मथुरा के वृंदावन के समीपवर्ती गांव राजपुर में बच्चों के एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। इस विवाद के दौरान चचेरे भाई रोहित सैनी ने अपने ही ताऊ के बेटे मनीष सैनी पर जान से मारने की नीयत से गोली चला दी। गोली मनीष के हाथ में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी रोहित सैनी मौके से फरार हो गया। घायल मनीष को परिजनों ने आनन-फानन में वृंदावन के जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। सीओ सदर वरुण मिश्रा ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर आरोपी भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। फिलहाल घायल युवक की स्थिति सामान्य बनी हुई है और मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मथुरा के वृंदावन के समीपवर्ती गांव राजपुर में बच्चों के एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। इस विवाद के दौरान चचेरे भाई रोहित सैनी ने अपने ही ताऊ के बेटे मनीष सैनी पर जान से मारने की नीयत से गोली चला दी। गोली मनीष के हाथ में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी रोहित सैनी मौके से फरार हो गया। घायल मनीष को परिजनों ने आनन-फानन में वृंदावन के जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। सीओ सदर वरुण मिश्रा ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर आरोपी भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। फिलहाल घायल युवक की स्थिति सामान्य बनी हुई है और मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- मथुरा जिले के छाता क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार करने और लालच में अपनों का हक मारने का एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां नौगांव निवासी सगे चाचा और ताऊ पर अपनी ही तीन अनाथ भतीजियों कुमारी संध्या, चांदनी और एक अन्य का हक छीनने और उन्हें पाई-पाई के लिए मोहताज कर बेघर करने का गंभीर आरोप लगा है। संपत्ति हड़पने के लिए दादा के नाम पर एक कथित फर्जी वसीयत तैयार कराई गई। मिली जानकारी के अनुसार, इन बच्चियों के पिता वीरेंद्र की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के बाद बेसहारा हुई उनकी पत्नी रजनी ने सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते दूसरा विवाह कर लिया, जिससे वीरेंद्र और रजनी की तीन मासूम बच्चियां पूरी तरह अनाथ और असहाय हो गईं। नियमों के आधार पर पिता वीरेंद्र के हिस्से की संपत्ति पर उनकी इन तीन बेटियों का हक होना चाहिए था, लेकिन बच्चियों के चाचा और ताऊ की नीयत डोल गई। बताया जा रहा है कि बच्चियों के दादा (बाबा) की मृत्यु से पहले ही उनके पिता वीरेंद्र की मौत हो चुकी थी। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए चाचा-ताऊ ने कथित तौर पर मौजा नौगांव खसरा संख्या 683 के लिए एक फर्जी वसीयत तैयार करवा ली, जिसमें वीरेंद्र के हिस्से को गायब कर पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब बच्चियों के पिता जीवित ही नहीं थे, तो दादा की संपत्ति में से पोतियों का हक मारना सीधे तौर पर जालसाजी और धोखाधड़ी है। उन्हें जानबूझकर बेघर और बेसहारा कर दिया गया है। इस धोखाधड़ी के बाद तीनों बच्चियां पूरी तरह से बेघर हो चुकी हैं। उनके पास न तो रहने के लिए छत बची है और न ही भरण-पोषण का कोई साधन। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि सगे खून ने ही मासूमों के साथ इतना बड़ा विश्वासघात किया। पीड़ित नाबालिग बच्चियों ने प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर जालसाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें उनका हक दिलाने की गुहार लगाई है, यह मांग करते हुए कि अगर इस सरकार में कहीं न्याय है तो इन बेसहारा मासूमों को मिलना चाहिए।1
- जनपद मथुरा के थाना छाता क्षेत्र के नौगांव से रिश्तों को शर्मसार करने और लालच में अपनों का ही हक मारने का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ सगे चाचा और ताऊ ने मिलकर अपनी तीन अनाथ भतीजियों कुमारी संध्या और चांदनी का हक छीन लिया और उन्हें पाई-पाई के लिए मोहताज कर बेघर कर दिया। अनाथ बच्चियों की संपत्ति हड़पने के लिए उनके दादा के नाम पर एक फर्जी वसीयत तैयार कराई गई है। मिली जानकारी के अनुसार, नौगांव निवासी वीरेंद्र की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी रजनी ने सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते दूसरा विवाह कर लिया। वीरेंद्र और रजनी की तीन मासूम बच्चियां हैं, जो पिता की मौत और माँ के चले जाने के बाद पूरी तरह अनाथ और असहाय हो गईं। नियमों के अनुसार, पिता वीरेंद्र के हिस्से की संपत्ति पर उनकी इन तीन बेटियों का हक था, लेकिन बच्चियों के चाचा और ताऊ की नियत डोल गई। बताया जा रहा है कि बच्चियों के दादा (बाबा) की मृत्यु से पहले ही उनके पिता वीरेंद्र की मौत हो चुकी थी। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए चाचा-ताऊ ने कथित तौर पर मौज़ नौगांव खसरा संख्या 683 की एक फर्जी वसीयत तैयार करवा ली, जिसमें वीरेंद्र के हिस्से को गायब कर पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब बच्चियों के पिता जीवित नहीं थे, तो दादा की संपत्ति में से पोतियों का हक मारना सीधे तौर पर जालसाजी और धोखाधड़ी है और बच्चियों को जानबूझकर बेघर और बेसहारा कर दिया गया है। इस धोखाधड़ी के बाद तीनों बच्चियां पूरी तरह से बेघर हो चुकी हैं, उनके पास न तो रहने के लिए छत बची है और न ही भरण-पोषण का कोई साधन। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि सगे खून ने ही मासूमों के साथ इतना बड़ा विश्वासघात किया। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर जालसाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बच्चियों को उनका हक दिलाने की गुहार लगाई है।1
- मथुरा-वृंदावन से सामने आ रही खबर के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य और पति मानने वाली देवी इंदुलेखा ने आज वृंदावन में जल समाधि लेने का प्रयास किया। उनका यह कदम ब्रज के मंदिरों और तीर्थस्थलों के आसपास मांस और मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर था। इंदुलेखा का तर्क है कि मथुरा-वृंदावन में 'सनातन विचारधारा की सरकार' और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार होने के बावजूद, इन धार्मिक स्थलों के पास शराब और मांस की बिक्री लगातार जारी है। उनका मानना है कि इस स्थिति से करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। निर्धारित समय पर जब देवी इंदुलेखा जल समाधि लेने मौके पर पहुंचीं, तो प्रशासन और पुलिस की टीम भी वहां पहुंच गई। अधिकारियों ने उन्हें जल समाधि लेने से सफलतापूर्वक रोक दिया। घटना स्थल पर काफी देर तक उन्हें समझाने-बुझाने का प्रयास चलता रहा, और फिलहाल स्थिति प्रशासन के नियंत्रण में है। लोग इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।1
- डीग पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ (IPS) के निर्देश पर मंगलवार को बहज चौकी उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान सघन नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की गई, जिसमें कोतवाली थाना प्रभारी रामनरेश मीणा और उप निरीक्षक अमर सिंह गुर्जर सहित अन्य पुलिस जाब्ता मौजूद रहा। कोतवाली थाना प्रभारी रामनरेश मीणा ने बताया कि इस अभियान के तहत काली फिल्म, फैंसी नंबर प्लेट, मॉडिफाइड वाहन, अवैध हूटर, फ्लैशर, लाल-नीली बत्ती, बिना नंबर, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और बिना वैध दस्तावेज चलने वाले वाहनों सहित यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के सभी सर्किल व थाना क्षेत्रों में लगातार जारी रहेगा।3
- मथुरा स्थित ग्रीन विलो पब्लिक स्कूल, जो एक सीबीएसई संबद्ध विद्यालय है, पर आयोजित परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायतकर्ता ने परीक्षा समय पर शुरू न होने और परीक्षा संचालन के दौरान कई गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए दिनांक 25 जून से परीक्षा समाप्ति तक के सभी सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की है। परीक्षा निर्धारित समय पर प्रारम्भ न होने के कारण परीक्षार्थियों को अनावश्यक मानसिक तनाव और असुविधा का सामना करना पड़ा। प्राप्त शिकायतों के मुख्य बिंदुओं में परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू न होना, परीक्षा केंद्र पर नकल और अनुचित साधनों के प्रयोग की शिकायतें, तथा कक्ष निरीक्षकों, पर्यवेक्षकों एवं अन्य ड्यूटी कर्मियों द्वारा कर्तव्यों का समुचित निर्वहन न किए जाने की संभावना शामिल है। विद्यालय द्वारा स्वयं सीसीटीवी व्यवस्था उपलब्ध होने का उल्लेख किया गया है, अतः शिकायतकर्ता ने परीक्षा दिवस की संपूर्ण सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखकर उसकी जांच कराने पर जोर दिया है। विशेष रूप से, सभी परीक्षाओं के शुरू होने से 3 घंटे पहले से प्रश्नपत्र वितरण, परीक्षार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा कक्षों की निगरानी और परीक्षा अवधि के दौरान हुई समस्त गतिविधियों का सत्यापन सीसीटीवी फुटेज और ड्यूटी रजिस्टर के आधार पर कराने का निवेदन किया गया है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्र पर तैनात समस्त शिक्षकों, कक्ष निरीक्षकों, केंद्र व्यवस्थापक और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर यह सुनिश्चित करने की मांग की गई है कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही, मिलीभगत या परीक्षा नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि ड्यूटी पर तैनात परीक्षकों का किसी संस्थान से संबंध पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए। इस संबंध में, शिकायतकर्ता ने प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने का निवेदन किया है। इसमें तत्काल परीक्षा दिवस की संपूर्ण सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित कर जब्त करना, ड्यूटी पर तैनात सभी शिक्षकों और अधिकारियों के बयान दर्ज करना, और नकल या अन्य अनियमितताओं की पुष्टि होने पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही करना शामिल है। भविष्य में निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। जनहित और शिक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्यवाही करने की अपील की गई है।1
- मथुरा जनपद के कोसीकलां शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गंभीर समस्या से जूझ रहे आमजन और किसानों की परेशानियों को देखते हुए, कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की। यह मुलाकात लोगों और किसानों को हो रही समस्याओं के मद्देनजर की गई, जहाँ बिजली कटौती एक बड़ी चिंता का विषय है। इस बैठक के दौरान, नरदेव चौधरी ने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि बढ़ती गर्मी और कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए, शहरवासियों और किसानों को निर्बाध एवं पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बार-बार होने वाली बिजली कटौती से आमजन और किसान, दोनों ही बुरी तरह परेशान हैं, और इसलिए विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाना बेहद ज़रूरी है। मंत्री प्रतिनिधि की चिंताओं को सुनने के बाद, विद्युत विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जहाँ कहीं भी तकनीकी समस्याएं हैं, उनका शीघ्रता से समाधान कराया जाएगा ताकि क्षेत्र में बिजली संकट को दूर किया जा सके।1
- मथुरा के वृंदावन के समीपवर्ती गांव राजपुर में बच्चों के एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। इस विवाद के दौरान चचेरे भाई रोहित सैनी ने अपने ही ताऊ के बेटे मनीष सैनी पर जान से मारने की नीयत से गोली चला दी। गोली मनीष के हाथ में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी रोहित सैनी मौके से फरार हो गया। घायल मनीष को परिजनों ने आनन-फानन में वृंदावन के जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। सीओ सदर वरुण मिश्रा ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर आरोपी भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। फिलहाल घायल युवक की स्थिति सामान्य बनी हुई है और मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।1