Shuru
Apke Nagar Ki App…
छात्रों के लिए APAAR ID अब एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहचान बन गई है। यह 12 अंकों का अद्वितीय नंबर बच्चे के संपूर्ण शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक ही स्थान पर सुरक्षित रखने में मदद करता है। APAAR ID को एक 'शैक्षणिक पासपोर्ट' के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें छात्र की पढ़ाई, उपलब्धियां और अन्य सभी शैक्षणिक जानकारी डिजिटल रूप से जुड़ी रह सकती है। इससे भविष्य में स्कूल बदलने, कॉलेज में प्रवेश लेने और पढ़ाई से संबंधित दस्तावेजों की प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि यदि उनके बच्चे की APAAR ID अभी तक नहीं बनी है, तो वे इसकी जानकारी अवश्य प्राप्त करें, क्योंकि बच्चों के लिए यह आईडी शैक्षणिक पासपोर्ट की तरह आवश्यक है।
Sunita Jain
छात्रों के लिए APAAR ID अब एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहचान बन गई है। यह 12 अंकों का अद्वितीय नंबर बच्चे के संपूर्ण शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक ही स्थान पर सुरक्षित रखने में मदद करता है। APAAR ID को एक 'शैक्षणिक पासपोर्ट' के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें छात्र की पढ़ाई, उपलब्धियां और अन्य सभी शैक्षणिक जानकारी डिजिटल रूप से जुड़ी रह सकती है। इससे भविष्य में स्कूल बदलने, कॉलेज में प्रवेश लेने और पढ़ाई से संबंधित दस्तावेजों की प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि यदि उनके बच्चे की APAAR ID अभी तक नहीं बनी है, तो वे इसकी जानकारी अवश्य प्राप्त करें, क्योंकि बच्चों के लिए यह आईडी शैक्षणिक पासपोर्ट की तरह आवश्यक है।
More news from New Delhi and nearby areas
- कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार (3 जून 2026) को राष्ट्रीय आदिवासी प्रोफेशनल कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए देश में भयंकर आर्थिक सुनामी आने का दावा किया, जिसे कोई नहीं रोक पाएगा। उन्होंने इस दौरान आदिवासी समुदाय को भारत की सभ्यता और इतिहास की जड़ बताते हुए बीजेपी और आरएसएस पर आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन के अधिकारों से वंचित रखने का आरोप लगाया। उन्होंने 'आदिवासी प्रोफेशनल्स कॉन्क्लेव 2026' में बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि दी और आदिवासी प्रकोष्ठ के प्रमुख विक्रांत भूरिया ने उन्हें पारंपरिक आदिवासी टोपी भेंट की। राहुल गांधी ने कहा कि हर चीज के दाम बढ़ने वाले हैं और हिंदुस्तान का जो प्रोटेक्शन सिस्टम था, उसको बीजेपी ने हटा दिया है, जिससे ऐसी इकोनॉमिक क्राइसिस आएगी जो पहले कभी नहीं देखी गई होगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस पार्टी और वे स्वयं आदिवासियों के अधिकारों का सम्मान करते हैं तथा उनकी रक्षा के लिए हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने आगे कहा कि हिंदुस्तान के अंदर व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह (Institutional Revolt) हो रहा है। राहुल गांधी के अनुसार, चुनाव आयोग जो तीन साल पहले पूरी तरह से कंट्रोल में था, अब ऐसा नहीं है और उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त के मैसेज मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सीनियर ज्यूडिशरी और खुफिया अधिकारी भी रिवोल्ट कर रहे हैं और बता रहे हैं कि सिस्टम का कंट्रोल कोलैप्स हो रहा है। इसके साथ ही, राहुल गांधी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि एक साल के भीतर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं होंगे, जिसके पीछे उन्होंने 'अंदर की जानकारी' का हवाला दिया।1
- छात्रों के लिए APAAR ID अब एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहचान बन गई है। यह 12 अंकों का अद्वितीय नंबर बच्चे के संपूर्ण शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक ही स्थान पर सुरक्षित रखने में मदद करता है। APAAR ID को एक 'शैक्षणिक पासपोर्ट' के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें छात्र की पढ़ाई, उपलब्धियां और अन्य सभी शैक्षणिक जानकारी डिजिटल रूप से जुड़ी रह सकती है। इससे भविष्य में स्कूल बदलने, कॉलेज में प्रवेश लेने और पढ़ाई से संबंधित दस्तावेजों की प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि यदि उनके बच्चे की APAAR ID अभी तक नहीं बनी है, तो वे इसकी जानकारी अवश्य प्राप्त करें, क्योंकि बच्चों के लिए यह आईडी शैक्षणिक पासपोर्ट की तरह आवश्यक है।1
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिससे उन कर्जदारों को बड़ी राहत मिली है जो पर्सनल, कार या होम लोन की ईएमआई चुकाने में देरी का सामना करते हैं। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट कर दिया है कि अब बैंक किसी भी कर्जदार के मोबाइल फोन या टैबलेट को लोन रिकवरी के लिए प्रतिबंधित या ब्लॉक नहीं कर सकेंगे। यह कदम बैंकों और उनके रिकवरी एजेंट्स द्वारा ग्राहकों को लोन वसूली के नाम पर परेशान करने की मनमानी पर नकेल कसने के उद्देश्य से उठाया गया है। आरबीआई ने एक नया और बेहद सख्त प्रस्ताव पेश किया है, जिसके तहत बैंक किसी भी ऐसी तकनीक का इस्तेमाल रिकवरी टूल के रूप में नहीं कर सकते जो ग्राहक के मोबाइल फोन या टैबलेट की कार्यप्रणाली को अवरुद्ध या सीमित करती हो। इसका सीधा अर्थ है कि अब केवल ईएमआई डिफॉल्ट होने पर किसी ग्राहक के फोन को लॉक करना या उसकी सेवाओं को रोकना संभव नहीं होगा। आरबीआई के इस नए नियम के बाद बैंकों के एजेंट्स पर भी सख्त नज़र रखी जाएगी।1
- राहुल गांधी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि भारत में एक 'भयंकर सुनामी' आने वाली है। उन्होंने भविष्यवाणी की है कि इस घटना के एक साल बाद नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे।1
- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से यह दृढ़ता से कहा गया है कि भारत में कहीं भी कोई भी अपराध होगा, तो उसकी कड़ी निंदा की जाएगी। इस संदेश में प्रमुख रूप से #BJPGovernment, #CMYogi, #YogiAdityanath और #NarendraModi जैसे हैशटैग का प्रयोग किया गया है, जो इस बात का संकेत देते हैं कि यह टिप्पणी मौजूदा भाजपा सरकार और उसके प्रमुख नेताओं के संदर्भ में की गई है। इसके साथ ही, #Ghaziabad और #UttarPradesh जैसे भौगोलिक टैग भी शामिल हैं, जो इस प्रकार की घटनाओं के व्यापक संदर्भ को दर्शाते हैं। पोस्ट में #indianews, #todaynews और #Update जैसे टैग्स का उपयोग यह दर्शाता है कि यह एक सामान्य समाचार अद्यतन या एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घोषणा के तौर पर प्रस्तुत किया गया है।1
- एक शिक्षिका ने पहले शिक्षक बनते ही अपने पति को छोड़कर अपने बॉयफ्रेंड के साथ रहना शुरू कर दिया था। अब, जब उनकी नौकरी चली गई है, तो उन्होंने 'ड्रामा' करना शुरू कर दिया है।1
- दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग में कई परिवार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस घटना के चलते कई परिवार खत्म हो गए, जबकि कुछ लोग मौके पर ही अपनी जान गंवा बैठे और कुछ गंभीर रूप से घायल होकर मैक्स अस्पताल साकेत में भर्ती हैं। आग लगने की सूचना पर दिल्ली पुलिस और बचाव दल मौके पर मौजूद थे, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्हें अस्पताल में दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं क्योंकि मौके पर मौजूद पुलिस और बचाव दल का कोई भी सदस्य उनकी मदद के लिए तैयार नहीं है।1
- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली में एक बड़े आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन की घोषणा की है। यह अभियान, जो सोशल मीडिया पर एक मीम और डिजिटल आंदोलन के रूप में शुरू हुआ था, अब ज़मीनी स्तर पर उतरने की तैयारी में है। पार्टी NEET-UG और CBSE जैसी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में सड़क पर उतरने जा रही है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके इस आंदोलन के लिए 6 जून को अमेरिका से दिल्ली लौट रहे हैं। इससे पहले, पार्टी ने सौरभ दास को मुख्य प्रवक्ता, और विजेता दहिया व आशुतोष रांका को प्रवक्ता नियुक्त किया है, जो जनता और मीडिया से पार्टी का पक्ष रखेंगे। इन तीनों प्रवक्ताओं ने बुधवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रवक्ताओं ने यह भी बताया कि 6 जून को संस्थापक अभिजीत दिपके के दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद, पार्टी जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगेगी। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास पेशे से पत्रकार हैं, जो मुख्य रूप से कानूनी, न्यायिक और सामाजिक मुद्दों पर लिखते रहे हैं। उन्हें सोशल एक्टिविस्ट भी माना जाता है, और वे नवंबर 2025 में इंडिया गेट पर हुए प्रदूषण विरोधी प्रदर्शनों में शामिल थे। कोविड-19 काल के दौरान, उन्होंने आरटीआई और अदालती कार्यवाही के जरिए आरोग्य सेतु ऐप के विकास और संचालन के बारे में जानकारी सार्वजनिक कर चर्चा बटोरी थी। वहीं, प्रवक्ता विजेता दहिया हरियाणा से हैं और वर्तमान में मुंबई में रहते हैं। उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है। वे एक राजनीतिक शोधकर्ता, लेखक और फिल्म मेकर हैं, जिन्होंने कई प्रसिद्ध किताबें लिखी हैं और हरियाणवी फिल्मों का निर्देशन भी किया है। विजेता दहिया प्रमुख यूट्यूबर ध्रुव राठी के शोधकर्ता और स्क्रिप्ट राइटर के रूप में काम कर चुके हैं, और Quora हिंदी प्लेटफॉर्म पर राजनीति, इतिहास और सिनेमा जैसे विषयों पर अपने विश्लेषण के लिए 'बेहतरीन लेखक' चुने जा चुके हैं। उन्होंने 'पावर ऑफ़ यूनिवर्स' और 'टू हेल विद दैट जॉब' नामक दो बेस्ट-सेलिंग किताबें लिखी हैं, और हरियाणवी फिल्में 'दरारें' तथा 'ओपरी पराई' लिखी और निर्देशित की हैं। तीसरे प्रवक्ता आशुतोष रांका ने देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग (BTech) की पढ़ाई की है, और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स किया है। वे वैश्विक परामर्श फर्म मैकिंसे के साथ काम कर चुके हैं और पर्यावरण व शिक्षा से जुड़े अभियानों में सक्रिय हैं। कंसल्टेंट, पब्लिक पॉलिसी विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उनकी पहचान है। आशुतोष रांका पिछले साल ही लंदन से भारत लौटे हैं और जयपुर में पर्यावरण, शिक्षा और युवाओं से जुड़े कई जन आंदोलनों का नेतृत्व किया है। वे 'डोल का बाढ़', 'आमायरा आत्महत्या मामला' और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर मुखर रहे हैं, और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता के रूप में देश की शिक्षा प्रणालियों में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए आवाज उठा रहे हैं।1