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जय बागेश्वर धाम सरकार की

11 hrs ago
user_Subham Dwivedi
Subham Dwivedi
Farmer नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
11 hrs ago

जय बागेश्वर धाम सरकार की

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by Subham Dwivedi
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    Post by Subham Dwivedi
    user_Subham Dwivedi
    Subham Dwivedi
    Farmer नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • 25 व्यापारियों के खिलाफ कथित रूप से फर्जी FIR दर्ज किए जाने से प्रदेश भर के व्यापारियों में आक्रोश है।
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    25 व्यापारियों के खिलाफ कथित रूप से फर्जी FIR दर्ज किए जाने से प्रदेश भर के व्यापारियों में आक्रोश है।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    11 min ago
  • #Apkiawajdigital लखनऊ, विशेष ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा कांग्रेस और राहुल गांधी पर किए गए एक पुराने तीखे हमले को इन दिनों सोशल मीडिया पर 'ताजा बयान' बताकर तेजी से प्रसारित किया जा रहा है। व्हाट्सएप और फेसबुक पर वायरल हो रहे इस संदेश में डिप्टी सीएम को राहुल गांधी के नाम की परिभाषा (र-राग, ह-हुड़दंग...) समझाते और चीन से फंडिंग के आरोप लगाते हुए सुना जा सकता है। पड़ताल में सामने आया है कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस 11 जून 2024 की है, जिसे अब फरवरी 2026 में जानबूझकर नया बताकर साझा किया जा रहा है। ​साजिश का पर्दाफाश: क्यों फैलाया जा रहा है पुराना बयान? डिजिटल विशेषज्ञों के अनुसार, अराजक तत्व अक्सर पुराने तीखे राजनीतिक बयानों को मौजूदा माहौल में तनाव पैदा करने के लिए दोबारा सक्रिय करते हैं। इस 20 महीने पुराने वीडियो को 'अभी-अभी' (Breaking News) के टैग के साथ पेश किया जा रहा है ताकि आम जनता को लगे कि यह हालिया राजनीतिक घटनाक्रम का हिस्सा है। इस तरह की कोशिशें न केवल भ्रामक हैं, बल्कि जनता के बीच गलत धारणा बनाने की एक सोची-समझी साजिश है। ​क्या था असली संदर्भ? यह बयान जून 2024 में उस समय दिया गया था जब एआई (AI) समिट और विपक्षी नेताओं के विदेशी दौरों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज थी। ब्रजेश पाठक ने उस दौरान कांग्रेस की नीतियों और राहुल गांधी के बयानों की कड़ी आलोचना की थी। वर्तमान में डिप्टी सीएम की ऐसी कोई नई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं हुई है, जिसमें इन पुराने शब्दों का प्रयोग किया गया हो। ​प्रशासन की अपील: न हों गुमराह साइबर सेल ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या प्रेस विज्ञप्ति को साझा करने से पहले उसकी तारीख और समय की पुष्टि आधिकारिक न्यूज़ पोर्टल्स या सरकारी हैंडल्स से अवश्य करें। पुराने बयानों को नया बताकर समाज में राजनीतिक विद्वेष फैलाना कानूनी रूप से दंडनीय है।
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    #Apkiawajdigital
लखनऊ, विशेष ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा कांग्रेस और राहुल गांधी पर किए गए एक पुराने तीखे हमले को इन दिनों सोशल मीडिया पर 'ताजा बयान' बताकर तेजी से प्रसारित किया जा रहा है। व्हाट्सएप और फेसबुक पर वायरल हो रहे इस संदेश में डिप्टी सीएम को राहुल गांधी के नाम की परिभाषा (र-राग, ह-हुड़दंग...) समझाते और चीन से फंडिंग के आरोप लगाते हुए सुना जा सकता है। पड़ताल में सामने आया है कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस 11 जून 2024 की है, जिसे अब फरवरी 2026 में जानबूझकर नया बताकर साझा किया जा रहा है।
​साजिश का पर्दाफाश: क्यों फैलाया जा रहा है पुराना बयान?
डिजिटल विशेषज्ञों के अनुसार, अराजक तत्व अक्सर पुराने तीखे राजनीतिक बयानों को मौजूदा माहौल में तनाव पैदा करने के लिए दोबारा सक्रिय करते हैं। इस 20 महीने पुराने वीडियो को 'अभी-अभी' (Breaking News) के टैग के साथ पेश किया जा रहा है ताकि आम जनता को लगे कि यह हालिया राजनीतिक घटनाक्रम का हिस्सा है। इस तरह की कोशिशें न केवल भ्रामक हैं, बल्कि जनता के बीच गलत धारणा बनाने की एक सोची-समझी साजिश है।
​क्या था असली संदर्भ?
यह बयान जून 2024 में उस समय दिया गया था जब एआई (AI) समिट और विपक्षी नेताओं के विदेशी दौरों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज थी। ब्रजेश पाठक ने उस दौरान कांग्रेस की नीतियों और राहुल गांधी के बयानों की कड़ी आलोचना की थी। वर्तमान में डिप्टी सीएम की ऐसी कोई नई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं हुई है, जिसमें इन पुराने शब्दों का प्रयोग किया गया हो।
​प्रशासन की अपील: न हों गुमराह
साइबर सेल ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या प्रेस विज्ञप्ति को साझा करने से पहले उसकी तारीख और समय की पुष्टि आधिकारिक न्यूज़ पोर्टल्स या सरकारी हैंडल्स से अवश्य करें। पुराने बयानों को नया बताकर समाज में राजनीतिक विद्वेष फैलाना कानूनी रूप से दंडनीय है।
    user_ApkiAwajDigital
    ApkiAwajDigital
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    27 min ago
  • बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी यातायात सुश्री प्रतीज्ञा सिंह के पर्यवेक्षण में यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने तथा अपराध नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाये जाने के उद्देश्य से आज यातायात पुलिस द्वारा जनपद में वाहनों में अवैध रूप से लगी *काली फिल्म के विरुद्ध एक सघन चेकिंग अभियान* चलाया गया । जिसमें चारपहिया वाहनों मे अवैध रुप से लगी लगी काली फिल्मों को हटवाया गया और वाहन चालकों को काली फिल्म के दुष्परिणामों व कानून प्रावधानों के बारे में जानकारी देकर जागरुक किया गया । साथ ही आम जनमानस से भी अपील की गई कि यातायात नियमों का पालन करें एवं अपने वाहनों में किसी भी प्रकार की काली फिल्म ना लगाए तथा जनपद में यातायात व कानून व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग प्रदान करें ।
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    बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी यातायात सुश्री प्रतीज्ञा सिंह के पर्यवेक्षण में यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने तथा अपराध नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाये जाने के उद्देश्य से आज यातायात पुलिस द्वारा जनपद में वाहनों में अवैध रूप से लगी *काली फिल्म के विरुद्ध एक सघन चेकिंग अभियान* चलाया गया । जिसमें चारपहिया वाहनों मे अवैध रुप से लगी लगी काली फिल्मों को हटवाया गया और वाहन चालकों को काली फिल्म के दुष्परिणामों व कानून प्रावधानों के बारे में जानकारी देकर जागरुक किया गया । साथ ही आम जनमानस से भी अपील की गई कि यातायात नियमों का पालन करें एवं अपने वाहनों में किसी भी प्रकार की काली फिल्म ना लगाए तथा जनपद में यातायात व कानून व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग प्रदान करें ।
    user_दुर्गेश कश्यप
    दुर्गेश कश्यप
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    36 min ago
  • मिडिल क्लास से कैसी दुश्मनी है मोदी जी और गडकरी जी की वाहन खरीद पर सभी प्रकार के टैक्स फिर टोल टैक्स फास्ट्रैक नहीं होने पर या नहीं चलने खराब होने पर सीधे डबल चार्ज किसी को जल्दी हो या नहीं हो आपको दाम देने ही पड़ेंगे वरना टोल वाले लाठी मारेंगे जैसे कि आप लोगों ने कई जगह टोल में गुंडागर्दी देखी भी होगी।। क्या थोड़ी सी भी दया नहीं।।
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    मिडिल क्लास से कैसी दुश्मनी है मोदी जी और गडकरी जी की वाहन खरीद पर सभी प्रकार के टैक्स फिर टोल टैक्स फास्ट्रैक नहीं होने पर या नहीं चलने खराब होने पर सीधे डबल चार्ज किसी को जल्दी हो या नहीं हो आपको दाम देने ही पड़ेंगे वरना टोल वाले लाठी मारेंगे जैसे कि आप लोगों ने कई जगह टोल में गुंडागर्दी देखी भी होगी।। क्या थोड़ी सी भी दया नहीं।।
    user_Kamlesh Yadav
    Kamlesh Yadav
    Voice of people अजयगढ़, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • सिमरिया से अमानगंज रोड
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    सिमरिया से अमानगंज रोड
    user_Sitaram ray
    Sitaram ray
    Agricultural production सिमरिया, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *सतना* शराब के नशे में धुत्त आधी रात जिला अस्पताल के वार्ड नम्बर 6 में वार्ड बॉय का जमकर हंगामा ड्यूटी डॉक्टर के चेंबर में घुसकर अभद्रता मरीज के परिजनों से शराब पीने के लिए मांगा पैसा। मौके पर मौजूद अस्पताल के अन्य कर्मचारी शराबी वार्ड बाय को उठाकर वार्ड के बाहर ले गए।
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    *सतना* शराब के नशे में धुत्त आधी रात जिला अस्पताल के वार्ड नम्बर 6 में वार्ड बॉय का जमकर हंगामा ड्यूटी डॉक्टर के चेंबर में घुसकर अभद्रता मरीज के परिजनों से शराब पीने के लिए मांगा पैसा। मौके पर मौजूद अस्पताल के अन्य कर्मचारी शराबी वार्ड बाय को उठाकर वार्ड के बाहर ले गए।
    user_अतुल सेंगर
    अतुल सेंगर
    Raghurajnagar Nagareey, Satna•
    2 hrs ago
  • #Apkiawajdigital बरेली/विशेष ब्यूरो। सोशल मीडिया पर इन दिनों बरेली के एक कथित नेता और अपराधी ऋषभ ठाकुर की गिरफ्तारी का वीडियो और खबर तेजी से साझा की जा रही है। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि यह 'अभी हाल ही की' घटना है और पुलिस ने रंगदारी मांगने वाले अपराधी का 'इलाज' कर उसे लंगड़ाने पर मजबूर कर दिया। हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ है कि यह मामला पूरी तरह पुराना है और अराजक तत्व एक बार फिर भ्रामक सूचनाएं फैलाकर सनसनी पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। ​क्या है वायरल दावे का सच? पड़ताल के अनुसार, यह घटना अक्टूबर 2023 की है। आरोपी ऋषभ ठाकुर, जिसे गुंडा एक्ट के तहत बरेली से 'जिला बदर' किया गया था, वह चोरी-छिपे शहर में रहकर एक स्पा सेंटर संचालिका से रंगदारी मांग रहा था। उस समय बरेली की प्रेमनगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान लंगड़ाते हुए चलने का उसका वीडियो उस समय काफी चर्चित हुआ था। ​अराजक तत्वों का 'पुराना फॉर्मूला': साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि जानबूझकर 2 साल पुरानी पुलिसिया कार्रवाई के वीडियो को नई तारीखों के साथ वायरल किया जाता है। इसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था के नाम पर या तो डर पैदा करना होता है या फिर पुराने सांप्रदायिक/राजनीतिक विवादों को हवा देना। वर्तमान में बरेली पुलिस द्वारा ऐसी किसी नई गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है, यह केवल 2023 की 'बासी' खबर है। ​हमारी अपील: ऐसी किसी भी पोस्ट को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी समय-सीमा (Date) की जांच अवश्य करें। पुरानी उपलब्धियों या अपराधों को 'ताज़ा' बताकर परोसना डिजिटल अपराध की श्रेणी में आता है। जागरूक नागरिक बनें और अफवाहों के इस 'वायरस' को रोकें।
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    #Apkiawajdigital
बरेली/विशेष ब्यूरो। सोशल मीडिया पर इन दिनों बरेली के एक कथित नेता और अपराधी ऋषभ ठाकुर की गिरफ्तारी का वीडियो और खबर तेजी से साझा की जा रही है। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि यह 'अभी हाल ही की' घटना है और पुलिस ने रंगदारी मांगने वाले अपराधी का 'इलाज' कर उसे लंगड़ाने पर मजबूर कर दिया। हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ है कि यह मामला पूरी तरह पुराना है और अराजक तत्व एक बार फिर भ्रामक सूचनाएं फैलाकर सनसनी पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।
​क्या है वायरल दावे का सच?
पड़ताल के अनुसार, यह घटना अक्टूबर 2023 की है। आरोपी ऋषभ ठाकुर, जिसे गुंडा एक्ट के तहत बरेली से 'जिला बदर' किया गया था, वह चोरी-छिपे शहर में रहकर एक स्पा सेंटर संचालिका से रंगदारी मांग रहा था। उस समय बरेली की प्रेमनगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान लंगड़ाते हुए चलने का उसका वीडियो उस समय काफी चर्चित हुआ था।
​अराजक तत्वों का 'पुराना फॉर्मूला':
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि जानबूझकर 2 साल पुरानी पुलिसिया कार्रवाई के वीडियो को नई तारीखों के साथ वायरल किया जाता है। इसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था के नाम पर या तो डर पैदा करना होता है या फिर पुराने सांप्रदायिक/राजनीतिक विवादों को हवा देना। वर्तमान में बरेली पुलिस द्वारा ऐसी किसी नई गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है, यह केवल 2023 की 'बासी' खबर है।
​हमारी अपील:
ऐसी किसी भी पोस्ट को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी समय-सीमा (Date) की जांच अवश्य करें। पुरानी उपलब्धियों या अपराधों को 'ताज़ा' बताकर परोसना डिजिटल अपराध की श्रेणी में आता है। जागरूक नागरिक बनें और अफवाहों के इस 'वायरस' को रोकें।
    user_ApkiAwajDigital
    ApkiAwajDigital
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    36 min ago
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