देवघर में संत समाज की ऐतिहासिक घोषणा : कालकानंद गिरी बनीं जमशेदपुर किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर, देश-विदेश से मिल रही बधाइयाँ बीसीआई टूरिज्म की 'वर्कप्लेस विजिट' संपन्न: होटल प्रबंधन के सीखे गुर शहर के पर्यटन स्थलों पर सहकारी एवं जन सहयोग से महिला शौचालय बनवाने का लिया संकल्प : डॉ. श्रद्धा गट्टानी उदयपुर। बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) की पर्यटन विंग 'बीसीआई टूरिज्म' द्वारा मंगलवार को सुभाष नगर स्थित ओरिएंटल पैलेस रिसॉर्ट्स में 'वर्कप्लेस विजिट' का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान उद्यमियों ने न केवल हॉस्पिटालिटी सेक्टर की बारीकियों को समझा, बल्कि शहर के पर्यटन विकास के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। बीसीआई टूरिज्म की प्रेसिडेंट डॉ श्रद्धा गट्टानी ने बताया कि उदयपुर के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जनसहयोग और सरकार के समन्वय से महिला शौचालयों का निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर महिला शौचालय बनाने का हमारा संकल्प शहर के टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर में एक मील का पत्थर साबित होगा। बीसीआई के फाउंडर एंड चेयरमैन मुकेश माधवानी ने बताया कि वर्क प्लेस विजिट के दौरान जल्द ही एक 'मास्टर क्लास' आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया, जहाँ उदयपुर के विभिन्न होटलों में कार्यरत कर्मचारियों को टूरिज्म और हॉस्पिटालिटी की बेसिक गाइडेंस व ट्रेनिंग दी जाएगी। वर्कप्लेस विजिट के दौरान ओरिएंटल पैलेस रिजॉर्ट्स की ओनर और बीसीआई टूरिज्म की प्रेसिडेंट डॉ. श्रद्धा गट्टानी ने सदस्यों को अपने प्रतिष्ठान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बीसीआई टूरिज्म की पहली ऑफिशियल मीटिंग 24 मार्च को शाम 5 बजे आयोजित की जाएगी। बीसीआई टूरिज्म की अध्यक्ष डॉ. श्रद्धा गट्टानी ने बताया कि एक सफल रिसॉर्ट केवल ईंट-पत्थरों से नहीं, बल्कि कुशल प्रबंधन और मेहमानों के अनुभव से बनता है। उन्होंने कहा कि आज की विजिट का उद्देश्य सदस्यों को ऑपरेशनल मॉडल की लाइव वर्किंग दिखाना था ताकि वे अपने बिजनेस में भी इन नवाचारों को अपना सकें। हमारा प्रयास है कि बीसीआई के माध्यम से हम सीखने और सिखाने की एक निरंतर प्रक्रिया को जीवित रखें। फाउंडर एवं चेयरमैन मुकेश माधवानी ने बताया कि हॉस्पिटालिटी इंडस्ट्री की बारीकियों को समझना आज के समय में हर उद्यमी के लिए जरूरी है। इसलिए बीसीआई के हर चैप्टर की हर महीने एक वर्क प्लेस विजिट आयोजित की जाती है, ताकि सदस्य एक दूसरे के बिजनेस को बेहतर तरीके से समझ सके। बीसीआई टूरिज्म के जनरल सेक्रेटरी गौरव भंडारी ने बताया कि पर्यटन उद्योग में सर्विस क्वालिटी सबसे ऊपर है, इसीलिए हमने मास्टर क्लास आयोजित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले कर्मचारियों को ट्रेंड किया जाएगा ताकि वे पर्यटकों को वर्ल्ड क्लास सर्विस दे सकें। बीसीआई टूरिज्म की सेक्रेटरी सुरभि मेनारिया धींग ने बताया कि विजिट के दौरान सदस्यों ने रिसॉर्ट के फ्रंट ऑफिस से लेकर बैक-एंड ऑपरेशंस तक को बारीकी से समझा। उन्होंने कहा कि हमारा संगठन केवल व्यापारिक चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा है। महिला पर्यटकों की सुविधा के लिए शौचालय निर्माण का संकल्प हमारी इसी जिम्मेदारी का हिस्सा है। बीसीआई टूरिज्म की कोषाध्यक्ष स्वाति स्वरूपरिया ने बताया कि किसी भी संस्थान की सफलता उसके वित्तीय और ऑपरेशनल तालमेल पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि आज की विजिट में उद्यमियों ने व्यावहारिक अनुभवों को साझा किया जो भविष्य में उनके अपने स्टार्टअप्स और बिजनेस में काम आएंगे। इस दौरान बीसीआई परिवार से फाउंडर एंड चेयरमैन मुकेश माधवानी, प्रेसिडेंट डॉ. श्रद्धा गट्टानी, सेक्रेटरी सुरभि मेनारिया धींग, जनरल सेक्रेटरी गौरव भंडारी, कोषाध्यक्ष स्वाति स्वरूपरिया, नम्रता जैन, मुकेश व्यास, चारु मलानी, डॉ. प्रियंका कोठारी, हर्ष चौधरी आदि सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने रिसॉर्ट की कार्यप्रणाली को लाइव देखा और इंडस्ट्री से जुड़े व्यावहारिक अनुभवों पर विस्तृत चर्चा की।
देवघर में संत समाज की ऐतिहासिक घोषणा : कालकानंद गिरी बनीं जमशेदपुर किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर, देश-विदेश से मिल रही बधाइयाँ बीसीआई टूरिज्म की 'वर्कप्लेस विजिट' संपन्न: होटल प्रबंधन के सीखे गुर शहर के पर्यटन स्थलों पर सहकारी एवं जन सहयोग से महिला शौचालय बनवाने का लिया संकल्प : डॉ. श्रद्धा गट्टानी उदयपुर। बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) की पर्यटन विंग 'बीसीआई टूरिज्म' द्वारा मंगलवार को सुभाष नगर स्थित ओरिएंटल पैलेस रिसॉर्ट्स में 'वर्कप्लेस विजिट' का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान उद्यमियों ने न केवल हॉस्पिटालिटी सेक्टर की बारीकियों को समझा, बल्कि शहर के पर्यटन विकास के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। बीसीआई टूरिज्म की प्रेसिडेंट डॉ श्रद्धा गट्टानी ने बताया कि उदयपुर के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जनसहयोग और सरकार के समन्वय से महिला शौचालयों का निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर महिला शौचालय बनाने का हमारा संकल्प शहर के टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर में एक मील का पत्थर साबित होगा। बीसीआई के फाउंडर एंड चेयरमैन मुकेश माधवानी ने बताया कि वर्क प्लेस विजिट के दौरान जल्द ही एक 'मास्टर क्लास' आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया, जहाँ उदयपुर के विभिन्न होटलों में कार्यरत कर्मचारियों को टूरिज्म और हॉस्पिटालिटी की बेसिक गाइडेंस व ट्रेनिंग दी जाएगी। वर्कप्लेस विजिट
के दौरान ओरिएंटल पैलेस रिजॉर्ट्स की ओनर और बीसीआई टूरिज्म की प्रेसिडेंट डॉ. श्रद्धा गट्टानी ने सदस्यों को अपने प्रतिष्ठान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बीसीआई टूरिज्म की पहली ऑफिशियल मीटिंग 24 मार्च को शाम 5 बजे आयोजित की जाएगी। बीसीआई टूरिज्म की अध्यक्ष डॉ. श्रद्धा गट्टानी ने बताया कि एक सफल रिसॉर्ट केवल ईंट-पत्थरों से नहीं, बल्कि कुशल प्रबंधन और मेहमानों के अनुभव से बनता है। उन्होंने कहा कि आज की विजिट का उद्देश्य सदस्यों को ऑपरेशनल मॉडल की लाइव वर्किंग दिखाना था ताकि वे अपने बिजनेस में भी इन नवाचारों को अपना सकें। हमारा प्रयास है कि बीसीआई के माध्यम से हम सीखने और सिखाने की एक निरंतर प्रक्रिया को जीवित रखें। फाउंडर एवं चेयरमैन मुकेश माधवानी ने बताया कि हॉस्पिटालिटी इंडस्ट्री की बारीकियों को समझना आज के समय में हर उद्यमी के लिए जरूरी है। इसलिए बीसीआई के हर चैप्टर की हर महीने एक वर्क प्लेस विजिट आयोजित की जाती है, ताकि सदस्य एक दूसरे के बिजनेस को बेहतर तरीके से समझ सके। बीसीआई टूरिज्म के जनरल सेक्रेटरी गौरव भंडारी ने बताया कि पर्यटन उद्योग में सर्विस क्वालिटी सबसे ऊपर है, इसीलिए हमने मास्टर क्लास आयोजित करने
का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले कर्मचारियों को ट्रेंड किया जाएगा ताकि वे पर्यटकों को वर्ल्ड क्लास सर्विस दे सकें। बीसीआई टूरिज्म की सेक्रेटरी सुरभि मेनारिया धींग ने बताया कि विजिट के दौरान सदस्यों ने रिसॉर्ट के फ्रंट ऑफिस से लेकर बैक-एंड ऑपरेशंस तक को बारीकी से समझा। उन्होंने कहा कि हमारा संगठन केवल व्यापारिक चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा है। महिला पर्यटकों की सुविधा के लिए शौचालय निर्माण का संकल्प हमारी इसी जिम्मेदारी का हिस्सा है। बीसीआई टूरिज्म की कोषाध्यक्ष स्वाति स्वरूपरिया ने बताया कि किसी भी संस्थान की सफलता उसके वित्तीय और ऑपरेशनल तालमेल पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि आज की विजिट में उद्यमियों ने व्यावहारिक अनुभवों को साझा किया जो भविष्य में उनके अपने स्टार्टअप्स और बिजनेस में काम आएंगे। इस दौरान बीसीआई परिवार से फाउंडर एंड चेयरमैन मुकेश माधवानी, प्रेसिडेंट डॉ. श्रद्धा गट्टानी, सेक्रेटरी सुरभि मेनारिया धींग, जनरल सेक्रेटरी गौरव भंडारी, कोषाध्यक्ष स्वाति स्वरूपरिया, नम्रता जैन, मुकेश व्यास, चारु मलानी, डॉ. प्रियंका कोठारी, हर्ष चौधरी आदि सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने रिसॉर्ट की कार्यप्रणाली को लाइव देखा और इंडस्ट्री से जुड़े व्यावहारिक अनुभवों पर विस्तृत चर्चा की।
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- डूंगरपुर। जनजाति अंचल के डूंगरपुर में मई ओर जून माह से पहले ही मार्च में जहा तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिसके चलते आगामी गर्मी को लेकर जिला प्रशासन पेयजल व्यवस्थाओं को लेकर मुस्तैदी दिखा रहा है। वही दूसरी ओर लचर विभागीय कार्यप्रणाली के चलते हजारों लीटर अमृत जल सड़को ओर नालियों में व्यर्थ बह रहा है। बुधवार को शहर ब्रह्मस्थली कॉलोनी में जलदाय विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है।1
- Post by Devilalmeena Meena1
- साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित डूंगरपुर। जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने पीएचईडी अधीक्षण अभियंता को गर्मियों से पूर्व जिले में पेयजल वितरण के उचित प्रबंधन हेतु समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह निर्देश जिला परिषद के ईडीपी सभागार में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में विभाग वार समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान पालनहार योजना, पेंशन योजना के तहत सत्यापन आदि की जानकारी दी तथा सीमलवाड़ा, चिखली, गलियाकोट में न्यून प्रगति पर तीव्रता से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं में मार्च पूर्व लक्ष्य के अनुसार स्वीकृतियां जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में पीएचइडी अधीक्षण अभियंता ने पेयजल वितरण, हेड पंप, ट्यूब वेल, विभागीय कार्य एवं योजनाओं की क्रियान्वित के संबंध में जानकारी दी। इसी क्रम में पीडब्ल्यूडी, एवीएनएल, टीएडी, पशुपालन, उद्योग, जल संसाधन, सहकारिता, आईसीडीएस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभागों की समीक्षा करते हुए सभी प्रगतिरत कार्यों को तय समय अवधि में पूर्ण करने तथा न्यून प्रगति वाली योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों के तत्काल निस्तारण करने तथा प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर दिनेश चंद्र धाकड़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी गण मौजूद रहें।3
- उदयपुर/डूंगरपुर। लोकसभा क्षेत्र उदयपुर के जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने दिल्ली के सदन में पुरजोर आवाज उठाई है। मंगलवार को संसद में नियम 377 के तहत विशेष उल्लेख करते हुए डॉ. रावत ने जिले की पांच महत्वपूर्ण पंचायत समितियों - ओगणा, सुलाव, देवला, नाई और कल्याणपुर में नवीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोलने की मांग केंद्र सरकार के समक्ष रखी। उन्होंने तर्क दिया कि ये क्षेत्र न केवल भौगोलिक रूप से दुर्गम हैं, बल्कि शिक्षा के संसाधनों के अभाव में यहां की प्रतिभाएं पिछड़ रही हैं। सांसद डॉ. रावत ने सदन को सांख्यिकीय आंकड़ों के साथ अवगत कराया कि ये पांचों पंचायत समितियां पूर्णतः जनजाति बाहुल्य हैं और विद्यालय स्थापना की सभी पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं। उन्होंने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए बताया कि देवला में 98 प्रतिशत, सुलाव में 95 प्रतिशत, कल्याणपुर में 88 प्रतिशत, नाई में 86 प्रतिशत और ओगणा में 68 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या निवास करती है। वर्तमान में इन क्षेत्रों में एक भी एकलव्य विद्यालय संचालित नहीं होने के कारण यहां के बालक-बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा के लिए भटकना पड़ता है या उच्च शिक्षा के अवसरों से वंचित रहना पड़ता है। डॉ. रावत ने अपने संबोधन में क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि दुर्गम अरावली पहाड़ियों में बसे इन गांवों के विद्यार्थियों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार करना समय की मांग है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि संविधान के अनुच्छेद 275 (1) के अंतर्गत विशेष बजट प्रावधान कर इन पांचों स्थानों पर एकलव्य विद्यालयों की स्वीकृति जल्द प्रदान की जाए। सांसद की इस पहल से स्थानीय नागरिकों में हर्ष की लहर है, क्योंकि इन क्षेत्रों में लंबे समय से शिक्षा के इस आधुनिक ढांचे की मांग की जा रही थी। यदि यह मांग स्वीकार होती है, तो इन सुदूर क्षेत्रों के जनजाति विद्यार्थियों को भी समग्र और वैश्विक स्तर की शिक्षा सुलभ हो सकेगी।1
- देवास में किसानों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण, 40 किसानों ने लिया भाग1
- उदयपुर जिला कलेक्टर नमित मेहता ने मंगलवार को कुराबड़ क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न सरकारी कार्यालयों और क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं की मौका निरीक्षण करते हुए प्रगति की समीक्षा की अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।1
- डूंगरपुर। खेतों me फसल काटने गई युवती की जहरीले जानवर के काटने से तबियत बिगड़ गई। वही युवती का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। पाप जानकारी अनुसार जिले के निकटवर्ती खांड़ी ओबरी गांव निवासी रीना पिता प्रेमशंकर भनात मंगलवार शाम अपने घर के पास खेतों में गेहूं की फसल काटने के लिए गई थी। तभी फसल में छिपे जहरीले जानवर ने युवती के हाथ पर काट लिया। जिसके बाद युवती को चक्कर ओर उल्टी की शिकायत होने पर उसे निजी वाहन से जिला अस्पताल लाया गया। युवती का उपचार चल रहा है।1