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जमशेदपुर मे ं साइक्लोन अर्नब का भयंकर असर ............................................................
SAGAR YADAV JI
जमशेदपुर मे ं साइक्लोन अर्नब का भयंकर असर ............................................................
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- 🔴 कदमा में 1 साल से खराब स्ट्रीट लाइट, अंधेरे में लोग परेशान कदमा, जमशेदपुर के अनिल सुरपथ, ग्रीन पार्क और पार्वती पथ क्षेत्र में लंबे समय से स्ट्रीट लाइट खराब है। स्थानीय लोगों ने जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। 🎤 Steel City Breaking News | ग्राउंड रिपोर्ट 📢 आपकी आवाज़, हमारी खबर।1
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- जमशेदपुर में साइक्लोन का असर, भारी बारिश से कई इलाकों में जलजमाव और बाढ़ का खतरा” जमशेदपुर में साइक्लोन का असर, भारी बारिश से कई इलाकों में जलजमाव और बाढ़ का खतरा”1
- जिस पिता के कंधों पर खेलकर बड़ी हुई बेटी, आज उसी कंधे पर निकली अंतिम यात्रा जिस पिता के कंधों पर खेलकर बड़ी हुई बेटी, आज उसी कंधे पर निकली अंतिम यात्रा रांची। जिंदगी के सबसे भावुक और दर्दनाक पलों में से एक वह दृश्य रहा, जब जिस पिता के कंधों पर बैठकर बेटी ने बचपन बिताया था, उसी पिता के कंधों पर उसकी अर्थी उठी। यह दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं। झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री एवं महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह की सड़क हादसे में मौत के बाद जब अंतिम यात्रा निकली, तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के बीच मातम पसरा रहा। बचपन में जिस बेटी को पिता ने अपनी बाहों में उठाया, कंधों पर बिठाया और कदम-कदम पर उसका सहारा बने, वही बेटी आज अंतिम सफर पर थी। बेटी की अर्थी को कंधा देते पिता का दृश्य बेहद मार्मिक रहा। वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं और हर कोई इस असहनीय दुख में परिवार के साथ खड़ा नजर आया। बेटी के जन्म से लेकर उसके बड़े होने तक पिता उसके हर सुख-दुख में साथ रहे। लेकिन किसी पिता ने शायद कभी यह नहीं सोचा होगा कि एक दिन उसे अपनी ही बेटी की अर्थी को कंधा देना पड़ेगा। तृषा की असामयिक मौत ने परिवार के साथ-साथ परिचितों और शुभचिंतकों को भी झकझोर दिया है। अंतिम विदाई के दौरान सामने आया यह दृश्य लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।1
- सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय, सरायकेला में उत्साह एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण में हुआ संपूर्ण वंदे मातरम् का सामूहिक गायन* * सरायकेला, 25 सितंबर 2026।- वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर आज सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय, सरायकेला में राष्ट्रभक्ति, गौरव एवं उत्साह से परिपूर्ण वातावरण में संपूर्ण वंदे मातरम् के सामूहिक गायन का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर में एक करोड़ से अधिक भैया-बहनों, अभिभावकों एवं विद्यालय के पूर्व भैया-बहनों सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने एक साथ वंदे मातरम् का गायन कर राष्ट्र के प्रति अपनी श्रद्धा एवं समर्पण व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से आरएसएस के संघचालक श्री सत्यनारायण अग्रवाल जी, विद्यालय के अध्यक्ष श्री रामनाथ आचार्य जी, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य श्री गुरूचरण महतो जी, विद्यालय के कोषाध्यक्ष श्री प्रसाद महतो जी, विद्युत परिषद के सदस्य श्री सुधीप पटनायक जी एवं श्री आदित्य कुमार दुबे जी सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित रहे। अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा और महत्ता को और बढ़ाया। विद्यालय की परंपरा एवं संस्कारों के अनुरूप कार्यक्रम का शुभारंभ दीप स्तुति एवं सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री पार्थ सारथी आचार्य जी ने उपस्थित सभी भैया-बहनों को वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व, इसकी भावनात्मक एवं राष्ट्रीय भूमिका तथा मातृभूमि के प्रति इसके संदेश से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा, सम्मान, समर्पण और राष्ट्रभावना की सशक्त अभिव्यक्ति है। प्रधानाचार्य जी के मार्गदर्शन के पश्चात सभी को उस ऐतिहासिक क्षण का बेसब्री से इंतजार था। ठीक पूर्वाह्न 11 बजे विद्यालय के संगीत आचार्य श्री सौरव आचार्य जी के नेतृत्व में संपूर्ण वंदे मातरम् का सामूहिक गायन प्रारंभ हुआ। जैसे ही वंदे मातरम् के स्वर विद्यालय परिसर में गूंजे, पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो गया। विद्यालय के भैया-बहनों, आचार्य-दीदी जी, अभिभावकों एवं उपस्थित अतिथियों ने एक स्वर में वंदे मातरम् का गायन कर इस ऐतिहासिक अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। इस अवसर को और व्यापक बनाने के उद्देश्य से विद्यालय के विभिन्न दीदी जी एवं आचार्य जी भी क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में पहुँचे तथा वहाँ के भैया-बहनों एवं विद्यालय परिवार के साथ वंदे मातरम् का उद्घोष एवं सामूहिक गायन किया। इस पहल के माध्यम से विभिन्न विद्यालयों को भी इस राष्ट्रव्यापी ऐतिहासिक कार्यक्रम से जोड़ा गया और “एक स्वर, एक भावना और एक भारत” के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उपस्थित सभी लोगों में विशेष उत्साह एवं गौरव का भाव देखने को मिला। भैया-बहनों ने पूरे अनुशासन एवं उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। उपस्थित अभिभावकों एवं पूर्व भैया-बहनों ने भी इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनकर विद्यालय परिवार के इस प्रयास को अपना समर्थन दिया। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का यह अवसर भारतीय इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रभावना की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। 25 सितंबर 2026 का यह दिन सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय, सरायकेला के लिए भी एक अविस्मरणीय दिन बन गया, जब विद्यालय परिवार ने देश के करोड़ों लोगों के साथ एक स्वर में अपनी मातृभूमि को नमन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों, पूर्व भैया-बहनों, भैया-बहनों, आचार्य-दीदी जी एवं विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। पूरे कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रभक्ति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि अपने राष्ट्र, संस्कृति और मातृभूमि के प्रति सम्मान एवं समर्पण की भावना में निहित है।4
- शुरू ऐप न्यूज़ चैनल से रवि गुप्ता की रिपोर्ट। लगातार बारिश से सरायकेला में जनजीवन अस्त-व्यस्त, कोर्ट परिसर में जलजमाव से परेशानी। सरायकेला। सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसका असर आम लोगों के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों और बाजारों पर भी देखने को मिला। सरायकेला व्यवहार न्यायालय परिसर में बारिश का पानी जमा हो जाने से न्यायालय आने-जाने वाले जज, अधिकारी, कर्मचारी एवं अधिवक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जलजमाव के कारण परिसर में आवागमन प्रभावित रहा। न्यायालय परिसर में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों में परेशानी देखी गई। वहीं, लगातार बारिश का असर सरायकेला के हाट बाजार पर भी साफ नजर आया। सामान्य दिनों की तुलना में दूर-दराज के क्षेत्रों से काफी कम संख्या में दुकानदार हाट बाजार पहुंचे। बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों की संख्या में भी काफी कमी रही। इससे हाट बाजार में अपेक्षाकृत कम चहल-पहल देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान शहर में जलनिकासी की व्यवस्था को बेहतर किए जाने की जरूरत है, ताकि आम लोगों को जलजमाव की समस्या से राहत मिल सके।1
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