मेहरमा प्रखंड अंतर्गत चांदपुर मौजा में निजी जमीन पर बिना अनुमति बनाई गई सड़क पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उसे जेसीबी मशीन से हटवा दिया है। चांदपुर मौजा के लालूबांध से कब्रिस्तान तक सड़क निर्माण का यह मामला तब तूल पकड़ा था जब संवेदक ने रैयतों को बिना सूचना दिए और बिना उनकी सहमति के निजी भूमि पर सड़क बना दी। अपनी जमीन की सुरक्षा और सड़क निर्माण निरस्त करने की मांग को लेकर रैयतों ने मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री सचिवालय, राज्यपाल, संथाल परगना आयुक्त, सांसद, उपायुक्त तथा अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन दिया था। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन द्वारा मामले की जांच कराई गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उपायुक्त के निर्देश पर मंगलवार को अंचल निरीक्षक लोकनाथ गोंड, ठाकुरगंगटी थाना के पुलिस अवर निरीक्षक अशोक कुमार एवं कामेश्वर उरांव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी और निगरानी में जेसीबी मशीन से निजी भूमि पर किए गए सड़क निर्माण को हटवा दिया गया। यह पूरी कार्रवाई बिना किसी कानून-व्यवस्था की समस्या के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कार्रवाई के बाद से इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। रैयतों ने राहत जताते हुए कहा कि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई कर उनकी निजी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की है। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि निजी भूमि से जुड़े मामलों में विधिसम्मत प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाएगा और किसी की भी निजी संपत्ति पर अवैध निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मेहरमा प्रखंड अंतर्गत चांदपुर मौजा में निजी जमीन पर बिना अनुमति बनाई गई सड़क पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उसे जेसीबी मशीन से हटवा दिया है। चांदपुर मौजा के लालूबांध से कब्रिस्तान तक सड़क निर्माण का यह मामला तब तूल पकड़ा था जब संवेदक ने रैयतों को बिना सूचना दिए और बिना उनकी सहमति के निजी भूमि पर सड़क बना दी। अपनी जमीन की सुरक्षा और सड़क निर्माण निरस्त करने की मांग को लेकर रैयतों ने मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री सचिवालय, राज्यपाल, संथाल परगना आयुक्त, सांसद, उपायुक्त तथा अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन दिया था। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन द्वारा मामले की जांच कराई गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उपायुक्त के निर्देश पर मंगलवार को अंचल निरीक्षक लोकनाथ गोंड, ठाकुरगंगटी थाना के पुलिस अवर निरीक्षक अशोक कुमार एवं कामेश्वर उरांव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी और निगरानी में जेसीबी मशीन से निजी भूमि पर किए गए सड़क निर्माण को हटवा दिया गया। यह पूरी कार्रवाई बिना किसी कानून-व्यवस्था की समस्या के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कार्रवाई के बाद से इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। रैयतों ने राहत जताते हुए कहा कि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई कर उनकी निजी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की है। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि निजी भूमि से जुड़े मामलों में विधिसम्मत प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाएगा और किसी की भी निजी संपत्ति पर अवैध निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- मेहरमा प्रखंड अंतर्गत चांदपुर मौजा में निजी जमीन पर बिना अनुमति बनाई गई सड़क पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उसे जेसीबी मशीन से हटवा दिया है। चांदपुर मौजा के लालूबांध से कब्रिस्तान तक सड़क निर्माण का यह मामला तब तूल पकड़ा था जब संवेदक ने रैयतों को बिना सूचना दिए और बिना उनकी सहमति के निजी भूमि पर सड़क बना दी। अपनी जमीन की सुरक्षा और सड़क निर्माण निरस्त करने की मांग को लेकर रैयतों ने मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री सचिवालय, राज्यपाल, संथाल परगना आयुक्त, सांसद, उपायुक्त तथा अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन दिया था। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन द्वारा मामले की जांच कराई गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उपायुक्त के निर्देश पर मंगलवार को अंचल निरीक्षक लोकनाथ गोंड, ठाकुरगंगटी थाना के पुलिस अवर निरीक्षक अशोक कुमार एवं कामेश्वर उरांव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी और निगरानी में जेसीबी मशीन से निजी भूमि पर किए गए सड़क निर्माण को हटवा दिया गया। यह पूरी कार्रवाई बिना किसी कानून-व्यवस्था की समस्या के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कार्रवाई के बाद से इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। रैयतों ने राहत जताते हुए कहा कि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई कर उनकी निजी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की है। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि निजी भूमि से जुड़े मामलों में विधिसम्मत प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाएगा और किसी की भी निजी संपत्ति पर अवैध निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।1
- गोड्डा में अपनी खुशियों की तलाश में तीन मासूम बच्चों को बेसहारा छोड़ दिया गया है। इन मासूम बच्चों को इस हाल में बेसहारा छोड़े जाने के बाद यही सवाल उठ रहा है कि आखिर उनका क्या कसूर था।1
- बांका के एम.के पब्लिक स्कूल में बुधवार को जूनियर क्लास के बच्चों के लिए 'वर्षा ऋतु' उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान बरसात के मौसम से जुड़ी कई खेल-कूद और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों के लिए फोटोग्राफी, फल, फूल, सब्जियों और कीड़ों से संबंधित एक विशेष खेल प्रतियोगिता रखी गई, जिसमें उन्होंने खेल-खेल में नृत्य प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उत्सव को और खास बनाते हुए बच्चों से केक भी कटवाया गया, जिससे बच्चे काफी उत्साहित नजर आए। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के डायरेक्टर राजीव कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मानसून के प्रवेश करते ही वर्षा आरंभ हो जाती है। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को ऋतुओं के बारे में जानकारी देना है। खेल-खेल के माध्यम से बच्चे न केवल ऋतुओं के महत्व को आसानी से समझ सकते हैं, बल्कि उनसे होने वाले लाभ और हानियों के बारे में भी व्यावहारिक जानकारी हासिल कर पाते हैं।1
- गोड्डा जिले के महागामा प्रखंड अंतर्गत जटामा और मोहानी के बीच तीन मासूम बच्चे लावारिस हालत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। यह एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लावारिस मिले बच्चों में एक मासूम की उम्र करीब डेढ़ माह, दूसरे की लगभग डेढ़ साल और तीसरे बच्चे की उम्र करीब ढाई से तीन साल बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन बच्चों के साथ एक बुजुर्ग महिला को देखा गया था, जो सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक तीनों बच्चों को वहीं छोड़कर चली गई। बच्चों के पास से एक फोटो भी बरामद हुई है, जिसे असोता का बताया जा रहा है। हालांकि, इस फोटो और पूरे मामले की असली हकीकत क्या है, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है।1
- बांका में एक हलवाई की दुकान पर दर्दनाक हादसा घटित हुआ है, जहाँ खौलते तेल की कढ़ाई में गिरने से 11 वर्षीय शुभम की मौत हो गई।1
- बिहार के बेलहर विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर जदयू विधायक मनोज यादव ने पटना में पीएचईडी मंत्री संजय सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने फूली डूमर पंचायत सहित बेलहर और चांदन प्रखंड के कई ग्रामीण इलाकों में गहराए पेयजल संकट से मंत्री को अवगत कराया और शीघ्र समाधान की मांग की। विधायक ने कहा कि गिरते भू-जल स्तर और गर्मी के कारण कई गांवों में लोगों को स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में नई योजनाओं की स्वीकृति देने और जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने का आग्रह किया। इसके साथ ही आगामी श्रावणी मेला को देखते हुए बाबा धाम जाने वाले लाखों कांवरिया श्रद्धालुओं के लिए पूरे कांवरिया मार्ग पर पर्याप्त और स्वच्छ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई। पीएचईडी मंत्री संजय सिंह ने विधायक की मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि बेलहर विधानसभा क्षेत्र की पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा और श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को पेयजल की किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।1
- गोड्डा के मेहरमा में एक मां अपने तीन मासूम बच्चों के हाथ में एक फोटो थमाकर उन्हें छोड़कर फरार हो गई है। बेसहारा छूटे इन तीनों मासूमों को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इन बेकसूर बच्चों की क्या गलती थी जो मां इन्हें इस तरह अकेला छोड़कर चली गई।1
- दिल्ली के बाद अब पटना की सड़कों पर भी अहंकारी सत्ता की तानाशाही का प्रदर्शन शुरू हो गया है। पेपर लीक के खिलाफ और नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जायज मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पटना के जेपी गोलंबर और गांधी मैदान में बर्बरता से लाठीचार्ज किया गया, वॉटर कैनन की बौछारें छोड़ी गईं और आंसू गैस के गोले दागे गए। अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे नौजवानों पर इस तरह पुलिसिया गुंडाराज का इस्तेमाल करना सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है। शिक्षा माफियाओं के सामने घुटने टेकने वाले बड़बोले सत्ताधीश अब पुलिस बल के दम पर युवाओं की आवाज को कुचलना चाहते हैं। सत्ता के नशे में चूर बीजेपी और एनडीए की सरकार को कान खोलकर सुन लेना चाहिए कि छात्रों के तीखे सवालों का जवाब उनकी लाठियां और पानी की बौछारें कभी नहीं बन सकतीं। इतिहास गवाह है कि युवाओं की जिस आवाज को लाठियों और दमन से दबाने की कोशिश की जा रही है, वही आक्रोश का सैलाब बहुत जल्द इस सत्ता के अहंकार और गुरूर को चकनाचूर कर देगा।1