सिमरधा में देशी शराब ठेका के विरोध में ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, रैली निकालकर गरौठा (झांसी)। तहसील गरौठा क्षेत्र के कोतवाली गरौठा अंतर्गत ग्राम सिमरधा में देशी शराब के प्रस्तावित ठेका खोले जाने के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर गांव में रैली निकाली और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सिमरधा एक ऐतिहासिक गांव है, जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमि रहा है। ऐसे गौरवशाली गांव में शराब का ठेका खोले जाने से सामाजिक माहौल खराब होगा और युवाओं पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। रैली गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों ने “शराब ठेका बंद करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि गांव में जबरन ठेका खोला गया तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की गरिमा और सामाजिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए ठेका निरस्त किया जाए। इस दौरान गांव के कई गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। गुरसराय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट
सिमरधा में देशी शराब ठेका के विरोध में ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, रैली निकालकर गरौठा (झांसी)। तहसील गरौठा क्षेत्र के कोतवाली गरौठा अंतर्गत ग्राम सिमरधा में देशी शराब के प्रस्तावित ठेका खोले जाने के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर गांव में रैली निकाली और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सिमरधा एक ऐतिहासिक गांव है, जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमि रहा है। ऐसे गौरवशाली गांव में शराब का ठेका खोले जाने से सामाजिक माहौल खराब होगा और युवाओं पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। रैली गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों ने “शराब ठेका बंद करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि गांव में जबरन ठेका खोला गया तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की गरिमा और सामाजिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए ठेका निरस्त किया जाए। इस दौरान गांव के कई गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। गुरसराय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट
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- गरौठा (झांसी)। तहसील गरौठा क्षेत्र के कोतवाली गरौठा अंतर्गत ग्राम सिमरधा में देशी शराब के प्रस्तावित ठेका खोले जाने के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर गांव में रैली निकाली और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सिमरधा एक ऐतिहासिक गांव है, जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमि रहा है। ऐसे गौरवशाली गांव में शराब का ठेका खोले जाने से सामाजिक माहौल खराब होगा और युवाओं पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। रैली गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों ने “शराब ठेका बंद करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि गांव में जबरन ठेका खोला गया तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की गरिमा और सामाजिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए ठेका निरस्त किया जाए। इस दौरान गांव के कई गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। गुरसराय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट1
- हमीरपुर के सरीला तहसील अंतर्गत बरगवां के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। गनीमत रही कि कार सवार सचिन पुत्र मंगल सिंह निवासी चंडौत और अन्य तीन सवार बाल-बाल बच गए। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सचिन अपनी कार से मामना से चंडौत जा रहे थे, तभी बरगवां के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल मैं जुटी रिपोर्ट निर्दोष राजपूत2
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- वरमपुरा में आग लगने से 50 बीघा गेहूं की फसल जलकर हुई खाक, किसानों में मची चीखपुकार तहसील टहरौली क्षेत्र के वरमपुरा गांव में आज शुक्रवार को समय 4 बजे के करीब एक हार्वेस्टर से फसल काटते समय अचानक उठी चिंगारी ने धीरे धीरे विकराल रूप धारण कर लिया अचानक लगी भीषण आग से वहां पर मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई सूचना पर जब तक दमकल कर्मी पहुंचे तब तक आस पास के खेतों में आग फैल जाने पर 50 बीघा से भी अधिक की किसानों की फसल जलकर खाक हो जाने से किसानों का रो रोकर बुरा हाल बना हुआ है ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उपजिलाधिकारी टहरौली अक्षय दीपक एवं तहसीलदार ज्ञानप्रकाश सिंह ने मौके पर पहुंच घटना स्थल पर किसानों से बात कर शासन स्तर से किसानों को हर संभव मदद दिलाए जाने की बात कही है1
- गुरसरांय। क्षेत्र के ग्राम परसुवा में उस समय हड़कंप मच गया जब अज्ञात कारणों से गेहूं के खेत में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते करीब 10 बीघा खड़ी फसल जलकर राख हो गई। यह फसल गांव निवासी पान खा पुत्र मुलायम की बताई जा रही है। ग्रामीणों ने आग की लपटें उठती देख शोर मचाया और तुरंत आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन तेज हवा के चलते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस उपनिरीक्षक मयंक मिश्रा, कॉन्स्टेबल नर्वेंदर सिंह व फायर ब्रिगेड कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक किसान की पूरी मेहनत जलकर खाक हो चुकी थी। घटना से पीड़ित किसान गहरे सदमे में है। उसने शासन-प्रशासन से आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। वहीं आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है, जिसकी जांच की जा रही है। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट1