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नर्सिंग कॉलेज में लैंप लाइटिंग एवं ओथ टेकिंग समारोह आयोजित, उपायुक्त हुए शामिल गुमला: आज गुरुवार को गुमला स्थित नर्सिंग कौशल कॉलेज में आयोजित लैंप लाइटिंग एवं ओथ टेकिंग समारोह में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो एवं सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग पेशा सेवा, समर्पण एवं संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं को निष्ठा एवं मानवीय मूल्यों के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल कौशल विकास का केंद्र है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम भी है। ज्ञात हो कि इस संस्थान की स्थापना राज्य सरकार के प्रयासों से की गई थी, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार से जोड़ना है। विगत वर्षों में यहां से प्रशिक्षित लगभग 500 छात्राओं को रोजगार प्राप्त हुआ है, जबकि कुछ छात्राओं का चयन विदेशों में भी हुआ है। कॉलेज में नर्सिंग प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता एवं जीवन कौशल से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम है, जिसमें प्रथम वर्ष संस्थान में प्रशिक्षण एवं द्वितीय वर्ष ऑन जॉब ट्रेनिंग शामिल है। कार्यक्रम में संबंधित पदाधिकारी, संस्थान के प्रतिनिधि एवं छात्राएं उपस्थित थीं।

10 hrs ago
user_राहुल कुमार
राहुल कुमार
Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
10 hrs ago

नर्सिंग कॉलेज में लैंप लाइटिंग एवं ओथ टेकिंग समारोह आयोजित, उपायुक्त हुए शामिल गुमला: आज गुरुवार को गुमला स्थित नर्सिंग कौशल कॉलेज में आयोजित लैंप लाइटिंग एवं ओथ टेकिंग समारोह में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो एवं सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग पेशा सेवा, समर्पण एवं संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं को निष्ठा एवं मानवीय मूल्यों के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल कौशल विकास का केंद्र है, बल्कि आर्थिक रूप

से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम भी है। ज्ञात हो कि इस संस्थान की स्थापना राज्य सरकार के प्रयासों से की गई थी, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार से जोड़ना है। विगत वर्षों में यहां से प्रशिक्षित लगभग 500 छात्राओं को रोजगार प्राप्त हुआ है, जबकि कुछ छात्राओं का चयन विदेशों में भी हुआ है। कॉलेज में नर्सिंग प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता एवं जीवन कौशल से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम है, जिसमें प्रथम वर्ष संस्थान में प्रशिक्षण एवं द्वितीय वर्ष ऑन जॉब ट्रेनिंग शामिल है। कार्यक्रम में संबंधित पदाधिकारी, संस्थान के प्रतिनिधि एवं छात्राएं उपस्थित थीं।

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  • गुमला: आज गुरुवार को गुमला स्थित नर्सिंग कौशल कॉलेज में आयोजित लैंप लाइटिंग एवं ओथ टेकिंग समारोह में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो एवं सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग पेशा सेवा, समर्पण एवं संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं को निष्ठा एवं मानवीय मूल्यों के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल कौशल विकास का केंद्र है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम भी है। ज्ञात हो कि इस संस्थान की स्थापना राज्य सरकार के प्रयासों से की गई थी, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार से जोड़ना है। विगत वर्षों में यहां से प्रशिक्षित लगभग 500 छात्राओं को रोजगार प्राप्त हुआ है, जबकि कुछ छात्राओं का चयन विदेशों में भी हुआ है। कॉलेज में नर्सिंग प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता एवं जीवन कौशल से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम है, जिसमें प्रथम वर्ष संस्थान में प्रशिक्षण एवं द्वितीय वर्ष ऑन जॉब ट्रेनिंग शामिल है। कार्यक्रम में संबंधित पदाधिकारी, संस्थान के प्रतिनिधि एवं छात्राएं उपस्थित थीं।
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    गुमला: आज गुरुवार को गुमला स्थित नर्सिंग कौशल कॉलेज में आयोजित लैंप लाइटिंग एवं ओथ टेकिंग समारोह में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो एवं सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग पेशा सेवा, समर्पण एवं संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं को निष्ठा एवं मानवीय मूल्यों के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल कौशल विकास का केंद्र है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम भी है। ज्ञात हो कि इस संस्थान की स्थापना राज्य सरकार के प्रयासों से की गई थी, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार से जोड़ना है। विगत वर्षों में यहां से प्रशिक्षित लगभग 500 छात्राओं को रोजगार प्राप्त हुआ है, जबकि कुछ छात्राओं का चयन विदेशों में भी हुआ है। कॉलेज में नर्सिंग प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता एवं जीवन कौशल से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम है, जिसमें प्रथम वर्ष संस्थान में प्रशिक्षण एवं द्वितीय वर्ष ऑन जॉब ट्रेनिंग शामिल है।
कार्यक्रम में संबंधित पदाधिकारी, संस्थान के प्रतिनिधि एवं छात्राएं उपस्थित थीं।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    10 hrs ago
  • चैनपुर: पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे चैनपुर के निवासियों को आज प्रकृति ने दोहरी सौगात दी। अचानक बदले मौसम के मिजाज से जहाँ एक तरफ लोगों को तपती धूप से निजात मिली, वहीं दूसरी ओर आसमान से गिरे ओलों ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
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    चैनपुर: पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे चैनपुर के निवासियों को आज प्रकृति ने दोहरी सौगात दी। अचानक बदले मौसम के मिजाज से जहाँ एक तरफ लोगों को तपती धूप से निजात मिली, वहीं दूसरी ओर आसमान से गिरे ओलों ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    11 hrs ago
  • आधुनिकता की मार से मिट्टी के बर्तन व्यवसाय पर संकट, कुम्हार समाज ने सरकार से लगाई गुहार डुमरी: डुमरी प्रखंड क्षेत्र में पारंपरिक मिट्टी के बर्तन बनाने का पुश्तैनी व्यवसाय अब अस्तित्व के संकट से गुजर रहा है। जानकारी देते हुए लावा बार डुमरी निवासी साजन कुम्हार ने बताया कि बदलते समय और आधुनिक बाजार व्यवस्था के कारण कुम्हार समाज की आजीविका पर गंभीर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक एवं चाइनीज उत्पादों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा, स्थानीय स्तर पर उचित बाजार की कमी, आधुनिकीकरण का अभाव और लगातार आर्थिक तंगी के कारण यह पारंपरिक व्यवसाय धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। साजन कुम्हार ने बताया कि पहले गांव के अधिकांश घरों में कुम्हार समाज के लोग अपने पूर्वजों से मिले इस पुरखौती पेशे से जुड़े रहते थे। शादी-विवाह, त्योहार, धार्मिक अनुष्ठान और दैनिक उपयोग के लिए मिट्टी के बर्तनों की भारी मांग हुआ करती थी, जिससे परिवारों का जीवनयापन सम्मानपूर्वक चलता था। लेकिन समय के साथ लोगों की जीवनशैली बदल गई और बाजार में सस्ते प्लास्टिक व मशीन से बने सामानों की भरमार हो गई, जिससे पारंपरिक कारीगरों की मेहनत और कला की कीमत घटती चली गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में पूरे क्षेत्र में मात्र छह से सात परिवार ही इस परंपरा को जीवित रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। युवा पीढ़ी भी आर्थिक असुरक्षा के कारण इस पेशे से दूरी बना रही है, जिससे आने वाले समय में यह कला पूरी तरह विलुप्त होने का खतरा पैदा हो गया है। कुम्हार समाज ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षण, आसान ऋण सुविधा, कच्चे माल की उपलब्धता और स्थायी बाजार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्थानीय मेलों, सरकारी योजनाओं और हस्तशिल्प प्रोत्साहन कार्यक्रमों में प्राथमिकता देकर इस पारंपरिक कला को संरक्षण दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो सदियों पुरानी यह सांस्कृतिक विरासत इतिहास बनकर रह जाएगी। #गुमला #डुमरी #कुम्हारसमाज #मिट्टीकेबर्तन #पारंपरिककला #ग्रामीणरोजगार #झारखंडसमाचार #लोकलन्यूज #हुनरकीपहचान
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    आधुनिकता की मार से मिट्टी के बर्तन व्यवसाय पर संकट, कुम्हार समाज ने सरकार से लगाई गुहार
डुमरी: डुमरी प्रखंड क्षेत्र में पारंपरिक मिट्टी के बर्तन बनाने का पुश्तैनी व्यवसाय अब अस्तित्व के संकट से गुजर रहा है। जानकारी देते हुए लावा बार डुमरी निवासी साजन कुम्हार ने बताया कि बदलते समय और आधुनिक बाजार व्यवस्था के कारण कुम्हार समाज की आजीविका पर गंभीर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक एवं चाइनीज उत्पादों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा, स्थानीय स्तर पर उचित बाजार की कमी, आधुनिकीकरण का अभाव और लगातार आर्थिक तंगी के कारण यह पारंपरिक व्यवसाय धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है।
साजन कुम्हार ने बताया कि पहले गांव के अधिकांश घरों में कुम्हार समाज के लोग अपने पूर्वजों से मिले इस पुरखौती पेशे से जुड़े रहते थे। शादी-विवाह, त्योहार, धार्मिक अनुष्ठान और दैनिक उपयोग के लिए मिट्टी के बर्तनों की भारी मांग हुआ करती थी, जिससे परिवारों का जीवनयापन सम्मानपूर्वक चलता था। लेकिन समय के साथ लोगों की जीवनशैली बदल गई और बाजार में सस्ते प्लास्टिक व मशीन से बने सामानों की भरमार हो गई, जिससे पारंपरिक कारीगरों की मेहनत और कला की कीमत घटती चली गई।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में पूरे क्षेत्र में मात्र छह से सात परिवार ही इस परंपरा को जीवित रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। युवा पीढ़ी भी आर्थिक असुरक्षा के कारण इस पेशे से दूरी बना रही है, जिससे आने वाले समय में यह कला पूरी तरह विलुप्त होने का खतरा पैदा हो गया है।
कुम्हार समाज ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षण, आसान ऋण सुविधा, कच्चे माल की उपलब्धता और स्थायी बाजार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्थानीय मेलों, सरकारी योजनाओं और हस्तशिल्प प्रोत्साहन कार्यक्रमों में प्राथमिकता देकर इस पारंपरिक कला को संरक्षण दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो सदियों पुरानी यह सांस्कृतिक विरासत इतिहास बनकर रह जाएगी।
#गुमला #डुमरी #कुम्हारसमाज #मिट्टीकेबर्तन #पारंपरिककला #ग्रामीणरोजगार #झारखंडसमाचार #लोकलन्यूज #हुनरकीपहचान
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    14 hrs ago
  • चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड के केड़ेंग गांव में सरकारी कार्य के दौरान बवाल का गंभीर मामला सामने आया है। जमीन सीमांकन करने पहुंचे राजस्व उप निरीक्षक सुजीत कुमार सिन्हा (59) पर उग्र ग्रामीणों द्वारा हमला कर मारपीट किए जाने की घटना ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले को लेकर पीड़ित कर्मचारी ने चैनपुर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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    चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड के केड़ेंग गांव में सरकारी कार्य के दौरान बवाल का गंभीर मामला सामने आया है। जमीन सीमांकन करने पहुंचे राजस्व उप निरीक्षक सुजीत कुमार सिन्हा (59) पर उग्र ग्रामीणों द्वारा हमला कर मारपीट किए जाने की घटना ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले को लेकर पीड़ित कर्मचारी ने चैनपुर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    15 hrs ago
  • eta batta gelo Jodi😭😭
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    eta batta  gelo Jodi😭😭
    user_Anil kherwar
    Anil kherwar
    Farmer बिशुनपुर, गुमला, झारखंड•
    16 hrs ago
  • Post by Binod Tiwari
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    Post by Binod Tiwari
    user_Binod Tiwari
    Binod Tiwari
    Social worker गुमला, गुमला, झारखंड•
    6 hrs ago
  • रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत परहाटोली पंचायत के ग्राम बैलटोली स्थित बाबा कोड़ी नाथ धाम क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।घने प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह प्राचीन शिवधाम अपने भीतर कई ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व समेटे हुए है। यहां स्थापित प्राचीन शिवलिंग वर्षों से श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार, इस धाम का इतिहास काफी पुराना है और यहां पूजा-अर्चना की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। प्रत्येक वर्ष नए साल की शुरुआत और विशेष रूप से महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां हजारों की संख्या में भक्तजन पहुंचते हैं। इस दौरान पूजा-अर्चना के साथ सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा चुका है, जो इस स्थल की सामाजिक महत्ता को भी दर्शाता है।हालांकि, इतनी ख्याति के बावजूद यहां तक पहुंचने के लिए सड़क की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। श्रद्धालुओं को करीब 2 किलोमीटर पहले ही अपने वाहन छोड़ने पड़ते हैं और उसके बाद पैदल चलते हुए नदी पार कर मंदिर तक पहुंचना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह मार्ग और भी कठिन व जोखिम भरा हो जाता है। इतना ही नहीं, मंदिर के विस्तार और सुंदरीकरण के लिए निर्माण कार्य भी शुरू किया गया था, लेकिन धन की कमी के कारण यह कार्य अधूरा ही पड़ा हुआ है। अधूरे निर्माण के चलते न तो मंदिर का समुचित विकास हो पा रहा है और न ही श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल पा रही हैं।स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से सड़क निर्माण, पुल निर्माण तथा मंदिर के अधूरे कार्य को पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इन मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाए, तो बाबा कोड़ी नाथ धाम धार्मिक पर्यटन के रूप में भी उभर सकता है।कठिनाइयों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था इस धाम से जुड़ी हुई है, जो हर साल यहां उमड़ने वाली भीड़ में साफ दिखाई देती है।
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    रामप्रवेश गुप्ता 
महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत परहाटोली पंचायत के ग्राम बैलटोली स्थित बाबा कोड़ी नाथ धाम क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।घने प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह प्राचीन शिवधाम अपने भीतर कई ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व समेटे हुए है। यहां स्थापित प्राचीन शिवलिंग वर्षों से श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार, इस धाम का इतिहास काफी पुराना है और यहां पूजा-अर्चना की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। प्रत्येक वर्ष नए साल की शुरुआत और विशेष रूप से महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां हजारों की संख्या में भक्तजन पहुंचते हैं। इस दौरान पूजा-अर्चना के साथ सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा चुका है, जो इस स्थल की सामाजिक महत्ता को भी दर्शाता है।हालांकि, इतनी ख्याति के बावजूद यहां तक पहुंचने के लिए सड़क की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। श्रद्धालुओं को करीब 2 किलोमीटर पहले ही अपने वाहन छोड़ने पड़ते हैं और उसके बाद पैदल चलते हुए नदी पार कर मंदिर तक पहुंचना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह मार्ग और भी कठिन व जोखिम भरा हो जाता है।
इतना ही नहीं, मंदिर के विस्तार और सुंदरीकरण के लिए निर्माण कार्य भी शुरू किया गया था, लेकिन धन की कमी के कारण यह कार्य अधूरा ही पड़ा हुआ है। अधूरे निर्माण के चलते न तो मंदिर का समुचित विकास हो पा रहा है और न ही श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल पा रही हैं।स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से सड़क निर्माण, पुल निर्माण तथा मंदिर के अधूरे कार्य को पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इन मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाए, तो बाबा कोड़ी नाथ धाम धार्मिक पर्यटन के रूप में भी उभर सकता है।कठिनाइयों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था इस धाम से जुड़ी हुई है, जो हर साल यहां उमड़ने वाली भीड़ में साफ दिखाई देती है।
    user_आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
    आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
    Mobile Store महुआडांड़, लातेहार, झारखंड•
    7 hrs ago
  • जमीन सीमांकन के दौरान बवाल — राजस्व कर्मचारी पर हमला, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
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    जमीन सीमांकन के दौरान बवाल — राजस्व कर्मचारी पर हमला, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    19 hrs ago
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