लखनऊ डायसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (LDTA) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर जानसन टी. जॉन के साथ कानपुर कोर्ट परिसर में एक अप्रिय घटना होने से टल गई। जानसन टी. जॉन ने आरोप लगाया है कि डी.के. सिंह, अखिलेश सिंह, सरफराज मसीह और पॉल जिनिया ने अपने 8-10 अज्ञात साथियों के साथ मिलकर उन्हें घेरने का प्रयास किया। यह घटना तब हुई जब पुलिस उन्हें अभिरक्षा में कोर्ट ले जा रही थी। हालांकि, पुलिस प्रशासन की मौजूदगी और सुरक्षा के चलते हमलावरों की योजना विफल रही। जानसन टी. जॉन ने उक्त आरोपियों पर एलडीटीए की माल रोड और चुन्नीगंज स्थित संपत्तियों पर कब्जा करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें लगातार झूठे मुकदमों में फंसाकर, धमकाकर और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है ताकि वे जमीन हड़प सकें। इसी कड़ी में 7 जून को एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह से शिकायत करने के दौरान, न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) के चलते उन्हें एक दिन के लिए जेल भी जाना पड़ा। जानसन का मानना है कि यह सब उन्हें दबाने का हिस्सा है। इस मामले में उनके अधिवक्ता अमर विहारी सेठ ने बताया कि वर्ष 2018 में थाना कोतवाली में मुकदमा संख्या 108/2018 दर्ज कराया गया था, जो पूरी तरह से एलडीटीए की जमीन कब्जाने की मंशा से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं और उन्हें सुनियोजित षड्यंत्र के तहत कानूनी मामलों में उलझाया जा रहा है। वर्तमान में ये सभी मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। जानसन टी. जॉन ने पुलिस की सुरक्षा की सराहना की है, लेकिन उन्हें भविष्य में भी विरोधी पक्ष द्वारा पुनः किसी झूठे मामले में फंसाकर नुकसान पहुंचाने की आशंका बनी हुई है।
लखनऊ डायसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (LDTA) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर जानसन टी. जॉन के साथ कानपुर कोर्ट परिसर में एक अप्रिय घटना होने से टल गई। जानसन टी. जॉन ने आरोप लगाया है कि डी.के. सिंह, अखिलेश सिंह, सरफराज मसीह और पॉल जिनिया ने अपने 8-10 अज्ञात साथियों के साथ मिलकर उन्हें घेरने का प्रयास किया। यह घटना तब हुई जब पुलिस उन्हें अभिरक्षा में कोर्ट ले जा रही थी। हालांकि, पुलिस प्रशासन की मौजूदगी और सुरक्षा के चलते हमलावरों की योजना विफल रही। जानसन टी. जॉन ने उक्त आरोपियों पर एलडीटीए की माल रोड और चुन्नीगंज स्थित संपत्तियों पर कब्जा करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें लगातार झूठे मुकदमों में फंसाकर, धमकाकर और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है ताकि वे जमीन हड़प सकें। इसी कड़ी में 7 जून को एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह से शिकायत करने के दौरान, न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) के चलते उन्हें एक दिन के लिए जेल भी जाना पड़ा। जानसन का मानना है कि यह सब उन्हें दबाने का हिस्सा है। इस मामले में उनके अधिवक्ता अमर विहारी सेठ ने बताया कि वर्ष 2018 में थाना कोतवाली में मुकदमा संख्या 108/2018 दर्ज कराया गया था, जो पूरी तरह से एलडीटीए की जमीन कब्जाने की मंशा से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं और उन्हें सुनियोजित षड्यंत्र के तहत कानूनी मामलों में उलझाया जा रहा है। वर्तमान में ये सभी मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। जानसन टी. जॉन ने पुलिस की सुरक्षा की सराहना की है, लेकिन उन्हें भविष्य में भी विरोधी पक्ष द्वारा पुनः किसी झूठे मामले में फंसाकर नुकसान पहुंचाने की आशंका बनी हुई है।
- लखनऊ डायसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (LDTA) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर जानसन टी. जॉन के साथ कानपुर कोर्ट परिसर में एक अप्रिय घटना होने से टल गई। जानसन टी. जॉन ने आरोप लगाया है कि डी.के. सिंह, अखिलेश सिंह, सरफराज मसीह और पॉल जिनिया ने अपने 8-10 अज्ञात साथियों के साथ मिलकर उन्हें घेरने का प्रयास किया। यह घटना तब हुई जब पुलिस उन्हें अभिरक्षा में कोर्ट ले जा रही थी। हालांकि, पुलिस प्रशासन की मौजूदगी और सुरक्षा के चलते हमलावरों की योजना विफल रही। जानसन टी. जॉन ने उक्त आरोपियों पर एलडीटीए की माल रोड और चुन्नीगंज स्थित संपत्तियों पर कब्जा करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें लगातार झूठे मुकदमों में फंसाकर, धमकाकर और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है ताकि वे जमीन हड़प सकें। इसी कड़ी में 7 जून को एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह से शिकायत करने के दौरान, न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) के चलते उन्हें एक दिन के लिए जेल भी जाना पड़ा। जानसन का मानना है कि यह सब उन्हें दबाने का हिस्सा है। इस मामले में उनके अधिवक्ता अमर विहारी सेठ ने बताया कि वर्ष 2018 में थाना कोतवाली में मुकदमा संख्या 108/2018 दर्ज कराया गया था, जो पूरी तरह से एलडीटीए की जमीन कब्जाने की मंशा से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं और उन्हें सुनियोजित षड्यंत्र के तहत कानूनी मामलों में उलझाया जा रहा है। वर्तमान में ये सभी मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। जानसन टी. जॉन ने पुलिस की सुरक्षा की सराहना की है, लेकिन उन्हें भविष्य में भी विरोधी पक्ष द्वारा पुनः किसी झूठे मामले में फंसाकर नुकसान पहुंचाने की आशंका बनी हुई है।1
- फर्रुखाबाद के शुक्ररुल्लापुर में दिल्ली-फर्रुखाबाद मार्ग पर बना एक रेलवे ओवरब्रिज अपने निर्माण के मात्र दो साल के भीतर ही क्षतिग्रस्त हो गया है। यह ओवरब्रिज पहली बारिश का सामना भी नहीं कर पाया, जिससे इसका एक जॉइंट धंस गया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। करीब दो वर्ष पूर्व ₹27.49 करोड़ की लागत से सेतु निगम द्वारा निर्मित इस आरओबी में शुरुआत से ही खामियां बताई जा रही थीं, जिसके चलते पिछले दो वर्षों में इसकी लगभग तीन से चार बार मरम्मत हो चुकी है। इसकी गुणवत्ता को इतना खराब माना गया कि पीडब्ल्यूडी ने भी इसका हैंडओवर लेने से इनकार कर दिया था। वर्षा के दौरान ट्रैक के ऊपर बना ओवरब्रिज करीब चार इंच नीचे धंस गया है, और जॉइंट गैप में डाला जाने वाला एंगल भी क्षतिग्रस्त बताया जा रहा है। इस घटना के बाद, क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज के कारण संबंधित मार्ग पर यातायात का डायवर्जन कर दिया गया है।4
- फर्रुखाबाद के मदारवाड़ी मोहल्ले में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते भीषण जलभराव हो गया है, जिसने सड़कों को गहरे पानी के 'वॉटर पार्क' या 'गोवा जैसे बीच' में बदल दिया है, जिससे पूरे शहर को 'शर्मिंदा' होना पड़ रहा है। पानी की गहराई कई जगहों पर घुटनों से ऊपर तक पहुँच गई है, जिसके कारण लोग अपनी बाइक और स्कूटर पर 'सर्फिंग' करने को मजबूर हैं। घरों और दुकानों के अंदर पानी घुस गया है, जिससे व्यापारियों का माल डूब रहा है, लेकिन नगर पालिका अभी भी 'संज्ञान' की 'गहरी नींद' में है। स्थिति इतनी विकट है कि लोग अपनी बाइक को 'जेट स्की' की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। ऑटो, बाइक और स्कूटर एक-दूसरे से होड़ करते हुए पानी में लहरें पैदा कर रहे हैं, और बच्चे-बूढ़े भी 'मजबूरी में' इस 'जल-क्रीड़ा' का 'आनंद' ले रहे हैं। एक स्थानीय युवक राहुल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि नगर पालिका ने उन्हें 'फ्री वॉटर स्पोर्ट्स ट्रेनिंग' दे दी है और बच्चों को अब घर के बाहर ही स्विमिंग क्लास मिल रही है। दुकानदारों की हालत भी 'बेहाल' है, वे अब 'एक्वा-शॉपिंग' के लिए मजबूर हैं। एक दुकानदार ने तो 'मछली बेचने' की बात कही और ग्राहकों के ऑनलाइन डिलीवरी मांगने का जिक्र किया, क्योंकि वे 'तैरकर' नहीं आ पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब नगर पालिका के 'कागजी विकास' का परिणाम है। हर साल नाला सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, नाले की जगह पानी घरों में घुस रहा है। सड़कों का ढलान उल्टा है, अवैध निर्माण नाले का रास्ता रोक रहे हैं, और सफाई कर्मचारी सिर्फ कागजों पर ही 'गोताखोरी' कर रहे हैं। जब अधिकारियों से इस 'जल-महोत्सव' के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह वही 'क्लासिक डायलॉग' दोहराया कि 'मामला संज्ञान में है, टीम भेज दी गई है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी'। जनता अब व्यंग्यात्मक रूप से पूछ रही है कि 'संज्ञान कब जागेगा', या यह भी 'मानसून के साथ ही सो जाएगा'? मदारवाड़ी के निवासियों ने नगर पालिका से 'मजेदार अपील' करते हुए मांग की है कि या तो असली नावें, या पंपिंग मशीनें उपलब्ध कराई जाएं, या कम से कम टैक्स माफ कर दिया जाए क्योंकि वे 'वॉटर पार्क का किराया' दे रहे हैं। उन्होंने विनम्र निवेदन किया है कि विकास की इस 'गंगा' को पूरे फर्रुखाबाद में फैला दिया जाए, ताकि पूरा शहर बिना टिकट के 'बीच रिसॉर्ट' का मजा ले सके। अंत में, उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा कि 'अगला तोहफा क्या होगा — सबमर्सिबल पंप या पर्सनल नाव?', और 'फ्री वॉटर पार्क' व 'कुंभकर्णी नगर पालिका' की 'जय हो' के नारे लगाए।1
- फर्रुखाबाद की सातनपुर मंडी स्थित सरकारी मक्का खरीद केंद्र पर किसानों ने खरीद व्यवस्था में गंभीर अव्यवस्थाओं और सूचना के अभाव की शिकायत की है। किसानों का आरोप है कि विपणन निरीक्षक संतोष कुमार यादव द्वारा सरकारी खरीद से जुड़ी सही जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती है। उनका यह भी कहना है कि कई बार फोन करने के बावजूद विपणन निरीक्षक द्वारा फोन रिसीव नहीं किया जाता, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसानों के अनुसार, खरीद केंद्र पर मौजूद विपणन सहायक सत्यवीर भी किसी प्रकार की स्पष्ट जानकारी देने के बजाय यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि 'इंस्पेक्टर साहब ही बताएंगे।' इस कारण किसानों को घंटों लाइन में खड़े रहकर इंतजार करना पड़ता है और उन्हें खरीद प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं मिल पाती। इसके अलावा, किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि खरीद केंद्रों पर दलालों का दबदबा देखने को मिलता है, जिसके चलते वास्तविक किसानों को और भी अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले पर किसानों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने, खरीद व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। किसानों ने विशेष रूप से सरकारी क्रय केंद्र सातनपुर मंडी पर व्यापारियों द्वारा की जा रही खरीद पर चिंता व्यक्त की है।1
- फर्रुखाबाद जिले के शुक्रुल्लापुर में स्थित रेलवे ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस ओवरब्रिज की मरम्मत का कार्य फिलहाल चल रहा है।1
- फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस, SOG और सर्विलांस टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए चोरी की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया।1
- फर्रुखाबाद जनपद पुलिस ने एक पुलिसकर्मी के आवास से लाखों रुपये के जेवर और नकदी चुराने वाले दूधिया नितिन यादव को गिरफ्तार कर लिया है। जनपद कानपुर के शुभम त्रिवेदी, जो पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिपिक के पद पर तैनात हैं और पुलिस लाइन के टाइप 3 आवास संख्या 15 में रहते हैं, ने 7 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ड्यूटी से लौटने पर उन्होंने अपनी गोदरेज अलमारी खुली पाई। लॉकर से उनके मूल्यवान आभूषण, जिनमें 3 सोने की अंगूठी, 2 सोने की चेन, 1 सोने का मंगलसूत्र, 4 सोने के कंगन, 1 जोड़ी सोने के कुंडल और 10 हजार रुपये गायब थे। शुभम त्रिवेदी को आशंका थी कि उनके आवास पर दूध देने वाले फतेहगढ़ निवासी निकित यादव पुत्र राजवीर यादव ने ये आभूषण और रुपये चुराए हैं। पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए गहनता से जांच पड़ताल की। कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला ग्वालटोली निवासी दूधिया नितिन यादव पुत्र राजवीर उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह ने मीडिया को बताया कि चोरी की घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई थीं। पुलिस ने दूधिया नितिन यादव से पूछताछ कर 15 लाख रुपये कीमती सभी जेवरात 24 घंटे के अंदर बरामद कर लिए। नितिन यादव 3 दिन पहले ही शुभम त्रिवेदी के आवास पर दूध देने गया था और उसके ऊपर मारपीट, चोरी और आर्म्स एक्ट के मुकदमे भी दर्ज हैं।4
- फर्रुखाबाद शहर में मानसून की बारिश के बीच नगर पालिका प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुई है। शहर के व्यस्ततम साहेबगंज चौराहे पर सड़क के बीचों-बीच नाली के ऊपर लगा लोहे का जाल टूट गया। इस घटना में गनीमत रही कि एक ई-रिक्शा पलटते-पलटते बचा, क्योंकि चालक ने समय रहते संतुलन बना लिया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और चौराहे पर एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों और राहगीरों में भारी रोष पैदा कर दिया है। नागरिकों का कहना है कि बरसात के मौसम में फर्रुखाबाद नगर में जलभराव एक स्थायी और गंभीर समस्या बन चुका है। जलभराव के समय सड़कें और नाले एक समान हो जाते हैं, जिससे ये टूटे हुए जाल किसी भी दिन जानलेवा दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। लोगों को हैरानी है कि शहर के मुख्य चौराहों और मार्गों पर भी नगर पालिका द्वारा कोई उचित देखरेख या मरम्मत कार्य नहीं करवाया जा रहा है, और मानसून से पहले नालों की सफाई तथा जर्जर जालों को बदलने के जो दावे किए गए थे, वे धरातल पर पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं। स्थानीय निवासियों ने जिला और नगर पालिका प्रशासन से तत्काल प्रभाव से साहेबगंज चौराहे के टूटे जाल की मरम्मत करवाने और जलभराव वाले क्षेत्रों में उचित व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया, तो उसे किसी बड़े हादसे का गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।2