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जौनपुर के चर्चित आज़ाद बिंद मामले को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आज़ाद बिंद की बहन ने डीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इस दौरान कई बड़े खुलासे करने का दावा भी किया। फिलहाल, उनके आरोपों की विस्तृत जानकारी और इस मामले में आगे क्या निर्णय लिया जाएगा, यह स्पष्ट नहीं है।
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जौनपुर के चर्चित आज़ाद बिंद मामले को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आज़ाद बिंद की बहन ने डीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इस दौरान कई बड़े खुलासे करने का दावा भी किया। फिलहाल, उनके आरोपों की विस्तृत जानकारी और इस मामले में आगे क्या निर्णय लिया जाएगा, यह स्पष्ट नहीं है।
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- जौनपुर के चर्चित आज़ाद बिंद मामले को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आज़ाद बिंद की बहन ने डीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इस दौरान कई बड़े खुलासे करने का दावा भी किया। फिलहाल, उनके आरोपों की विस्तृत जानकारी और इस मामले में आगे क्या निर्णय लिया जाएगा, यह स्पष्ट नहीं है।1
- ट्रेन में सफर के दौरान एक यात्री ने बेल्थरा नदी का एक सुंदर वीडियो बनाया। इस वीडियो में नदी का मनोरम दृश्य कैद हुआ है, जिसे यात्रा के दौरान रिकॉर्ड किया गया। यह वीडियो प्रकृति की सुंदरता को दर्शाता है।1
- 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को 18 जून को उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध वीरतापूर्वक युद्ध करते हुए अपने प्रसिद्ध उद्घोष "मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी" से देशभक्ति और आत्मसम्मान की प्रेरणा दी थी। उन्होंने 18 जून 1858 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की, और उनका बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संगठनों द्वारा रानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इन संगठनों ने युवाओं से उनके साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का जीवन नारी शक्ति, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है और उनका बलिदान भारतवासियों को सदैव देश सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। भारत की स्वतंत्रता संग्राम में अपने अदम्य साहस, वीरता और मातृभूमि के प्रति समर्पण से अमिट छाप छोड़ने वाली रानी लक्ष्मीबाई को "खूब लड़ी मर्दानी, वह तो झांसी वाली रानी थी" कहते हुए शत-शत नमन किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कानपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया है कि समाजवादी पार्टी (सपा) के 25 से 26 सांसद पाला बदलने और पार्टी तोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और शिवसेना में हुई टूट का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा उनकी पार्टी को खुद नहीं तोड़ रही, बल्कि ये नेता साल 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव तक अपने आप ही टूटकर चले जाएंगे। इस सियासी घमासान के बीच राम मंदिर मामले पर भी बयानबाजी हुई है। इससे पहले राज्य सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी सनसनी मचाई थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि सपा में बड़ी टूट होगी और राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी सौंपी है। राजभर ने खनन और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सपा शिकंजा कसने से परेशान है और समूची सपा भाजपा में शामिल होने को तैयार है। यूपी के मंत्री मनोज पांडेय ने भी कहा कि सत्ता में रहने पर लोगों को भगाने वाली सपा के साथ आज कोई नहीं रहना चाहता। इन दावों पर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और सपा विधायक माता प्रसाद पांडेय ने लखनऊ में कहा कि ओम प्रकाश राजभर खुद एक स्कैम हैं और प्रदेश में तानाशाही है। सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने राजभर को दोमुंहा बताते हुए कहा कि वे सिर्फ मंत्री पद पर बने रहने के लिए बयान देते हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा का एक भी नेता भाजपा में नहीं जाएगा और 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा की सरकार बनेगी। वहीं, कानपुर में राम मंदिर के दानपात्र से चोरी होने के मामले पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है, इसलिए एफआईआर की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि जिसने भी दानपात्र का पैसा खाया है, उसे कानूनी सजा तो मिलेगी ही, साथ ही वह जीवन में कभी सुख नहीं भोग पाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने के बाद पूरा पैसा रिकवर हो जाएगा।1
- आज 18 जून 2026 को सुबह करीब सवा 8 बजे सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ थाना क्षेत्र के पिलखिनी गांव में पुलिस को एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस बल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा और शव को कब्जे में लिया। शव की पहचान विनय कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय जगन्नाथ सिंह के पुत्र और प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के अरैला गांव के निवासी थे। उनकी उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है। परिजनों को सूचित कर दिया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि विनय कुमार सिंह पिछले दो दिनों से घर पर संपर्क में नहीं थे। शव पर कुछ बाहरी चोटें भी दिख रही हैं। पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्यवाही की जा रही है और फील्ड यूनिट भी मौके पर पहुंच गई है। क्षेत्राधिकारी लम्भुआ रितिक कपूर के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।1
- रेलवे ने घोषणा की है कि वह 15 जुलाई को एक नई सुपरफास्ट वेबसाइट लॉन्च करेगा, जिसका उद्देश्य टिकट बुकिंग प्रक्रिया को आसान बनाना है। बताया गया है कि यह नई वेबसाइट वर्तमान सिस्टम की तुलना में पाँच गुना अधिक तेज़ होगी। इस नई वेबसाइट से यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि वे मात्र एक मिनट में 1.5 लाख टिकट बुक कर सकेंगे। रेलवे का मानना है कि इससे टिकट दलालों के अवैध कारोबार पर भी प्रभावी ढंग से लगाम लगेगी।1
- ट्रेन में सफर के दौरान गोरखपुर के कुसम्ही जंगल का एक अनोखा और मनमोहक दृश्य देखने को मिला, जिसे यात्रा करते हुए कैमरे में कैद किया गया।1
- जौनपुर के खुटहन थाना क्षेत्र स्थित शेखअशरफपुर गांव में एक युवक चकमार्ग निर्माण की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और प्रशासनिक अमला भी तुरंत वहां पहुंचा। युवक चकमार्ग की पैमाइश और उसके निर्माण कार्य को शुरू कराने की मांग कर रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस, राजस्व विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित कर्मचारी मौके पर पहुंचे और युवक से बातचीत की। काफी देर तक चली समझाइश के बाद, अधिकारियों ने युवक की मांगों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। प्रशासन द्वारा चकमार्ग से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराने के आश्वासन के बाद युवक सुरक्षित टावर से नीचे उतर आया। इसके बाद संबंधित विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। समय रहते यह मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ जाने पर ग्रामीणों और प्रशासन दोनों ने राहत की सांस ली।1