बलरामपुर के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान पहुंचे मुख्यमंत्री "जय बिहान" — जब मुख्यमंत्री खुद चलकर पहुंचे उन महिलाओं के पास, जो बदल रही हैं गांव की तस्वीर बलरामपुर के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान पहुंचे मुख्यमंत्री "जय बिहान" — जब मुख्यमंत्री खुद चलकर पहुंचे उन महिलाओं के पास, जो बदल रही हैं गांव की तस्वीर बलरामपुर, बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एक खास जगह रुके — ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी)। यहां कोई बड़ा मंच नहीं था, कोई लंबा भाषण नहीं — बस एक प्रशिक्षण कक्ष था, जहां बैठी थीं वे महिलाएं, जो कभी घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, और आज अपने गांव के पशुओं की सेहत की जिम्मेदारी उठा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कमरे में प्रवेश करते ही कहा "जय बिहान" और उस अभिवादन के साथ पूरे कमरे में एक ऊर्जा भर गई। केवली गांव की अनुराधा — एक साधारण महिला की असाधारण जिम्मेदारी जब मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षणार्थियों से उनके अनुभव जाने, तो विकासखंड रामचंद्रपुर के बगरा क्लस्टर की ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता आगे आईं। उन्होंने बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर *पशु सखी* के रूप में काम कर रही हैं। सुबह उठकर वे अपने गांव के पशुओं का सर्वे करती हैं, पशु चिकित्सकों को जानकारी देती हैं, और ग्रामीणों को पशुपालन की बारीकियां समझाती हैं। जो गाय-बैल कभी बीमार पड़ते थे और किसान हाथ मलता रह जाता था — आज अनुराधा उस किसान के दरवाजे तक पहले पहुंच जाती हैं। "पहले हमें खुद नहीं पता था कि पशुओं की बीमारी कैसे पहचानें — और आज हम दूसरों को बताते हैं।" यही वो बदलाव है जिसे मुख्यमंत्री ने करीब से देखा और महसूस किया। *510 जिंदगियां — जो आत्मनिर्भरता की राह पर चल पड़ी हैं* आरसेटी केवल एक संस्थान नहीं — यह उन सैकड़ों सपनों का पड़ाव है जो कभी संसाधनों की कमी से दम तोड़ देते थे। जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में इस संस्थान के माध्यम से ग्रामीण बेरोजगार युवक-युवतियों और महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थी विभिन्न उद्यमी क्षेत्रों में तैयार हो चुके हैं — और हर एक अपने-अपने गांव में बदलाव की एक छोटी सी लौ बन चुका है। मुख्यमंत्री ने संस्थान की गतिविधियों का विस्तार से अवलोकन किया, प्रशिक्षणार्थियों से बात की और उनका उत्साह बढ़ाया। यह सिर्फ एक दौरा नहीं था — यह उस विश्वास की पुष्टि थी कि छत्तीसगढ़ के गांवों में बदलाव की असली ताकत वहां की महिलाओं के हाथों में है।
बलरामपुर के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान पहुंचे मुख्यमंत्री "जय बिहान" — जब मुख्यमंत्री खुद चलकर पहुंचे उन महिलाओं के पास, जो बदल रही हैं गांव की तस्वीर बलरामपुर के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान पहुंचे मुख्यमंत्री "जय बिहान" — जब मुख्यमंत्री खुद चलकर पहुंचे उन महिलाओं के पास, जो बदल रही हैं गांव की तस्वीर बलरामपुर, बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एक खास जगह रुके — ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी)। यहां कोई बड़ा मंच नहीं था, कोई लंबा भाषण नहीं — बस एक प्रशिक्षण कक्ष था, जहां बैठी थीं वे महिलाएं, जो कभी घर की चारदीवारी तक
सीमित थीं, और आज अपने गांव के पशुओं की सेहत की जिम्मेदारी उठा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कमरे में प्रवेश करते ही कहा "जय बिहान" और उस अभिवादन के साथ पूरे कमरे में एक ऊर्जा भर गई। केवली गांव की अनुराधा — एक साधारण महिला की असाधारण जिम्मेदारी जब मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षणार्थियों से उनके अनुभव जाने, तो विकासखंड रामचंद्रपुर के बगरा क्लस्टर की ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता आगे आईं। उन्होंने बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर *पशु सखी* के रूप में काम कर रही हैं। सुबह उठकर वे अपने गांव के पशुओं का सर्वे करती हैं, पशु चिकित्सकों को जानकारी
देती हैं, और ग्रामीणों को पशुपालन की बारीकियां समझाती हैं। जो गाय-बैल कभी बीमार पड़ते थे और किसान हाथ मलता रह जाता था — आज अनुराधा उस किसान के दरवाजे तक पहले पहुंच जाती हैं। "पहले हमें खुद नहीं पता था कि पशुओं की बीमारी कैसे पहचानें — और आज हम दूसरों को बताते हैं।" यही वो बदलाव है जिसे मुख्यमंत्री ने करीब से देखा और महसूस किया। *510 जिंदगियां — जो आत्मनिर्भरता की राह पर चल पड़ी हैं* आरसेटी केवल एक संस्थान नहीं — यह उन सैकड़ों सपनों का पड़ाव है जो कभी संसाधनों की कमी से दम तोड़ देते
थे। जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में इस संस्थान के माध्यम से ग्रामीण बेरोजगार युवक-युवतियों और महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थी विभिन्न उद्यमी क्षेत्रों में तैयार हो चुके हैं — और हर एक अपने-अपने गांव में बदलाव की एक छोटी सी लौ बन चुका है। मुख्यमंत्री ने संस्थान की गतिविधियों का विस्तार से अवलोकन किया, प्रशिक्षणार्थियों से बात की और उनका उत्साह बढ़ाया। यह सिर्फ एक दौरा नहीं था — यह उस विश्वास की पुष्टि थी कि छत्तीसगढ़ के गांवों में बदलाव की असली ताकत वहां की महिलाओं के हाथों में है।
- बलरामपुर के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान पहुंचे मुख्यमंत्री "जय बिहान" — जब मुख्यमंत्री खुद चलकर पहुंचे उन महिलाओं के पास, जो बदल रही हैं गांव की तस्वीर बलरामपुर, बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एक खास जगह रुके — ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी)। यहां कोई बड़ा मंच नहीं था, कोई लंबा भाषण नहीं — बस एक प्रशिक्षण कक्ष था, जहां बैठी थीं वे महिलाएं, जो कभी घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, और आज अपने गांव के पशुओं की सेहत की जिम्मेदारी उठा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कमरे में प्रवेश करते ही कहा "जय बिहान" और उस अभिवादन के साथ पूरे कमरे में एक ऊर्जा भर गई। केवली गांव की अनुराधा — एक साधारण महिला की असाधारण जिम्मेदारी जब मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षणार्थियों से उनके अनुभव जाने, तो विकासखंड रामचंद्रपुर के बगरा क्लस्टर की ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता आगे आईं। उन्होंने बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर *पशु सखी* के रूप में काम कर रही हैं। सुबह उठकर वे अपने गांव के पशुओं का सर्वे करती हैं, पशु चिकित्सकों को जानकारी देती हैं, और ग्रामीणों को पशुपालन की बारीकियां समझाती हैं। जो गाय-बैल कभी बीमार पड़ते थे और किसान हाथ मलता रह जाता था — आज अनुराधा उस किसान के दरवाजे तक पहले पहुंच जाती हैं। "पहले हमें खुद नहीं पता था कि पशुओं की बीमारी कैसे पहचानें — और आज हम दूसरों को बताते हैं।" यही वो बदलाव है जिसे मुख्यमंत्री ने करीब से देखा और महसूस किया। *510 जिंदगियां — जो आत्मनिर्भरता की राह पर चल पड़ी हैं* आरसेटी केवल एक संस्थान नहीं — यह उन सैकड़ों सपनों का पड़ाव है जो कभी संसाधनों की कमी से दम तोड़ देते थे। जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में इस संस्थान के माध्यम से ग्रामीण बेरोजगार युवक-युवतियों और महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थी विभिन्न उद्यमी क्षेत्रों में तैयार हो चुके हैं — और हर एक अपने-अपने गांव में बदलाव की एक छोटी सी लौ बन चुका है। मुख्यमंत्री ने संस्थान की गतिविधियों का विस्तार से अवलोकन किया, प्रशिक्षणार्थियों से बात की और उनका उत्साह बढ़ाया। यह सिर्फ एक दौरा नहीं था — यह उस विश्वास की पुष्टि थी कि छत्तीसगढ़ के गांवों में बदलाव की असली ताकत वहां की महिलाओं के हाथों में है।4
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- ब्रेकिंग न्यूज राजिम उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दिया बयान, पश्चिम बंगाल,असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में कल आने वाले चुनाव परिणाम को लेकर दिया बयान, कहा जनता के रुझानों से स्पष्ट है भाजपा एनडीए की सरकार बन रही है, कोपरा नगर पंचायत में अटल परिसर के लोकार्पण में पहुंचे हुवे थे उपमुख्यमंत्री अरुण साव,1
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- jila Jalaun camera2
- नारायणपुर में IED ब्लास्ट की घटना में 4 जवानों की शहादत हुई है। यह हादसा IED डिफ्यूज करने के दौरान हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। इस बीच प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और घटना पर गहरा दुख जताया है। प्रदेशभर में शोक की लहर है और शहीदों को नमन किया जा रहा है। #Narayanpur #IEDBlast #CGNews #BreakingNews #VijaySharma #Martyrs #Chhattisgarh1
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