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फ़ीरोज़ाबाद में एक भव्य मुशायरा का आयोजन किया गया। यह मुशायरा कलीम नूरी के सम्मान में सजाया गया था, जिसमें बड़े शायरों ने शिरकत की।
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फ़ीरोज़ाबाद में एक भव्य मुशायरा का आयोजन किया गया। यह मुशायरा कलीम नूरी के सम्मान में सजाया गया था, जिसमें बड़े शायरों ने शिरकत की।
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- फतेहाबाद के फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। यह हादसा उस समय हुआ जब आगरा के बहादुरपुर निवासी मनीष पुत्र सांवलिया अपनी अपाचे बाइक से फिरोजाबाद स्थित ससुराल से वापस घर लौट रहा था। फतेहाबाद-फिरोजाबाद रोड पर एक तेज रफ्तार थार कार ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी, जिसके बाद अपाचे बाइक आगे चल रही एक्टिवा से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक्टिवा ट्रैक्टर के सामने पहुँच गई और ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गया। इस भीषण दुर्घटना में अपाचे बाइक सवार मनीष की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक्टिवा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद थार चालक अपना वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही थाना फतेहाबाद पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी। घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया। घटना से नाराज़ परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया और शव को उठाने से मना कर दिया। खबर लिखे जाने तक सड़क पर लगा जाम नहीं खुल सका था और परिजन शव को मौके से हटाने नहीं दे रहे थे। पुलिस अधिकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।1
- फिरोजाबाद के जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सोमवार शाम विश्व वृद्ध जन जागरूकता दिवस के अवसर पर टूंडला स्थित आवासीय वृद्धाश्रम बन्ना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वृद्धाश्रम में रह रहे 47 महिला और पुरुष वृद्धजनों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को वृद्धाश्रम की व्यवस्थाएँ बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि समानुभूति और ममता की आवश्यकता होती है। उन्होंने आश्रम के कर्मचारियों को संवेदनशीलता से कार्य करने की सलाह देते हुए इस बात पर जोर दिया कि बुढ़ापा बचपन के पुनरागमन जैसा होता है, और इसलिए बुजुर्गों के साथ वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए जैसा एक माँ अपने बच्चे के साथ करती है। निरीक्षण के दौरान कई बुजुर्गों ने अपनी जीवन की कठिनाइयाँ साझा कीं, और इस मौके पर टूंडला उपजिलाधिकारी अनुराधा सिंह भी मौजूद रहीं।1
- फ़िरोज़ाबाद ज़िले के सिकेरा गाँव में देवेंद्र यादव उर्फ नीरू यादव एडवोकेट के पिता और भाई की प्रतिमाएँ स्थापित की गईं। इस प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद प्रोफेसर राम गोपाल यादव मुख्य रूप से शामिल हुए। उनके साथ कई समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।1
- एत्मादपुर ब्लॉक से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक सफाईकर्मी ने आरोप लगाया है कि बकाया वेतन मांगने ब्लॉक कार्यालय पहुँचने पर उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। पीड़ित का दावा है कि इस दौरान उसे जातिसूचक गालियां दी गईं और उसका वीडियो पेन भी छीन लिया गया। इस घटना के संबंध में संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की जा रही है। हालाँकि, मामले की जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। प्रस्तुत जानकारी संबंधित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने और आधिकारिक बयान आने के बाद तथ्य बदल सकते हैं, और इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था की छवि धूमिल करना नहीं है।1
- आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र के नगला अर्जुन गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के दबंग और प्रभावशाली लोगों ने उनके घर में घुसकर महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के साथ मारपीट की, लेकिन पुलिस कार्रवाई आरोपियों पर करने के बजाय पीड़ित पक्ष को ही प्रताड़ित कर रही है। शिकायतकर्ता सोबरन सिंह ने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद अंतिम संस्कार के लिए दिए गए पैसों को लेकर गांव में विवाद खड़ा कर दिया गया था। आरोप है कि पहले एक पंचायत में उन्हें धमकाया गया और बाद में कई लोगों ने एकजुट होकर उनके घर पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने सोबरन सिंह की पत्नी, भाई की पत्नी और नाबालिग बेटियों के साथ मारपीट की। परिवार का यह भी आरोप है कि बच्चियों को खींचकर बाड़े में ले जाया गया और उनके साथ अभद्रता की गई। यदि गांव के लोग मौके पर नहीं पहुंचते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि घटना की सूचना देने और मेडिकल कराने के बावजूद पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। घायल महिलाओं और बच्चियों का समुचित चिकित्सीय परीक्षण भी नहीं कराया गया। परिवार का कहना है कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद है, फिर भी पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है। यह आरोप सही होने पर यह एक बेहद गंभीर मामला है। पीड़ित परिवार ने पुलिस आयुक्त से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना से सवाल उठता है कि आखिर पुलिस का डंडा केवल कमजोरों पर ही क्यों चलता है और क्या कानून गरीब व दबे-कुचले लोगों के लिए अलग है, जबकि रसूखदारों के लिए अलग?1
- सोमवार सुबह आगरा के एत्माउद्दौला थाना क्षेत्र के नुनिहाई रोड पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक खड़ी डीसीएम ट्रक के अंदर चालक का शव फंदे से लटका हुआ मिला। इलाके के एक दुकानदार ने सड़क किनारे खड़ी डीसीएम के पिछले हिस्से में एक व्यक्ति को लटका देखा, जिसके बाद उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की और आधार कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस के जरिए मृतक की पहचान सैया क्षेत्र के विरहरु निवासी संजू के रूप में की। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन जिस स्थिति में शव डीसीएम की बॉडी के एंगल में लटका मिला है, उसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने बताया है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल, पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों ही पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहराई से जांच कर रही है, और उम्मीद है कि पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृतक की मौत की परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा।1
- स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि रोमी प्रधान द्वारा किए जा रहे अवैध मिट्टी खनन के कारण पूरी सड़क खराब हो गई है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनता का कहना है कि उनकी मजबूरी कोई नहीं समझ रहा और प्रधान उनकी कोई बात नहीं सुनते। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, प्रधान सड़क की समस्याओं के समाधान पर ध्यान नहीं देते और विपक्ष के लोगों का समर्थन करते हैं। लोगों ने अपनी समस्याओं को लेकर कई प्रयास किए हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अत्यधिक मजबूर महसूस करते हुए, जनता ने सभी लोगों, खासकर जनता और नेताओं से इस गंभीर मामले पर जल्द से जल्द ध्यान देने और उनका साथ देने की मार्मिक अपील की है।1
- रविवार को आगरा शहर के ईदगाह बस स्टैंड के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गंगा स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक चलती बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते बस धुएं के गुबार के बीच आग का गोला बन गई। गनीमत रही कि समय रहते बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब बस ईदगाह क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी उसके बोनट से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। चालक और यात्रियों को कुछ समझ आता, उससे पहले ही आग ने विकराल रूप ले लिया। बस में बैठे श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई और वे अपनी जान बचाने के लिए जल्दीबाजी में नीचे उतरने लगे। हादसे के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और स्थानीय लोगों ने बस के अंदर फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कई यात्रियों ने तो जान बचाने के लिए चलती बस से कूदकर बाहर निकलना ही बेहतर समझा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी बस उसकी चपेट में आ गई, और आग की ऊंची लपटें व धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई दे रहा था। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, हालांकि तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी को माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।1