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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिला के बोड़ला विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्र में बैगा बाहुल्य क्षेत्र का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बैगा परिवारों के साथ भोजन भी किया, उनकी जरूरतों को समझा और विभिन्न मांगों पर तत्काल विकास कार्यों की घोषणाएं कीं। उप मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत केसमर्दा, दलदली, भुरसीपकरी, पीपरखुंटा और चेंदरादादर में जनसंपर्क करते हुए कुल 92.5 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की, जिनमें सड़क, सामुदायिक भवन, देवगुड़ी, आंगनबाड़ी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। ग्राम पंचायत केसमर्दा में आयोजित जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान, श्री शर्मा ने वार्ड क्रमांक 3 में एक हैंडपंप की स्थापना, 5.20 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण, 3 लाख रुपए की लागत से किचन शेड और 3.50 लाख रुपए की लागत से देवगुड़ी भवन निर्माण की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, केसमर्दा से कुरकी मार्ग के मुरमीकरण कार्य को वीबी जी राम जी योजना के तहत स्वीकृत करने का ऐलान किया गया। उन्होंने केसमर्दा के आश्रित ग्राम बोदई में 3.50 लाख रुपए की लागत से देवगुड़ी भवन और 5.20 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण की भी घोषणा की। वहीं, आश्रित ग्राम गभोड़ा में 2.60 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई। ग्राम पंचायत दलदली में उप मुख्यमंत्री ने वार्ड क्रमांक 1 में एक हैंडपंप स्थापना और वार्ड क्रमांक 2 में पाइप पुलिया निर्माण कार्य को स्वीकृति देने की घोषणा की। साथ ही, आश्रित ग्राम दरई में 6.50 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण का ऐलान किया गया। ग्राम पंचायत भुरसीपकरी में, उन्होंने पूर्व माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए विभागीय प्रस्ताव भेजने, प्राथमिक शाला में 2 लाख रुपए की लागत से आहाता निर्माण और आश्रित ग्राम अंधरिकछार व चितावर में 1.20-1.20 लाख रुपए की लागत से कुआं निर्माण की घोषणा की। चितावर में 3 लाख रुपए की लागत से सांस्कृतिक मंच और पाइप पुलिया निर्माण को भी स्वीकृति मिली। इसके अतिरिक्त, आश्रित ग्राम सुकझर में नवीन आंगनबाड़ी भवन के लिए विभागीय प्रस्ताव तैयार करने, प्राथमिक शाला में 2 लाख रुपये की लागत से आहाता निर्माण, सलगी में 1.50 लाख रुपये की लागत से देवगुड़ी भवन एवं 2.50 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण तथा बनगोरा में 1.50 लाख रुपए की लागत से देवगुड़ी निर्माण की घोषणा की गई।

13 hrs ago
user_Vishvnath Sahu
Vishvnath Sahu
Newspaper publisher पंडरिया, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
13 hrs ago
8a23a4f7-bc3f-4713-91b2-136692dffc15

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिला के बोड़ला विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्र में बैगा बाहुल्य क्षेत्र का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बैगा परिवारों के साथ भोजन भी किया, उनकी जरूरतों को समझा और विभिन्न मांगों पर तत्काल विकास कार्यों की घोषणाएं कीं। उप मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत केसमर्दा, दलदली, भुरसीपकरी, पीपरखुंटा और चेंदरादादर में जनसंपर्क करते हुए कुल 92.5 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की, जिनमें सड़क, सामुदायिक भवन, देवगुड़ी, आंगनबाड़ी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। ग्राम पंचायत केसमर्दा में आयोजित जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान, श्री शर्मा ने वार्ड क्रमांक 3 में एक हैंडपंप की स्थापना, 5.20 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण, 3 लाख रुपए की लागत से किचन शेड और 3.50 लाख रुपए की लागत से देवगुड़ी भवन निर्माण की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, केसमर्दा से कुरकी मार्ग के मुरमीकरण कार्य को वीबी जी राम जी योजना के तहत स्वीकृत करने का ऐलान किया गया। उन्होंने केसमर्दा के आश्रित ग्राम बोदई में 3.50 लाख रुपए की लागत से देवगुड़ी भवन और 5.20 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण की भी घोषणा की। वहीं, आश्रित ग्राम गभोड़ा में 2.60 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई। ग्राम पंचायत दलदली में उप मुख्यमंत्री ने वार्ड क्रमांक 1 में एक हैंडपंप स्थापना और वार्ड क्रमांक 2 में पाइप पुलिया निर्माण कार्य को स्वीकृति देने की घोषणा की। साथ ही, आश्रित ग्राम दरई में 6.50 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण का ऐलान किया गया। ग्राम पंचायत भुरसीपकरी में, उन्होंने पूर्व माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए विभागीय प्रस्ताव भेजने, प्राथमिक शाला में 2 लाख रुपए की लागत से आहाता निर्माण और आश्रित ग्राम अंधरिकछार व चितावर में 1.20-1.20 लाख रुपए की लागत से कुआं निर्माण की घोषणा की। चितावर में 3 लाख रुपए की लागत से सांस्कृतिक मंच और पाइप पुलिया निर्माण को भी स्वीकृति मिली। इसके अतिरिक्त, आश्रित ग्राम सुकझर में नवीन आंगनबाड़ी भवन के लिए विभागीय प्रस्ताव तैयार करने, प्राथमिक शाला में 2 लाख रुपये की लागत से आहाता निर्माण, सलगी में 1.50 लाख रुपये की लागत से देवगुड़ी भवन एवं 2.50 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण तथा बनगोरा में 1.50 लाख रुपए की लागत से देवगुड़ी निर्माण की घोषणा की गई।

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  • बिलासपुर की न्यायधानी में ओल्ड बस स्टैंड स्थित होटल हेवन पार्क का 'LIT' (Life In Trance) क्लब एक बार फिर विवादों में है। आरोप है कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी यहां देर रात तक शराब और संगीत की महफिलें सजी रहीं, जबकि प्रशासनिक नियम सिर्फ कागजों तक सीमित रहे। शनिवार की रात करीब 1 बजे तक क्लब में रौनक बरकरार थी, और अगले ही दिन रविवार को भी यही तस्वीर दोहराई गई, जिससे शहर के प्रमुख व्यावसायिक और रिहायशी इलाके में स्थित इस क्लब को लेकर आसपास के रहवासियों की चिंता बढ़ गई है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में नियमों को इतनी खुली चुनौती दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, क्लब के देर रात तक संचालन की खबर सार्वजनिक होने के बाद पुलिस की टीम रात लगभग 1 बजे होटल परिसर पहुंची। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई और न तो कोई सख्त वैधानिक कार्रवाई हुई और न ही नियम उल्लंघन पर कोई प्रभावी कदम उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में समय सीमा का उल्लंघन हो रहा था, तो केवल समझाइश देकर लौट जाना किस कानून का हिस्सा है और क्या आम दुकानदार या छोटे व्यवसायी के मामले में भी इतनी ही नरमी दिखाई जाती। यह सवाल अब शहरभर में चर्चा का विषय बन गया है। यह पहला मौका नहीं है जब होटल हेवन पार्क और उसका 'LIT' क्लब विवादों में घिरा हो। पिछले कुछ वर्षों में इस परिसर का नाम कई सनसनीखेज घटनाओं में सामने आ चुका है। इनमें बार सील होने के बाद एक छापेमारी में कई रसूखदार लोगों को लाखों रुपये के साथ जुआ खेलते पकड़ा जाना और बाद में कुछ प्रभावशाली लोगों को छोड़ने पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठना शामिल है। इसके अलावा, मई 2023 में होटल के बाहर लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हुए जानलेवा हमले में 12 आरोपियों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी। क्लब में रायपुर के एक व्यवसायी की बेरहमी से पिटाई और थाने में हुए हंगामे का वीडियो भी वायरल हुआ था। बाउंसरों द्वारा एंट्री विवाद को लेकर युवकों की पिटाई, बेसबॉल बैट से हमला और चाकूबाजी की घटनाएं भी दर्ज हुई हैं। एक ग्राहक द्वारा अवैध हुक्का संचालन का वीडियो बनाने पर मारपीट और मोबाइल तोड़ने का मामला भी सामने आया था, वहीं मार्च 2024 में होटल परिसर के भीतर एक युवक का खुलेआम धारदार हथियार लहराते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि देर रात तक तेज संगीत, शराब पार्टी और नशे में बाहर निकलने वाले लोगों की गतिविधियों से पूरे इलाके का माहौल प्रभावित हो रहा है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है, खासकर सप्ताहांत में रात 2 बजे तक गतिविधियां चलने से शांति भंग होती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना भी हो सकती है। शहर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और आसपास के रहवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आबकारी विभाग से मांग की है कि क्लब परिसर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच कराई जाए। यदि निर्धारित समय सीमा के बाद संचालन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जाए। इन सब के बीच, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब छोटे व्यापारियों पर नियमों का डंडा चलता है, तब क्या रसूखदार प्रतिष्ठानों के लिए कानून की धार कुंद हो जाती है? क्या न्यायधानी में नियमों से बड़ा प्रभाव और पहुंच बन चुका है? और यदि नहीं, तो फिर बार-बार विवादों में घिरने वाले इस क्लब पर अब तक निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब का इंतजार सिर्फ आसपास के रहवासियों को नहीं, बल्कि पूरी न्यायधानी को है।
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    बिलासपुर की न्यायधानी में ओल्ड बस स्टैंड स्थित होटल हेवन पार्क का 'LIT' (Life In Trance) क्लब एक बार फिर विवादों में है। आरोप है कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी यहां देर रात तक शराब और संगीत की महफिलें सजी रहीं, जबकि प्रशासनिक नियम सिर्फ कागजों तक सीमित रहे। शनिवार की रात करीब 1 बजे तक क्लब में रौनक बरकरार थी, और अगले ही दिन रविवार को भी यही तस्वीर दोहराई गई, जिससे शहर के प्रमुख व्यावसायिक और रिहायशी इलाके में स्थित इस क्लब को लेकर आसपास के रहवासियों की चिंता बढ़ गई है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में नियमों को इतनी खुली चुनौती दी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, क्लब के देर रात तक संचालन की खबर सार्वजनिक होने के बाद पुलिस की टीम रात लगभग 1 बजे होटल परिसर पहुंची। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई और न तो कोई सख्त वैधानिक कार्रवाई हुई और न ही नियम उल्लंघन पर कोई प्रभावी कदम उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में समय सीमा का उल्लंघन हो रहा था, तो केवल समझाइश देकर लौट जाना किस कानून का हिस्सा है और क्या आम दुकानदार या छोटे व्यवसायी के मामले में भी इतनी ही नरमी दिखाई जाती। यह सवाल अब शहरभर में चर्चा का विषय बन गया है।

यह पहला मौका नहीं है जब होटल हेवन पार्क और उसका 'LIT' क्लब विवादों में घिरा हो। पिछले कुछ वर्षों में इस परिसर का नाम कई सनसनीखेज घटनाओं में सामने आ चुका है। इनमें बार सील होने के बाद एक छापेमारी में कई रसूखदार लोगों को लाखों रुपये के साथ जुआ खेलते पकड़ा जाना और बाद में कुछ प्रभावशाली लोगों को छोड़ने पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठना शामिल है। इसके अलावा, मई 2023 में होटल के बाहर लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हुए जानलेवा हमले में 12 आरोपियों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी। क्लब में रायपुर के एक व्यवसायी की बेरहमी से पिटाई और थाने में हुए हंगामे का वीडियो भी वायरल हुआ था। बाउंसरों द्वारा एंट्री विवाद को लेकर युवकों की पिटाई, बेसबॉल बैट से हमला और चाकूबाजी की घटनाएं भी दर्ज हुई हैं। एक ग्राहक द्वारा अवैध हुक्का संचालन का वीडियो बनाने पर मारपीट और मोबाइल तोड़ने का मामला भी सामने आया था, वहीं मार्च 2024 में होटल परिसर के भीतर एक युवक का खुलेआम धारदार हथियार लहराते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था।

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि देर रात तक तेज संगीत, शराब पार्टी और नशे में बाहर निकलने वाले लोगों की गतिविधियों से पूरे इलाके का माहौल प्रभावित हो रहा है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है, खासकर सप्ताहांत में रात 2 बजे तक गतिविधियां चलने से शांति भंग होती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना भी हो सकती है। शहर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और आसपास के रहवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आबकारी विभाग से मांग की है कि क्लब परिसर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच कराई जाए। यदि निर्धारित समय सीमा के बाद संचालन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जाए।

इन सब के बीच, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब छोटे व्यापारियों पर नियमों का डंडा चलता है, तब क्या रसूखदार प्रतिष्ठानों के लिए कानून की धार कुंद हो जाती है? क्या न्यायधानी में नियमों से बड़ा प्रभाव और पहुंच बन चुका है? और यदि नहीं, तो फिर बार-बार विवादों में घिरने वाले इस क्लब पर अब तक निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब का इंतजार सिर्फ आसपास के रहवासियों को नहीं, बल्कि पूरी न्यायधानी को है।
    user_Kumar Poptani National Crime N
    Kumar Poptani National Crime N
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • बिलासपुर केंद्रीय जेल एक बार फिर विवादों में घिर गई है, जहाँ जेल परिसर के भीतर ही एक विचाराधीन बंदी की हत्या कर दी गई। इस चौंकाने वाली घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी इस केंद्रीय जेल से सुरक्षा चूक और विवादित वीडियो सामने आते रहे हैं, लेकिन इस घटना ने आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे जेल परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक विचाराधीन बंदी नीलू जगत (25 वर्ष), निवासी कोटा पर दूसरे बंदी राजेश राय (40 वर्ष), निवासी ग्राम चामरी, जिला मुंगेली ने जानलेवा हमला कर दिया। राजेश राय ने बैरक के भीतर घुसकर सीमेंट के ढक्कन (पत्थर) से नीलू जगत पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे नीलू गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन ने घायल बंदी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद नीलू जगत की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद जेल प्रशासन पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हमलावर बंदी के हाथ में भारी सीमेंट का ढक्कन बैरक के भीतर कैसे पहुंचा और इतनी बड़ी वारदात जेल के अंदर कैसे हो गई। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी राजेश राय पहले से ही ट्रिपल मर्डर और दो हत्या के प्रयास (हाफ मर्डर) के मामलों में सजा काट रहा था। ऐसे खतरनाक अपराधी द्वारा जेल के भीतर हत्या को अंजाम दिए जाने से सुरक्षा इंतजामों की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस तथा जेल प्रशासन घटना के कारणों एवं परिस्थितियों की गहन पड़ताल कर रहे हैं।
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    बिलासपुर केंद्रीय जेल एक बार फिर विवादों में घिर गई है, जहाँ जेल परिसर के भीतर ही एक विचाराधीन बंदी की हत्या कर दी गई। इस चौंकाने वाली घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी इस केंद्रीय जेल से सुरक्षा चूक और विवादित वीडियो सामने आते रहे हैं, लेकिन इस घटना ने आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे जेल परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक विचाराधीन बंदी नीलू जगत (25 वर्ष), निवासी कोटा पर दूसरे बंदी राजेश राय (40 वर्ष), निवासी ग्राम चामरी, जिला मुंगेली ने जानलेवा हमला कर दिया। राजेश राय ने बैरक के भीतर घुसकर सीमेंट के ढक्कन (पत्थर) से नीलू जगत पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे नीलू गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन ने घायल बंदी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद नीलू जगत की इलाज के दौरान मौत हो गई।

इस घटना के बाद जेल प्रशासन पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हमलावर बंदी के हाथ में भारी सीमेंट का ढक्कन बैरक के भीतर कैसे पहुंचा और इतनी बड़ी वारदात जेल के अंदर कैसे हो गई। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी राजेश राय पहले से ही ट्रिपल मर्डर और दो हत्या के प्रयास (हाफ मर्डर) के मामलों में सजा काट रहा था। ऐसे खतरनाक अपराधी द्वारा जेल के भीतर हत्या को अंजाम दिए जाने से सुरक्षा इंतजामों की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस तथा जेल प्रशासन घटना के कारणों एवं परिस्थितियों की गहन पड़ताल कर रहे हैं।
    user_Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Newspaper publisher बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी, अनियमित बिक्री और किसानों के बीच कृत्रिम अभाव को रोकने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे निरंतर निरीक्षण एवं जांच अभियान के तहत, बिल्हा विकासखंड के ग्राम पोड़ी सरवानी स्थित प्रजापति ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया गया, जिसके बाद कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। आज मंगलवार शाम 6:46 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उर्वरक निरीक्षक बिल्हा श्री आर.एस. गौतम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि प्रजापति ट्रेडर्स द्वारा यूरिया और सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक का विक्रय आवश्यक प्राधिकार पत्र के बिना किया जा रहा था। यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। अनियमितता पाए जाने पर, विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 9.495 टन यूरिया और 3.15 टन सुपर फॉस्फेट, यानी कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी। संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर पाई गई कमियों को तुरंत दूर करने और निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उप संचालक कृषि श्री पीडी हाथेश्वर ने स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ, तो उर्वरक विक्रय लाइसेंस के निलंबन सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिल्हा विकासखंड में ऐसी जांच एवं निरीक्षण कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं से उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करते हुए ही खाद का भंडारण एवं विक्रय करने की अपील की है।
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    बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी, अनियमित बिक्री और किसानों के बीच कृत्रिम अभाव को रोकने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे निरंतर निरीक्षण एवं जांच अभियान के तहत, बिल्हा विकासखंड के ग्राम पोड़ी सरवानी स्थित प्रजापति ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया गया, जिसके बाद कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

आज मंगलवार शाम 6:46 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उर्वरक निरीक्षक बिल्हा श्री आर.एस. गौतम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि प्रजापति ट्रेडर्स द्वारा यूरिया और सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक का विक्रय आवश्यक प्राधिकार पत्र के बिना किया जा रहा था। यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। अनियमितता पाए जाने पर, विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 9.495 टन यूरिया और 3.15 टन सुपर फॉस्फेट, यानी कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी। संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर पाई गई कमियों को तुरंत दूर करने और निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

उप संचालक कृषि श्री पीडी हाथेश्वर ने स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ, तो उर्वरक विक्रय लाइसेंस के निलंबन सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिल्हा विकासखंड में ऐसी जांच एवं निरीक्षण कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं से उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करते हुए ही खाद का भंडारण एवं विक्रय करने की अपील की है।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    13 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 जून को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास के लिए 5 हजार 960 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 वर्षों तक जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना 1 अप्रैल 2006 से प्रदेश में लागू है, जिसके तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों की विवाह योग्य कन्या, विधवा या परित्यक्ता के सामूहिक विवाह के लिए प्रति कन्या 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना से वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण और विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है। शैक्षणिक पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से, कैबिनेट ने शासकीय माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल में और हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी में अपग्रेड करने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इसके तहत 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं और 100 हाई स्कूलों का उन्नयन किया जाएगा। अगले दो वर्षों 2027-28 और 2028-29 में भी प्रतिवर्ष इसी प्रकार 75 माध्यमिक और 100 हाई स्कूलों के उन्नयन पर सहमति बनी, जिसके लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रुपये है। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में हाई स्कूल स्तर पर सकल नामांकन दर 75 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने के कारण ड्रॉपआउट दर बढ़ने की समस्या को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा, बल्कि उन विद्यार्थियों को सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा। किसानों के हित में एक अहम फैसला लेते हुए कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना की शर्तों को स्वीकृति दी। इसके अनुसार, खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथियों के बजाय वार्षिक एकल ऋण सीमा निर्धारित की जाएगी, जो प्रथम ऋण आहरण से 12 माह तक मान्य होगी। अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को राज्य शासन द्वारा 1.25 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान और निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण चुकाने वाले किसानों को 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन ब्याज अनुदान दिया जाएगा। यह योजना वर्ष 2012-13 से लागू है, जिसके तहत 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता है। इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में एक नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ करने को भी मंजूरी दी। इसके लिए शैक्षणिक वर्ग के 9 और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पदों सहित कुल 17 पदों के सृजन तथा 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये के व्यय को स्वीकृति मिली है। यह कदम बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के बजाय पृथक महाविद्यालय में संचालित करने की आवश्यकता को पूरा करेगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के निरंतर संचालन हेतु 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिए गए केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि को राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध करवाने का निर्णय भी लिया गया।
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    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 जून को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास के लिए 5 हजार 960 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 वर्षों तक जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना 1 अप्रैल 2006 से प्रदेश में लागू है, जिसके तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों की विवाह योग्य कन्या, विधवा या परित्यक्ता के सामूहिक विवाह के लिए प्रति कन्या 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना से वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण और विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है।

शैक्षणिक पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से, कैबिनेट ने शासकीय माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल में और हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी में अपग्रेड करने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इसके तहत 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं और 100 हाई स्कूलों का उन्नयन किया जाएगा। अगले दो वर्षों 2027-28 और 2028-29 में भी प्रतिवर्ष इसी प्रकार 75 माध्यमिक और 100 हाई स्कूलों के उन्नयन पर सहमति बनी, जिसके लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रुपये है। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में हाई स्कूल स्तर पर सकल नामांकन दर 75 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने के कारण ड्रॉपआउट दर बढ़ने की समस्या को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा, बल्कि उन विद्यार्थियों को सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा।

किसानों के हित में एक अहम फैसला लेते हुए कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना की शर्तों को स्वीकृति दी। इसके अनुसार, खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथियों के बजाय वार्षिक एकल ऋण सीमा निर्धारित की जाएगी, जो प्रथम ऋण आहरण से 12 माह तक मान्य होगी। अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को राज्य शासन द्वारा 1.25 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान और निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण चुकाने वाले किसानों को 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन ब्याज अनुदान दिया जाएगा। यह योजना वर्ष 2012-13 से लागू है, जिसके तहत 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता है।

इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में एक नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ करने को भी मंजूरी दी। इसके लिए शैक्षणिक वर्ग के 9 और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पदों सहित कुल 17 पदों के सृजन तथा 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये के व्यय को स्वीकृति मिली है। यह कदम बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के बजाय पृथक महाविद्यालय में संचालित करने की आवश्यकता को पूरा करेगा।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के निरंतर संचालन हेतु 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिए गए केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि को राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध करवाने का निर्णय भी लिया गया।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • डिंडोरी जिले में वन विभाग ने सर्प से बचाव के लिए एक दल तैनात किया है। यह बचाव दल जिले के सभी रेंज में अपनी सेवाएँ देगा।
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    डिंडोरी जिले में वन विभाग ने सर्प से बचाव के लिए एक दल तैनात किया है। यह बचाव दल जिले के सभी रेंज में अपनी सेवाएँ देगा।
    user_Santosh Ahirwar
    Santosh Ahirwar
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • बिलासपुर की केंद्रीय जेल एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है, जहाँ सोमवार सुबह बैरक के भीतर एक विचाराधीन बंदी की पत्थर से हमला कर निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे जेल परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब कोटा निवासी 25 वर्षीय नीलू जगत पर जानलेवा हमला किया गया। बताया जा रहा है कि मुंगेली जिले के चामरी निवासी 40 वर्षीय राजेश राय ने बैरक में घुसकर सीमेंट के एक भारी ढक्कन (पत्थर) से नीलू जगत के सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार किए। हमले के कारण नीलू जगत गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हालत में गिर पड़ा। उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी राजेश राय पहले से ही ट्रिपल मर्डर और दो हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में सजा काट रहा था, और उसके द्वारा जेल के भीतर ही ऐसी वारदात को अंजाम देना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी केंद्रीय जेल से कैदियों की मौज-मस्ती, मोबाइल उपयोग और सुरक्षा में लापरवाही से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार न होना अब एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल, हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, और पुलिस तथा जेल प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
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    बिलासपुर की केंद्रीय जेल एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है, जहाँ सोमवार सुबह बैरक के भीतर एक विचाराधीन बंदी की पत्थर से हमला कर निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे जेल परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब कोटा निवासी 25 वर्षीय नीलू जगत पर जानलेवा हमला किया गया। बताया जा रहा है कि मुंगेली जिले के चामरी निवासी 40 वर्षीय राजेश राय ने बैरक में घुसकर सीमेंट के एक भारी ढक्कन (पत्थर) से नीलू जगत के सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार किए। हमले के कारण नीलू जगत गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हालत में गिर पड़ा। उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी राजेश राय पहले से ही ट्रिपल मर्डर और दो हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में सजा काट रहा था, और उसके द्वारा जेल के भीतर ही ऐसी वारदात को अंजाम देना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी केंद्रीय जेल से कैदियों की मौज-मस्ती, मोबाइल उपयोग और सुरक्षा में लापरवाही से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार न होना अब एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल, हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, और पुलिस तथा जेल प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
    user_Kumar Poptani National Crime N
    Kumar Poptani National Crime N
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • बिलासपुर ज़िले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम छतौना से एक 28 वर्षीय महिला अपनी 5 साल की बेटी के साथ लापता हो गई है। पूनम सूर्यवंशी नामक यह महिला अपनी पाँच वर्षीय बेटी अनन्या सूर्यवंशी को लेकर 21 जून 2026 को सुबह करीब 10 बजे घर से बिना बताए चली गई, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पति रमाकांत सूर्यवंशी (32 वर्ष) ने सोमवार दोपहर 1 बजकर 09 मिनट पर चकरभाठा थाने में दर्ज कराई। रमाकांत, जो कि वार्ड क्रमांक 04 छतौना के निवासी हैं, अपने भाई गोकुल सूर्यवंशी के साथ थाने पहुंचे और बताया कि उन्होंने पत्नी और बेटी की तलाश आसपास और रिश्तेदारों में की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। पूनम सूर्यवंशी का हुलिया 5 फीट कद, सांवला रंग, लंबा चेहरा और काले बाल बताए गए हैं। लापता होने के समय उन्होंने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी थी और वे छत्तीसगढ़ी व हिंदी भाषा बोलती हैं। सूचक की सूचना पर पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी है। इस गुमशुदगी की सूचना सभी थाना और चौकी प्रभारियों के साथ-साथ डीसीआरबी को भी भेज दी गई है।
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    बिलासपुर ज़िले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम छतौना से एक 28 वर्षीय महिला अपनी 5 साल की बेटी के साथ लापता हो गई है। पूनम सूर्यवंशी नामक यह महिला अपनी पाँच वर्षीय बेटी अनन्या सूर्यवंशी को लेकर 21 जून 2026 को सुबह करीब 10 बजे घर से बिना बताए चली गई, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है।

उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पति रमाकांत सूर्यवंशी (32 वर्ष) ने सोमवार दोपहर 1 बजकर 09 मिनट पर चकरभाठा थाने में दर्ज कराई। रमाकांत, जो कि वार्ड क्रमांक 04 छतौना के निवासी हैं, अपने भाई गोकुल सूर्यवंशी के साथ थाने पहुंचे और बताया कि उन्होंने पत्नी और बेटी की तलाश आसपास और रिश्तेदारों में की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। पूनम सूर्यवंशी का हुलिया 5 फीट कद, सांवला रंग, लंबा चेहरा और काले बाल बताए गए हैं। लापता होने के समय उन्होंने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी थी और वे छत्तीसगढ़ी व हिंदी भाषा बोलती हैं। सूचक की सूचना पर पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी है। इस गुमशुदगी की सूचना सभी थाना और चौकी प्रभारियों के साथ-साथ डीसीआरबी को भी भेज दी गई है।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    23 hrs ago
  • केसीजी जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आज, बुधवार 24 जून को सुबह 10:30 बजे से ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं। इन ग्राम सभाओं का प्रमुख एजेंडा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस 2.0 सर्वे के आधार पर तैयार की गई स्थायी प्रतीक्षा सूची का वाचन, अवलोकन और अनुमोदन करना है। ग्राम सभाओं के दौरान, हितग्राहियों की सूची का सार्वजनिक प्रदर्शन किया जाएगा और प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों को विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) सहित विभिन्न अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी भी दी जाएगी। प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से इन ग्राम सभाओं में शामिल होकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।
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    केसीजी जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आज, बुधवार 24 जून को सुबह 10:30 बजे से ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं। इन ग्राम सभाओं का प्रमुख एजेंडा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस 2.0 सर्वे के आधार पर तैयार की गई स्थायी प्रतीक्षा सूची का वाचन, अवलोकन और अनुमोदन करना है।

ग्राम सभाओं के दौरान, हितग्राहियों की सूची का सार्वजनिक प्रदर्शन किया जाएगा और प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों को विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) सहित विभिन्न अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी भी दी जाएगी। प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से इन ग्राम सभाओं में शामिल होकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।
    user_गंगाराम पटेल  स्थानीय पत्रकार
    गंगाराम पटेल स्थानीय पत्रकार
    खैरागढ़, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • तिल्दा-नेवरा नगर के वार्ड क्रमांक 09 में मंगलवार सुबह एक झोपड़ी में खाना बनाते समय अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी झोपड़ी जलकर राख हो गई। इस घटना में दो परिवारों के घर प्रभावित हुए हैं, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 09 निवासी लगभग 60 वर्षीय मुन्नी बाई, जो अकेले रहती हैं, अपनी झोपड़ी नुमा घर में खाना बना रही थीं, तभी यह आग लगी। तेज हवा और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही देर में पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें पास स्थित लक्ष्मी बाई साहू के कच्चे मकान तक भी पहुँच गईं, जिससे उनके घर को भी नुकसान हुआ। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया और इसकी सूचना पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही तिल्दा थाना प्रभारी (टीआई) स्वयं मौके पर पहुँचे और राहत कार्यों की निगरानी की। वहीं, फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुँचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन आग से मुन्नी बाई और लक्ष्मी बाई के घरों को भारी नुकसान पहुँचा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय नागरिकों की तत्परता और फायर ब्रिगेड की समय पर कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
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    तिल्दा-नेवरा नगर के वार्ड क्रमांक 09 में मंगलवार सुबह एक झोपड़ी में खाना बनाते समय अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी झोपड़ी जलकर राख हो गई। इस घटना में दो परिवारों के घर प्रभावित हुए हैं, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 09 निवासी लगभग 60 वर्षीय मुन्नी बाई, जो अकेले रहती हैं, अपनी झोपड़ी नुमा घर में खाना बना रही थीं, तभी यह आग लगी। तेज हवा और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही देर में पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें पास स्थित लक्ष्मी बाई साहू के कच्चे मकान तक भी पहुँच गईं, जिससे उनके घर को भी नुकसान हुआ।

घटना के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया और इसकी सूचना पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही तिल्दा थाना प्रभारी (टीआई) स्वयं मौके पर पहुँचे और राहत कार्यों की निगरानी की। वहीं, फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुँचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन आग से मुन्नी बाई और लक्ष्मी बाई के घरों को भारी नुकसान पहुँचा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय नागरिकों की तत्परता और फायर ब्रिगेड की समय पर कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
    user_Pavan Baghel
    Pavan Baghel
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
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