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- सुल्तानपुर में सामुदायिक शौचालय केयरटेकरों ने सौंपा मांग पत्र; लंबित मानदेय और निजी खातों में DBT भुगतान की मांग सुल्तानपुर की विभिन्न ग्राम पंचायतों में कार्यरत सामुदायिक शौचालय केयरटेकरों ने अपनी समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। 'सामुदायिक शौचालय केयर टेकर एसोसिएशन' ने शनिवार को मुख्यमंत्री को संबोधित यह मांग पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें लंबित मानदेय, भुगतान में देरी और जर्जर शौचालयों जैसी समस्याओं का जिक्र किया गया है। ज्ञापन में एसोसिएशन ने सुल्तानपुर जिले में लंबे समय से लंबित मानदेय के तत्काल भुगतान की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी भी केयरटेकर को बिना उचित कारण और विभागीय जांच के मनमाने ढंग से सेवा से न हटाया जाए। केयरटेकरों ने मानदेय भुगतान की वर्तमान प्रणाली पर भी आपत्ति जताई है। वर्तमान में मानदेय स्वयं सहायता समूहों के खातों में भेजा जाता है, जिससे भुगतान में देरी होती है और उन्हें अनावश्यक दबाव का सामना करना पड़ता है। एसोसिएशन ने मांग की है कि मानदेय का भुगतान सीधे केयरटेकर के व्यक्तिगत बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से किया जाए। यदि राशि समूह के खाते में आती है, तो उसे एक सप्ताह के भीतर केयरटेकर के खाते में हस्तांतरित किया जाना अनिवार्य हो। एसोसिएशन ने जर्जर सामुदायिक शौचालयों के तत्काल निरीक्षण, मरम्मत और आवश्यक उपकरणों/संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की है। साथ ही, कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक सफाई सामग्री और अन्य सुविधाएं नियमित आधार पर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। केयरटेकरों ने सभी ब्लॉकों में तत्काल बैठकें बुलाकर उनकी समस्याओं को सुनने और मौके पर ही उनका निस्तारण सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। संगठन के अध्यक्ष और संस्थापक शनि कुमार ने कहा कि केयरटेकरों की समस्याओं का समय पर समाधान न होने से स्वच्छता व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।1
- नहर में कूदी 20 वर्षीय विवाहिता का शव 3 दिन बाद बरामद, कादीपुर क्षेत्र में मिला शव नहर में कूदी 20 वर्षीय विवाहिता का शव 3 दिन बाद बरामद, कादीपुर क्षेत्र में मिला शव सुल्तानपुर। गोसाईगंज थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर के पास 5 अगस्त को नहर पुलिया से कूदने वाली 20 वर्षीय विवाहिता का शव तीन दिन बाद कादीपुर थाना क्षेत्र में नहर से बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त 2026 को रामचंद्रपुर के पास नहर पुलिया में एक महिला के कूदने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। महिला की पहचान हकीकुल पुत्री शारदा, उम्र करीब 20 वर्ष, निवासी तुर्कियाना, थाना गोसाईगंज के रूप में हुई। जांच में पता चला कि हकीकुल का नवंबर 2025 में शमशाद पुत्र बरसाती, निवासी बेनीपुर, थाना गोसाईगंज के साथ प्रेम विवाह हुआ था। पुलिस के मुताबिक महिला करीब 15 दिन पहले ससुराल से नाराज होकर मायके चली आई थी। उसका पति महाराष्ट्र के नागपुर में रहता है। महिला के नहर में कूदने की सूचना के बाद पुलिस ने गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। लगातार तलाश के बाद 7 अगस्त 2026 को कादीपुर थाना क्षेत्र में नहर से महिला का शव बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर श्री सुनील कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- फोटो से पूरी हुई 'शुक्रवार जन चौपाल', ग्राम पंचायत अधिकारी के भरोसे चला कार्यक्रम, विभागीय अधिकारी रहे गायब फोटो से पूरी हुई 'शुक्रवार जन चौपाल', ग्राम पंचायत अधिकारी के भरोसे चला कार्यक्रम, विभागीय अधिकारी रहे गायब ' प्रशासन चला गांव की ओर' बना सिर्फ नारा! स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई विभाग समेत कई विभागों के अधिकारी रहे नदारद सुल्तानपुर/लंभुआ। विकासखंड लंभुआ की ग्राम पंचायत दहेव गोपाल पट्टी में शुक्रवार को आयोजित जन चौपाल विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण सवालों के घेरे में रही। जन चौपाल में स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, सिंचाई विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार सहित कई विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे। पूरा कार्यक्रम केवल सचिव राम केवल के भरोसे चलता दिखाई दिया। जन चौपाल में पहुंचे ग्रामीण अपनी विभिन्न समस्याएं लेकर आए। किसी ने सिंचाई व्यवस्था की समस्या उठाई तो किसी ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से संबंधित शिकायत दर्ज कराई। वहीं श्रद्धालुओं ने मरी माता धाम तक बिजली आपूर्ति न होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया, जिससे दर्शन के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद न होने के कारण ग्राम पंचायत अधिकारी राम केवल ही ग्रामीणों की शिकायतें एक-एक कर पर्ची पर दर्ज करते रहे। हालांकि संबंधित विभागों का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था, जिससे ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान का भरोसा नहीं मिल सका। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की " प्रशासन चला गांव की ओर" जैसी पहल केवल नारों और फोटो तक सीमित होकर रह गई है। जब जन चौपाल में ही संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित नहीं होंगे तो ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा? जन चौपाल की यह तस्वीर शासन की मंशा और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करती है।2
- तीन हफ्ते पहले बनी 4200 करोड़ की लखनऊ- कानपुर एक्सप्रेसवे, पंखे से सुखाई जा रही है *तीन हफ्ते पहले बनी 4200 करोड़ की लखनऊ- कानपुर एक्सप्रेसवे, पंखे से सुखाई जा रही है*1
- सहारनपुर में कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा शिव भक्तों का भव्य स्वागत सहारनपुर। सावन के पावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान सहारनपुर में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया गया। नगर निगम की ओर से किए गए इस स्वागत से शिवभक्तों में उत्साह और उमंग की लहर दौड़ गई। आसमान से बरसते फूलों के बीच हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण शिवमय हो उठा। कांवड़ियों ने भी इस स्वागत को श्रद्धा और उत्साह के साथ स्वीकार किया। सहारनपुर में कांवड़ यात्रा का यह दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।1
- गहरे तालाबों में जलकुंभी निकालने का आदेश! पंचायत कर्मचारियों ने जताई सुरक्षा को लेकर चिंता* *सुल्तानपुर* कुड़वार- विकासखंड कुड़वार में पंचायत(सफाई कर्मचारी )कर्मचारियों के बीच उस समय असंतोष देखने को मिला जब कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि एडीओ पंचायत द्वारा महिला एवं पुरुष पंचायत कर्मचारियों को गहरे तालाबों में उतरकर जलकुंभी हटाने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में तालाबों का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। ऐसे में गहरे पानी में उतरकर कार्य कराना जोखिम भरा है। उनका कहना है कि तालाबों में जहरीले सांप, बिच्छू तथा अन्य जलीय जीवों का खतरा बना रहता है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। कर्मचारियों का आरोप है कि पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, लाइफ जैकेट, दस्ताने, बूट या अन्य सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना इस प्रकार का कार्य कराना उनकी जान जोखिम में डालने जैसा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जलकुंभी हटाने के लिए सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके अपनाए जाएं तथा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।1
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