उपायुक्त का पालकोट प्रखंड एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश* गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा आज शनिवार को पालकोट प्रखंड सह अंचल कार्यालय एवं नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था एवं साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई, जिस पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। प्रखंड कार्यालय के निरीक्षण के दौरान विभिन्न कक्षों, शौचालयों एवं कार्यालय परिसर में फैली गंदगी पर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए बीडीओ को स्पष्ट चेतावनी दी कि 24 घंटे के भीतर संपूर्ण परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करें, अन्यथा जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यालय का प्रत्येक कक्ष, चैम्बर एवं वॉशरूम स्वच्छ एवं व्यवस्थित रहना चाहिए तथा सभी कर्मी इसकी जवाबदेही सुनिश्चित करें। साथ ही उपायुक्त ने पूरे प्रखंड कार्यालय का विस्तृत भ्रमण करते हुए प्रत्येक चैम्बर का निरीक्षण किया तथा निर्देश दिया कि सभी कर्मियों एवं पदाधिकारियों के लिए बैठने की समुचित एवं व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के क्रम में उपस्थिति पंजी, रोकड़ पंजी एवं वेतन पंजी की जांच की गई। एक कर्मी (नाजीर) के बिना अनुमति अनुपस्थित पाए जाने पर एक दिन का वेतन स्थगित करने का आदेश दिया गया। साथ ही लंबित मामलों पर गंभीरता नहीं बरतने पर नाराजगी जताते हुए म्यूटेशन, जाति, आय एवं आवासीय प्रमाणपत्रों के लंबित आवेदनों को शून्य करने का सख्त निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को दिया गया। उपायुक्त ने आवास योजनाओं की समीक्षा करते हुए पूर्ण हो चुके आवासों का जियो-टैगिंग तत्काल कराने एवं सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आंगनबाड़ी सेवाओं की समीक्षा के दौरान एलएस एवं सीडीपीओ को फील्ड विजिट बढ़ाने, सेविकाओं की मॉनिटरिंग करने तथा पोषण वाटिका को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों हेतु प्राप्त वेट मशीन एवं पंखों के शीघ्र वितरण का आदेश दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन तैयार होने के बावजूद डॉक्टरों की भारी कमी है तथा मात्र तीन चिकित्सकों के भरोसे व्यवस्था संचालित हो रही है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप ओपीडी सेवाओं को प्रभावी बनाया जाए, ताकि स्थानीय मरीजों को अनावश्यक रूप से जिला अस्पताल रेफर न करना पड़े। अस्पताल में बिजली व्यवस्था दो दिनों से बाधित रहने एवं 108 एम्बुलेंस के खराब रहने पर गहरी नाराजगी जताते हुए उपायुक्त ने सिविल सर्जन को तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान एक जले हुए मरीज से मुलाकात कर उसके समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त का पालकोट प्रखंड एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश* गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा आज शनिवार को पालकोट प्रखंड सह अंचल कार्यालय एवं नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था एवं साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई, जिस पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। प्रखंड कार्यालय के निरीक्षण के दौरान विभिन्न कक्षों, शौचालयों एवं कार्यालय परिसर में फैली गंदगी पर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए बीडीओ को स्पष्ट चेतावनी दी कि 24 घंटे के भीतर संपूर्ण परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करें, अन्यथा जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यालय का प्रत्येक कक्ष, चैम्बर एवं वॉशरूम स्वच्छ एवं व्यवस्थित रहना चाहिए तथा सभी कर्मी इसकी जवाबदेही सुनिश्चित करें। साथ ही उपायुक्त ने पूरे प्रखंड कार्यालय का विस्तृत भ्रमण करते हुए प्रत्येक चैम्बर का निरीक्षण किया तथा निर्देश दिया कि सभी कर्मियों एवं पदाधिकारियों के लिए बैठने की समुचित एवं व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के क्रम में उपस्थिति पंजी, रोकड़ पंजी एवं वेतन पंजी की जांच की गई। एक कर्मी (नाजीर) के बिना अनुमति अनुपस्थित पाए जाने पर एक दिन का वेतन स्थगित करने का आदेश दिया गया। साथ ही लंबित मामलों पर
गंभीरता नहीं बरतने पर नाराजगी जताते हुए म्यूटेशन, जाति, आय एवं आवासीय प्रमाणपत्रों के लंबित आवेदनों को शून्य करने का सख्त निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को दिया गया। उपायुक्त ने आवास योजनाओं की समीक्षा करते हुए पूर्ण हो चुके आवासों का जियो-टैगिंग तत्काल कराने एवं सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आंगनबाड़ी सेवाओं की समीक्षा के दौरान एलएस एवं सीडीपीओ को फील्ड विजिट बढ़ाने, सेविकाओं की मॉनिटरिंग करने तथा पोषण वाटिका को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों हेतु प्राप्त वेट मशीन एवं पंखों के शीघ्र वितरण का आदेश दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन तैयार होने के बावजूद डॉक्टरों की भारी कमी है तथा मात्र तीन चिकित्सकों के भरोसे व्यवस्था संचालित हो रही है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप ओपीडी सेवाओं को प्रभावी बनाया जाए, ताकि स्थानीय मरीजों को अनावश्यक रूप से जिला अस्पताल रेफर न करना पड़े। अस्पताल में बिजली व्यवस्था दो दिनों से बाधित रहने एवं 108 एम्बुलेंस के खराब रहने पर गहरी नाराजगी जताते हुए उपायुक्त ने सिविल सर्जन को तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान एक जले हुए मरीज से मुलाकात कर उसके समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
- Post by SHAMBHU. S. CHAUHAN1
- चैनपुर (गुमला): चैनपुर थाना क्षेत्र के छतरपुर बरढोड़हा के समीप शनिवार शाम करीब 5:00 बजे एक तेज रफ्तार पिकअप वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई, हालांकि गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।1
- पांच दिनों से लापता बालक गुमला से सकुशल बरामद, चैनपुर पुलिस की तत्परता से परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान चैनपुर थाना पुलिस ने मानवीय संवेदना और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए बुटबारी से लापता हुए बालक बंटी साहू को गुमला से सकुशल बरामद कर लिया। जानकारी देते हुए शनिवार शाम छह बजे बताया गया कि पुलिस को सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया गया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर परिजनों को सौंप दिया गया। पांच दिनों से अपने बेटे की तलाश में परेशान परिवार को जब बच्चा मिला तो घर में खुशी का माहौल लौट आया। मिली जानकारी के अनुसार घाघरा थाना क्षेत्र के ग्राम नवनी पोस्ट हुटार निवासी राजेश साहू का पुत्र बंटी साहू पिछले कुछ समय से चैनपुर प्रखंड के बुटबारी स्थित अपनी मौसी के घर रह रहा था। बीते अट्ठाईस अप्रैल को वह स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, परंतु कोई सुराग नहीं मिला। बाद में जानकारी मिली कि वह अपने दोस्त नीरज कुमार के साथ कुरूमगढ़ गया था और वहां से गुमला पहुंच गया। बताया जाता है कि लापता होने के बाद बालक गुमला स्थित गोपाल मंदिर के समीप एक फूल दुकान में बुधवार से काम कर रहा था। इसी दौरान दुकान संचालक को संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बालक को सुरक्षित बरामद कर लिया। इस मामले में जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने स्कूल स्तर सहित विभिन्न माध्यमों से जानकारी जुटाकर खोजबीन में सहयोग किया। शनिवार को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालक को उसके पिता राजेश साहू एवं माता किरण देवी को सौंप दिया गया। अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों की आंखें खुशी से नम हो गईं और उन्होंने चैनपुर पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। #GumlaNews #ChainpurPolice #MissingChildFound #JharkhandNews #PositiveNews #PoliceAction #GumlaPolice #GoodNewsJharkhand1
- गुमला: भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी दिलेश्वर महत्तो द्वारा स्वयं अपनी स्व-गणना (Self Enumeration) की गई। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों से भी इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उपायुक्त ने जानकारी दी कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण, अर्थात् मकान सूचीकरण कार्य, राज्य में दिनांक 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसके पूर्व 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्व-गणना की प्रक्रिया अत्यंत सरल एवं सुगम है, जिसे कोई भी नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आसानी से पूरा कर सकता है। उपायुक्त ने स्वयं स्व-गणना कर इसकी सहजता का अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह समय की बचत के साथ-साथ जनगणना प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं सटीक बनाता है। उपायुक्त ने गुमला जिले के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित अवधि के भीतर स्व-गणना अवश्य करें एवं इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।1
- सिमडेगा: जिला स्थापना के रजत जयंती महोत्सव के अवसर पर जिला प्रशासन (खेल शाखा) एवं हॉकी सिमडेगा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 7वीं सब जूनियर सिमडेगा जिला महिला हॉकी चैंपियनशिप 2026 के तीसरे दिन शनिवार को रोमांचक मुकाबले खेले गए। न्यू अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान में सुबह से ही मैचों का सिलसिला शुरू हुआ।पहले हाफ में खेले गए पांच लीग मैचों में एसटीसी सिमडेगा, तैसर, समसेरा, एसटीसी लचरागढ़ और यूसी रेंगारी की टीमों ने जीत दर्ज की। एसटीसी सिमडेगा ने बानो को 4-0, तैसर ने पाकरटांड़ को 1-0, समसेरा ने कोचेडेगा को 3-0, लचरागढ़ ने बरवाडीह को 5-0 तथा यूसी रेंगारी ने केवीएस सिमडेगा को 7-0 से हराया।दूसरे हाफ में खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में एसटीसी सिमडेगा, एसटीसी लचरागढ़, यूसी रेंगारी और लंवोई की टीमों ने जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। एसटीसी सिमडेगा ने बरवाडीह को 4-0, लचरागढ़ ने समसेरा को 6-0, यूसी रेंगारी ने बांसजोर को 2-0 तथा लंवोई ने करंगागुड़ी को 2-1 से पराजित किया।प्रतियोगिता में 16 टीमों के बीच कुल 24 लीग मैच खेले गए, जिनमें 103 गोल हुए। प्रत्येक मैच के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बेस्ट प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आयोजन में खेल विभाग एवं हॉकी सिमडेगा के पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही।1
- Post by Altamas Rja1
- *शिक्षक का स्नेह ही वह चाबी है, जो बच्चे के भीतर छिपी प्रतिभा का द्वार खोलती है -विजय बहादुर सिंह।* बालकों के सर्वांगीण विकास और उन्हें संस्कारयुक्त शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, गुमला में दो दिवसीय संकुल स्तरीय शिशु वाटिका कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला में गुमला संकुल के विभिन्न विद्यालयों— भरनो, कैम्बा टेंगेरिया, आदर, मुर्गो और सिसई की वाटिका दीदी उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामकिशोर रजक, सचिव विजय बहादुर सिंह, पूर्व विभाग शिशु वाटिका प्रमुख पूनम सारंगी, प्राचार्य जितेन्द्र तिवारी एवं कार्यक्रम प्रमुख अर्चना मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। प्राचार्य जितेन्द्र तिवारी ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि शिशु वाटिका का मूल आधार शिशुओं में पंचकोष का विकास करना है। उन्होंने जोर देकर कहा, यदि हम बच्चों में शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास के 12 क्रियाकलापों को सही ढंग से लागू करें, तो हम एक श्रेष्ठ और आदर्श नागरिक की नींव रख सकते हैं। *शारीरिक, मानसिक विकास आध्यात्मिक विकास का संतुलन ही एक आदर्श नागरिक की नींव है जितेंद्र तिवारी।* वहीं, विशेषज्ञ पूनम सारंगी ने शिशु वाटिका की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं की बारीकियों और उनकी उपयोगिता पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने अपील की कि वह बालकों को मां तथा दादी बनकर शिक्षा दें। विद्यालय के सचिव विजय बहादुर सिंह ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि शिशु उस कच्ची मिट्टी के समान होते हैं, जिन्हें जैसा रूप दिया जाए वे वैसे ही बन जाते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी दीदी जी से आह्वान करते हुए कहा कि हमारी शिशु वाटिका केवल एक पाठशाला नहीं बल्कि वह संस्कारशाला है जहाँ खेल-खेल में बच्चों के व्यक्तित्व को निखारा जाता है। हमें ऐसी शिक्षा पद्धति पर काम करना है जहाँ बच्चा विद्यालय आने के लिए डरे नहीं, बल्कि उत्साहित रहे। एक शिक्षिका का स्नेह ही बच्चे की छिपी प्रतिभा को उजागर कर सकता है। दो दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में प्रशिक्षण के साथ-साथ कई रचनात्मक गतिविधियाँ भी आकर्षण का केंद्र होने वाली है वाटिका के नन्हे शिशुओं द्वारा बनाई गई सुंदर कलाकृतियों का प्रदर्शन। रंगमंच एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, बच्चों और दीदी जी द्वारा विभिन्न रचनात्मक प्रस्तुतियाँ। शारीरिक और मानसिक स्फूर्ति के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए खेलों का अभ्यास। इस कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक और पारंपरिक शिक्षा पद्धति के समन्वय का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी वैश्विक स्तर की गुणवत्तापूर्ण और सुसंस्कृत शिक्षा प्राप्त हो सके।4
- चैनपुर से एक राहत भरी और सुकून देने वाली खबर सामने आई है, जहां पुलिस की मुस्तैदी और सक्रियता के कारण चार दिनों से लापता एक किशोर को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। बेटे को सुरक्षित देखकर परिजन भावुक हो उठे और उसे गले लगाकर रोने लगे। यह दृश्य देख मौके पर मौजूद जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा की आंखें भी नम हो गईं।1
- सिमडेगा: मजदूर दिवस के अवसर पर काटूकोना पल्ली में आदिवासी सांस्कृतिक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस जिला अध्यक्ष सह विधायक भूषण बाड़ा शामिल हुए। प्रतियोगिता में कुल 15 टीमों ने भाग लेकर पारंपरिक वेशभूषा और नृत्य कला का आकर्षक प्रदर्शन किया।प्रतियोगिता में तिर्रा सीटूटोली ने प्रथम, कसदोहर खास ने द्वितीय और कसईदोहर बरटोली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता टीमों को विधायक ने बर्तन देकर सम्मानित किया, जबकि अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। इस मौके पर विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि मजदूर दिवस मेहनतकश लोगों के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने आदिवासी संस्कृति के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि हमारी परंपरा ही हमारी असली पहचान है, जिसे सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी है।कार्यक्रम का सबसे खास क्षण तब रहा जब विधायक स्वयं मंच पर उतरकर कलाकारों के साथ पारंपरिक नृत्य में शामिल हो गए, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण हो उठा।इस अवसर पर सिल्वेस्टर बघवार, फादर पीटर बारला, फादर डोमनिक डांग, बसंती डुंगडुंग, प्रदीप कुजूर, रंजिता खलखो सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।1