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जेन-जी का विरोध व्यक्ति के खिलाफ नहीं, सिस्टम की कमियों के खिलाफ ! हमें यह भी देखना चाहिए कि अगर जेन-जी चिल्ला रही है, तो वह केवल विरोध करने के लिए नहीं चिल्ला रही है, बल्कि उसे कोई तकलीफ है, कोई समस्या है। उस समस्या को समझकर उसका समाधान किया जाना चाहिए। विरोध जो होना चाहिए, वह किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था यानी सिस्टम की कमियों के खिलाफ होना चाहिए। और जब ऐसा कुछ होता है, जो नहीं होना चाहिए, तो कहीं न कहीं सिस्टम में चूक जरूर हुई है। हमें उस चूक को पहचानकर उसे सुधारने की जरूरत है। - मोहन भागवत
Birendra Kumar Reporter
जेन-जी का विरोध व्यक्ति के खिलाफ नहीं, सिस्टम की कमियों के खिलाफ ! हमें यह भी देखना चाहिए कि अगर जेन-जी चिल्ला रही है, तो वह केवल विरोध करने के लिए नहीं चिल्ला रही है, बल्कि उसे कोई तकलीफ है, कोई समस्या है। उस समस्या को समझकर उसका समाधान किया जाना चाहिए। विरोध जो होना चाहिए, वह किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था यानी सिस्टम की कमियों के खिलाफ होना चाहिए। और जब ऐसा कुछ होता है, जो नहीं होना चाहिए, तो कहीं न कहीं सिस्टम में चूक जरूर हुई है। हमें उस चूक को पहचानकर उसे सुधारने की जरूरत है। - मोहन भागवत
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- *लोकेशन: भटनी, देवरिया* *संवाददाता: अशोक मद्धेशिया* *सिंगहीडीह में सेंधमारी से सनसनी, लाखों के जेवर और 30 हजार नगदी चोरी* भटनी, देवरिया। थाना क्षेत्र के सिंगहीडीह गांव में शुक्रवार रात चोरों ने एक घर में सेंध लगाकर लाखों रुपये के आभूषण और करीब 30 हजार रुपये नकद पार कर दिए। वारदात के दौरान परिवार के सदस्य घर में सोते रहे और चोर पीछे की दीवार काटकर अंदर दाखिल हो गए। बदमाश बक्सा उठाकर गांव से बाहर खेत में ले गए, जहां ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवर और नकदी निकाल ली। इसके बाद कपड़ों सहित बक्सा खेत में छोड़कर फरार हो गए। *#भटनी #देवरिया #Deoria #Bhatni #UttarPradesh #UPNews #CrimeNews #Police #BreakingNews #LocalNews #HindiNews #ReporterAshokMaddheshiya*1
- कीचड़ भरी राह से परेशान मासूम भाई-बहन ने DM से लगाई गुहार, बोले—‘साहब, सड़क बनवा दीजिए रुद्रपुर के मला टोली वार्ड में बारिश ने बढ़ाई लोगों की परेशानी, जलभराव और कीचड़ के बीच स्कूल जाने को मजबूर बच्चे देवरिया। रुद्रपुर नगर क्षेत्र के मला टोली वार्ड में बारिश के बाद सड़क पर कीचड़ और जलभराव की समस्या ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। खराब सड़क और उस पर जमा पानी व कीचड़ के कारण बच्चों को रोजाना स्कूल आने-जाने में दिक्कत हो रही है। इसी समस्या से परेशान मासूम भाई-बहन ने जिलाधिकारी से सड़क बनवाने की गुहार लगाई है। बच्चों की सरल लेकिन मार्मिक अपील ने इलाके की सड़क व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। मासूमों का कहना है कि बारिश होते ही सड़क की स्थिति बेहद खराब हो जाती है। रास्ते में इतना कीचड़ हो जाता है कि स्कूल जाते समय जूते और कपड़े गंदे हो जाते हैं। कई बार बच्चों को कीचड़ और पानी से होकर रास्ता पार करना पड़ता है। ‘DM साहब, प्लीज सड़क बनवा दीजिए’ सड़क की समस्या से परेशान मासूम भाई-बहन ने अपनी बात जिलाधिकारी के सामने रखते हुए कहा कि बारिश के दिनों में उनके मोहल्ले की सड़क पर बहुत अधिक कीचड़ हो जाता है। इससे स्कूल जाने में परेशानी होती है। बच्चों ने भावुक अंदाज में कहा, “DM साहब, बारिश में सड़क पर बहुत कीचड़ हो जाता है। हमारे जूते और स्कूल ड्रेस खराब हो जाते हैं। प्लीज, सड़क बनवा दीजिए।” मासूम बच्चों की यह अपील केवल उनकी व्यक्तिगत परेशानी नहीं, बल्कि मोहल्ले के उन तमाम परिवारों की समस्या को सामने लाती है, जिन्हें बारिश के मौसम में खराब रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश होते ही सड़क बन जाती है मुसीबत मला टोली वार्ड में बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। सामान्य दिनों में किसी तरह आवाजाही हो जाती है, लेकिन बारिश होने के बाद रास्ते की स्थिति बदल जाती है। सड़क पर पानी जमा होने के साथ ही मिट्टी और कीचड़ फैल जाता है। ऐसे में पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को भी फिसलने का खतरा बना रहता है। स्कूली बच्चों के लिए परेशानी और अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि उन्हें निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचने के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। जूते और स्कूल ड्रेस खराब होने की बच्चों ने बताई परेशानी मासूम भाई-बहन की शिकायत का सबसे भावुक पहलू यह है कि सड़क की बदहाली का सीधा असर उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की स्कूली जिंदगी पर पड़ रहा है। बच्चों के मुताबिक बारिश के दिनों में रास्ते में जमा कीचड़ से उनके जूते गंदे हो जाते हैं और स्कूल ड्रेस भी खराब हो जाती है। स्कूल पहुंचने तक उन्हें कई बार असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। बच्चों की इस छोटी-सी समस्या के पीछे सड़क की बड़ी समस्या छिपी हुई है। यदि रास्ता ठीक हो जाए तो उन्हें बारिश के मौसम में स्कूल जाने के दौरान इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मोहल्ले के लोगों को भी आवागमन में दिक्कत सड़क पर जलभराव और कीचड़ की समस्या केवल स्कूली बच्चों तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोगों को भी बारिश के दौरान आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। मोहल्ले के लोगों को जरूरी काम के लिए बाहर निकलने में कठिनाई होती है। पैदल चलने वालों के कपड़े और जूते कीचड़ से खराब हो जाते हैं, जबकि दोपहिया वाहन से गुजरने वालों को फिसलने का खतरा रहता है। बारिश के दौरान यदि सड़क पर लंबे समय तक पानी और कीचड़ जमा रहे तो स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। मासूमों की गुहार ने खींचा प्रशासन का ध्यान आमतौर पर सड़क, नाली और जलनिकासी जैसी समस्याओं को लेकर बड़े लोग अधिकारियों से शिकायत करते हैं, लेकिन मला टोली वार्ड में सड़क की समस्या को लेकर मासूम भाई-बहन की अपील ने लोगों का ध्यान खींचा है। बच्चों ने किसी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय सीधे अपनी परेशानी बताई और जिलाधिकारी से सड़क बनवाने की मांग की। उनकी मांग बेहद साधारण है—बारिश के दिनों में उन्हें कीचड़ से होकर स्कूल न जाना पड़े और रास्ता चलने लायक हो जाए। मासूमों की इस अपील से स्थानीय लोगों को भी उम्मीद जगी है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सड़क की स्थिति का जायजा लेगा। स्थानीय लोगों को स्थायी समाधान की उम्मीद बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और जलभराव से राहत दिलाने के लिए अस्थायी उपाय किए जा सकते हैं, लेकिन स्थानीय लोगों की नजर स्थायी समाधान पर है। यदि सड़क का निर्माण या जरूरी सुधार कार्य हो जाए तो हर साल बारिश के मौसम में सामने आने वाली समस्या से लोगों को राहत मिल सकती है। स्थानीय लोगों की उम्मीद है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा। स्कूल जाने वाले बच्चों की परेशानी सबसे ज्यादा बारिश के मौसम में सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर स्कूल जाने वाले बच्चों पर पड़ता है। बच्चों को रोजाना तय समय पर घर से निकलना होता है और रास्ते की स्थिति चाहे जैसी हो, उन्हें स्कूल पहुंचना पड़ता है। कीचड़ भरे रास्ते में बच्चों के गिरने और कपड़े खराब होने की आशंका बनी रहती है। छोटे बच्चों के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि वे जलभराव और कीचड़ वाले रास्ते पर सावधानी से चलने में कठिनाई महसूस कर सकते हैं। मासूम भाई-बहन की अपील इसी परेशानी की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करती है। एक सड़क, कई सवाल मला टोली वार्ड की यह तस्वीर स्थानीय विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई सवाल भी खड़े करती है। सड़क किसी भी मोहल्ले की सबसे जरूरी सुविधाओं में शामिल होती है। बेहतर सड़क से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलती है और बारिश के दौरान होने वाली परेशानी भी कम होती है। लेकिन यदि बारिश होते ही सड़क कीचड़ और पानी से भर जाए तो इसका असर केवल आवागमन पर नहीं पड़ता, बल्कि बच्चों की स्कूल यात्रा, बुजुर्गों की आवाजाही और रोजमर्रा के कामकाज पर भी पड़ता है। ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। मासूमों की आवाज अब प्रशासन तक मासूम भाई-बहन ने जिस सहजता से जिलाधिकारी से सड़क बनवाने की अपील की है, वह प्रशासन के लिए भी एक संवेदनशील संदेश है। बच्चों ने अपनी समस्या को किसी जटिल भाषा में नहीं, बल्कि बेहद सरल शब्दों में सामने रखा है। उनकी मांग है कि बारिश के दिनों में सड़क पर कीचड़ न हो, स्कूल जाते समय उनके जूते और कपड़े खराब न हों और उन्हें सुरक्षित रास्ता मिले। अब देखना होगा कि मासूमों की यह गुहार प्रशासन तक किस रूप में पहुंचती है और सड़क की समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। मासूमों की उम्मीद—अब बनेगी पक्की राह मला टोली वार्ड के मासूम भाई-बहन की अपील ने सड़क की समस्या को भावनात्मक रूप से सामने ला दिया है। बच्चों की छोटी-सी मांग में पूरे मोहल्ले की बड़ी जरूरत दिखाई देती है। बारिश के मौसम में कीचड़ और जलभराव से जूझ रहे लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग समस्या का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण करेगा और सड़क निर्माण या आवश्यक सुधार की दिशा में कदम उठाएगा।1
- जेन-जी का विरोध व्यक्ति के खिलाफ नहीं, सिस्टम की कमियों के खिलाफ ! हमें यह भी देखना चाहिए कि अगर जेन-जी चिल्ला रही है, तो वह केवल विरोध करने के लिए नहीं चिल्ला रही है, बल्कि उसे कोई तकलीफ है, कोई समस्या है। उस समस्या को समझकर उसका समाधान किया जाना चाहिए। विरोध जो होना चाहिए, वह किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था यानी सिस्टम की कमियों के खिलाफ होना चाहिए। और जब ऐसा कुछ होता है, जो नहीं होना चाहिए, तो कहीं न कहीं सिस्टम में चूक जरूर हुई है। हमें उस चूक को पहचानकर उसे सुधारने की जरूरत है। - मोहन भागवत1
- मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की जनता को विकास के नाम पर सिर्फ धोखा दिया है। जनता सब याद रखेगी, इन घपलों का जवाब वोट से मिलेगा। लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे का भ्रष्टाचार मनोज कुमार यादव देवरिया मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की जनता को विकास के नाम पर सिर्फ धोखा दिया है। जनता सब याद रखेगी, इन घपलों का जवाब वोट से मिलेगा। लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे का भ्रष्टाचार मनोज कुमार यादव देवरिया1
- 🌟 *माउंट कार्मेल इंटरनेशनल स्कूल में ‘Culmination Day 2026-27’ का भव्य आयोजन* *बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता ने मोहा सभी का मन* *महाराष्ट्र।* *माउंट कार्मेल इंटरनेशनल स्कूल* में शैक्षणिक सत्र *2026-27* के *‘Culmination Day’ (चर्मोत्कर्ष दिवस)* का उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी *प्रतिभा, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और बहुमुखी कौशल* का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों की खूब सराहना बटोरी। विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की *शैक्षणिक उपलब्धियों* के साथ-साथ उनके *समग्र व्यक्तित्व विकास* को मंच प्रदान करना रहा। बच्चों की प्रस्तुतियों में *उत्साह, अनुशासन, आत्मविश्वास तथा जीवन-मूल्यों* की सुंदर झलक देखने को मिली। 🎭 *नन्हे विद्यार्थियों ने बिखेरा प्रतिभा का रंग* कार्यक्रम में *कक्षा-1* के विद्यार्थियों ने *अवियांश मृत्युंजय बरई* और *अनन्या नायर* की अगुवाई में शानदार प्रस्तुति दी। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। उनकी प्रस्तुति में *हिंदी, अंग्रेजी, मराठी एवं संस्कृत* सहित विभिन्न भाषाओं का सुंदर समावेश देखने को मिला। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने *Computer, ABACUS, Value Education, Karate, Phonics और Dance* जैसी विभिन्न गतिविधियों में भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। 🌱 *शिक्षा के साथ संस्कार और जीवन-मूल्यों पर जोर* कार्यक्रम की प्रस्तुतियाँ केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि इनमें बच्चों की *मानवीय संवेदनाओं, जीवन-मूल्यों, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी* की भी प्रभावशाली झलक देखने को मिली। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने तथा उन्हें *भविष्य की चुनौतियों* के लिए तैयार करने का संदेश दिया गया। विद्यालय की यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि *गुणवत्तापूर्ण शिक्षा* केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि *ज्ञान, कौशल, संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास* का संतुलित विकास ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य है। 👏 *शिक्षकों की भूमिका भी सराहनीय* विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों के पीछे *शिक्षकों के मार्गदर्शन, मेहनत और समर्पण* की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विद्यालय परिवार की ओर से सभी शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की गई। कार्यक्रम ने यह भी संदेश दिया कि *शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण* और उनके *उज्ज्वल भविष्य* की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 🌟 *अवियांश और अनन्या को विशेष शुभकामनाएँ* विद्यालय परिवार की ओर से *कक्षा-1* के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों *अवियांश मृत्युंजय बरई* एवं *अनन्या नायर* को शानदार प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं। कुल मिलाकर, *Mount Carmel International School* का *Culmination Day 2026-27* विद्यार्थियों की *प्रतिभा, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सर्वांगीण विकास* का शानदार उत्सव बनकर सामने आया। 🎓👏1
- एक ही रात पिंडरा में दो घरों में चोरी, बक्सा उठाकर सिवान में ले गए चोर; जांच में जुटी पुलिस1
- चोरों के निशाने पर पिंडरा: बक्सा उठाया, ताला तोड़ा और सामान ले उड़े1
- मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और छात्राओं को किया जागरूक हेल्पलाइन नंबरों और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी, पंपलेट बांटकर सुरक्षा के प्रति किया सचेत देवरिया। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए संचालित मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत देवरिया पुलिस ने शुक्रवार को विभिन्न थाना क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन में मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीमों ने सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों के साथ ही विद्यालयों में पहुंचकर महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। थाना बरहज की मिशन शक्ति टीम ने पटेल नगर सरयू घाट, थाना कोतवाली की टीम ने शिव मंदिर मोतीलाल रोड, थाना गौरीबाजार की टीम ने चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज देवगांव तथा थाना रामपुर कारखाना की मिशन शक्ति टीम ने कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कॉलेज में छात्राओं को पंपलेट वितरित किए। इस दौरान महिलाओं एवं छात्राओं को मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा महिला एवं बालिका सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने डायल-112, महिला हेल्पलाइन-181, वूमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076, वन स्टॉप सेंटर-181, स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन-102, एंबुलेंस सेवा-108 और साइबर हेल्पलाइन-1930 के बारे में विस्तार से बताया। सार्वजनिक स्थलों पर भी चला जागरूकता अभियान इसी क्रम में जनपद के सभी थानों की एंटी रोमियो एवं मिशन शक्ति टीमों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थलों और अन्य प्रमुख स्थानों पर महिलाओं एवं बालिकाओं को पंपलेट वितरित किए। टीमों ने उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी या अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना देने के लिए प्रेरित किया। पुलिस टीमों ने महिलाओं और बालिकाओं को साइबर अपराध से बचाव, महिला सुरक्षा तथा शासन की ओर से संचालित सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन की मदद ली जाए।1