निवाड़ी पुलिस अधीक्षक डॉ राय सिंह नरवरिया के निर्देशन में पुलिस कंट्रोल रूम में ई-जीरो FIR का दिया गया प्रशिक्षण *ई-जीरो FIR का दिया गया प्रशिक्षण* *ई-जीरो FIR वित्तीय अपराधओं पर त्वरित नियंत्रण एवं कार्यवाही हेतु भारत सरकार का प्रयास* 👉🏻 ई-जीरो FIR एक नई प्रणाली है जो साइबर वित्तीय अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए शुरू की गई है। यह प्रणाली राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज साइबर वित्तीय अपराधों की शिकायतों को स्वतः जीरो FIR में बदल देती है। *ई-जीरो FIR की प्रक्रिया:* - शिकायत: पीड़ित 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करता है। - ऑटोमैटिक जनरेशन: सीसीटीएनएस के माध्यम से यह शिकायत स्वतः ही ई-जीरो एफआईआर में बदल जाती है। - नंबर प्राप्ति: पीड़ित को तुरंत एक ई-जीरो एफआईआर नंबर आवंटित कर दिया जाता है। - समय सीमा: अब एक लाख रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड मामलों में दर्ज ई-जीरो एफआईआर को नियमित एफआईआर में बदलने के लिए पीड़ितों के पास 30 दिनों का समय है¹। *ई-जीरो FIR के फायदे:* - त्वरित कार्रवाई: साइबर वित्तीय अपराधों पर त्वरित कार्यवाई करने में मदद मिलती है। - आसान प्रक्रिया: शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। - समय की बचत: पीड़ितों को थाने जाने की जरूरत नहीं होती है। ई-जीरो FIR का प्रशिक्षण पुलिस कंट्रोल रूम निवाड़ी में पुलिस अधीक्षक निवाड़ी डॉ राय सिंह नरवरिया के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में समस्त थाना प्रभारी चौकी प्रभारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर को प्रशिक्षित किया गया ।
निवाड़ी पुलिस अधीक्षक डॉ राय सिंह नरवरिया के निर्देशन में पुलिस कंट्रोल रूम में ई-जीरो FIR का दिया गया प्रशिक्षण *ई-जीरो FIR का दिया गया प्रशिक्षण* *ई-जीरो FIR वित्तीय अपराधओं पर त्वरित नियंत्रण एवं कार्यवाही हेतु भारत सरकार का प्रयास* 👉🏻 ई-जीरो FIR एक नई प्रणाली है जो साइबर वित्तीय अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए शुरू की गई
है। यह प्रणाली राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज साइबर वित्तीय अपराधों की शिकायतों को स्वतः जीरो FIR में बदल देती है। *ई-जीरो FIR की प्रक्रिया:* - शिकायत: पीड़ित 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करता है। - ऑटोमैटिक जनरेशन: सीसीटीएनएस के माध्यम से यह शिकायत स्वतः ही ई-जीरो एफआईआर में बदल जाती है। - नंबर
प्राप्ति: पीड़ित को तुरंत एक ई-जीरो एफआईआर नंबर आवंटित कर दिया जाता है। - समय सीमा: अब एक लाख रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड मामलों में दर्ज ई-जीरो एफआईआर को नियमित एफआईआर में बदलने के लिए पीड़ितों के पास 30 दिनों का समय है¹। *ई-जीरो FIR के फायदे:* - त्वरित कार्रवाई: साइबर वित्तीय अपराधों पर त्वरित कार्यवाई करने में मदद मिलती है। - आसान
प्रक्रिया: शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। - समय की बचत: पीड़ितों को थाने जाने की जरूरत नहीं होती है। ई-जीरो FIR का प्रशिक्षण पुलिस कंट्रोल रूम निवाड़ी में पुलिस अधीक्षक निवाड़ी डॉ राय सिंह नरवरिया के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में समस्त थाना प्रभारी चौकी प्रभारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर को प्रशिक्षित किया गया ।
- निवाड़ी-कलेक्टर जमुना भिड़े की पहल पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पृथ्वीपुर में गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार एवं प्रबंधन शिविर का आयोजन। जांच के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं शिविर में पहुंचीं। कलेक्टर जमुना भिड़े ने शिविर में पहुंचकर महिलाओं से संवाद किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान एसडीएम अशोक सेन एवं बीएमओ डॉ. जी.के. निरंजन के साथ अस्पताल की व्यवस्थाएं देखीं, डॉक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।2
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- छोटे बच्चों को निशाना बनाकर करते हैं गुमराह फिर कराते हैं ये काम। आपके भी बच्चे हैं छोटे तो आप भी हो जाएं सतर्क ओर दीजिए ध्यान। बुंदेलखंड क्षेत्र में बाल श्रम के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए दिनांक 19 फरवरी 2026 को श्रम विभाग, एंटी ह्यूमन ट्रैफैकिंग थाना, बुंदेलखंड सेवा संस्थान तथा चाइल्डलाइन की संयुक्त टीम ने 6 नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया टीम को सूचना मिली थी कि एसएसपी ऑफिस के बाहर कुछ बच्चे बारात के भारी सामान का परिवहन कर रहे हैं। मौके पर पहुंची टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी 6 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद बच्चों को चाइल्डलाइन के संरक्षण में रखा गया और उनके माता-पिता को तुरंत सूचना दी गई। सभी बच्चे रातभर चाइल्डलाइन की निगरानी में सुरक्षित रहे। अगले दिन 20 फरवरी 2026 को बच्चों को सुरक्षित रूप से बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति द्वारा बच्चों एवं उनके माता-पिता की काउंसिलिंग की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि बच्चों को काम पर लगाने वाली एक महिला है, जिसके विरुद्ध कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल श्रम किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और इस प्रकार के मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि यदि कहीं भी बाल श्रम की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित विभाग या चाइल्डलाइन को सूचित करें।1
- *ई-जीरो FIR का दिया गया प्रशिक्षण* *ई-जीरो FIR वित्तीय अपराधओं पर त्वरित नियंत्रण एवं कार्यवाही हेतु भारत सरकार का प्रयास* 👉🏻 ई-जीरो FIR एक नई प्रणाली है जो साइबर वित्तीय अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए शुरू की गई है। यह प्रणाली राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज साइबर वित्तीय अपराधों की शिकायतों को स्वतः जीरो FIR में बदल देती है। *ई-जीरो FIR की प्रक्रिया:* - शिकायत: पीड़ित 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करता है। - ऑटोमैटिक जनरेशन: सीसीटीएनएस के माध्यम से यह शिकायत स्वतः ही ई-जीरो एफआईआर में बदल जाती है। - नंबर प्राप्ति: पीड़ित को तुरंत एक ई-जीरो एफआईआर नंबर आवंटित कर दिया जाता है। - समय सीमा: अब एक लाख रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड मामलों में दर्ज ई-जीरो एफआईआर को नियमित एफआईआर में बदलने के लिए पीड़ितों के पास 30 दिनों का समय है¹। *ई-जीरो FIR के फायदे:* - त्वरित कार्रवाई: साइबर वित्तीय अपराधों पर त्वरित कार्यवाई करने में मदद मिलती है। - आसान प्रक्रिया: शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। - समय की बचत: पीड़ितों को थाने जाने की जरूरत नहीं होती है। ई-जीरो FIR का प्रशिक्षण पुलिस कंट्रोल रूम निवाड़ी में पुलिस अधीक्षक निवाड़ी डॉ राय सिंह नरवरिया के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में समस्त थाना प्रभारी चौकी प्रभारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर को प्रशिक्षित किया गया ।4