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राजस्थान के बारां जिले के अटरू में ईएलसी कार्यकारिणी ने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण का संकल्प लिया है।
विरेन्द्र कुमारशर्मा
राजस्थान के बारां जिले के अटरू में ईएलसी कार्यकारिणी ने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण का संकल्प लिया है।
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- राजस्थान के बारां में ईएलसी कार्यकारिणी ने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति पूर्ण समर्पण का संकल्प लिया है।1
- राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में महात्मा ज्योतिबा फुले उच्च माध्यमिक विद्यालय में 'ट्रांसफॉर्मेटिव लीगल लिटरेसी एंड सेंसिटाइजेशन प्रोग्राम' के तहत एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बारां के आदेशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति, छीपाबड़ौद की ओर से आयोजित किया गया था। शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पैनल अधिवक्ता कुंज बिहारी नागर ने रालसा द्वारा प्रेषित बुकलेट का अध्ययन करते हुए छात्र-छात्राओं को नशाखोरी, नशे के दुष्परिणामों और युवाओं में इसके बढ़ते चलन के प्रति आगाह किया। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और ऑनलाइन साइबर सुरक्षा से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर होने वाले साइबर दुर्व्यवहार से बचने के व्यावहारिक उपाय भी बताए और उन्हें नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य सूरज वैष्णव ने छात्र-छात्राओं को इस तरह के विधिक शिविरों की महत्ता से अवगत कराया और उन्हें जीवन में नशाखोरी व साइबर दुर्व्यवहार से बचने की सलाह दी। इस आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के निदेशक पृथ्वीराज सिंह खींची, पैरा लीगल वॉलेंटियर अटल लववंशी, गौरव सिंगारिया और समस्त विद्यालय स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।4
- राजस्थान के बारां जिले की किशनगंज तहसील के सकरावदा ग्राम में भकरावदा रोड से सकरावदा स्कूल तक जाने वाले आम रास्ते पर जलभराव की समस्या बनी हुई है। इस आम रास्ते पर करीब एक फीट पानी भरा रहता है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों और सभी ग्राम वासियों को इसी पानी के बीच से होकर गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए पंचायत समिति से गुहार लगाते हुए निवेदन किया है कि इस रास्ते पर जल्द से जल्द सीसी रोड का निर्माण करवाया जाए ताकि बच्चों और ग्रामीणों को इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद क्षेत्र में 8 दिन के बाद मानसून सत्र प्रारंभ हो गया है, जहाँ रात 3 बजे से लगातार वर्षा हो रही है। लंबे समय से बरसात नहीं होने के कारण यहाँ की फसलें मुरझा गई थीं, जिसके लिए यह वर्षा इस क्षेत्र में स्वर्णिम वर्षा ज्ञात हुई है।1
- हमारे ऋषि-मुनियों, वेदों, पुराणों और शास्त्रों के अनुसार बिना हरि की कृपा के मनुष्य को किसी भी युग में सुख, शांति और आनंद नहीं मिल सकता है। फिर भी मनुष्य काम, क्रोध, लोभ, मोह और मद रूपी शत्रुओं से दोस्ती कर परमात्मा को भूल जाता है और माया के अभिमान में खुद को ही भगवान समझने लगता है, जिसका फैसला अंततः पंच तत्व करते हैं। जब मनुष्य ऊपर देखता है तो संकट में पड़ता है, लेकिन यदि वह अपनी निगाह नीची और नीयत ऊपर रखकर धरती की ओर देखता है तो परमात्मा उसकी आत्मा पर कृपा अवश्य करते हैं। इसी सोच के साथ कहा गया है कि कर्मों की खेती अच्छी होने पर ही मीठे फल प्राप्त होते हैं। छबड़ा क्षेत्र में जब फसलें सूखने की कगार पर थीं, तब मनुष्य ने धरती की ओर देखकर सेवा का महत्व समझा। इसके बाद भुवाखेड़ी स्थित खाटूश्याम गौशाला की पहाड़ी से श्याम भक्तों और किसानों द्वारा लगाई गई पुकार को बाबा श्याम ने सुन लिया। इसी कृपा के फलस्वरूप यहाँ मेघ बरस पड़े हैं और 21 जुलाई की रात से ही लगातार धीमी और तेज वर्षा हो रही है, जिससे भक्तों में 'जय बाबा श्याम' का हर्ष व्याप्त है।4
- कोटा जिले के सांगोद और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आखिरकार लंबे इंतजार के बाद कुदरत का अनोखा करम हुआ है, जिसने क्षेत्र के हजारों अन्नदाताओं के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटा दी है। बीते करीब बीस दिनों से बारिश की एक-एक बूंद को तरस रही सोयाबीन की सूखती फसल के लिए यह बरसात किसी अमृत और वरदान से कम साबित नहीं हुई है। सांगोद कस्बे सहित समीपवर्ती बपावर और मोईकलां क्षेत्र में सुबह लगभग नौ बजे के आसपास अचानक बादलों की आवाजाही बढ़ी और देखते ही देखते मध्यम गति की बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे किसानों की तमाम चिंताएं धुल गईं। दरअसल, क्षेत्र के किसानों ने लगभग तीन सप्ताह पहले भारी उम्मीदों के साथ अपने खेतों में सोयाबीन की बुवाई की थी, लेकिन बुवाई के बाद से ही मौसम लगातार शुष्क बना हुआ था। लंबे समय से बारिश न होने के कारण खेतों की नमी तेजी से सूखने लगी थी और किसानों की रातों की नींद उड़ चुकी थी। फसल के पूरी तरह से नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा था, जिससे पूरा किसान समुदाय बेहद चिंतित और हताश नजर आ रहा था। ऐसे संकट के समय में शुरू हुई इस लगातार और मध्यम गति की बारिश ने खेतों की प्यास बुझाई है और सोयाबीन की फसल को एक नया जीवनदान दे दिया है। मानसून की इस मेहरबानी से अब पूरे क्षेत्र के वातावरण में ठंडक घुल गई है और कृषि गतिविधियों में एक बार फिर से नई ऊर्जा का संचार हो गया है। कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय किसानों का मानना है कि समय पर हुई यह बारिश न केवल पौधों की ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी थी, बल्कि इससे आने वाले दिनों में फसल की पैदावार भी काफी बेहतर होगी।1
- राजस्थान के बारां जिले के अटरू में ईएलसी कार्यकारिणी ने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण का संकल्प लिया है।1
- झालावाड़ के खानपुर कस्बे में कांता प्लाजा के सामने जैन मंदिर दर्शन के लिए आए तीर्थयात्रियों को मंगलवार रात करीब 8:50 बजे एक अज्ञात बाइक सवार ने निशाना बनाया। आरोपी मध्य प्रदेश के विदिशा से आई एक महिला का पर्स झपटकर फरार हो गया, जिसमें करीब ₹20 हजार नकद और एक मोबाइल फोन रखा था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। पुलिस फिलहाल आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। इस वारदात के बाद तीर्थयात्रियों व स्थानीय लोगों में क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता व्याप्त है।1