोग स्वयं अपना डेटा दर्ज करेंगे, तो प्रगणकों का कार्य काफी हद तक सरल हो जाएगा। उन्होंने सभी कार्यालय प्रमुखों से अपने-अपने कार्यालयों में स्व-गणना सुनिश्चित कर उसका विवरण उपलब्ध कराने की अपील की, ताकि जिले में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके। साथ ही, स्व-गणना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे ने कहा कि जनगणना के आंकड़े नीति निर्माण और संसाधनों के उचित आवंटन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने डिजिटल माध्यम के उपयोग को पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने वाला बताया तथा पुलिस पदाधिकारियों को जनगणना प्रक्रिया के दौरान सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की अफवाह या साइबर दुरुपयोग को रोकने के निर्देश दिए।अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र ने कहा कि जनगणना सुशासन की आधारशिला है, जिससे विभिन्न विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलती है। उन्होंने सभी नागरिकों से स्व-गणना अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की।*
कार्यक्रम के अंत में भूमि सुधार उप समाहर्ता अरुणा कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि यह आयोजन जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने सभी अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और एसएलबीएल डिमार्केशन एवं जियो-टैगिंग कार्य को समय से पूर्व पूर्ण करने वाले कर्मियों की सराहना की।जिला प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि सिमडेगा जिला स्व-गणना अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य में एक मिसाल कायम करेगा।कार्यक्रम के अंत में विधायक एवं उपायुक्त द्वारा स्व-गणना जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ विभिन्न प्रखंडों के गांवों में जाकर लोगों को स्व-गणना के प्रति जागरूक करेगा। साथ ही स्व-गणना से संबंधित बैलून भी उड़ाए गए तथा हस्ताक्षर अभियान में सभी आगंतुकों ने भाग लिया।कार्यक्रम में जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, आमजन, मीडिया कर्मी एवं प्रशिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
    user_Satyam kumar keshri
    Satyam kumar keshri
    सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
    16 hrs ago
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