जगदलपुर में छात्र अधिकारों को लेकर NSUI का हल्ला बोल, विश्वविद्यालय का घेराव जगदलपुर,छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर NSUI (भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन) ने सोमवार को बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष विशाल खंबारी और प्रदेश महासचिव मनोहर सेठिया ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए और परिसर में घंटों तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य सिंह बिसेन ने कहा कि छात्र संघ चुनाव कराना छात्रों का अधिकार है, जिसे किसी भी हाल में बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नहीं होने से विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता खत्म हो रही है और विभिन्न योजनाओं में अनियमितताएं बढ़ रही हैं। जिलाध्यक्ष विशाल खंबारी ने कहा कि वर्ष 2016 से छात्र संघ चुनावों पर लगी रोक अलोकतांत्रिक है। इसके चलते छात्रों को अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही चुनाव बहाल नहीं किए गए, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और राजभवन व मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। प्रदेश महासचिव मनोहर सेठिया ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्र हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल होने पर ही छात्र अपनी आवाज प्रभावी ढंग से रख पाएंगे। प्रदर्शन में बस्तर क्षेत्र के सैकड़ों छात्रों की भागीदारी रही। छात्रों ने स्पष्ट किया कि अपने अधिकारों को लेकर अब किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जायेगा
जगदलपुर में छात्र अधिकारों को लेकर NSUI का हल्ला बोल, विश्वविद्यालय का घेराव जगदलपुर,छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर NSUI (भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन) ने सोमवार को बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष विशाल खंबारी और प्रदेश महासचिव मनोहर सेठिया ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए और परिसर में घंटों तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य सिंह बिसेन ने कहा कि छात्र संघ चुनाव कराना छात्रों का अधिकार है, जिसे किसी भी हाल में बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नहीं होने से विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता खत्म हो रही है और विभिन्न योजनाओं में अनियमितताएं बढ़ रही हैं। जिलाध्यक्ष विशाल खंबारी ने कहा कि वर्ष 2016 से छात्र संघ चुनावों पर लगी रोक अलोकतांत्रिक है। इसके चलते छात्रों को अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही चुनाव बहाल नहीं किए गए, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और राजभवन व मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। प्रदेश महासचिव मनोहर सेठिया ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्र हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल होने पर ही छात्र अपनी आवाज प्रभावी ढंग से रख पाएंगे। प्रदर्शन में बस्तर क्षेत्र के सैकड़ों छात्रों की भागीदारी रही। छात्रों ने स्पष्ट किया कि अपने अधिकारों को लेकर अब किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जायेगा
- पांडुका वन परिक्षेत्र अंतर्गत एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां आवारा कुत्तों के झुंड ने एक हिरण पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि कुत्तों ने हिरण के पैर को बुरी तरह काट लिया, जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा और भागने में असमर्थ हो गया। घटना के दौरान आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत स्थिति को समझते हुए मानवता का परिचय दिया और बिना देर किए वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से घायल हिरण को सुरक्षित रेस्क्यू कर जुनवानी नाका लाया गया। जुनवानी नाका में वन अमले द्वारा हिरण का प्राथमिक उपचार किया गया। उपचार के बाद हिरण को निगरानी में रखा गया है। वन विभाग के अनुसार फिलहाल हिरण की हालत में सुधार है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है। ग्रामीणों की जागरूकता और वन विभाग की तत्परता की सराहना भी की जा रही है। समय रहते किए गए प्रयासों से एक बेजुबान वन्यजीव की जान बचाई जा सकी।3
- कलेक्ट्रेट घेराव से गरमाया माहौल, हजारों की भीड़ सड़कों पर मोहला–मानपुर जिला मुख्यालय आज उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति में बदल गया, जब आदिवासी समाज के हजारों लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। विशेष रूप से हलबा समाज के लोगों की भारी भीड़ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। बताया जा रहा है कि आदिवासी समाज से जुड़े एक बस चालक की बीते दिनों मोहला में 6 युवकों द्वारा बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी गई थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। इसी के विरोध में आज बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस दौरान स्थिति उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति निर्मित हो गई। हालांकि पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और किसी बड़े टकराव को टाल दिया। 🔴 मुख्य मांगें: हत्या के आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए दोषियों के खिलाफ त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई हो फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे घटनाक्रम के चलते मोहला–मानपुर में माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है।1
- मोर तरिया आय के जरिया से बदलेगी गांव की तस्वीर मेड़ेसरा में रोजगार सह आवास दिवस संपन्न रिपोर्टर -हेमंत उमरे दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड अंतर्गत ग्राम मेड़ेसरा में रोजगार सह आवास दिवस का आयोजन उत्साह और जनभागीदारी के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण विकास को गति देना जल संरक्षण को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन जिला पंचायत दुर्ग उपाध्यक्ष पवन शर्मा जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र साहू सरपंच श्रीमती राजेश्वरी देशलहरे एवं पूर्व अध्यक्ष नटवर ताम्रकार अहिवारा सहित कई जनप्रतिनिधि सरपंच और सचिव मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मोर गांव मोर पानी अभियान के अंतर्गत मोर तरिया आय के जरिया योजना की जानकारी दी गई। इस योजना का उद्देश्य गांवों में जल संरक्षण को मजबूत करते हुए आय के स्थायी स्रोत तैयार करना है। इसके तहत ग्राम मेड़ेसरा में 10 नए तरिया तालाब की स्वीकृति दी गई है जिससे खेती मछली पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।1
- लखीमपुर कचहरी में, वकील ने अपने ही चचेरे भाई को मारी गोली उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 6 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 12 बजे सिविल कोर्ट परिसर में सनसनीखेज गोलीकांड हो गया। वकील विराट राज (शिवम राज ज्ञानी उर्फ विराट) ने अपने चचेरे भाई वकील जितेंद्र राज (27 वर्ष) को पारिवारिक जमीन विवाद (खेत की मेड़ / पानी को लेकर) में 315 बोर की कंट्री मे पिस्तौल से सीने में गोली मार दी। घटना के दौरान पहले दोनों में तीखी बहस हुई, फिर हाथापाई हो गई। दूसरे वकीलों ने शांत कराया, लेकिन थोड़ी देर बाद विराट राज ने अचानक तमंचा निकालकर फायरिंग कर दी। गोली लगते ही जितेंद्र राज लहूलुहान होकर तख्त पर गिर पड़े और उन्होंने रुमाल से जख्म दबाया। एक सिपाही ने उन्हें बाइक पर जिला अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से हालत गंभीर होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया। आरोपी विराट राज मौके से फरार हो गया। सदर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू की तथा कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई। ये घटना न्यायालय जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रही है।1
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- जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को उम्रकैद की सजा, पूर्व सीएम अजीत जोगी के हैं बेटे, रायपुर में NCP नेता का हुआ था मर्डर छत्तीसगढ़ के रामावतार जग्गी हत्याकांड में बिलासपुर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ जुर्माना भी लगाया गया है। बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अमित जोगी को IPC की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 1000 रुपये का दुर्मा लगाया है। कोर्ट ने कहा है कि जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने अतिरिक्त सजा होगी। हाईकोर्ट ने अमित जोगी को सरेंडर करने के लिए 7 दिनों का समय दिया है। उन्हें सात दिनों के अंदर सरेंडर करना पड़ेगा। वहीं, इस मामले में अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। जग्गी हत्याकांड का फैसला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने सुनाया है।1
- आईपीएल के रोमांच के बीच छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के हाईटेक नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करते हुए एक संगठित सट्टा रैकेट का भंडाफोड़ किया है। राजनांदगांव पुलिस ने आईपीएल क्रिकेट सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हाईटेक ऑनलाइन सट्टा रैकेट का पर्दाफाश किया है। बसंतपुर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम देते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मोहारा नाला के पास स्थित एक फार्महाउस में ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर दबिश दी और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया। विस्तार: पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मोबाइल, लैपटॉप और विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए “सांई ऐप” पर सट्टा संचालित कर रहे थे। यहां हर गेंद और हर ओवर पर लाखों रुपए का दांव लगाया जा रहा था, जिससे यह रैकेट काफी बड़े स्तर पर संचालित हो रहा था। मौके से पुलिस ने 2 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 7 मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल सहित लगभग 5 लाख 50 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। इसके अलावा सट्टा पट्टी में करीब 9 लाख 20 हजार रुपए के लेन-देन का हिसाब भी मिला है, जिससे इस अवैध कारोबार की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022, भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 112 (संगठित अपराध) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। समापन (PTC): राजनांदगांव पुलिस की इस कार्रवाई को सट्टे के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि नामजद सटोरियों की सूची के आधार पर आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि इस तरह के अवैध नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।1
- गरियाबंद जिले क़े ब्लॉक फिंगेश्वर अंतर्गत बासीन मे मुख्य सड़क किनारे संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। कई बार आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज़ ग्रामीणों ने एक बार फिर जिला आबकारी विभाग का दरवाजा खटखटाया है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से आवेदन सौंपते हुए मेन रोड किनारे संचालित कम्पोजिट अंग्रेजी एवं देशी शराब दुकान को हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क किनारे दुकान होने से यहां हमेशा भीड़ और अव्यवस्था बनी रहती है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं और स्कूली बच्चों को होती है, जिन्हें रोजाना इस रास्ते से गुजरना पड़ता है। वहीं भीड़ और लापरवाही के चलते अब तक कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें एक व्यक्ति की जान भी जा चुकी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आबकारी विभाग को कई बार आवेदन देने के बावजूद सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। पहले भी दुकान को सड़क से 400 मीटर दूर शिफ्ट करने की बात कही गई थी, लेकिन इस पर अब तक अमल नहीं किया गया है। वही ग्रामीणों ने कहा यदि जल्द ही शराब दुकान को मुख्य मार्ग से नहीं हटाया गया, तो आसपास के गांवों के लोग मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और आबकारी विभाग की होगी।4
- जिस काम को 6 वर्ष पहले कबीर साहेब करने आए थे उसी काम को करने में संत रामपाल जी महाराज लगे हुए हैं हिंदू मुस्लिम सिख इसाई जाति धर्म का भेदभाव को हटाकर सबको एक करना चाहते हैं और यह जाति पाति धर्म के नाम पर लड़ाने वाले संत रामपाल जी महाराज के पुस्तक दो लाइन पढ़ के गलत बताकर प्रस्तुत कर रहे हैं क्या मुसलमान मूर्ति पूजा नहीं करता तो वह गलत है क्या ईसाई मूर्ति पूजा नहीं करते तो वह गलत है उनका विरोध क्यों नहीं होता जो शास्त्र में प्रमाणित है उसी को तो बता रहे हैं संत रामपाल जी महाराज1