मंगलवार को जयपुर शहर के खो नागोरिया क्षेत्र की एक अवैध कॉलोनी में संचालित एक कथित अवैध बारूद एवं पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे सहित सात लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई अन्य लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की सूचना है। लोगों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, आग लगने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ गंभीर रूप से झुलसे हुए लोग मदद का इंतजार करते हुए सड़क पर तड़पते हुए दिखाई दिए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल, पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि फैक्ट्री का संचालन दिल्ली निवासी फिरोज द्वारा किया जा रहा था। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया है कि बारूद एवं पटाखों का भंडारण और संचालन प्रथम दृष्टया गैरकानूनी प्रतीत होता है। जिस कॉलोनी में यह हादसा हुआ है, वहां करीब 150 मकान और 600 से अधिक लोग निवास करते हैं। घनी आबादी के बीच कथित रूप से अवैध रूप से संचालित इस बारूद फैक्ट्री में आग लगने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। प्रशासन वर्तमान में राहत एवं बचाव कार्य में सक्रिय रूप से जुटा हुआ है और मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि का अभी भी इंतजार किया जा रहा है।
मंगलवार को जयपुर शहर के खो नागोरिया क्षेत्र की एक अवैध कॉलोनी में संचालित एक कथित अवैध बारूद एवं पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे सहित सात लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई अन्य लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की सूचना है। लोगों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, आग लगने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ गंभीर रूप से झुलसे हुए लोग मदद का इंतजार करते हुए सड़क पर तड़पते हुए दिखाई दिए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल, पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि फैक्ट्री का संचालन दिल्ली निवासी फिरोज द्वारा किया जा रहा था। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया है कि बारूद एवं पटाखों का भंडारण और संचालन प्रथम दृष्टया गैरकानूनी प्रतीत होता है। जिस कॉलोनी में यह हादसा हुआ है, वहां करीब 150 मकान और 600 से अधिक लोग निवास करते हैं। घनी आबादी के बीच कथित रूप से अवैध रूप से संचालित इस बारूद फैक्ट्री में आग लगने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। प्रशासन वर्तमान में राहत एवं बचाव कार्य में सक्रिय रूप से जुटा हुआ है और मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि का अभी भी इंतजार किया जा रहा है।
- एक योग वीडियो में फुल बॉडी वाइब्रेशन, फॉरवर्ड बेंडिंग और ताड़ा आसन जैसी तकनीकों को सीखने और अभ्यास करने का आग्रह किया गया है। वीडियो के माध्यम से प्राणायाम भी सिखाया गया है। दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस योग वीडियो को पसंद करें, उस पर टिप्पणी करें और इसे अपने दोस्तों व परिवार के सदस्यों के साथ साझा करें।1
- झालावाड़ में कवि एवं सामाजिक चिंतक शैलेंद्र जैन 'गुनगुना' ने घरेलू गैस सिलेंडरों की लगातार बढ़ती कीमतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा महंगाई के दौर में रसोई गैस के दाम आम परिवारों की आर्थिक स्थिति पर एक अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं, जिसके चलते उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से गैस उपभोक्ताओं को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की है। 'गुनगुना' ने जोर देकर कहा कि रसोई गैस अब हर परिवार की एक मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है, लेकिन इसके बढ़ते दामों के कारण मध्यम वर्ग, श्रमिक वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके चलते कई परिवारों को अपनी अन्य आवश्यक खर्चों में भी कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और गैस सिलेंडर की कीमतों में तत्काल कमी लाई जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जरूरतमंद परिवारों को अतिरिक्त सब्सिडी उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया। 'गुनगुना' ने यह भी कहा कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देकर आम जनता को सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा प्रदान की जा सकती है। शैलेंद्र जैन 'गुनगुना' ने इस बात पर बल दिया कि बढ़ती महंगाई के बीच गैस सिलेंडर के दामों में मिलने वाली राहत आम नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत होगी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से भी अनुरोध किया कि वे इस महत्वपूर्ण मुद्दे को गंभीरता से उठाएं और आमजन के हित में प्रभावी पहल करें, क्योंकि बढ़ती गैस कीमतों ने आमजन का बजट बिगाड़ दिया है।1
- दिनांक 9 जून, 2026 मंगलवार को कस्बे में आदिवासी समाज के स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन अंता के सदस्यों ने नगर अध्यक्ष दिलकुश मीणा के नेतृत्व में उन्हें श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बिरसा मुंडा की जीवनी पर भी प्रकाश डाला गया। भीम आर्मी के राकेश गोडाला ने जानकारी देते हुए बताया कि बिरसा मुंडा ने 1886 से 1890 के बीच चाईबासा में ब्रिटिश विरोधी और मिशनरी विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया था। उन्हें 3 मार्च, 1900 को ब्रिटिश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था और उसी वर्ष 9 जून को 25 वर्ष की आयु में रांची जेल में उनका निधन हो गया था। तभी से इस दिन को उनके महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम में भीम आर्मी राजस्थान के प्रदेश मीडिया प्रभारी एडवोकेट प्रेम शंकर शांत ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा को 'धरती आबा' (धरती पिता) के नाम से भी जाना जाता है, जिन्होंने ब्रिटिश शासन और शोषण के विरुद्ध आदिवासी समाज का नेतृत्व किया और 'उलगुलान' का आह्वान किया था। भीम आर्मी आईटी सेल के प्रदेश सदस्य देवी शंकर मेघवाल ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा को उनके स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधार कार्यों के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। विधि सलाहकार एडवोकेट देश राज मेहरा ने उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने आदिवासी अधिकारों और संस्कृति के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई। श्रद्धांजलि सभा के दौरान संभाग मीडिया प्रभारी भुवनेश रेगर, जिला सचिव जितेंद्र गोडाला, नगर सचिव सोनू रेगर, राजू तम्बोली, कपिल गोडाला सहित अन्य कई सदस्य उपस्थित रहे।2
- यह एक टॉप रैंकर छात्र और उसके संघर्ष की कहानी है।1
- कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दरा अभ्यारण्य के भीतर बन रही सुरंग की सुरक्षा जांच शुरू हो गई है। यह सुरंग 20 जून के बाद आमजन के लिए खोली जा सकती है। इस सुरंग के चालू होने से गुरुग्राम से वड़ोदरा तक का सफर काफी आसान हो जाएगा। वर्तमान में जहां इस यात्रा में 20 से 22 घंटे लगते हैं, वहीं इसके शुरू होने के बाद यह अवधि घटकर मात्र 10 से 12 घंटे रह जाएगी। इसके साथ ही, दरा नाल में लगने वाले जाम की समस्या का भी स्थायी समाधान मिलेगा। इन महत्वपूर्ण बदलावों से आमजन को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।2
- शाहाबाद उपखंड के मझारी गांव स्थित बिजासन माता मंदिर में ११ कुण्डी शिवशक्ति महायज्ञ और श्रीराम कथा का भव्य आयोजन एक शानदार कलश यात्रा के साथ शुरू हो गया है। यह कलश यात्रा मझारी के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंची, जिसमें महिलाएं और बच्चियां अपने सिर पर कलश लेकर चल रही थीं। इस दौरान डीजे की धुन पर लोग नाचते हुए नजर आए और कलश यात्रा का जगह-जगह जोरदार स्वागत किया गया। श्रीराम कथा का वाचन श्रीधाम वृन्दावन की आचार्य डॉ. दिव्या ज्योति अपने मुखारविंद से करेंगी। कथा के साथ-साथ आयोजित हो रहे ११ कुंडी महायज्ञ के मुख्य यजमान रामकरण मेहता हैं। इस यज्ञ में यज्ञ पुरोहित महाराज श्री मानस मंथन सत्यानंद जी महाराज हरिद्वार, यज्ञ कर्ता श्री सुरेशानंद जी महाराज बनारस, बाल योगी नागाजी करनाल, गंगापुरी महाराज हिंगोनिया इंदौर, यज्ञ संचालक राहुल गिरी महाराज विलासपुर छत्तीसगढ़ और मुक्तानंदजी महाराज विलासपुर छत्तीसगढ़ जैसे प्रतिष्ठित संत-महात्मा मौजूद रहेंगे। श्रीराम कथा और महायज्ञ का यह पावन आयोजन 14 जून तक चलेगा।2
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत घर पर भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया जा रहा है। सभी से अनुरोध किया गया है कि वे इस योग वीडियो को अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ लाइक करें, कमेंट करें और शेयर करें। धन्यवाद।1
- मंगलवार को जयपुर शहर के खो नागोरिया क्षेत्र की एक अवैध कॉलोनी में संचालित एक कथित अवैध बारूद एवं पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे सहित सात लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई अन्य लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की सूचना है। लोगों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, आग लगने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ गंभीर रूप से झुलसे हुए लोग मदद का इंतजार करते हुए सड़क पर तड़पते हुए दिखाई दिए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल, पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि फैक्ट्री का संचालन दिल्ली निवासी फिरोज द्वारा किया जा रहा था। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया है कि बारूद एवं पटाखों का भंडारण और संचालन प्रथम दृष्टया गैरकानूनी प्रतीत होता है। जिस कॉलोनी में यह हादसा हुआ है, वहां करीब 150 मकान और 600 से अधिक लोग निवास करते हैं। घनी आबादी के बीच कथित रूप से अवैध रूप से संचालित इस बारूद फैक्ट्री में आग लगने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। प्रशासन वर्तमान में राहत एवं बचाव कार्य में सक्रिय रूप से जुटा हुआ है और मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि का अभी भी इंतजार किया जा रहा है।1