नगर पंचायत असोथर की सड़कों पर ओवरलोड वाहनों का कहर* *एसटीएफ की कार्यवाही के बाद भी बेलगाम अवैध खनन और परिवहन जारी* *नगर पंचायत असोथर की सड़कों पर ओवरलोड वाहनों का कहर* *एसटीएफ की कार्यवाही के बाद भी बेलगाम अवैध खनन और परिवहन जारी* नगर पंचायत असोथर क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। *बांदा जिले के मर्का घाट खंड संख्या 03 व 04 अवैध खनन और फतेहपुर जिले की सीमा में ओवरलोडिंग का खेल लगातार जारी है*। हैरानी की बात यह है कि एसटीएफ की पूर्व कार्रवाई के बावजूद अवैध परिवहन का यह सिलसिला खुलेआम चल रहा है। ➡️_*सूत्रों के अनुसार*, कृषि क्षेत्र के परमिट की आड़ में सैकड़ों ट्रैक्टरों द्वारा मोरम का अवैध परिवहन किया जा रहा है, जिससे सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। 📷*लाइव तस्वीरें और वीडियो इस पूरे खेल में जिम्मेदार अधिकारियों की कथित लापरवाही की पोल खोल रही हैं*। ‼️*अंतरजनपदीय अवैध परिवहन बना चुनौती* बांदा जिले से होकर फतेहपुर की ओर मोरम से लदे ओवरलोड वाहन दिन-रात बेरोकटोक गुजर रहे हैं। रामनगर कौहन, सिंघुतारा, नागा बाबा मंदिर(कस्बे अंदर), नगर पंचायत असोथर और प्रतापनगर झाल जैसे इलाकों से प्रतिदिन और प्रतिरात्रि भारी वाहन निकलते देखे जा रहे हैं। 📍*स्थानीय लोगों का कहना है* कि एसडीएम और स्थानीय पुलिस की कार्यवाही के बावजूद इन वाहनों पर कोई प्रभावी रोक देखने को नहीं मिल रही है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ❓*सीधे सवाल* ➡️__आखिर क्यों जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यवाही बार-बार फेल हो रही है? ➡️___क्या खनन माफियाओं का लोकेटर और सूचना नेटवर्क प्रशासनिक गतिविधियों से ज्यादा तेज है? ➡️__क्या सब कुछ जानते हुए भी अनदेखी की जा रही है? 😡*स्थानीय लोगों में आक्रोश* ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कें जर्जर हो चुकी हैं, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है। बावजूद इसके, कार्यवाही तो होती है परंतु जमीनी स्तर पर इसका असर बहुत कम दिखाई देता है। 💥*अब सख्ती की जरूरत* कुल मिलाकर हालात बहुत कुछ बयां कर रहे हैं। यदि समय रहते *अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर कड़ी कार्रवाई* नहीं की गई, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। जरूरत है कि उच्च अधिकारी मामले का संज्ञान लें और जिम्मेदारों पर ठोस कार्यवाही करें, ताकि कानून का भय दोबारा स्थापित हो सके।
नगर पंचायत असोथर की सड़कों पर ओवरलोड वाहनों का कहर* *एसटीएफ की कार्यवाही के बाद भी बेलगाम अवैध खनन और परिवहन जारी* *नगर पंचायत असोथर की सड़कों पर ओवरलोड वाहनों का कहर* *एसटीएफ की कार्यवाही के बाद भी बेलगाम अवैध खनन और परिवहन जारी* नगर पंचायत असोथर क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। *बांदा जिले के मर्का घाट खंड संख्या 03 व 04 अवैध खनन और फतेहपुर जिले की सीमा में ओवरलोडिंग का खेल लगातार जारी है*। हैरानी की बात यह है कि एसटीएफ की पूर्व कार्रवाई के बावजूद अवैध परिवहन का यह सिलसिला खुलेआम चल रहा है। ➡️_*सूत्रों के अनुसार*, कृषि क्षेत्र के परमिट की आड़ में सैकड़ों ट्रैक्टरों द्वारा मोरम का अवैध परिवहन किया जा रहा है, जिससे सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। 📷*लाइव तस्वीरें और वीडियो इस पूरे खेल में जिम्मेदार अधिकारियों की कथित लापरवाही की पोल खोल रही हैं*। ‼️*अंतरजनपदीय अवैध परिवहन बना चुनौती* बांदा जिले से होकर फतेहपुर की ओर मोरम से लदे ओवरलोड वाहन दिन-रात बेरोकटोक गुजर रहे हैं। रामनगर कौहन, सिंघुतारा, नागा बाबा मंदिर(कस्बे अंदर), नगर पंचायत असोथर और प्रतापनगर झाल जैसे इलाकों से प्रतिदिन और प्रतिरात्रि भारी वाहन निकलते देखे जा रहे हैं। 📍*स्थानीय लोगों का कहना है* कि एसडीएम और स्थानीय पुलिस की कार्यवाही के बावजूद इन वाहनों पर कोई प्रभावी रोक देखने को नहीं मिल रही है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ❓*सीधे सवाल* ➡️__आखिर क्यों जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यवाही बार-बार फेल हो रही है? ➡️___क्या खनन माफियाओं का लोकेटर और सूचना नेटवर्क प्रशासनिक गतिविधियों से ज्यादा तेज है? ➡️__क्या सब कुछ जानते हुए भी अनदेखी की जा रही है? 😡*स्थानीय लोगों में आक्रोश* ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कें जर्जर हो चुकी हैं, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है। बावजूद इसके, कार्यवाही तो होती है परंतु जमीनी स्तर पर इसका असर बहुत कम दिखाई देता है। 💥*अब सख्ती की जरूरत* कुल मिलाकर हालात बहुत कुछ बयां कर रहे हैं। यदि समय रहते *अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर कड़ी कार्रवाई* नहीं की गई, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। जरूरत है कि उच्च अधिकारी मामले का संज्ञान लें और जिम्मेदारों पर ठोस कार्यवाही करें, ताकि कानून का भय दोबारा स्थापित हो सके।
- *नगर पंचायत असोथर की सड़कों पर ओवरलोड वाहनों का कहर* *एसटीएफ की कार्यवाही के बाद भी बेलगाम अवैध खनन और परिवहन जारी* नगर पंचायत असोथर क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। *बांदा जिले के मर्का घाट खंड संख्या 03 व 04 अवैध खनन और फतेहपुर जिले की सीमा में ओवरलोडिंग का खेल लगातार जारी है*। हैरानी की बात यह है कि एसटीएफ की पूर्व कार्रवाई के बावजूद अवैध परिवहन का यह सिलसिला खुलेआम चल रहा है। ➡️_*सूत्रों के अनुसार*, कृषि क्षेत्र के परमिट की आड़ में सैकड़ों ट्रैक्टरों द्वारा मोरम का अवैध परिवहन किया जा रहा है, जिससे सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। 📷*लाइव तस्वीरें और वीडियो इस पूरे खेल में जिम्मेदार अधिकारियों की कथित लापरवाही की पोल खोल रही हैं*। ‼️*अंतरजनपदीय अवैध परिवहन बना चुनौती* बांदा जिले से होकर फतेहपुर की ओर मोरम से लदे ओवरलोड वाहन दिन-रात बेरोकटोक गुजर रहे हैं। रामनगर कौहन, सिंघुतारा, नागा बाबा मंदिर(कस्बे अंदर), नगर पंचायत असोथर और प्रतापनगर झाल जैसे इलाकों से प्रतिदिन और प्रतिरात्रि भारी वाहन निकलते देखे जा रहे हैं। 📍*स्थानीय लोगों का कहना है* कि एसडीएम और स्थानीय पुलिस की कार्यवाही के बावजूद इन वाहनों पर कोई प्रभावी रोक देखने को नहीं मिल रही है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ❓*सीधे सवाल* ➡️__आखिर क्यों जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यवाही बार-बार फेल हो रही है? ➡️___क्या खनन माफियाओं का लोकेटर और सूचना नेटवर्क प्रशासनिक गतिविधियों से ज्यादा तेज है? ➡️__क्या सब कुछ जानते हुए भी अनदेखी की जा रही है? 😡*स्थानीय लोगों में आक्रोश* ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कें जर्जर हो चुकी हैं, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है। बावजूद इसके, कार्यवाही तो होती है परंतु जमीनी स्तर पर इसका असर बहुत कम दिखाई देता है। 💥*अब सख्ती की जरूरत* कुल मिलाकर हालात बहुत कुछ बयां कर रहे हैं। यदि समय रहते *अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर कड़ी कार्रवाई* नहीं की गई, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। जरूरत है कि उच्च अधिकारी मामले का संज्ञान लें और जिम्मेदारों पर ठोस कार्यवाही करें, ताकि कानून का भय दोबारा स्थापित हो सके।1
- प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के मेजा रोड पर पुराने पावर हाउस से लखनपुर पेट्रोल पंप के बीच नेशनल हाईवे-35 की बदहाली ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। करीब 100 मीटर तक जाम नाले का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे मार्ग पर घास और काई जम गई है और पूरा रास्ता फिसलन भरा हो गया है। ऐसे में राहगीर रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि बदबू, गंदगी और फिसलन मिलकर किसी बड़े हादसे की आशंका पैदा कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक उदासीन बना हुआ है। इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर उठे सवालों के जवाब में NHAI ने स्पष्ट किया कि संबंधित हिस्सा उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने इसे PWD Prayagraj के अधीन बताया है। हालांकि, सवाल यह उठता है कि जब सड़क पर हालात इतने खराब हैं, तो संबंधित विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक केवल अनदेखी ही हुई है। 👉 अब निगाहें PWD Prayagraj पर टिकी हैं कि वह कब हरकत में आता है, या फिर NH-35 पर ‘नाला राज’ यूं ही जारी रहेगा। @NHAI_Official @PWD_UP @nitin_gadkari @myogiadityanath @dmprayagraj #Prayagraj #NH35 #PWD #NHAI #RoadSafety1
- Post by Vaibhav Yadav India Tv1
- विवादित जमीन पर निर्माण को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़े!! दोनो पक्षो के बीच खूब चले लाठी डंडे और पत्थर !! मारपीट में दोनों पक्षो से दर्जन भर लोग घायल!! सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात पर पाया काबू!! फूलपुर थाना क्षेत्र के गगौर गांव की घटना!!1
- कौंधियारा थाना क्षेत्र के खपटिहा गांव में आज बुधवार दोपहर करीब 01:00 के आसपास संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शॉर्ट सर्किट के चलते एक बड़े पेड़ में आग भड़क उठी, जो देखते ही देखते पूरी तरह जलकर राख हो गया। घटना के दौरान गांव में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बाल्टी, पानी और मिट्टी की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और आसपास के घर सुरक्षित रहे।1
- Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,84169043591
- Post by हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार1
- प्रयागराज। मेजा के मेजा रोड पर पुराने पावर हाउस से लखनपुर पेट्रोल पंप के बीच नेशनल हाईवे-35 की हालत शर्मनाक बनी हुई है। जाम नाले का गंदा पानी करीब 100 मीटर तक सड़क पर बह रहा है, जहां घास और काई जमने से पूरा मार्ग फिसलन भरा हो गया है। रोज गुजरने वाले लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बिना किसी शिकायत के ही हालात इतने बदतर हैं कि समस्या खुद ही जिम्मेदारों की लापरवाही की गवाही दे रही है। बदबू, गंदगी और फिसलन—तीनों मिलकर किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। नेशनल हाईवे-35 जैसे अहम मार्ग पर यह बदहाली सीधे-सीधे सवाल खड़े करती है—क्या National Highways Authority of India (NHAI) को यह सब नजर नहीं आ रहा, या फिर किसी अनहोनी का इंतजार है? अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग कब जागता है, या फिर यह ‘नाला बना हाइवे’ यूं ही लोगों की मुश्किलें बढ़ाता रहेगा। #Prayagraj #Meja #NH35 #SystemFail #NalaJam GroundReport UPNews प्रमुख_समाचार1