छतरपुर के जिला पंचायत सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में एक आवेदक की लंबे समय से लंबित समस्या का त्वरित समाधान किया गया। बड़ामलहरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मेलवार निवासी जयंती अहिरवार अपने भतीजे हरि अहिरवार (जन्म तिथि 15 मार्च 2011) के साथ जनसुनवाई में पहुंची थीं, जिनका जन्म प्रमाण पत्र गुम हो गया था। अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी ने आवेदन पर सुनवाई करते हुए जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के संबंधित अधिकारी को निर्देशित कर जिला अस्पताल छतरपुर के सहयोग से मामले का तत्काल निराकरण कराया। जिला अस्पताल के ऑफलाइन जन्म रजिस्टर और संबंधित अभिलेखों के आधार पर विवरण का डिजिटाइजेशन कर नया जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर तत्काल हितग्राही को उपलब्ध कराया गया, जिस पर उन्होंने जिला प्रशासन का आभार जताया। इस जिला स्तरीय जनसुनवाई में अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर आयशा अंसारी, कौशल सिंह और एसडीएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई के दौरान कुल 185 आवेदनों पर सुनवाई की गई और संबंधित अधिकारियों को इन सभी आवेदनों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए।
छतरपुर के जिला पंचायत सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में एक आवेदक की लंबे समय से लंबित समस्या का त्वरित समाधान किया गया। बड़ामलहरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मेलवार निवासी जयंती अहिरवार अपने भतीजे हरि अहिरवार (जन्म तिथि 15 मार्च
2011) के साथ जनसुनवाई में पहुंची थीं, जिनका जन्म प्रमाण पत्र गुम हो गया था। अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी ने आवेदन पर सुनवाई करते हुए जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के संबंधित अधिकारी को निर्देशित कर जिला अस्पताल छतरपुर के सहयोग से मामले का
तत्काल निराकरण कराया। जिला अस्पताल के ऑफलाइन जन्म रजिस्टर और संबंधित अभिलेखों के आधार पर विवरण का डिजिटाइजेशन कर नया जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर तत्काल हितग्राही को उपलब्ध कराया गया, जिस पर उन्होंने जिला प्रशासन का आभार जताया। इस जिला स्तरीय जनसुनवाई में अपर
कलेक्टर विनय द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर आयशा अंसारी, कौशल सिंह और एसडीएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई के दौरान कुल 185 आवेदनों पर सुनवाई की गई और संबंधित अधिकारियों को इन सभी आवेदनों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए।
- छतरपुर के जिला पंचायत सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में एक आवेदक की लंबे समय से लंबित समस्या का त्वरित समाधान किया गया। बड़ामलहरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मेलवार निवासी जयंती अहिरवार अपने भतीजे हरि अहिरवार (जन्म तिथि 15 मार्च 2011) के साथ जनसुनवाई में पहुंची थीं, जिनका जन्म प्रमाण पत्र गुम हो गया था। अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी ने आवेदन पर सुनवाई करते हुए जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के संबंधित अधिकारी को निर्देशित कर जिला अस्पताल छतरपुर के सहयोग से मामले का तत्काल निराकरण कराया। जिला अस्पताल के ऑफलाइन जन्म रजिस्टर और संबंधित अभिलेखों के आधार पर विवरण का डिजिटाइजेशन कर नया जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर तत्काल हितग्राही को उपलब्ध कराया गया, जिस पर उन्होंने जिला प्रशासन का आभार जताया। इस जिला स्तरीय जनसुनवाई में अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर आयशा अंसारी, कौशल सिंह और एसडीएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई के दौरान कुल 185 आवेदनों पर सुनवाई की गई और संबंधित अधिकारियों को इन सभी आवेदनों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए।4
- नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुए लाठीचार्ज और राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में छतरपुर के छत्रसाल चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। 21 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे बारिश के बीच जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर कड़ा विरोध जताया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। पुलिस के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जलते पुतले पर पानी डालकर आग बुझाई। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीएसपी अरुण सोनी के नेतृत्व में सिटी कोतवाली और सिविल लाइन थाना पुलिस का बल मौके पर तैनात रहा और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- छतरपुर के नौगांव में अधिकारियों ने रक्तदान को महादान बताते हुए मानवता का एक बड़ा संदेश दिया है। नौगांव एसडीएम गोपाल शरण पटेल और जनपद सीईओ प्रभाष राज घनघोरिया सहित कई विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने स्वयं आगे आकर ब्लड डोनेट बस में रक्तदान किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि रक्तदान करने से जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलता है और इससे समाज में मानवता की भावना और अधिक मजबूत होती है।1
- छतरपुर जिले के मऊ सहनिया विद्युत केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नैगुवां के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को बिजली की गंभीर समस्या को लेकर विद्युत विभाग कार्यालय का घेराव कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का ट्रांसफार्मर पिछले करीब डेढ़ माह से खराब पड़ा हुआ है, जिसके कारण पूरा गांव अंधेरे में रहने को मजबूर है। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन उदासीनता के चलते अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार बिजली गुल रहने से बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। रात के समय पूरे गांव में घना अंधेरा छा जाता है, जिससे जहरीले सांप, बिच्छू और अन्य कीड़े-मकोड़ों के निकलने का खतरा बना रहता है और ग्रामीणों में हमेशा डर का माहौल रहता है। इसके अलावा भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली न होने से लोगों का दैनिक जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विभाग के रवैये से नाराज ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मऊ सहनिया विद्युत केंद्र पहुंचकर जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलने और विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली चालू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।1
- छतरपुर जिले के मऊ सहनिया विद्युत केंद्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नैगुवां के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को बिजली की गंभीर समस्या को लेकर विद्युत विभाग कार्यालय का घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का ट्रांसफार्मर पिछले करीब डेढ़ माह से खराब पड़ा है, जिसके कारण पूरा गांव अंधेरे में रहने को मजबूर है। ग्रामीणों ने इससे पहले कई बार विभाग के अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। लगातार बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं रात के समय पूरे गांव में अंधेरा छाया रहता है। अंधेरे के कारण जहरीले सांप, बिच्छू और अन्य कीड़े-मकोड़ों के निकलने का खतरा बना रहता है, जिससे ग्रामीणों में हमेशा भय का माहौल रहता है। गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं होने से दैनिक जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।1
- मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर सियासी बयानबाज़ी बेहद तेज़ हो गई है। सूबे के युवा कल्याण एवं खेल मंत्री कैलाश विश्वास सारंग ने यूसीसी का विरोध करने को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मंत्री सारंग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विधानसभा में एक बार फिर अपना "हिंदू विरोधी चेहरा" दिखाया है। उनका दावा है कि समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद प्रदेश में बहुविवाह जैसी प्रथाओं पर रोक लगेगी और हलाला जैसी कुप्रथा पूरी तरह समाप्त होगी, जिससे पूरे प्रदेश और देश में कानून की एकरूपता स्थापित हो सकेगी। उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने और सदन का दुरुपयोग करने का आरोप भी लगाया। खेल मंत्री ने साफ लहजे में कहा कि यूसीसी पारित हो चुका है और इसे हर हाल में लागू किया जाएगा। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जहां भाजपा इसे समानता और एकरूपता की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इस मुद्दे पर अपनी अलग आपत्तियां और तर्क सामने रख रही है।1
- छतरपुर शहर में गंगा सागर स्कूल के पास स्थित प्राचीन शिव मंदिर में 21 जुलाई की सुबह करीब 10:00 बजे एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब शिवलिंग से लिपटा एक नाग दिखाई दिया। नागराज को इस तरह शिवलिंग पर लिपटे देख श्रद्धालुओं के बीच भारी कौतूहल फैल गया। सुरक्षा के लिहाज से श्रद्धालुओं ने गर्भगृह से सुरक्षित दूरी बना ली और बाहर से ही भगवान शिव के दर्शन करते रहे। यह नाग करीब दो घंटे तक गर्भगृह में ही मौजूद रहा और इस दौरान वहां किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी। नाग के अपने आप ही मंदिर से बाहर चले जाने के बाद वहां नियमित पूजा-अर्चना फिर से शुरू की गई। कई श्रद्धालुओं ने इस विहंगम दृश्य को आस्था और प्रकृति के अद्भुत संयोग के रूप में देखा।1
- दिल्ली में CJP के 'चलो संसद' प्रदर्शन के दौरान सोमवार को भारी हंगामा देखने को मिला। संसद की ओर आगे बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई और लाठीचार्ज तथा लोगों को हिरासत में लिए जाने की घटनाओं के वीडियो भी सामने आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस द्वारा छात्रों और महिलाओं के साथ भी बल प्रयोग किया गया। वहीं, दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी। इस पूरे घटनाक्रम के बीच जे.पी. नड्डा और CJP प्रतिनिधियों की मुलाकात भी हुई है। इस प्रदर्शन की पूरी टाइमलाइन, पुलिस की कार्रवाई और दोनों पक्षों के दावों के बीच अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि इस कार्रवाई का आगे आंदोलन पर क्या असर पड़ेगा।1