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#सीतापुर के महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र निवासी रवि गोपाल की सऊदी अरब में मौत के बाद बुधवार शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया।शव देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

13 hrs ago
user_Mohd zaid
Mohd zaid
रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
13 hrs ago

#सीतापुर के महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र निवासी रवि गोपाल की सऊदी अरब में मौत के बाद बुधवार शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया।शव देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by Mohd zaid
    1
    Post by Mohd zaid
    user_Mohd zaid
    Mohd zaid
    रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Post by Mohd Aamir
    1
    Post by Mohd Aamir
    user_Mohd Aamir
    Mohd Aamir
    पत्रकार जनता की सेवा मो आमिर कैसरगंज, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • *मेरठ में शोभित यूनिवर्सिटी में छात्रा की संदिग्ध मौत: हॉस्टल में फंदे से लटका मिला शव, ABVP कार्यकर्ताओं ने लगाया लापरवाही का आरोप* मेरठ की शोभित यूनिवर्सिटी में बीसीए की छात्रा प्रिया की संदिग्ध मौत हो गई। वह हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। प्रिया बिहार के छपरा जिले की रहने वाली थी। घटना की जानकारी मिलते ही ABVP कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। प्रिया के भाई विशाल ने बताया कि उसकी बहन पर पढ़ाई का दबाव था, जिससे वह परेशान थी। ABVP कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है ¹ ² ³। क्या आप जानना चाहेंगे कि पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है या ABVP कार्यकर्ताओं की मांगें क्या हैं?
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    *मेरठ में शोभित यूनिवर्सिटी में छात्रा की संदिग्ध मौत: हॉस्टल में फंदे से लटका मिला शव, ABVP कार्यकर्ताओं ने लगाया लापरवाही का आरोप*
मेरठ की शोभित यूनिवर्सिटी में बीसीए की छात्रा प्रिया की संदिग्ध मौत हो गई। वह हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। प्रिया बिहार के छपरा जिले की रहने वाली थी। घटना की जानकारी मिलते ही ABVP कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
प्रिया के भाई विशाल ने बताया कि उसकी बहन पर पढ़ाई का दबाव था, जिससे वह परेशान थी। ABVP कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है ¹ ² ³।
क्या आप जानना चाहेंगे कि पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है या ABVP कार्यकर्ताओं की मांगें क्या हैं?
    user_लक्ष्मी देवी
    लक्ष्मी देवी
    Local News Reporter Fatehpur, Barabanki•
    5 hrs ago
  • रवि रावत की रिपोर्ट लोकेशन फतेहपुर *बाराबंकी में किसानों का आंदोलन स्थगित बिजली विभाग-पुलिस पर आरोपों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई का दिया आश्वासन* बाराबंकी के फतेहपुर में भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति ने बिजली विभाग और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी थी। किसानों ने भ्रष्टाचार और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए थे। प्रशासन द्वारा कार्रवाई के आश्वासन के बाद किसानों ने अपना प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन फिलहाल स्थगित कर दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। इसमें कुर्सी पावर हाउस में तैनात जेई विकास शुक्ला पर भ्रष्टाचार और उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अनियमितता का आरोप लगाया गया था। किसानों का कहना था कि अवैध तरीके से बिजली बिल बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। इसके अतिरिक्त, कुर्सी थाना क्षेत्र के चौकी इंचार्ज गौरव सिंह पर भी किसानों से अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया था। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि फोन पर किसानों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, जिससे उनका आक्रोश और बढ़ गया। इन दोनों मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए 26 मार्च को थाने के घेराव की चेतावनी दी गई थी। बुधवार को एसडीएम कार्तिकेय सिंह ने तहसील परिसर में किसान यूनियन के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता के दौरान प्रशासन ने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान नेताओं ने धरना-प्रदर्शन स्थगित करने का निर्णय लिया।
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    रवि रावत की रिपोर्ट  
लोकेशन फतेहपुर 
*बाराबंकी में किसानों का आंदोलन स्थगित बिजली विभाग-पुलिस पर आरोपों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई का दिया आश्वासन*
बाराबंकी के फतेहपुर में भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति ने बिजली विभाग और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी थी। किसानों ने भ्रष्टाचार और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए थे। प्रशासन द्वारा कार्रवाई के आश्वासन के बाद किसानों ने अपना प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन फिलहाल स्थगित कर दिया है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। इसमें कुर्सी पावर हाउस में तैनात जेई विकास शुक्ला पर भ्रष्टाचार और उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अनियमितता का आरोप लगाया गया था। किसानों का कहना था कि अवैध तरीके से बिजली बिल बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश था।
इसके अतिरिक्त, कुर्सी थाना क्षेत्र के चौकी इंचार्ज गौरव सिंह पर भी किसानों से अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया था। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि फोन पर किसानों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, जिससे उनका आक्रोश और बढ़ गया। इन दोनों मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए 26 मार्च को थाने के घेराव की चेतावनी दी गई थी।
बुधवार को एसडीएम कार्तिकेय सिंह ने तहसील परिसर में किसान यूनियन के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता के दौरान प्रशासन ने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान नेताओं ने धरना-प्रदर्शन स्थगित करने का निर्णय लिया।
    user_रवि रावत
    रवि रावत
    पत्रकार फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by Sandeep Kumar Patrakaar
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    Post by Sandeep Kumar Patrakaar
    user_Sandeep Kumar Patrakaar
    Sandeep Kumar Patrakaar
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *🚨🇺🇸 अमेरिका में चिंता:* ईरान के शहीद ड्रोन पहले ही रक्षा प्रणाली को भेद रहे हैं — लेकिन चीन के ड्रोन और भी बड़ा खतरा बन सकते हैं *TGR:* ड्रोन अब सस्ते, ज्यादा स्मार्ट और रोकने में कठिन होते जा रहे हैं। मध्य पूर्व में हाल के संघर्षों ने दिखाया कि अपेक्षाकृत साधारण ईरानी सिस्टम भी रक्षा को चकमा देकर महत्वपूर्ण लक्ष्यों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे अमेरिका/इज़राइल की एयर डिफेंस में कमजोरियां उजागर हुई हैं। अब असली सवाल यह है कि जब कोई ज्यादा उन्नत औद्योगिक ताकत इसी रणनीति को बड़े स्तर पर लागू करेगी, तो क्या होगा? चीन का ASN-301 एक अलग स्तर का खतरा है। ईरान के शहीद-136 के विपरीत, जो मुख्य रूप से पहले से प्रोग्राम किए गए हमले के लिए इस्तेमाल होता है, चीनी सिस्टम खास तौर पर एयर डिफेंस को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। यह घंटों तक हवा में रह सकता है, रडार सिग्नल पकड़ सकता है, सिग्नल बंद होने पर इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग पर स्विच कर सकता है, और उड़ान के दौरान डाटा लिंक के जरिए अपडेट भी ले सकता है। यानी यह युद्धक्षेत्र को लगातार खोज और नष्ट करने वाले वातावरण में बदल देता है, खासकर रडार जैसे अहम सिस्टम के लिए। *ईरान की रणनीति संख्या पर आधारित है:* सस्ते और लंबी दूरी के ड्रोन को बड़ी संख्या में भेजकर रक्षा प्रणाली को थका देना। वहीं चीन इस मॉडल को सटीकता के साथ जोड़ता है। Feilong-300D जैसे वेरिएंट लागत को और कम करते हुए पेलोड और टार्गेटिंग में लचीलापन बनाए रखते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर तैनाती और भी आसान हो जाती है। यहीं असली दबाव की स्थिति बनती है। अगर अमेरिकी सिस्टम पहले से ही ईरानी ड्रोन को रोकने में संघर्ष कर रहे हैं, तो इसके नतीजे गंभीर हो सकते हैं। पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में किसी भी संघर्ष का फैसला उत्पादन क्षमता पर निर्भर करेगा। चीन की बड़ी संख्या में स्मार्ट और अनुकूलनशील ड्रोन तैनात करने की क्षमता अमेरिका और उसके सहयोगियों को महंगे चक्र में फंसा सकती है — जहां उन्हें लाखों डॉलर के इंटरसेप्टर इस्तेमाल करने पड़ेंगे, उन ड्रोन को रोकने के लिए जो बेहद कम लागत में बनाए जाते हैं। *🇮🇳 भारत के लिए खतरा कितना बड़ा है?* भारत के लिए यह खतरा नजरअंदाज करने लायक नहीं है। चीन पहले से ही भारत का पड़ोसी और रणनीतिक प्रतिद्वंदी है, और यदि ऐसे उन्नत ड्रोन सिस्टम बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होते हैं, तो यह सीमावर्ती इलाकों — खासकर लद्दाख और अरुणाचल जैसे क्षेत्रों — में चुनौती बढ़ा सकते हैं। साथ ही, पाकिस्तान द्वारा सस्ते ड्रोन के इस्तेमाल के उदाहरण पहले ही सामने आ चुके हैं। अगर भविष्य में चीन की तकनीक या उसके जैसे सिस्टम क्षेत्र में फैलते हैं, तो भारत को दो तरफ से ड्रोन आधारित खतरे का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि भारत भी तेजी से अपनी एयर डिफेंस और एंटी-ड्रोन तकनीक को मजबूत कर रहा है, लेकिन यह साफ है कि आने वाले समय में युद्ध का स्वरूप बदल रहा है — जहां सस्ते, तेज और स्मार्ट ड्रोन बड़ी ताकतों को भी चुनौती दे सकते हैं।
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    *🚨🇺🇸 अमेरिका में चिंता:* ईरान के शहीद ड्रोन पहले ही रक्षा प्रणाली को भेद रहे हैं — लेकिन चीन के ड्रोन और भी बड़ा खतरा बन सकते हैं
*TGR:* ड्रोन अब सस्ते, ज्यादा स्मार्ट और रोकने में कठिन होते जा रहे हैं। मध्य पूर्व में हाल के संघर्षों ने दिखाया कि अपेक्षाकृत साधारण ईरानी सिस्टम भी रक्षा को चकमा देकर महत्वपूर्ण लक्ष्यों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे अमेरिका/इज़राइल की एयर डिफेंस में कमजोरियां उजागर हुई हैं। अब असली सवाल यह है कि जब कोई ज्यादा उन्नत औद्योगिक ताकत इसी रणनीति को बड़े स्तर पर लागू करेगी, तो क्या होगा?
चीन का ASN-301 एक अलग स्तर का खतरा है। ईरान के शहीद-136 के विपरीत, जो मुख्य रूप से पहले से प्रोग्राम किए गए हमले के लिए इस्तेमाल होता है, चीनी सिस्टम खास तौर पर एयर डिफेंस को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। यह घंटों तक हवा में रह सकता है, रडार सिग्नल पकड़ सकता है, सिग्नल बंद होने पर इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग पर स्विच कर सकता है, और उड़ान के दौरान डाटा लिंक के जरिए अपडेट भी ले सकता है। यानी यह युद्धक्षेत्र को लगातार खोज और नष्ट करने वाले वातावरण में बदल देता है, खासकर रडार जैसे अहम सिस्टम के लिए।
*ईरान की रणनीति संख्या पर आधारित है:* सस्ते और लंबी दूरी के ड्रोन को बड़ी संख्या में भेजकर रक्षा प्रणाली को थका देना। वहीं चीन इस मॉडल को सटीकता के साथ जोड़ता है। Feilong-300D जैसे वेरिएंट लागत को और कम करते हुए पेलोड और टार्गेटिंग में लचीलापन बनाए रखते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर तैनाती और भी आसान हो जाती है।
यहीं असली दबाव की स्थिति बनती है। अगर अमेरिकी सिस्टम पहले से ही ईरानी ड्रोन को रोकने में संघर्ष कर रहे हैं, तो इसके नतीजे गंभीर हो सकते हैं। पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में किसी भी संघर्ष का फैसला उत्पादन क्षमता पर निर्भर करेगा। चीन की बड़ी संख्या में स्मार्ट और अनुकूलनशील ड्रोन तैनात करने की क्षमता अमेरिका और उसके सहयोगियों को महंगे चक्र में फंसा सकती है — जहां उन्हें लाखों डॉलर के इंटरसेप्टर इस्तेमाल करने पड़ेंगे, उन ड्रोन को रोकने के लिए जो बेहद कम लागत में बनाए जाते हैं।
*🇮🇳 भारत के लिए खतरा कितना बड़ा है?*
भारत के लिए यह खतरा नजरअंदाज करने लायक नहीं है। चीन पहले से ही भारत का पड़ोसी और रणनीतिक प्रतिद्वंदी है, और यदि ऐसे उन्नत ड्रोन सिस्टम बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होते हैं, तो यह सीमावर्ती इलाकों — खासकर लद्दाख और अरुणाचल जैसे क्षेत्रों — में चुनौती बढ़ा सकते हैं।
साथ ही, पाकिस्तान द्वारा सस्ते ड्रोन के इस्तेमाल के उदाहरण पहले ही सामने आ चुके हैं। अगर भविष्य में चीन की तकनीक या उसके जैसे सिस्टम क्षेत्र में फैलते हैं, तो भारत को दो तरफ से ड्रोन आधारित खतरे का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि भारत भी तेजी से अपनी एयर डिफेंस और एंटी-ड्रोन तकनीक को मजबूत कर रहा है, लेकिन यह साफ है कि आने वाले समय में युद्ध का स्वरूप बदल रहा है — जहां सस्ते, तेज और स्मार्ट ड्रोन बड़ी ताकतों को भी चुनौती दे सकते हैं।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बाराबंकी।बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस के महत्वपूर्ण अभियान 'मिशन शक्ति' फेज 5 द्वितीय चरण के तहत, बाराबंकी जिले में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से “रन फॉर इम्पावरमेंट” दौड़ का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम को अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी, बाराबंकी विकास चन्द्र त्रिपाठी द्वारा पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। “रन फॉर इम्पावरमेंट” दौड़ रिजर्व पुलिस लाइन बाराबंकी से प्रारम्भ होकर पुलिस लाइन चौराहा होते हुए वापस पुनः पुलिस लाइन में समाप्त हुई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं को निडर होकर आगे बढ़ने का वातावरण उपलब्ध कराना है। किसी भी प्रकार की घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल 112 अथवा नजदीकी थाना/चौकी को दें। महिला स्वावलंबन से ही वास्तविक सशक्तिकरण संभव है। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी लाइन संगम कुमार, प्रतिसार निरीक्षक राजेश कुमार व अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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    बाराबंकी।बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस के महत्वपूर्ण अभियान 'मिशन शक्ति' फेज 5 द्वितीय चरण के तहत, बाराबंकी जिले में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से “रन फॉर इम्पावरमेंट” दौड़ का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम को अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी, बाराबंकी विकास चन्द्र त्रिपाठी द्वारा पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। “रन फॉर इम्पावरमेंट” दौड़ रिजर्व पुलिस लाइन बाराबंकी से प्रारम्भ होकर पुलिस लाइन चौराहा होते हुए वापस पुनः पुलिस लाइन में समाप्त हुई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है।
अभियान का उद्देश्य महिलाओं को निडर होकर आगे बढ़ने का वातावरण उपलब्ध कराना है। किसी भी प्रकार की घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल 112 अथवा नजदीकी थाना/चौकी को दें। महिला स्वावलंबन से ही वास्तविक सशक्तिकरण संभव है। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी लाइन संगम कुमार, प्रतिसार निरीक्षक राजेश कुमार व अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
    user_Vikas
    Vikas
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • बर्तन लेकर पंप पर पेट्रोल-डीजल लेने पहुंचा शख्स #PetrolDiesel | Petrol Diesel | India Crisis #FuelPump #PetrolDiesel #BreakingNews #HilariousIncident
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    बर्तन लेकर पंप पर पेट्रोल-डीजल लेने पहुंचा शख्स
#PetrolDiesel | Petrol Diesel | India Crisis #FuelPump #PetrolDiesel #BreakingNews #HilariousIncident
    user_लक्ष्मी देवी
    लक्ष्मी देवी
    Local News Reporter Fatehpur, Barabanki•
    5 hrs ago
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