*दशलक्षण पर्व तृतीय दिवस को आर्जव धर्म पर्व के रूप मे*मनाया* *आर्जव धर्म आत्मा का स्वभाव है, हर प्राणी में मौजूद है, पुरुषार्थ के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है-आर्यिका सुरम्य मतीजी* *दशलक्षण पर्व तृतीय दिवस को आर्जव धर्म पर्व के रूप मे*मनाया* *आर्जव धर्म आत्मा का स्वभाव है, हर प्राणी में मौजूद है, पुरुषार्थ के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है-आर्यिका सुरम्य मतीजी* .*केकड़ी 18 सितम्बर (ब्यूरो )* आर्जव धर्म आत्मा का स्वभाव है, हर प्राणी में मौजूद है, पुरुषार्थ के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। परिणामों में सरलता निर्मलता भाव रखना होता है। वक्रता, कुटिलता एवं मायाचार को छोड़कर ऋजुता, सरलता, अवक्रता, अपना कर आर्जव धर्म का पालन करने की आवश्यकता है। जिसके चित्त में रागाद्वेष भरा है उसे आत्म दर्शन की अनुभूति नहीं होती है। यदि चित्त में कुटिलता है तो धर्म जगत में प्रवेश नहीं हो सकते। अंतरंग विशुद्धि के बिना बाह्य वेश का कोई महत्त्व नहीं है। जिस समय स्पर्शन इंद्रिय की तीव्र लोलुपता हो जाती है, उस समय अपनी वासनाओं की पूर्ति के लिए कुटिल प्रपंचो को रच लेते हैं। आर्जव धर्म मनुष्य का आभूषण है, सुख शांति के इच्छुक मानव को भव्य जीव दुःख का कारण मायाचारी को छोड़ देना चाहिए। आर्जव धर्म हृदय को स्वच्छ रखने की शिक्षा देता है। सरल परिणामी जीव सर्व मान्य होता है, और यही रत्नत्रय धर्म का भी अधिकारी होता है। जो प्राणी अपने जीवन को सरल बना लेता है परमात्मा के समीप भी पहुंच सकता है। क्रोध में लिया गया निर्णय और जल्दबाजी में बोला गया शब्द दोनों बाद में पछतावा देते हैं। जीवन में गया हुआ पैसा वापस आ सकता है लेकिन बीता हुआ समय कभी भी वापस नहीं आ सकता है। संस्कार जीवन को सार्थक बनाते हैं। निष्कलंक, राग द्वेष रहित भावना बनाने से ही आर्जव धर्म प्रकट हो सकता है। लक्ष्य सही सरल होना चाहिए। कषाय भाव वाले व्यक्ति को ठग लेते हैं ऐसे मायाचारी से बच कर रहना चाहिए। आचार्य सुन्दरसागर महाराज की शिष्या आर्यिका सुरम्यमति माताजी ने चातुर्मासिक धर्म देशना के अंतर्गत आयोजित धर्म सभा में अपने धर्मोपदेश में कहे। प्रातः जिनाभिषेक, शांतिधारा, जिनेन्द्र अर्चना सहित दैनिक धार्मिक क्रियाएं आर्यिका संघस्थ के सान्निध्य में सम्पन्न हुई। मध्यान्ह में आर्यिका माताजी द्वारा दैनिक स्वाध्याय के अंतर्गत उमास्वामी विरचित तत्त्वार्थ सूत्र के तीसरे अध्याय का विवेचन एवं जिज्ञासा समाधान किया। मीडिया प्रभारी रमेश बंसल एवं पारस जैन ने बताया कि आचार्यश्री के चित्र अनावरण दीप प्रज्वलन पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट सौधर्म इंद्र परिवार द्वारा किया गया। बा.ब्र. कनक दीदी एवं पं. निकेत शास्त्री के निर्देशन में मय संगीत सस्वर गान के साथ सौधर्म इंद्र परिवार द्वारा दश लक्षण धर्म विधान के आर्जव धर्म की पूजन एवं स्थापना की गई एवं सकल दिगंबर जैन धर्मावलंबियों ने श्रद्धा भक्ति के साथ पूजा आराधना की गई। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य टीकमचंद, विपिन कुमार, जितेश कुमार, सानिध्य मित्तल रामथला परिवार ने प्राप्त किया। श्री जी की शांतिधारा करने का पुण्यार्जन विमल कुमार, चेतन कुमार, अभिषेक, मोहित, नीरज, आशीष, ऋषभ बंसल बिसून्दनी परिवार एवं भागचन्द, विजय कुमार, संचित, नमित धून्धरी परिवार ने प्राप्त किया। दिलीप जैन के अनुसार शाम को आरती, जिनाभिषेक एवं आर्यिका माताजी द्वारा आनंद यात्रा, सामायिक, प्रतिक्रमण कराया गया। श्री नेमिनाथ पाठशाला के बच्चों द्वारा फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता अलका जैन कुहाड़ा के निर्देशन में हुई।
*दशलक्षण पर्व तृतीय दिवस को आर्जव धर्म पर्व के रूप मे*मनाया* *आर्जव धर्म आत्मा का स्वभाव है, हर प्राणी में मौजूद है, पुरुषार्थ के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है-आर्यिका सुरम्य मतीजी* *दशलक्षण पर्व तृतीय दिवस को आर्जव धर्म पर्व के रूप मे*मनाया* *आर्जव धर्म आत्मा का स्वभाव है, हर प्राणी में मौजूद है, पुरुषार्थ के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है-आर्यिका सुरम्य मतीजी* .*केकड़ी 18 सितम्बर (ब्यूरो )* आर्जव धर्म आत्मा का स्वभाव है, हर प्राणी में मौजूद है, पुरुषार्थ के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। परिणामों में सरलता निर्मलता भाव रखना होता है। वक्रता, कुटिलता एवं मायाचार को छोड़कर ऋजुता, सरलता, अवक्रता, अपना कर आर्जव धर्म का पालन करने की आवश्यकता है। जिसके चित्त में रागाद्वेष भरा है उसे आत्म दर्शन की अनुभूति नहीं होती है। यदि चित्त में कुटिलता है तो
धर्म जगत में प्रवेश नहीं हो सकते। अंतरंग विशुद्धि के बिना बाह्य वेश का कोई महत्त्व नहीं है। जिस समय स्पर्शन इंद्रिय की तीव्र लोलुपता हो जाती है, उस समय अपनी वासनाओं की पूर्ति के लिए कुटिल प्रपंचो को रच लेते हैं। आर्जव धर्म मनुष्य का आभूषण है, सुख शांति के इच्छुक मानव को भव्य जीव दुःख का कारण मायाचारी को छोड़ देना चाहिए। आर्जव धर्म हृदय को स्वच्छ रखने की शिक्षा देता है। सरल परिणामी जीव सर्व मान्य होता है, और यही रत्नत्रय धर्म का भी अधिकारी होता है। जो प्राणी अपने जीवन को सरल बना लेता है परमात्मा के समीप भी पहुंच सकता है। क्रोध में लिया गया निर्णय और जल्दबाजी में बोला गया शब्द दोनों बाद में पछतावा देते हैं। जीवन में गया हुआ पैसा वापस आ सकता है
लेकिन बीता हुआ समय कभी भी वापस नहीं आ सकता है। संस्कार जीवन को सार्थक बनाते हैं। निष्कलंक, राग द्वेष रहित भावना बनाने से ही आर्जव धर्म प्रकट हो सकता है। लक्ष्य सही सरल होना चाहिए। कषाय भाव वाले व्यक्ति को ठग लेते हैं ऐसे मायाचारी से बच कर रहना चाहिए। आचार्य सुन्दरसागर महाराज की शिष्या आर्यिका सुरम्यमति माताजी ने चातुर्मासिक धर्म देशना के अंतर्गत आयोजित धर्म सभा में अपने धर्मोपदेश में कहे। प्रातः जिनाभिषेक, शांतिधारा, जिनेन्द्र अर्चना सहित दैनिक धार्मिक क्रियाएं आर्यिका संघस्थ के सान्निध्य में सम्पन्न हुई। मध्यान्ह में आर्यिका माताजी द्वारा दैनिक स्वाध्याय के अंतर्गत उमास्वामी विरचित तत्त्वार्थ सूत्र के तीसरे अध्याय का विवेचन एवं जिज्ञासा समाधान किया। मीडिया प्रभारी रमेश बंसल एवं पारस जैन ने बताया कि आचार्यश्री के चित्र अनावरण दीप प्रज्वलन पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट सौधर्म इंद्र
परिवार द्वारा किया गया। बा.ब्र. कनक दीदी एवं पं. निकेत शास्त्री के निर्देशन में मय संगीत सस्वर गान के साथ सौधर्म इंद्र परिवार द्वारा दश लक्षण धर्म विधान के आर्जव धर्म की पूजन एवं स्थापना की गई एवं सकल दिगंबर जैन धर्मावलंबियों ने श्रद्धा भक्ति के साथ पूजा आराधना की गई। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य टीकमचंद, विपिन कुमार, जितेश कुमार, सानिध्य मित्तल रामथला परिवार ने प्राप्त किया। श्री जी की शांतिधारा करने का पुण्यार्जन विमल कुमार, चेतन कुमार, अभिषेक, मोहित, नीरज, आशीष, ऋषभ बंसल बिसून्दनी परिवार एवं भागचन्द, विजय कुमार, संचित, नमित धून्धरी परिवार ने प्राप्त किया। दिलीप जैन के अनुसार शाम को आरती, जिनाभिषेक एवं आर्यिका माताजी द्वारा आनंद यात्रा, सामायिक, प्रतिक्रमण कराया गया। श्री नेमिनाथ पाठशाला के बच्चों द्वारा फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता अलका जैन कुहाड़ा के निर्देशन में हुई।
- *दशलक्षण पर्व तृतीय दिवस को आर्जव धर्म पर्व के रूप मे*मनाया* *आर्जव धर्म आत्मा का स्वभाव है, हर प्राणी में मौजूद है, पुरुषार्थ के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है-आर्यिका सुरम्य मतीजी* *दशलक्षण पर्व तृतीय दिवस को आर्जव धर्म पर्व के रूप मे*मनाया* *आर्जव धर्म आत्मा का स्वभाव है, हर प्राणी में मौजूद है, पुरुषार्थ के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है-आर्यिका सुरम्य मतीजी* .*केकड़ी 18 सितम्बर (ब्यूरो )* आर्जव धर्म आत्मा का स्वभाव है, हर प्राणी में मौजूद है, पुरुषार्थ के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। परिणामों में सरलता निर्मलता भाव रखना होता है। वक्रता, कुटिलता एवं मायाचार को छोड़कर ऋजुता, सरलता, अवक्रता, अपना कर आर्जव धर्म का पालन करने की आवश्यकता है। जिसके चित्त में रागाद्वेष भरा है उसे आत्म दर्शन की अनुभूति नहीं होती है। यदि चित्त में कुटिलता है तो धर्म जगत में प्रवेश नहीं हो सकते। अंतरंग विशुद्धि के बिना बाह्य वेश का कोई महत्त्व नहीं है। जिस समय स्पर्शन इंद्रिय की तीव्र लोलुपता हो जाती है, उस समय अपनी वासनाओं की पूर्ति के लिए कुटिल प्रपंचो को रच लेते हैं। आर्जव धर्म मनुष्य का आभूषण है, सुख शांति के इच्छुक मानव को भव्य जीव दुःख का कारण मायाचारी को छोड़ देना चाहिए। आर्जव धर्म हृदय को स्वच्छ रखने की शिक्षा देता है। सरल परिणामी जीव सर्व मान्य होता है, और यही रत्नत्रय धर्म का भी अधिकारी होता है। जो प्राणी अपने जीवन को सरल बना लेता है परमात्मा के समीप भी पहुंच सकता है। क्रोध में लिया गया निर्णय और जल्दबाजी में बोला गया शब्द दोनों बाद में पछतावा देते हैं। जीवन में गया हुआ पैसा वापस आ सकता है लेकिन बीता हुआ समय कभी भी वापस नहीं आ सकता है। संस्कार जीवन को सार्थक बनाते हैं। निष्कलंक, राग द्वेष रहित भावना बनाने से ही आर्जव धर्म प्रकट हो सकता है। लक्ष्य सही सरल होना चाहिए। कषाय भाव वाले व्यक्ति को ठग लेते हैं ऐसे मायाचारी से बच कर रहना चाहिए। आचार्य सुन्दरसागर महाराज की शिष्या आर्यिका सुरम्यमति माताजी ने चातुर्मासिक धर्म देशना के अंतर्गत आयोजित धर्म सभा में अपने धर्मोपदेश में कहे। प्रातः जिनाभिषेक, शांतिधारा, जिनेन्द्र अर्चना सहित दैनिक धार्मिक क्रियाएं आर्यिका संघस्थ के सान्निध्य में सम्पन्न हुई। मध्यान्ह में आर्यिका माताजी द्वारा दैनिक स्वाध्याय के अंतर्गत उमास्वामी विरचित तत्त्वार्थ सूत्र के तीसरे अध्याय का विवेचन एवं जिज्ञासा समाधान किया। मीडिया प्रभारी रमेश बंसल एवं पारस जैन ने बताया कि आचार्यश्री के चित्र अनावरण दीप प्रज्वलन पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट सौधर्म इंद्र परिवार द्वारा किया गया। बा.ब्र. कनक दीदी एवं पं. निकेत शास्त्री के निर्देशन में मय संगीत सस्वर गान के साथ सौधर्म इंद्र परिवार द्वारा दश लक्षण धर्म विधान के आर्जव धर्म की पूजन एवं स्थापना की गई एवं सकल दिगंबर जैन धर्मावलंबियों ने श्रद्धा भक्ति के साथ पूजा आराधना की गई। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य टीकमचंद, विपिन कुमार, जितेश कुमार, सानिध्य मित्तल रामथला परिवार ने प्राप्त किया। श्री जी की शांतिधारा करने का पुण्यार्जन विमल कुमार, चेतन कुमार, अभिषेक, मोहित, नीरज, आशीष, ऋषभ बंसल बिसून्दनी परिवार एवं भागचन्द, विजय कुमार, संचित, नमित धून्धरी परिवार ने प्राप्त किया। दिलीप जैन के अनुसार शाम को आरती, जिनाभिषेक एवं आर्यिका माताजी द्वारा आनंद यात्रा, सामायिक, प्रतिक्रमण कराया गया। श्री नेमिनाथ पाठशाला के बच्चों द्वारा फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता अलका जैन कुहाड़ा के निर्देशन में हुई।4
- प्रबोधक संघ का जिला सम्मेलन में पुरानी सेवा की गणना की उठी मांग शाहपुरा भैरू लाल लक्षकार अखिल राजस्थान प्रबोधक संघ कोटडी ब्लॉक में बनका खेड़ा पंचायत स्थित श्री देवनारायण मंदिर मोचडियो का मंड में जिला शैक्षिक सम्मेलन आयोजित हुआ। प्रबोधक संघ के जिलाध्यक्ष किशन सिंह के अनुसार प्रबोधक जिला शैक्षिक सम्मेलन बनका खेड़ा पंचायत स्थित श्री देवनारायण मंदिर मोचडियो का मंड में 18 वा जिला शैक्षिक सम्मेलन कोटड़ी भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रहलाद सेन के मुख्य आतिथ्य आरम्भ हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रबोधको की वाजिब मांग है जिसको सरकार तक पहुंचाएंगे। वही कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रबोधक संघ के जिला अध्यक्ष किशन सिंह राठौड़ ने की। जिसमें जिले की पंचायत समितियां के प्रबोधक शिक्षको ने भाग लिया । सम्मेलन में विद्यालय हित में होने वाली विभिन्न गतिविधियों, छात्र-छात्राओं के नामांकन गुणवत्तापूर्ण शिक्षण एवं नवाचार से संबंधित साथ ही प्रबोधकों की विभिन्न समस्याओं के बारे में मंथन किया गया। जिसमें प्रबोधको की एक ही मुख्य मांग पुरानी सेवा गणना की उठी। विशिष्ट अतिथि पंचायत समिति सदस्य दिलीप सिंह महाराज सा,पूर्व जिला परिषद सदस्य धर्मचंद जीनगर, पूर्व जिला परिषद सदस्य अमरचंद गाडरी,भीलवाड़ा के प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर लाल जीनगर,अतिरिक्त प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी जगजितेंद्र सिंह,कोटडी के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जगदीश प्रसाद मीणा, बिजोलिया के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजेश शर्मा, पूर्व मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर बाल्दी, पूर्व मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी उदयलाल स्वर्णकार, सत्यनारायण शास्त्री, सुठेपा के पूर्व सरपंच रमेश चंद्र शर्मा, कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष ईश्वर सिंह तंवर, एकीकृत शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, अखिल राजस्थान प्रबोधक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह राणावत,आईटी सेल प्रदेश प्रभारी गजराज सिंह राठौड़, जिला अध्यक्ष किशन सिंह राठौड़,जिला वरिष्ठ महामंत्री ललित तिवारी ब्लॉक अध्यक्ष देवराज सिंह, संयोजक मंडल के हरिशंकर जाट,विमल आचार्य ने समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर सेवानिवृत्ति होने वाले प्रबोधको, उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रबोधको को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भीलवाड़ा जिले से विभिन्न पंचायत समितियो के गांव गांव ढाणी मजरों से प्रबोधको एवं शिक्षक जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का मंच नरेंद्र सिंह राणावत ने किया l2
- तीन थानों की की कार्यवाही में 25लाख का मादक पदार्थ जब्त, महिला सहित पांच आरोपी की गिरफ्तार। तीन थानों की की कार्यवाही में 25लाख का मादक पदार्थ जब्त, महिला सहित पांच आरोपी की गिरफ्तार। दूनी/टोंक(हरि शंकर माली)। पुलिस ने क्षेत्र में लगभग 25 लाख रुपए का मादक पदार्थ जप्त कर एक महिला सहित 5 आरोपी गिरफ्तार, अलग-अलग तीन थानों की कार्रवाई DST टीम टोंक व थाना मेहन्दवास, बरोनी व घाड़:- रोशन मीना SP टोेंक के निर्देशन में नशा मुक्त टोंक अभियान के तहत नशे के कारोबार को किया ध्वस्त। टोेंक पुलिस द्वारा अवैध नशे के विरुद्ध लगातार ताबडतोड़ कार्यवाही जारी, जिला स्पेशल टीम टोंक व तीन थानों की टीमों द्वारा अवैध नशे के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये करीबन 22 लाख 50 हजार रुपये कीमत का 45 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा व 01 लाख 60 हजार रुपये कीमत की 08 ग्राम स्मैक बरामद। अवैध मादक पदार्थ परिवहन में प्रयुक्त 02 कार व 01 मोटरसाईकिल जब्त कर 05 आरोपीयो को गिरफतार किया जाकर 03 प्रकरण दर्ज किये गये। गिरफ्तार आरोपित लालाराम पुत्र कंवरपाल गुर्जर निवासी सोहेला सुनीता पत्नी लालाराम गुर्जर निवासी सोहेला, मुकेश महावर पुत्र बद्रीलाल कोली निवासी सुभाष नगर टोंक, मनोज पुत्र सीताराम निवासी दूनी , कालूराम गुर्जर पुत्र भंवर लाल गुर्जर निवासी कालाकांकरा दूनी1
- रामसर में श्मशान भूमि के रिकॉर्ड को लेकर ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, SDM को सौंपा ज्ञापन रामसर में श्मशान भूमि के रिकॉर्ड को लेकर ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, SDM को सौंपा ज्ञापन1
- अजमेर में एसपी ऑफिस के बाहर कांग्रेस का धरना फाइलों के कथित मामले को लेकर हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा अजमेर नगर निगम के मेयर चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां लगातार तेज होती जा रही हैं। 21 सितंबर को होने वाले मेयर चुनाव से पहले अजमेर में कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आज जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर करीब एक घंटे तक धरना दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रामधुन का पाठ भी किया कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बीजेपी शहर अध्यक्ष रमेश सोनी और नगर निगम अधिकारी रमेश चौधरी निगम कार्यालय से कथित तौर पर फाइलें ले गए। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर पुलिस में मुकदमा दर्ज करने और मामले की जांच की मांग की है। मेयर चुनाव से ठीक पहले हुए इस घटनाक्रम ने अजमेर की सियासत को और गरमा दिया है। कांग्रेस के धरने और लगाए गए आरोपों पर अब बीजेपी और संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है। फिलहाल, 21 सितंबर को होने वाले मेयर चुनाव से पहले फाइलों के कथित मामले को लेकर शुरू हुआ यह विवाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।*1
- Ajmer एसपी ऑफिस के बाहर कांग्रेसियों का धरना सरकारी अफसर पर भाजपा का एजेंट बनकर काम करने का आरोप Ajmer एसपी ऑफिस के बाहर कांग्रेसियों ने दिया धरना चुनाव में भाजपा का एजेंट बनकर काम करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा करने की मांग Dainik News AJMER1
- अजमेर फायसागर रोड पर हेयर सैलून में चोरी! ताले तोड़कर 22 हजार कैश ले गए चोर, CCTV खंगाल रही पुलिस अजमेर के फायसागर रोड स्थित कीर्ति नगर में एक हेयर सैलून को चोरों ने निशाना बनाया। चोरों ने दुकान के ताले तोड़कर अंदर प्रवेश किया और गल्ले में रखी करीब 22 हजार रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए। सूचना पर गंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगालकर संदिग्धों की पहचान में जुटी है।4
- फायसागर रोड पर हेयर सैलून में चोरी, ताले तोड़कर 22 हजार रुपये की नकदी ले गए चोर अजमेर। फायसागर रोड स्थित कीर्ति नगर में एक हेयर सैलून की दुकान को चोरों ने निशाना बनाते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। दुकान मालिक योगेश सेन रोजाना की तरह रात को दुकान बंद कर घर चले गए थे। सुबह जब वह दुकान खोलने पहुंचे तो शटर के ताले टूटे हुए मिले। शटर ऊपर करने पर मुख्य गेट के कांच भी टूटे हुए दिखाई दिए। दुकान के अंदर जांच करने पर एक बड़ा पत्थर पड़ा मिला। इसके बाद योगेश सेन ने दुकान के गल्ले की जांच की तो उसमें रखी करीब 22 हजार रुपये की नकदी गायब मिली। पीड़ित के अनुसार यह राशि मकान की किस्त जमा करवाने के लिए रखी गई थी। चोरी की जानकारी मिलते ही उन्होंने गंज थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मौका मुआयना किया। पीड़ित योगेश सेन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान और चोरी की वारदात से जुड़े सुराग जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।1