पोरसा नगर के विश्व विख्यात मुक्तिधाम 'सत्यम शिवम् सुंदरम्' परिसर में मंगलवार को पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद की प्रस्फुटन विकास समिति, वार्ड क्रमांक-8 के अध्यक्ष डॉ. अनिल गुप्ता और सचिव संतोष प्रजापति के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के तहत मुक्तिधाम परिसर में 'स्नेक प्लांट' के 15 गमलों का रोपण किया गया। आयोजकों ने जानकारी दी कि इन पौधों को महाकाल गर्भगृह तक जाने वाली शुक्ल पक्ष की 15 सीढ़ियों के दोनों ओर व्यवस्थित रूप से स्थापित किया जाएगा। इसी प्रकार, कृष्ण पक्ष की 15 सीढ़ियों के किनारों पर भी 'स्नेक प्लांट' के गमले लगाए जाएंगे, जिससे परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जन-जन तक पहुंचेगा। आयोजकों ने बताया कि मुक्तिधाम केवल अंतिम संस्कार का स्थल नहीं है, बल्कि जीवन, प्रकृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक भी है, और यहां लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति संरक्षण और हरियाली का संदेश देगा। 'स्नेक प्लांट' को वायु शुद्ध करने वाले प्रमुख पौधों में से एक होने के कारण विशेष रूप से चुना गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने अपने-अपने पूर्वजों की पुण्य स्मृति में पौधे समर्पित किए और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। सभी ने सामूहिक रूप से यह संदेश दिया कि यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो धरती को हराभरा और प्रदूषणमुक्त बनाया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ. अनिल गुप्ता, महेश पेगोरिया, रामधुन बघेल, रूबी ओझा, लक्ष्मी गुप्ता, महेंद्र वाल्मीकि, अनीता गुप्ता सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवाओं और बच्चियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई, जिन्होंने पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर, आयोजकों ने नगरवासियों से अपील की कि वे अपने पूर्वजों की स्मृति में, जन्मदिन पर, विवाह वर्षगांठ पर या अन्य किसी विशेष अवसर पर पौधे लगाएं और उनकी नियमित देखभाल करें, ताकि प्रकृति संरक्षण का यह महत्वपूर्ण अभियान एक जनआंदोलन का रूप ले सके।
पोरसा नगर के विश्व विख्यात मुक्तिधाम 'सत्यम शिवम् सुंदरम्' परिसर में मंगलवार को पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद की प्रस्फुटन विकास समिति, वार्ड क्रमांक-8 के अध्यक्ष डॉ. अनिल गुप्ता और सचिव संतोष प्रजापति के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के तहत मुक्तिधाम परिसर में 'स्नेक प्लांट' के 15 गमलों का रोपण किया गया। आयोजकों ने जानकारी दी कि इन पौधों को महाकाल गर्भगृह तक जाने वाली शुक्ल पक्ष की 15 सीढ़ियों के दोनों ओर व्यवस्थित रूप से स्थापित किया जाएगा। इसी प्रकार, कृष्ण पक्ष की 15 सीढ़ियों के किनारों पर भी 'स्नेक प्लांट' के गमले लगाए जाएंगे, जिससे परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जन-जन तक पहुंचेगा। आयोजकों ने बताया कि मुक्तिधाम केवल अंतिम संस्कार का स्थल नहीं है, बल्कि जीवन, प्रकृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक भी है, और यहां लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति संरक्षण और हरियाली
का संदेश देगा। 'स्नेक प्लांट' को वायु शुद्ध करने वाले प्रमुख पौधों में से एक होने के कारण विशेष रूप से चुना गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने अपने-अपने पूर्वजों की पुण्य स्मृति में पौधे समर्पित किए और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। सभी ने सामूहिक रूप से यह संदेश दिया कि यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो धरती को हराभरा और प्रदूषणमुक्त बनाया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ. अनिल गुप्ता, महेश पेगोरिया, रामधुन बघेल, रूबी ओझा, लक्ष्मी गुप्ता, महेंद्र वाल्मीकि, अनीता गुप्ता सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवाओं और बच्चियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई, जिन्होंने पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर, आयोजकों ने नगरवासियों से अपील की कि वे अपने पूर्वजों की स्मृति में, जन्मदिन पर, विवाह वर्षगांठ पर या अन्य किसी विशेष अवसर पर पौधे लगाएं और उनकी नियमित देखभाल करें, ताकि प्रकृति संरक्षण का यह महत्वपूर्ण अभियान एक जनआंदोलन का रूप ले सके।
- पोरसा क्षेत्र के शंकरपुरा गाँव में उस वक्त एक बड़ा हादसा टल गया जब एक व्यक्ति की जान संकट में फंस गई थी। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बचाव अभियान चलाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ समय के लिए वहाँ अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन स्थानीय लोगों की जानकारी पर रेस्क्यू टीम ने बिना समय गंवाए अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने उस व्यक्ति को सकुशल बाहर निकाल लिया। समय पर चलाए गए इस बचाव अभियान के कारण न सिर्फ एक बड़ा हादसा टल गया, बल्कि व्यक्ति की जान भी बच गई। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालाँकि, इस घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।1
- गोहद विधायक केशव देसाई ने मंगलवार शाम 5 बजे सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से एक अपील की है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से प्रारंभ होने जा रहा है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा चलाई गई पहल के तहत सभी लोगों की समस्याएँ, शिकायतें और जनहित के मुद्दे सीधे विधानसभा में उठाए जाएंगे। विधायक देसाई ने विशेष रूप से गोहद विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं को इस सत्र के दौरान विधानसभा में उठाने हेतु लोगों से अपने मुद्दे साझा करने का आग्रह किया है।1
- फतेहाबाद स्थित लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर छुट्टियों की मांग को लेकर हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने चार कर्मचारियों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की है। इस घटना में टोल प्रबंधन ने भी तत्काल प्रभाव से उन चारों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, क्योंकि उनके व्यवहार को अभद्र और अनुशासनहीन माना गया। वर्तमान में टोल प्लाजा पर स्थिति सामान्य है और टोल की वसूली नियमित रूप से जारी है। सोमवार देर रात हुई इस घटना में कुछ कर्मचारियों ने छुट्टियों की मांग करते हुए हंगामा किया और टोल लेन के बैरियर खोल दिए थे। इसके कारण कुछ समय तक कई वाहन बिना शुल्क दिए एक्सप्रेसवे से गुजरते रहे। सूचना मिलने पर पुलिस और टोल प्रबंधन ने मिलकर स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद टोल का संचालन सामान्य हो सका। थाना फतेहाबाद पुलिस ने हरगोविंद (पुत्र कुवरस्वरूप, निवासी बिरेहरू, सैया), सचिन (पुत्र शिवशंकर गोस्वामी, निवासी दिनौली, टूंडला, फिरोजाबाद), राजू यादव (पुत्र शांतिलाल, निवासी मलगांव, सकीट, एटा) और दिलीप पांडेय (पुत्र रमेश चंद्र, निवासी सेमरा, सिरसागंज, फिरोजाबाद) के विरुद्ध शांतिभंग की कार्रवाई की है। टोल प्लाजा प्रबंधक प्रमोद धनगर ने बताया कि हंगामे के दौरान अभद्र व्यवहार और अनुशासनहीनता के चलते चारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए, अब सभी कर्मचारियों का ऑनलाइन पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक कर्मचारी को एक माह के भीतर अपना पुलिस सत्यापन करवाकर उसकी प्रति कार्यालय में जमा करनी होगी, अन्यथा निर्धारित समय-सीमा में सत्यापन नहीं कराने वाले कर्मचारियों की सेवाएं भी समाप्त कर दी जाएंगी।1
- आगरा के फतेहाबाद स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय तिवाह में एक सहायक अध्यापक शराब के नशे में स्कूल पहुंच गया, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। सहायक अध्यापक हरमेश कांत पर नशे की हालत में स्कूल आने का आरोप है। उन्हें भाकियू (चरण सिंह) के कार्यकर्ताओं ने स्कूल में ही पकड़ा था। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद शिक्षा विभाग तत्काल हरकत में आया। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने मामले की प्रारंभिक जांच की और त्वरित कार्रवाई करते हुए सहायक अध्यापक हरमेश कांत को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही, उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।1
- फतेहाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में क्षेत्र के लोगों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी। उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लेबर रूम और इमरजेंसी भवन के निर्माण के लिए शीघ्र ब्लूप्रिंट तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा सके। एसडीएम ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों और उनके तीमारदारों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी क्रम में, एसडीएम ने नगर पंचायत के चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी (ईओ) से समन्वय स्थापित कर अस्पताल परिसर में सुलभ शौचालय के निर्माण के निर्देश भी दिए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को किसी तरह की असुविधा न हो। साथ ही, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक चौहान को अस्पताल परिसर को स्वच्छ, हरित और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से फलदार पौधों का गार्डन विकसित करने का निर्देश दिया गया। एसडीएम शर्मा ने यह भी कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ स्वच्छ और हरित वातावरण भी मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहायक होता है। इस बैठक में उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पियूष जैन, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक चौहान, सीपीएम रफीक खान सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।2
- पोरसा नगर के विश्व विख्यात मुक्तिधाम 'सत्यम शिवम् सुंदरम्' परिसर में मंगलवार को पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद की प्रस्फुटन विकास समिति, वार्ड क्रमांक-8 के अध्यक्ष डॉ. अनिल गुप्ता और सचिव संतोष प्रजापति के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के तहत मुक्तिधाम परिसर में 'स्नेक प्लांट' के 15 गमलों का रोपण किया गया। आयोजकों ने जानकारी दी कि इन पौधों को महाकाल गर्भगृह तक जाने वाली शुक्ल पक्ष की 15 सीढ़ियों के दोनों ओर व्यवस्थित रूप से स्थापित किया जाएगा। इसी प्रकार, कृष्ण पक्ष की 15 सीढ़ियों के किनारों पर भी 'स्नेक प्लांट' के गमले लगाए जाएंगे, जिससे परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जन-जन तक पहुंचेगा। आयोजकों ने बताया कि मुक्तिधाम केवल अंतिम संस्कार का स्थल नहीं है, बल्कि जीवन, प्रकृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक भी है, और यहां लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति संरक्षण और हरियाली का संदेश देगा। 'स्नेक प्लांट' को वायु शुद्ध करने वाले प्रमुख पौधों में से एक होने के कारण विशेष रूप से चुना गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने अपने-अपने पूर्वजों की पुण्य स्मृति में पौधे समर्पित किए और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। सभी ने सामूहिक रूप से यह संदेश दिया कि यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो धरती को हराभरा और प्रदूषणमुक्त बनाया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ. अनिल गुप्ता, महेश पेगोरिया, रामधुन बघेल, रूबी ओझा, लक्ष्मी गुप्ता, महेंद्र वाल्मीकि, अनीता गुप्ता सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवाओं और बच्चियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई, जिन्होंने पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर, आयोजकों ने नगरवासियों से अपील की कि वे अपने पूर्वजों की स्मृति में, जन्मदिन पर, विवाह वर्षगांठ पर या अन्य किसी विशेष अवसर पर पौधे लगाएं और उनकी नियमित देखभाल करें, ताकि प्रकृति संरक्षण का यह महत्वपूर्ण अभियान एक जनआंदोलन का रूप ले सके।2
- फतेहाबाद के थाना निबोहरा अंतर्गत रामपुर गांव में दलित समाज की एक बारात के रास्ते को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, गुरचरण सिंह बाल्मीक निवासी रामपुर की पुत्री जसोदा की बारात सैता बिचपुरी निवासी सोहन के पुत्र जितेंद्र से आई थी। सोमवार शाम करीब 7:00 बजे बारात चढ़ने की तैयारी चल रही थी। इस दौरान बारात को परंपरागत मार्ग के बजाय एक नए मार्ग से निकालने की योजना थी। बताया गया कि पूर्व निर्धारित मार्ग पर गमी हो जाने के कारण यह नया मार्ग चुना गया था, जिस पर गांव के कुछ लोगों ने विरोध दर्ज कराया। विरोध के बाद लड़की पक्ष के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही थाना निबोहरा के साथ-साथ मन्सुखपुरा, फतेहाबाद, शमशाबाद और इरादनगर से भी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर बारात को शांतिपूर्ण तरीके से निकलवाया।2
- फतेहाबाद स्थित लखनऊ एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पर सोमवार देर रात कर्मचारियों के जोरदार हंगामे के कारण करीब डेढ़ घंटे तक वाहनों से कोई टोल शुल्क नहीं लिया गया। कर्मचारियों और टोल प्रबंधन के बीच छुट्टियों की मांग को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों ने सभी टोल लेन के बूम बैरियर उठा दिए, जिससे सैकड़ों वाहन बिना टोल दिए आसानी से गुजरते रहे। यह घटना रात करीब 12 बजे शुरू हुई और लगभग 1:30 बजे तक टोल प्लाजा पर टोल की वसूली बाधित रही। जानकारी के अनुसार, फतेहाबाद टोल प्लाजा का संचालन महाराष्ट्र की कंपनी श्री साईं दातार करती है, जहां करीब 25 कर्मचारी कार्यरत हैं। टोल मैनेजर प्रमोद धनगर ने बताया कि कर्मचारियों ने अचानक काम बंद कर दिया और धरना शुरू कर दिया। कुछ कर्मचारी उनके कार्यालय में घुस गए और सप्ताह में एक अवकाश तथा महीने में लगातार चार दिन की छुट्टी की मांग करने लगे। मैनेजर ने जब उन्हें बताया कि कंपनी के नियमों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, तो कुछ कर्मचारियों ने गाली-गलौज और अभद्रता शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर फतेहाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे चार कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। उनका मेडिकल भी कराया गया। अपने साथियों को हिरासत में लिए जाने के बाद अन्य कर्मचारी भी हड़ताल पर बैठ गए। घटना के बाद, कंपनी के अधिकारी कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं। फतेहाबाद थाना प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि टोल मैनेजर की शिकायत पर चार कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है, और मैनेजर से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- आगरा के रामपुर गांव में एक दलित दूल्हे की बारात को लेकर गंभीर विवाद और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। बारात के रास्ते को रोके जाने और नए मार्ग से बारात निकालने को लेकर हुए टकराव के कारण गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने का मोर्चा संभाला। बारात रोकने की कोशिशों के चलते यह पूरा घटनाक्रम तीन घंटे तक 'हाईवोल्टेज ड्रामा' में बदल गया। इस दौरान बारात के रास्ते को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में तीन घंटे तक लंबी वार्ता और पंचायत चली। आखिरकार पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया और एक सहमति बनी। डीसीपी ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बारात सहमति से निकाली गई। तनाव की आशंका को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे गांव एक तरह से पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस की सूझबूझ और कड़ी निगरानी के बीच, आखिरकार दलित दूल्हे की बारात अपने निर्धारित मार्ग से शांतिपूर्वक निकाली गई और शादी संपन्न हुई। सुरक्षा घेरे में निकली बारात के बाद शांतिपूर्वक विदाई भी हुई, जिससे एक बड़े विवाद को टाल दिया गया।1