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कॉकरोच जनता पार्टी की सच्चाई को देश की जनता को समझना चाहिए. मैंने CJP (Cockroach Janta Party) की विदेशी फंडिंग के संबंध में ED, MHA/FCRA, Election Commission और MEA—चारों स्तरों पर उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड/बयानों को अलग-अलग खोजा। निष्कर्ष यह है कि आरोप और जाँच की मांगें मौजूद हैं, लेकिन अभी तक मुझे कोई सार्वजनिक आधिकारिक दस्तावेज नहीं मिला जो यह निर्णायक रूप से साबित करे कि CJP को विदेशी धन प्राप्त हुआ है। 1. ED — Enforcement Directorate 1 अगस्त 2026 की कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि CJP के जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े विदेशी फंडिंग और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जाँच की जा रही है और कुछ कंपनियाँ एजेंसियों के रडार पर हैं। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि मुझे ED की अपनी वेबसाइट पर CJP के विरुद्ध कोई आधिकारिक प्रेस रिलीज़, ECIR, जब्ती/कुर्की आदेश या विदेशी धन मिलने की पुष्टि नहीं मिली। निष्कर्ष: ED की कार्रवाई का स्वतंत्र आधिकारिक प्रमाण अभी नहीं मिला; मीडिया में जाँच के दावे हैं। --- 2. MHA / FCRA यहाँ भी स्थिति महत्वपूर्ण है। CJP को लेकर FCRA के तहत विदेशी योगदान मिलने की बात उठाई गई है, लेकिन मुझे MHA के सार्वजनिक FCRA रिकॉर्ड में CJP के नाम पर ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला जिससे विदेशी contribution की पुष्टि हो। इसके अलावा, CJP के विरुद्ध इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर एक PIL में FCRA, PMLA, UAPA आदि के तहत जाँच की मांग की गई थी। यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी PIL में जाँच की मांग होना, विदेशी फंडिंग सिद्ध होने के बराबर नहीं है। निष्कर्ष: FCRA violation का आरोप/जाँच की मांग है, लेकिन अभी तक सार्वजनिक आधिकारिक रिकॉर्ड में CJP को विदेशी contribution मिलने का निर्णायक प्रमाण नहीं मिला। --- 3. Election Commission of India यहाँ एक बहुत महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार CJP अभी Election Commission of India में पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है। इसलिए सामान्य राजनीतिक दलों की तरह उसके नाम पर ECI के Contribution Reports/Political Party donation disclosures से विदेशी चंदे का रिकॉर्ड निकालना संभव नहीं है। Indian Express ने भी जून 2026 में CJP के संदर्भ में सवाल उठाया था कि क्या उसे चुनाव चिह्न मिल सकता है और इसके लिए ECI के free-symbol नियमों की चर्चा की थी। निष्कर्ष: ECI के रिकॉर्ड से CJP की विदेशी funding सिद्ध होने वाला दस्तावेज मुझे नहीं मिला। --- 4. MEA — Ministry of External Affairs यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। CJP के आंदोलन की विदेशी फंडिंग को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा चला था कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा है कि आंदोलन को कोई विदेशी फंडिंग नहीं मिली। लेकिन MEA ने उस वायरल दावे को misleading/misrepresentation बताया था। MEA का कहना था कि प्रवक्ता ने ऐसा निष्कर्ष नहीं दिया था कि “विदेशी फंडिंग नहीं हुई।” इसलिए MEA की स्थिति को इस तरह समझना चाहिए: > MEA ने CJP को क्लीन चिट नहीं दी थी। लेकिन MEA ने विदेशी फंडिंग होने की पुष्टि भी नहीं की। --- एक और महत्वपूर्ण दावा — ₹1 million मुझे एक रिपोर्ट में यह दावा मिला कि Gurpatwant Singh Pannun ने CJP आंदोलन के लिए $1 million देने की सार्वजनिक घोषणा की थी और बाद में कथित रूप से $250,000 दिए जाने का दावा किया गया। लेकिन उसी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि उस कथित transfer को स्वतंत्र रूप से verify नहीं किया गया है। इसलिए इसे अभी “CJP को $250,000 विदेशी फंड मिल चुका है” के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा। --- मेरी वर्तमान जाँच का निष्कर्ष संस्था CJP के संबंध में क्या मिला? विदेशी फंडिंग सिद्ध? ED जाँच होने के मीडिया दावे ❌ अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं MHA/FCRA शिकायत/PIL और FCRA जाँच की मांग ❌ प्राप्ति का प्रमाण नहीं Election Commission CJP registered political party नहीं दिखती ❌ कोई donation record नहीं मिला MEA वायरल “क्लीन चिट” को misleading बताया ❌ फंडिंग की पुष्टि नहीं Pannun/$1m दावा सार्वजनिक घोषणा का दावा ⚠️ वास्तविक transfer independently verified नहीं इसलिए सबसे सटीक निष्कर्ष आज 14 सितंबर 2026 तक उपलब्ध सार्वजनिक सामग्री के आधार पर यह कहना उचित नहीं है कि “CJP को विदेश से पैसा मिला है” एक सिद्ध तथ्य है। हाँ, विदेशी funding को लेकर गंभीर आरोप, शिकायतें, जाँच की मांग और कुछ विदेशी व्यक्तियों से जुड़े funding claims मौजूद हैं। लेकिन बैंक रिकॉर्ड, FCRA return, ED seizure/document, MHA finding या न्यायालय के किसी आदेश से CJP को विदेशी पैसा प्राप्त होने की पुष्टि मुझे अभी नहीं मिली। अगर आप चाहें तो मैं अगला चरण और ज्यादा गहराई से कर सकता हूँ: **।**₹/$ की कथित रकम, Pannun, Soros, Dubai connection, Boston/USA connection और CJP के बैंक/क्राउडफंडिंग स्रोत—इन सभी को एक-एक करके दस्तावेज/स्रोत के साथ ट्रेस करके “क्या प्रमाणित है और क्या सिर्फ आरोप है” वाली पूरी evidence chart बना दूँ

5 hrs ago
user_VIKAS RAWAT
VIKAS RAWAT
Lawyer Etawah, Uttar Pradesh•
5 hrs ago

कॉकरोच जनता पार्टी की सच्चाई को देश की जनता को समझना चाहिए. मैंने CJP (Cockroach Janta Party) की विदेशी फंडिंग के संबंध में ED, MHA/FCRA, Election Commission और MEA—चारों स्तरों पर उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड/बयानों को अलग-अलग खोजा। निष्कर्ष यह है कि आरोप और जाँच की मांगें मौजूद हैं, लेकिन अभी तक मुझे कोई सार्वजनिक आधिकारिक दस्तावेज नहीं मिला जो यह निर्णायक रूप से साबित करे कि CJP को विदेशी धन प्राप्त हुआ है। 1. ED — Enforcement Directorate 1 अगस्त 2026 की कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि CJP के जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े विदेशी फंडिंग और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जाँच की जा रही है और कुछ कंपनियाँ एजेंसियों के रडार पर हैं। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि मुझे ED की अपनी वेबसाइट पर CJP के विरुद्ध कोई आधिकारिक प्रेस रिलीज़, ECIR, जब्ती/कुर्की आदेश या विदेशी धन मिलने की पुष्टि नहीं मिली। निष्कर्ष: ED की कार्रवाई का स्वतंत्र आधिकारिक प्रमाण अभी नहीं मिला; मीडिया में जाँच के दावे हैं। --- 2. MHA / FCRA यहाँ भी स्थिति महत्वपूर्ण है। CJP को लेकर FCRA के तहत विदेशी योगदान मिलने की बात उठाई गई है, लेकिन मुझे MHA के सार्वजनिक FCRA रिकॉर्ड में CJP के नाम पर ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला जिससे विदेशी contribution की पुष्टि हो। इसके अलावा, CJP के विरुद्ध इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर एक PIL में FCRA, PMLA, UAPA आदि के तहत जाँच की मांग की गई थी। यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी PIL में जाँच की मांग होना, विदेशी फंडिंग सिद्ध होने के बराबर नहीं है। निष्कर्ष: FCRA violation का आरोप/जाँच की मांग है, लेकिन अभी तक सार्वजनिक आधिकारिक रिकॉर्ड में CJP को विदेशी contribution मिलने का निर्णायक प्रमाण नहीं मिला। --- 3. Election Commission of India यहाँ एक बहुत महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार CJP अभी Election Commission of India में पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है। इसलिए सामान्य राजनीतिक दलों की तरह उसके नाम पर ECI के Contribution Reports/Political Party donation disclosures से विदेशी चंदे का रिकॉर्ड निकालना संभव नहीं है। Indian Express ने भी जून 2026 में CJP के संदर्भ में सवाल उठाया था कि क्या उसे चुनाव चिह्न मिल सकता है और इसके लिए ECI के free-symbol नियमों की चर्चा की थी। निष्कर्ष: ECI के रिकॉर्ड से CJP की विदेशी funding सिद्ध होने वाला दस्तावेज मुझे नहीं मिला। --- 4. MEA — Ministry of External Affairs यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। CJP के आंदोलन की विदेशी फंडिंग को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा चला था कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा है कि आंदोलन को कोई विदेशी फंडिंग नहीं मिली। लेकिन MEA ने उस वायरल दावे को misleading/misrepresentation बताया था। MEA का कहना था कि प्रवक्ता ने ऐसा निष्कर्ष नहीं दिया था कि “विदेशी फंडिंग नहीं हुई।” इसलिए MEA की स्थिति को इस तरह समझना चाहिए: > MEA ने CJP को क्लीन चिट नहीं दी थी। लेकिन MEA ने विदेशी फंडिंग होने की पुष्टि भी नहीं की। --- एक और महत्वपूर्ण दावा — ₹1 million मुझे एक रिपोर्ट में यह दावा मिला कि Gurpatwant Singh Pannun ने CJP आंदोलन के लिए $1 million देने की सार्वजनिक घोषणा की थी और बाद में कथित रूप से $250,000 दिए जाने का दावा किया गया। लेकिन उसी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि उस कथित transfer को स्वतंत्र रूप से verify नहीं किया गया है। इसलिए इसे अभी “CJP को $250,000 विदेशी फंड मिल चुका है” के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा। --- मेरी वर्तमान जाँच का निष्कर्ष संस्था CJP के संबंध में क्या मिला? विदेशी फंडिंग सिद्ध? ED जाँच होने के मीडिया दावे ❌ अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं MHA/FCRA शिकायत/PIL और FCRA जाँच की मांग ❌ प्राप्ति का प्रमाण नहीं Election Commission CJP registered political party नहीं दिखती ❌ कोई donation record नहीं मिला MEA वायरल “क्लीन चिट” को misleading बताया ❌ फंडिंग की पुष्टि नहीं Pannun/$1m दावा सार्वजनिक घोषणा का दावा ⚠️ वास्तविक transfer independently verified नहीं इसलिए सबसे सटीक निष्कर्ष आज 14 सितंबर 2026 तक उपलब्ध सार्वजनिक सामग्री के आधार पर यह कहना उचित नहीं है कि “CJP को विदेश से पैसा मिला है” एक सिद्ध तथ्य है। हाँ, विदेशी funding को लेकर गंभीर आरोप, शिकायतें, जाँच की मांग और कुछ विदेशी व्यक्तियों से जुड़े funding claims मौजूद हैं। लेकिन बैंक रिकॉर्ड, FCRA return, ED seizure/document, MHA finding या न्यायालय के किसी आदेश से CJP को विदेशी पैसा प्राप्त होने की पुष्टि मुझे अभी नहीं मिली। अगर आप चाहें तो मैं अगला चरण और ज्यादा गहराई से कर सकता हूँ: **।**₹/$ की कथित रकम, Pannun, Soros, Dubai connection, Boston/USA connection और CJP के बैंक/क्राउडफंडिंग स्रोत—इन सभी को एक-एक करके दस्तावेज/स्रोत के साथ ट्रेस करके “क्या प्रमाणित है और क्या सिर्फ आरोप है” वाली पूरी evidence chart बना दूँ

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    लम्पी वायरस को देखते हुए इटावा में गौ सेवक आए आगे गौवंश को कर रहे वैक्सीनेशन
🐄 लम्पी वायरस को देखते हुए गौ सेवक आए आगे
गौ सेवक आर्यन कुमार ने किया सराहनीय कार्य, अब तक 100 गोवंशों का कराया लंबी वायरस का वैक्सीनेशन
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🐄 गौ सेवा के लिए बढ़ते कदम
लंबी वायरस से बचाव को लेकर जागरूकता और समय पर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। गौ सेवक आर्यन कुमार ने अब तक 100 गोवंशों का वैक्सीनेशन कराकर गौ सेवा के क्षेत्र में एक मिसाल पेश की है।
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📍 खबर: Viralvibenews31
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सच्चाई के साथ हर खबर पर नजर।
    user_शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    Animal rescue service इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • कॉकरोच जनता पार्टी की सच्चाई को देश की जनता को समझना चाहिए. मैंने CJP (Cockroach Janta Party) की विदेशी फंडिंग के संबंध में ED, MHA/FCRA, Election Commission और MEA—चारों स्तरों पर उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड/बयानों को अलग-अलग खोजा। निष्कर्ष यह है कि आरोप और जाँच की मांगें मौजूद हैं, लेकिन अभी तक मुझे कोई सार्वजनिक आधिकारिक दस्तावेज नहीं मिला जो यह निर्णायक रूप से साबित करे कि CJP को विदेशी धन प्राप्त हुआ है। 1. ED — Enforcement Directorate 1 अगस्त 2026 की कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि CJP के जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े विदेशी फंडिंग और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जाँच की जा रही है और कुछ कंपनियाँ एजेंसियों के रडार पर हैं। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि मुझे ED की अपनी वेबसाइट पर CJP के विरुद्ध कोई आधिकारिक प्रेस रिलीज़, ECIR, जब्ती/कुर्की आदेश या विदेशी धन मिलने की पुष्टि नहीं मिली। निष्कर्ष: ED की कार्रवाई का स्वतंत्र आधिकारिक प्रमाण अभी नहीं मिला; मीडिया में जाँच के दावे हैं। --- 2. MHA / FCRA यहाँ भी स्थिति महत्वपूर्ण है। CJP को लेकर FCRA के तहत विदेशी योगदान मिलने की बात उठाई गई है, लेकिन मुझे MHA के सार्वजनिक FCRA रिकॉर्ड में CJP के नाम पर ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला जिससे विदेशी contribution की पुष्टि हो। इसके अलावा, CJP के विरुद्ध इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर एक PIL में FCRA, PMLA, UAPA आदि के तहत जाँच की मांग की गई थी। यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी PIL में जाँच की मांग होना, विदेशी फंडिंग सिद्ध होने के बराबर नहीं है। निष्कर्ष: FCRA violation का आरोप/जाँच की मांग है, लेकिन अभी तक सार्वजनिक आधिकारिक रिकॉर्ड में CJP को विदेशी contribution मिलने का निर्णायक प्रमाण नहीं मिला। --- 3. Election Commission of India यहाँ एक बहुत महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार CJP अभी Election Commission of India में पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है। इसलिए सामान्य राजनीतिक दलों की तरह उसके नाम पर ECI के Contribution Reports/Political Party donation disclosures से विदेशी चंदे का रिकॉर्ड निकालना संभव नहीं है। Indian Express ने भी जून 2026 में CJP के संदर्भ में सवाल उठाया था कि क्या उसे चुनाव चिह्न मिल सकता है और इसके लिए ECI के free-symbol नियमों की चर्चा की थी। निष्कर्ष: ECI के रिकॉर्ड से CJP की विदेशी funding सिद्ध होने वाला दस्तावेज मुझे नहीं मिला। --- 4. MEA — Ministry of External Affairs यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। CJP के आंदोलन की विदेशी फंडिंग को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा चला था कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा है कि आंदोलन को कोई विदेशी फंडिंग नहीं मिली। लेकिन MEA ने उस वायरल दावे को misleading/misrepresentation बताया था। MEA का कहना था कि प्रवक्ता ने ऐसा निष्कर्ष नहीं दिया था कि “विदेशी फंडिंग नहीं हुई।” इसलिए MEA की स्थिति को इस तरह समझना चाहिए: > MEA ने CJP को क्लीन चिट नहीं दी थी। लेकिन MEA ने विदेशी फंडिंग होने की पुष्टि भी नहीं की। --- एक और महत्वपूर्ण दावा — ₹1 million मुझे एक रिपोर्ट में यह दावा मिला कि Gurpatwant Singh Pannun ने CJP आंदोलन के लिए $1 million देने की सार्वजनिक घोषणा की थी और बाद में कथित रूप से $250,000 दिए जाने का दावा किया गया। लेकिन उसी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि उस कथित transfer को स्वतंत्र रूप से verify नहीं किया गया है। इसलिए इसे अभी “CJP को $250,000 विदेशी फंड मिल चुका है” के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा। --- मेरी वर्तमान जाँच का निष्कर्ष संस्था CJP के संबंध में क्या मिला? विदेशी फंडिंग सिद्ध? ED जाँच होने के मीडिया दावे ❌ अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं MHA/FCRA शिकायत/PIL और FCRA जाँच की मांग ❌ प्राप्ति का प्रमाण नहीं Election Commission CJP registered political party नहीं दिखती ❌ कोई donation record नहीं मिला MEA वायरल “क्लीन चिट” को misleading बताया ❌ फंडिंग की पुष्टि नहीं Pannun/$1m दावा सार्वजनिक घोषणा का दावा ⚠️ वास्तविक transfer independently verified नहीं इसलिए सबसे सटीक निष्कर्ष आज 14 सितंबर 2026 तक उपलब्ध सार्वजनिक सामग्री के आधार पर यह कहना उचित नहीं है कि “CJP को विदेश से पैसा मिला है” एक सिद्ध तथ्य है। हाँ, विदेशी funding को लेकर गंभीर आरोप, शिकायतें, जाँच की मांग और कुछ विदेशी व्यक्तियों से जुड़े funding claims मौजूद हैं। लेकिन बैंक रिकॉर्ड, FCRA return, ED seizure/document, MHA finding या न्यायालय के किसी आदेश से CJP को विदेशी पैसा प्राप्त होने की पुष्टि मुझे अभी नहीं मिली। अगर आप चाहें तो मैं अगला चरण और ज्यादा गहराई से कर सकता हूँ: **।**₹/$ की कथित रकम, Pannun, Soros, Dubai connection, Boston/USA connection और CJP के बैंक/क्राउडफंडिंग स्रोत—इन सभी को एक-एक करके दस्तावेज/स्रोत के साथ ट्रेस करके “क्या प्रमाणित है और क्या सिर्फ आरोप है” वाली पूरी evidence chart बना दूँ
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    कॉकरोच जनता पार्टी  की सच्चाई को देश की जनता को समझना चाहिए.
मैंने CJP (Cockroach Janta Party) की विदेशी फंडिंग के संबंध में ED, MHA/FCRA, Election Commission और MEA—चारों स्तरों पर उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड/बयानों को अलग-अलग खोजा। निष्कर्ष यह है कि आरोप और जाँच की मांगें मौजूद हैं, लेकिन अभी तक मुझे कोई सार्वजनिक आधिकारिक दस्तावेज नहीं मिला जो यह निर्णायक रूप से साबित करे कि CJP को विदेशी धन प्राप्त हुआ है।
1. ED — Enforcement Directorate
1 अगस्त 2026 की कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि CJP के जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े विदेशी फंडिंग और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जाँच की जा रही है और कुछ कंपनियाँ एजेंसियों के रडार पर हैं। 
लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि मुझे ED की अपनी वेबसाइट पर CJP के विरुद्ध कोई आधिकारिक प्रेस रिलीज़, ECIR, जब्ती/कुर्की आदेश या विदेशी धन मिलने की पुष्टि नहीं मिली।
निष्कर्ष: ED की कार्रवाई का स्वतंत्र आधिकारिक प्रमाण अभी नहीं मिला; मीडिया में जाँच के दावे हैं।
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2. MHA / FCRA
यहाँ भी स्थिति महत्वपूर्ण है।
CJP को लेकर FCRA के तहत विदेशी योगदान मिलने की बात उठाई गई है, लेकिन मुझे MHA के सार्वजनिक FCRA रिकॉर्ड में CJP के नाम पर ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला जिससे विदेशी contribution की पुष्टि हो।
इसके अलावा, CJP के विरुद्ध इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर एक PIL में FCRA, PMLA, UAPA आदि के तहत जाँच की मांग की गई थी। यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी PIL में जाँच की मांग होना, विदेशी फंडिंग सिद्ध होने के बराबर नहीं है। 
निष्कर्ष: FCRA violation का आरोप/जाँच की मांग है, लेकिन अभी तक सार्वजनिक आधिकारिक रिकॉर्ड में CJP को विदेशी contribution मिलने का निर्णायक प्रमाण नहीं मिला।
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3. Election Commission of India
यहाँ एक बहुत महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार CJP अभी Election Commission of India में पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है। 
इसलिए सामान्य राजनीतिक दलों की तरह उसके नाम पर ECI के Contribution Reports/Political Party donation disclosures से विदेशी चंदे का रिकॉर्ड निकालना संभव नहीं है।
Indian Express ने भी जून 2026 में CJP के संदर्भ में सवाल उठाया था कि क्या उसे चुनाव चिह्न मिल सकता है और इसके लिए ECI के free-symbol नियमों की चर्चा की थी। 
निष्कर्ष: ECI के रिकॉर्ड से CJP की विदेशी funding सिद्ध होने वाला दस्तावेज मुझे नहीं मिला।
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4. MEA — Ministry of External Affairs
यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
CJP के आंदोलन की विदेशी फंडिंग को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा चला था कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा है कि आंदोलन को कोई विदेशी फंडिंग नहीं मिली।
लेकिन MEA ने उस वायरल दावे को misleading/misrepresentation बताया था। MEA का कहना था कि प्रवक्ता ने ऐसा निष्कर्ष नहीं दिया था कि “विदेशी फंडिंग नहीं हुई।” 
इसलिए MEA की स्थिति को इस तरह समझना चाहिए:
> MEA ने CJP को क्लीन चिट नहीं दी थी। लेकिन MEA ने विदेशी फंडिंग होने की पुष्टि भी नहीं की।
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एक और महत्वपूर्ण दावा — ₹1 million
मुझे एक रिपोर्ट में यह दावा मिला कि Gurpatwant Singh Pannun ने CJP आंदोलन के लिए $1 million देने की सार्वजनिक घोषणा की थी और बाद में कथित रूप से $250,000 दिए जाने का दावा किया गया।
लेकिन उसी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि उस कथित transfer को स्वतंत्र रूप से verify नहीं किया गया है। 
इसलिए इसे अभी “CJP को $250,000 विदेशी फंड मिल चुका है” के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।
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मेरी वर्तमान जाँच का निष्कर्ष
संस्था	CJP के संबंध में क्या मिला?	विदेशी फंडिंग सिद्ध?
ED	जाँच होने के मीडिया दावे	❌ अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं
MHA/FCRA	शिकायत/PIL और FCRA जाँच की मांग	❌ प्राप्ति का प्रमाण नहीं
Election Commission	CJP registered political party नहीं दिखती	❌ कोई donation record नहीं मिला
MEA	वायरल “क्लीन चिट” को misleading बताया	❌ फंडिंग की पुष्टि नहीं
Pannun/$1m दावा	सार्वजनिक घोषणा का दावा	⚠️ वास्तविक transfer independently verified नहीं
इसलिए सबसे सटीक निष्कर्ष
आज 14 सितंबर 2026 तक उपलब्ध सार्वजनिक सामग्री के आधार पर यह कहना उचित नहीं है कि “CJP को विदेश से पैसा मिला है” एक सिद्ध तथ्य है।
हाँ, विदेशी funding को लेकर गंभीर आरोप, शिकायतें, जाँच की मांग और कुछ विदेशी व्यक्तियों से जुड़े funding claims मौजूद हैं। लेकिन बैंक रिकॉर्ड, FCRA return, ED seizure/document, MHA finding या न्यायालय के किसी आदेश से CJP को विदेशी पैसा प्राप्त होने की पुष्टि मुझे अभी नहीं मिली।
अगर आप चाहें तो मैं अगला चरण और ज्यादा गहराई से कर सकता हूँ: **।**₹/$ की कथित रकम, Pannun, Soros, Dubai connection, Boston/USA connection और CJP के बैंक/क्राउडफंडिंग स्रोत—इन सभी को एक-एक करके दस्तावेज/स्रोत के साथ ट्रेस करके “क्या प्रमाणित है और क्या सिर्फ आरोप है” वाली पूरी evidence chart बना दूँ
    user_VIKAS RAWAT
    VIKAS RAWAT
    Lawyer Etawah, Uttar Pradesh•
    5 hrs ago
  • मोमोज के रुपये को लेकर विवाद, दुकानदार ने दो युवकों को पीटा इटावा। शहर के पक्का तालाब चौराहे पर मोमोज के रुपये को लेकर ग्राहक और दुकानदार के बीच विवाद हो गया। कहासुनी बढ़ने के बाद मारपीट हो गई। आरोप है कि दुकानदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर दो युवकों के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने कोतवाली पुलिस को तीन नामजद लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। घटना में घटिया अजमत अली निवासी हिमांशु कश्यप पुत्र श्रीकृष्ण कश्यप और सती मोहल्ला निवासी आकाश पाल पुत्र विनोद पाल घायल हुए हैं। हिमांशु की ओर से दी गई तहरीर में ऋषि, छोटू और बेटू पर गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। बताया गया कि हिमांशु अपने दोस्त आकाश के साथ पक्का तालाब चौराहे पर मोमोज खरीदने पहुंचा था। इसी दौरान मोमोज के रुपये को लेकर दुकानदार से विवाद शुरू हो गया। दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद आरोप है कि दुकानदार और उसके साथियों ने दोनों युवकों के साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद घायल युवक कोतवाली पहुंचे और पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    मोमोज के रुपये को लेकर विवाद, दुकानदार ने दो युवकों को पीटा
इटावा। शहर के पक्का तालाब चौराहे पर मोमोज के रुपये को लेकर ग्राहक और दुकानदार के बीच विवाद हो गया। कहासुनी बढ़ने के बाद मारपीट हो गई। आरोप है कि दुकानदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर दो युवकों के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने कोतवाली पुलिस को तीन नामजद लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
घटना में घटिया अजमत अली निवासी हिमांशु कश्यप पुत्र श्रीकृष्ण कश्यप और सती मोहल्ला निवासी आकाश पाल पुत्र विनोद पाल घायल हुए हैं। हिमांशु की ओर से दी गई तहरीर में ऋषि, छोटू और बेटू पर गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है।
बताया गया कि हिमांशु अपने दोस्त आकाश के साथ पक्का तालाब चौराहे पर मोमोज खरीदने पहुंचा था। इसी दौरान मोमोज के रुपये को लेकर दुकानदार से विवाद शुरू हो गया। दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद आरोप है कि दुकानदार और उसके साथियों ने दोनों युवकों के साथ मारपीट कर दी।
घटना के बाद घायल युवक कोतवाली पहुंचे और पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_Ashraf Ansari
    Ashraf Ansari
    Journalist इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • लवेदी ऑपरेशन मुस्कान के तहत लवेदी पुलिस की त्वरित कार्रवाई,दो घंटे में नाबालिग बालिका सकुशल बरामद, आरोपी गिरफ्तार लवेदी। ऑपरेशन मुस्कान के तहत थाना लवेदी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बहला-फुसलाकर ले जाई गई 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को महज दो घंटे में सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले में आरोपी युवक को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 9 सितंबर को नगला बल्दु निवासी महिला ने थाना लवेदी में सूचना दी कि उसकी 17 वर्षीय बेटी को चांदपुर, जनपद फिरोजाबाद निवासी सुमित कश्यप बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। सूचना पर पुलिस ने मु0अ0सं0 36/2026 के तहत धारा 137(2)/87 बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में पुलिस टीम ने तत्काल बालिका की तलाश शुरू की। इलेक्ट्रॉनिक और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अथक प्रयास करते हुए करीब दो घंटे के भीतर बालिका को सकुशल बरामद कर लिया और आरोपी सुमित कश्यप को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष गौरव कुमार, उपनिरीक्षक राम किशोर कुशवाहा, महिला कांस्टेबल प्रतीक्षा सिंह और कांस्टेबल सचिन कुमार शामिल रहे।
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    लवेदी ऑपरेशन मुस्कान के तहत लवेदी पुलिस की त्वरित कार्रवाई,दो घंटे में नाबालिग बालिका सकुशल बरामद, आरोपी गिरफ्तार
लवेदी। ऑपरेशन मुस्कान के तहत थाना लवेदी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बहला-फुसलाकर ले जाई गई 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को महज दो घंटे में सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले में आरोपी युवक को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार 9 सितंबर को नगला बल्दु निवासी महिला ने थाना लवेदी में सूचना दी कि उसकी 17 वर्षीय बेटी को चांदपुर, जनपद फिरोजाबाद निवासी सुमित कश्यप बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। सूचना पर पुलिस ने मु0अ0सं0 36/2026 के तहत धारा 137(2)/87 बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में पुलिस टीम ने तत्काल बालिका की तलाश शुरू की। इलेक्ट्रॉनिक और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अथक प्रयास करते हुए करीब दो घंटे के भीतर बालिका को सकुशल बरामद कर लिया और आरोपी सुमित कश्यप को गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष गौरव कुमार, उपनिरीक्षक राम किशोर कुशवाहा, महिला कांस्टेबल प्रतीक्षा सिंह और कांस्टेबल सचिन कुमार शामिल रहे।
    user_Ankur Tripathi
    Ankur Tripathi
    Local News Reporter चाकरनागर, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • *दंदरौआ में डॉक्टर हनुमान जी का है सखी रूप, जल्द बनेगी दंदरौआ सरकार पर फिल्म* *दंदरौआ में डॉक्टर हनुमान जी का है सखी रूप, जल्द बनेगी दंदरौआ सरकार पर फिल्म*
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    *दंदरौआ में डॉक्टर हनुमान जी का है सखी रूप, जल्द बनेगी दंदरौआ सरकार पर फिल्म*
*दंदरौआ में डॉक्टर हनुमान जी का है सखी रूप, जल्द बनेगी दंदरौआ सरकार पर फिल्म*
    user_Dinesh soni
    Dinesh soni
    Television Channel भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • इटावा नौकरी के नाम पर साइबर ताकि का मास्टरमाइंड गिरफ्तार और ₹10 हजार नगद बरामद हुए *इटावा-नौकरी के नाम पर साइबर ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, फर्जी नियुक्ति पत्र और सरकारी विभागों की मोहरें बरामद* *नौकरी लगवाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर ठग को इटावा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साइबर सेल और थाना ऊसराहार पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर नवल किशोर पुत्र रामस्वरूप, निवासी नगला विजयी, थाना भरथना को भर्थिया अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया।* पुलिस के मुताबिक आरोपी उत्तर प्रदेश *पुलिस, होमगार्ड, रेलवे पुलिस, भारतीय सेना और SGPGIMS लखनऊ में फार्मासिस्ट की नौकरी लगवाने का झांसा देता था। इसके नाम पर पीड़ितों से ऑनलाइन लाखों रुपये वसूलकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र और जाली दस्तावेज उपलब्ध कराता था।* गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से फर्जी नियुक्ति पत्र, *SGPGIMS लखनऊ और उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की सील-मोहर, तीन ATM कार्ड, चेकबुक, दो सिम कार्ड, मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज, अपाचे मोटरसाइकिल और 10 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं।* पुलिस के अनुसार *आरोपी के खिलाफ इटावा के अलावा कन्नौज में भी कई मुकदमे दर्ज हैं।*
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    इटावा नौकरी के नाम पर साइबर ताकि का मास्टरमाइंड गिरफ्तार और ₹10 हजार नगद बरामद हुए
*इटावा-नौकरी के नाम पर साइबर ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, फर्जी नियुक्ति पत्र और सरकारी विभागों की मोहरें बरामद*
*नौकरी लगवाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर ठग को इटावा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साइबर सेल और थाना ऊसराहार पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर नवल किशोर पुत्र रामस्वरूप, निवासी नगला विजयी, थाना भरथना को भर्थिया अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया।*
पुलिस के मुताबिक आरोपी उत्तर प्रदेश *पुलिस, होमगार्ड, रेलवे पुलिस, भारतीय सेना और SGPGIMS लखनऊ में फार्मासिस्ट की नौकरी लगवाने का झांसा देता था। इसके नाम पर पीड़ितों से ऑनलाइन लाखों रुपये वसूलकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र और जाली दस्तावेज उपलब्ध कराता था।*
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से फर्जी नियुक्ति पत्र, *SGPGIMS लखनऊ और उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की सील-मोहर, तीन ATM कार्ड, चेकबुक, दो सिम कार्ड, मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज, अपाचे मोटरसाइकिल और 10 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं।*
पुलिस के अनुसार *आरोपी के खिलाफ इटावा के अलावा कन्नौज में भी कई मुकदमे दर्ज हैं।*
    user_शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    Animal rescue service इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • घर के बाहर बैठी महिला के साथ दमणों ने की मारपीट महिला गंभीर रूप से हुई घायल अस्पताल में भर्ती स्लोगन -मैनपुरी में दबंगो का कहर महिला गंभीर रूप से हुई घायल हालत गंभीर जनपद- मैनपुरी रिपोर्टर -नफीस अली मो-9897500102 एंकर - बरनाहल थाना क्षेत्र में दबंगों ने घर के बाहर बैठी एक महिला पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़िता ने थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है बीओ-जनपद मैनपुरी के बरनाहल थाना क्षेत्र के मदामई गांव का ये पूरा मामला है। पीड़िता ऊर्मिला देवी पत्नी लक्ष्मण सिंह के मुताबिक, वो कल दोपहर करीब 3 बजे अपने घर के बाहर बैठी हुई थीं। आरोप है कि तभी लखनी गांव के दबंग सुनील कुमार, अनिल कुमार, अक्षय कुमार, पवन कुमार और अयोध्या प्रसाद लाठी-डंडा और धारदार हथियार लेकर आ गए। दबंगों ने ऊर्मिला देवी के साथ-साथ उनके पति और देवर पर भी जानलेवा हमला बोल दिया। हमले में ऊर्मिला देवी के बाएं पैर और प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद एंबुलेंस की मदद से उन्हें सुल्तानगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता ने थाना बरनाहल प्रभारी को तहरीर देकर उक्त लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच में जुटी है। बाइट- पीड़िता ऊर्मिला देवी
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    घर के बाहर बैठी महिला के साथ दमणों ने की मारपीट महिला गंभीर रूप से हुई घायल अस्पताल में भर्ती
स्लोगन -मैनपुरी में दबंगो का कहर महिला गंभीर रूप से हुई घायल हालत गंभीर
जनपद- मैनपुरी
रिपोर्टर -नफीस अली 
मो-9897500102
एंकर - बरनाहल थाना क्षेत्र में दबंगों ने घर के बाहर बैठी एक महिला पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़िता ने थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है
बीओ-जनपद मैनपुरी के बरनाहल थाना क्षेत्र के मदामई गांव का ये पूरा मामला है। पीड़िता ऊर्मिला देवी पत्नी लक्ष्मण सिंह के मुताबिक, वो कल दोपहर करीब 3 बजे अपने घर के बाहर बैठी हुई थीं। आरोप है कि तभी लखनी गांव के दबंग सुनील कुमार, अनिल कुमार, अक्षय कुमार, पवन कुमार और अयोध्या प्रसाद लाठी-डंडा और धारदार हथियार लेकर आ गए।
दबंगों ने ऊर्मिला देवी के साथ-साथ उनके पति और देवर पर भी जानलेवा हमला बोल दिया। हमले में ऊर्मिला देवी के बाएं पैर और प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद एंबुलेंस की मदद से उन्हें सुल्तानगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पीड़िता ने थाना बरनाहल प्रभारी को तहरीर देकर उक्त लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच में जुटी है।
बाइट- पीड़िता ऊर्मिला देवी
    user_Nafish Ali पत्रकार
    Nafish Ali पत्रकार
    Photographer करहल, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • युवक ने 4 किशोरियों के साथ दुष्कर्म का किया प्रयासआरोपी ने अलग-अलग गांव की चार किशोरियों के साथ दुष्कर्म करने का किया प्रयास मैनपुरी/ब्रेकिंग.... रिपोर्टर- अरुण कुमार मैनपुरी मोब 9761113671 युवक ने 4 किशोरियों के साथ दुष्कर्म का किया प्रयास आरोपी ने अलग-अलग गांव की चार किशोरियों के साथ दुष्कर्म करने का किया प्रयास 2 किशोरियों पर धार लदार हथियार से किया हमला पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार पूरा मामला भोगांव थाना क्षेत्र का बाइट –राम कृष्ण दुबे क्षेत्राधिकार भोगांव
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    युवक ने 4 किशोरियों के साथ दुष्कर्म का किया प्रयासआरोपी ने अलग-अलग गांव की चार किशोरियों के साथ दुष्कर्म करने का किया प्रयास
मैनपुरी/ब्रेकिंग.... 
रिपोर्टर- अरुण कुमार मैनपुरी
मोब  9761113671
युवक ने 4 किशोरियों के साथ दुष्कर्म का किया प्रयास
आरोपी ने अलग-अलग गांव की चार किशोरियों के साथ दुष्कर्म करने का किया प्रयास
2 किशोरियों पर धार लदार हथियार से किया हमला
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पूरा मामला भोगांव थाना क्षेत्र का
बाइट –राम कृष्ण दुबे  क्षेत्राधिकार भोगांव
    user_Arun shakya
    Arun shakya
    Social Media Manager करहल, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
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